अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कों का संपर्क टूट गया है. गुवाहाटी में तैनात रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि इन बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन ने महज 36 घंटों के भीतर महत्वपूर्ण 'किमिन-पोटिन' सड़क को सफलतापूर्वक बहाल कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकी. लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केई पन्योर, पापुम पारे, ईस्ट सियांग और सियांग जिलों में कई जगहों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ. ईस्ट सियांग और सियांग में भूस्खलन की वजह से नदियों के रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे वहां अस्थायी प्राकृतिक झीलें बन गई हैं. इससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने की चिंता बढ़ गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर पड़ोसी राज्य असम पर भी पड़ा है. जहां उफान पर चल रही गैन नदी ने धेमाजी जिले के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है.
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