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  • 1 hour ago
पहलगाम हमले में मारे गए ओडिशा के बलासोर के प्रशांत शर्मा का परिवार अभी भी उस सदमे से बाहर नहीं आ पाया है. आतंकवादियों ने प्रशांत को उनकी पत्नी और 10 साल के बेटे के सामने गोली मारकर हत्या कर दी थी. प्रशांत की पत्नी का पूरा दिन उनकी याद के सहारे ही कटता है.पहलगाम हमले की बरसी पर परिवार ने श्रद्धांजलि सभा रखी और प्रशांत की आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की. वो कहती हैं कि सरकार ने मुझे सरकारी नौकरी देने, मेरे बेटे की पढ़ाई का ध्यान रखने और आर्थिक सहायता देने का वादा किया था. मुझे सिर्फ़ आर्थिक सहायता मिली है. लेकिन जिस सरकारी नौकरी का उन्होंने वादा किया था, उसके लिए मैंने प्रशासन को ज़रूरी कागज़ात दे दिए हैं. सबने कहा कि यह प्रक्रिया में है. फिलहाल प्रियदर्शनी एक अस्थायी परियोजना में 'ब्लॉक प्रोजेक्ट ऑफिसर' के रूप में काम कर रही हैं. इस प्रोजेक्ट का काम कुछ दिन का ही बचा है और फिर उनकी जॉब चली जाएगी. इनके लिए अब बेटा ही इनकी जिंदगी है. साथ ही इनके कंधों पर बेटे की जिम्मेदारी है. .मां के साथ प्रियिदर्शनी बेटे को पिता का भी प्यार देने की कोशिश करती हैं. इन्हें कभी रोना आता है कभी गुस्सा आता है और वो कहती हैं प्रशांत मुझे छोड़कर क्यों चले गए. 

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Transcript
00:05उस हमले को एक साल बीच चुका है लेकिन वो मंजर आज भी आखों के सामने है आज का दिन
00:12बिताना बहुत मुश्किल है जब मैं उन्हें याद करती हूँ तो आखों से आसु बह निकलते हैं वे अब कभी
00:18घर लोटकर नहीं आएंगे
00:22पहलगाम हमले में मारे गए उडिशा की बाला सोर के प्रशांत शर्मा का परिवार अभी भी उस सदमे से उभर
00:29नहीं पाया है
00:34आतंगवादियों ने प्रशांत को उनकी पतनी और बेटे के सामने ही गोली मार कर हत्या करती थी
00:42प्रशान्द की पत्नी का पूरा दिन उनकी याद के सहारे ही कटता है
00:49उस दिन हम उस समय मजी कर रहे थे
00:51लेकिन कुछ समय बाद सबकुछ उलट-पुलट हो गया
00:54यह इतनी दुखत याद है कि आप इसे अपनी बाकी की जिंदिगी में चाय कर भी भूल नहीं पाएंगे
01:00पहल गाम हमले की बरसी पर परिवार ने शुरधानजली सभा रखी
01:05और प्रशान्द की आत्मा की शांती के लिए भगवान से प्राथना की
01:13मुखमंत्री ने मुझे सरकारी नौकरी देने, मेरे बेटी की पढ़ाई का ध्यान रखने और आर्थिक सहायता देने का वादा किया
01:19था
01:19मुझे सिर्फ आर्थिक सहायता मिली है लेकिन जिस सरकारी नौकरी का उन्होंने वादा किया था
01:25उसके लिए मैंने प्रशासन को जरूरी कागजात दे दिये हैं
01:28लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हो पाया है
01:31फिलाल प्रियदर्शनी एक स्थाई परियोजना में
01:34ब्लॉक प्रोजेक्ट आफिसर के रूप में काम कर रही है
01:37इस प्रोजेक्ट का काम कुछ ही दिनों का बचा है
01:41और फिर उनकी नौकरी चली जाएगी
01:45इनके लिए अब इनका बेटा ही सब कुछ है
01:49साथ ही इनके कंधों पर उसकी जिम्मेदारी है
01:55मा के साथ साथ प्रियदर्शनी बेटे को पिता का भी प्यार देने की कोशिश करती है
02:01इन्हें कभी रोना आता है कभी गुस्सा आता है
02:05और वो कहती है प्रशांत मुझे छोड़ कर क्यूं चले गए
02:10ETV भारत के लिए उडिशा के बाला सोर से जीवन जोती की रिपोर्ट
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