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सोशल मीडिया पर आजकल एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि अमेरिका, ईरान पर परमाणु हमले की तैयारी कर रहा है। इस डर का मुख्य कारण पेंटागन द्वारा भेजे गए कुछ गुप्त रेडियो सिग्नल्स हैं, जिन्हें सैन्य भाषा में 'इमरजेंसी एक्शन मैसेज' (EAMs) कहा जाता है। वायरल पोस्ट्स का दावा है कि ये सिग्नल्स परमाणु कमांड में बदलाव का संकेत हैं, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना कुछ और ही है। उनके मुताबिक, ये पेंटागन के नियमित अभ्यास और एन्क्रिप्शन टेस्टिंग का हिस्सा हैं जो अक्सर किए जाते हैं। हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बरकरार है, लेकिन फिलहाल किसी भी परमाणु हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह पूरा मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे संवेदनशील सैन्य संचार को गलत समझा जा सकता है। हमें ऐसी गंभीर खबरों पर विश्वास करने से पहले उनकी पूरी सच्चाई जाननी चाहिए।

A wave of anxiety has gripped social media following viral claims that the United States is planning a nuclear strike on Iran. These rumors are fueled by the detection of high-frequency radio signals, often referred to as Emergency Action Messages (EAMs), transmitted by the Pentagon. While speculators suggest these signals indicate an alteration in nuclear readiness, military experts clarify that such transmissions are part of standard encrypted drills and system testing. Despite the heightened geopolitical tensions in the Middle East, there is no official evidence or movement suggesting an imminent nuclear escalation. This situation underscores how routine defense communications can be misinterpreted as signs of war in an era of digital misinformation. Understanding the context of military protocols is crucial before reacting to such alarming headlines. It is essential to rely on verified intelligence rather than internet speculation.

#US #Iran #Pentagon #NuclearAlert #Geopolitics #BreakingNews #WorldNews #MilitaryTensions #GlobalSecurity

