00:28नमस्कार
00:30अरोप अब अमेरिका में आयोजित हो रहे फीफा वर्ल्ड कप को लेकर लगाय जा रहे हैं।
01:00सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या योरप या पश्चमी देशों की टीमों के साथ भी इसी स्तर की जांच
01:05की जाती है।
01:34ये विवाद सिर्फ खिलाडियों तक सीमित नहीं है।
01:36कथित तोर पर प्रवेश देने से इंकार कर दिया गया।
01:39इन घटनाओं ने एक पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर दिया है।
01:42साल 2017 में जब डोनाल ट्रम्प के पहले कारेकाल के दौरान कुछ मुस्लिम बहुल देशों पर ट्रावल बैन लगाया गया
01:48था।
01:48तब फीफा अध्यक्ष जियानी इंफंटीनो ने कहा था कि अगर कोई देश विश्व कप में हिस्सा लेने वाली टीमो और
01:53फैंस को प्रवेश नहीं देता तो उसे टॉर्नमेंट की मेजबानी नहीं मिलनी चाहिए।
01:57लेकिन आज परिस्तेतियां बदल चुकी हैं। अब फीफा का कहना है कि वो मेजबान देश की इमिग्रेशन नीतियों में हस्तक्षीप
02:03नहीं कर सकता।
02:04यही वज़ा है कि आलोचक फीफा पर दोहरे मापतंड अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।
02:08सवाल ये भी है कि क्या वर्ल्ड कप सच में सभी देशों और लोगों के लिए समान अफसरवाला मंच है?
02:13समस्या सिर्फ वीजा या एंट्री तक सीमित नहीं है।
02:15दुनिया भर से आने वाले फैंस का कहना है कि ये वर्ल्ड कप अब तक का सबसे महंगा टॉर्नमेंट साबित
02:20हो सकता है।
02:21टिक्टों की कीमिते रिकॉर्ड्स तरपर हैं।
02:23होटेल और यात्रा खर्च भी बेहत ज्यादा है।
02:25इसके अलावा वीजा ब्रक्रिया भी कई लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
02:29कुछ देशों के नागरिकों को भारी फीस, लंबा इंतजार और अतरिक्त वित्तिय शर्तों का सामना करना पड़ रहा है।
02:34यानि जिन फैन्स के लिए ये खेल आयोजित किया जाता है, वही लोग सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना कर रहे
02:39हैं।
02:39और विवाद यही खत नहीं होते।
02:41पर्यावरन विशेशग्य भी इस टॉर्णमेंट को लेकर चिंता जता रहे हैं।
02:44तीन देशों में पहले इस मेगा इवेंट में लाखों लोगों की हवाई यात्रा होगी।
02:48रिपोर्ट्स के अनुसार इससे करोरो टन कार्बन उचसर्जन होने का अनुमान है।
02:51ये आकड़ा पिछले कई विश्वकप टॉर्णमेंटों की तुलना में काफी अधिक बताया जा रहा है।
02:55एक तरफ फिफा पर्यावरन संरक्षन और स्थिर्टा की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ इतने बड़े पैमाने पर होने वाला
03:01उचसर्जन उसके दावों पर सवाल खड़े करता है।
03:03तो क्या वर्ल्ड काप अब सिर्फ खेल नहीं रहा? क्या राजनीती, सुरक्षा, इमिग्रेशन और आर्थिक हित खेल से बड़े हो
03:08गए हैं? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में शायद और स्पष्ट होंगे। लेकिन फिलहाल इतना जरूर कहा जा
03:14सकता है कि फु
03:33झालों के जवाब आने खेलों के जवाब आने तो करेंगे।