भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को जैसलमेर जिला मुख्यालय पर बहुजन समाज ने व्यापक शक्ति प्रदर्शन किया। देशव्यापी आंदोलन के चौथे व अंतिम चरण में भारत बंद के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं, युवाओं, किसानों व विद्यार्थियों ने एकजुटता दिखाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम व चौधरी विकास पटेल के नेतृत्व में जैसलमेर में निकली रैली ने शहर का ध्यान खींचा। कार्यक्रम के संयोजक ओबीसी पर्वतसिंह ने केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार को मांगों पर गंभीरता न दिखाने पर आंदोलन और उग्र करने की चेतावनी दी।
भारत मुक्ति मोर्चा राजस्थान के प्रदेश प्रभारी शिवदानाराम राठौड़ ने जाति आधारित जनगणना में ओबीसी कॉलम शामिल नहीं किए जाने को अन्याय बताया। उन्होंने ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की। 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता का निर्णय वापस लेने, यूजीसी से संबंधित सख्त कानून लागू करने और ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष बजरंगाराम परिहार, संयोजक मालाराम हड्डा, महेंद्र बौद्ध प्रदेश प्रभारी युवा मोर्चा, भारतीय आदिवासी एकता परिषद जिला संयोजक प्रेमाराम भील, ब्लॉक अध्यक्ष पोकरण ठाकुर राम जयपाल, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रायधनराम, अधिवक्ता गिरधारीराम राठौड़, किशनाराम पंवार सेवानिवृत्त अध्यापक सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें संविधान के अनुरूप हैं।
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