~HT.318~PR.512~GR.122~

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Transcript
00:06क्या पेंटगन ने सीक्रेटली न्यूक्लियर अटैक के कमांड्स दे दिये हैं
00:12दर्शकों सोशल मीडिया पर वाइरल क्लेम्स चल रहे हैं
00:16जिसमें इंटरनेट पर डर का महौल बना दिया है
00:19हाई फ्रिक्वेंसी रेडियो सिगनल्स, इंक्रिप्टेट कोज और इरान के साथ बढ़ती इटेंशन्स
00:25सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि न्यूक्लियर अटैक का बटन अब दबा दिया गया है
00:31नेकिन क्या है पूरा सच क्या ये सिरफ डिजिटल शोर है
00:35आज एक जर्निलिस्ट के नजरिये से आपको समझाएंगे कि कैसे ये स्टोरी अनफोल्ड होगी
00:42और न्यूक्लियर अटैक के पीछे क्या है सच्चाई आईए सबसे पहले तो विस्तार से समझते हैं
00:57दर्शकों ये मामला शुरू होता है जहां कुछ रिपोर्ट्स ने ये सजेस्ट किया कि यूएस मिलिटरी के एचर जी सीएस
01:04यानी
01:04हाइफ्रीक्वेंसी ग्लोबल कम्यूनिकेशन सिस्टम पर कुछ अन्यूज्वल सिग्नल डिटेक्ट किये गए हैं
01:11इन्हें कहते हैं EAMs यानी Emergency Action Messages जो रेडियो एंथूजियास्ट है जो इन फ्रिक्वेंसी को मॉनिटर करते हैं
01:21उन्होंने देखा कि Messages की Frequency अचानक बढ़ गई है और जब इरान और यूएस के बीच हालत पहले से
01:28ही तनी गंभीर हो
01:29तो सब लोग सबसे बुरा ही सोचते हैं और ऐसे में कुछ लोगों ने दावा कर दिया कि आप पेंटगन
01:35ने Altered New Commands भेजे हैं यानी Nuclear Attack के Commands भेज दिये हैं
01:41लेकिन दर्शकों यहां हमें रुक के समझना होगा कि Military में Radio Signals का मतलब हमेशा युद नहीं होता है
01:50कभी कभी ड्रिल भी होती है आते हैं एक बार Facts पर Experts और Defense Analyst का कहना है कि
01:56यह signals routine encrypted drills का हिस्सा हो सकते हैं
02:00क्या Pentagon ने secretly nuclear attack के Commands दे दिये हैं
02:05is a secret military message triggering a global catastrophe यानी साफ शब्दों में दर्शकों कोई secret encrypted signal तो US
02:14की तरफ से गया है
02:15लेकिन इस बात की पुष्टी नहीं है कि यह nuclear attack का ही signal था कि नहीं
02:22दर्शकों यह जो viral दावे हैं यह सच हो भी सकते हैं लेकिन हाल फिलाल इनका कोई पुक्ता सबूत है
02:29नहीं
02:29लेकिन इंटरनेट पर डर का महौल जरूर बना दिया गया है और बने भी क्यों ना क्योंकि ceasefire खतम होता
02:36दिख रहा है
02:37इसलामाबाद में बातचीत होती नजर नहीं आ रही है ट्रम सोच रहे हैं कि इसलामाबाद में
02:43नेगोसियेशन हो जाए लेकिन 13 एप्रिल को जब सारी चीजे फेल हो गई थी तो भाईया सिरफ नौ दिनों के
02:50अंदर ऐसा क्या बदल जाएगा
02:52और जब इरान ही अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है तो यूएस के पास या तो छुकने
02:59का उप्शन बचता है या फिर न्यूक्लियर हमला करने का
03:04और यह हाई फ्रिक्वेंसी रेडियो सिग्नल्ज, इंक्रिप्टिट कोज, इरान के साथ बढ़ती जंग, यह सब एक ही संकेत देते हैं
03:11कि यूएस अब बॉखला गया है और न्यूक्लियर धमकी देने के अलावा उसके पास जादा चारे बचे दिख भी नहीं
03:19रहे हैं
03:20सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि दबटन हाज बीन प्रेस्ट लेकिन जो रेडियो इंथूजियास है उनकी माने तो
03:26भाईया यह जो फ्रिक्वेंसीज हैं यह न्यूक्लियर अटाक का मेसिज हो सकता है और दर्शकों जब ऐसा मेसिज सामने आता
03:35है तो डर का महौल तो �
03:37जाही इसके अलावा रीजन है जियो पॉलिटिक्स एरान और यूएस के बीच जो रिष्टे हैं वो सेंसिटिव हैं और आज
03:44की डिजिटल एज में एक छोटी सी गलत फैमी भी वाइरल वाइड़ फायर बन सकती है और अब दर्शक को
03:51शायद डॉनल्ड ट्रम्प ने जानब
04:07नेगोशियेटिंग टेबल पर आएगा तो शायद इरान थोड़ा वीग दिखे यानि दर्शकों साफ सीड़े शब्दों में जिस हिसाब से ये
04:16जंग चल रही है एक जंग तो हो रही है जंग के मैदान में और दूसरी जंग हो रही है
04:22सोशल मीडिया पे नारेटिव की जं�
04:27मिलती है तो उसे नेगोशियेटिंग टेबल पर फाइदा मिलेगा अब दूसरी पीश टॉक्स से पहले न्यूक्लियर बॉम की खबर ने
04:35संसनी मचा दी है और अब शायद इसका असर पीश टॉक्स पर भी दिख सकता है आपको क्या लगता है
04:41आपकी क्या राए है हमें कॉमे
04:54लूमा, Charlie, call, stand by
04:59शबस्क्राइमा, चार्ली, call, stand by
05:00यूमा, शवलाद प्राइमा, अबस्क्राइमा, लूमा, अच्राइमा, बॉमा, बॉमा, शवलाद भीश तेन अपटे, लूमा, बॉमा, चार्छी, call, stand by
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