00:05उस हमले को एक साल बीच चुका है लेकिन वो मंजर आज भी आखों के सामने है आज का दिन
00:12बिताना बहुत मुश्किल है जब मैं उन्हें याद करती हूँ तो आखों से आसु बह निकलते हैं वे अब कभी
00:18घर लोटकर नहीं आएंगे
00:22पहलगाम हमले में मारे गए उडिशा की बाला सोर के प्रशांत शर्मा का परिवार अभी भी उस सदमे से उभर
00:29नहीं पाया है
00:34आतंगवादियों ने प्रशांत को उनकी पतनी और बेटे के सामने ही गोली मार कर हत्या करती थी
00:42प्रशान्द की पत्नी का पूरा दिन उनकी याद के सहारे ही कटता है
00:49उस दिन हम उस समय मजी कर रहे थे
00:51लेकिन कुछ समय बाद सबकुछ उलट-पुलट हो गया
00:54यह इतनी दुखत याद है कि आप इसे अपनी बाकी की जिंदिगी में चाय कर भी भूल नहीं पाएंगे
01:00पहल गाम हमले की बरसी पर परिवार ने शुरधानजली सभा रखी
01:05और प्रशान्द की आत्मा की शांती के लिए भगवान से प्राथना की
01:13मुखमंत्री ने मुझे सरकारी नौकरी देने, मेरे बेटी की पढ़ाई का ध्यान रखने और आर्थिक सहायता देने का वादा किया
01:19था
01:19मुझे सिर्फ आर्थिक सहायता मिली है लेकिन जिस सरकारी नौकरी का उन्होंने वादा किया था
01:25उसके लिए मैंने प्रशासन को जरूरी कागजात दे दिये हैं
01:28लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हो पाया है
01:31फिलाल प्रियदर्शनी एक स्थाई परियोजना में
01:34ब्लॉक प्रोजेक्ट आफिसर के रूप में काम कर रही है
01:37इस प्रोजेक्ट का काम कुछ ही दिनों का बचा है
01:41और फिर उनकी नौकरी चली जाएगी
01:45इनके लिए अब इनका बेटा ही सब कुछ है
01:49साथ ही इनके कंधों पर उसकी जिम्मेदारी है
01:55मा के साथ साथ प्रियदर्शनी बेटे को पिता का भी प्यार देने की कोशिश करती है
02:01इन्हें कभी रोना आता है कभी गुस्सा आता है
02:05और वो कहती है प्रशांत मुझे छोड़ कर क्यूं चले गए
02:10ETV भारत के लिए उडिशा के बाला सोर से जीवन जोती की रिपोर्ट
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