00:05अलवर के ज्वेलर कारोबारी नितिन खंडेल वाल ने एक ऐसी राह चुनी है जो आज के समय की सबसे बड़ी
00:12जरूरत है
00:13अंधाधुन रसायनों और गिर्ते भूजल स्तर के बीच नितिन ने चिकानी गाओं की 34 बिगहा जमीन पर जैविक क्रांती की
00:21शुरुवात की है
00:23पिछले तीन सालों की कड़ी मेहनत और उद्यान विभाग की तकनीकी सहयोग से उन्होंने एक फार्म हाउस तयार किया है
00:30जिसमें वो जैविक फल, सबजियां और अन्य तरह के फसल उगा रहे है
00:34कानी में लगबग अपने पास 25 बिगा जमीन है इसमें लगबग अपने 17-18 भी जव में तो बाग में
00:41अमरूर, अनार, आम, जामून
00:44सभी तरीके के आमला, मुगनी, करोंजा इन सब पी जो को लगत लगा है
00:52और इसके अलावा बाकी की जमीन में अपन में गेहू, शर्षो, बाजगा जो भी अपने समय के साथ है, उन
01:01सब में अपन सारा जैविक खार कहीं प्योग करते हैं
01:22जोएलर कारोबारी नितिन खंडेलवाल बताते हैं कि फसलों में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल के चलते बिमारियां बढ़ी हैं
01:30और इस कारण जैविक खेती को लेकर उनका रुजहान बढ़ा
01:33उन्हें लगा कि अगर वे खुद जैविक रूप में फसल तयार करेंगे
01:37तो खुद के परिवार के साथ ही आसवास के लोगों की भी सेहत पर पढ़ने वाले विपरीत असर से बचाव
01:44हो सकता है
01:45इसके बाद नितिन ने उद्यान विभाग से संपर्क कर जैविक खेती के बारे में जानकारी लेना शुरू किया
01:52चैधि खाद रूपरद खाद में जैविक खाद से ऑपाद होती है वो कम
01:59जलती कम हुआ कि फिसां रूपबएो till उप जादा उद्याले करते हैं कि उनके ज़्यादा मुनापप मेले, वेर्टिसे जमीन फिक
02:11जमीन की उपरद को कम होजाए
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