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  • 2 hours ago
दिल्ली में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने पर सबसे ज्यादा असर झुग्गी बस्तियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है. इनमें चक्कर आना, बेचैनी, रातभर नींद न आना जैसी तकलीफें आम होती जा रही हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है गर्भवती महिलाओं में चक्कर आना, उल्टी होना और बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने जलवायु बदलाव के कारण तेज गर्मी के असर से बचाव की सलाह दी.रोकथाम के बारे में बताते हुए, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि समुदायों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, खासकर गर्भवती महिलाओं और विवाह योग्य युवतियों के बीच, ताकि वे समझ सकें कि गर्मी गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करती है। उन्होंने कम लागत वाले उपायों का भी जिक्र किया, जैसे छत पर ठंडक रखना, कार्यस्थलों पर छाया का इंतजाम, जिससे तापमान कम किया जा सके.पर्यावरणविद् के अनुसार गर्मी का असर महिलाओं पर ज्यादा पड़ता है। आंकड़े बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी घटनाओं में महिलाओं की मौत का खतरा 14 गुना ज्यादा होता है.दिल्ली में इस साल तापमान और भी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में भीषण गर्मी की वजह से गर्भवती महिलाओं को रोजमर्रा के जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

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00:07दिल्ली में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँचने पर सबसे जादा असर जुगी बस्तियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं
00:13पर पड़ रहा है
00:17इनमें चक्कर आना, बेचैनी, रात भर नीदना आना जैसी तकलीफें आम होती जा रही है
00:30जाएंगे वो क्या वो लेंगे, घर्मी में, घर चैंज करो, कई और अच्छे गर्मी का मौसा में क्या कर सकते
00:35हैं, हावाई में बैठो, अब ये कूलरी है, जो है थोड़ा बहुत
00:41बेचैनी होती है और उल्जन सी, गर्मी सी लगती है, सांस फोलने लगती है, गवराट सी
01:11स्वास्थे विशेशग्यों का कहना है, गर्भवती महिलाओं में चक्कर आना, उल्टी होना और बेहोशी जैसे लक्षनों को नजर अंदास नहीं
01:18करना चाहिए
01:19उन्होंने जलवायों बदलाव के कारण तेज गर्मी के असर से बचाव की सलहा दी
01:30जब हम गर्भावस्ता पर गर्मी का असर देखते हैं, तो ये दो तरह से असर डालता है
01:36एक तो गर्वती मैला पर, दूसरा गर्मे पल रहे भ्रोण पर, यानि इसका दोरा प्रभाव होता है
01:43सबसे पहले हम अत्यधिक गर्मी में, जिसे हम हीट एस्ट्रेस कहते हैं, निरजली करन, चक्करान, उल्टी और सामान निस्वास्त संबंदी
01:51लक्षन हो सकते हैं
01:53गंबीर इस्तिती में हीट एस्ट्रॉक का कारण भी बन सकता है
01:56दूसरा गर्ववस्था में विशेश रूप से, दूसरी तिमाई में, जब हीट एस्ट्रेस का अस्तर रधीक होता है, तो ये नवजास
02:04शिशू के विकास को परभावित कर सकता है
02:15रोक्थाम के बारे में बताते हुए, स्वास्थय विशेश अग्यों ने कहा कि समुदायों में जागरुकता बढ़ाने की ज़रूरत है
02:21खासकर गर्विवती महिलाओं और विवहा योगे युवतियों के बीच, ताकि वे समझ सकें कि गर्मी गर्भावस्ता को कैसे प्रभावित करती
02:28है
02:29उन्होंने कम लागत वाले उपायों का भी जिक्र किया, जैसे चट पर ठंडग रखना, कारे स्थलों पर छाया का इंतजाम,
02:35जिससे तापमान कम किया जा सके
02:42इसके बारे में जागरुकता पैदा करना और स्वास्त संबंदी सलाह लेना बहुत जरूरी है
02:47अक्सर लोग इसे सामान ने बात समझ कर स्वास्त संबंदी सलाह लेने से बचते हैं
02:52इसलिए स्वास्त संबंदी सलाह लेना और खत्रे के संकेतों को पहचानना महत्पुर्ण है
02:57जैसे चक्कार आना, उल्टी होना, बेहुशी आना, ये सभी अत्यदिक गर्मी के संकेत हैं, इसलिए स्वास संबंदी सला जरूर लें
03:05और ऐसी छायादार जगह पर जाएं, जा सीधी दूपना परें और परियाप्त मात्रा में पानी पीएं, गर्बावस्ता के दौरान गर्म
03:24का असर महिलाओं पर ज्यादा पड़ता है, आंकडे बताते हैं कि जलवायू परिवर्तन से जुड़ी घटनाओं में महिलाओं की मौत
03:30का खत्रा चौधे गुना ज्यादा होता है, दिल्ली में इस साल तापमान और भी बढ़ने की आशंका है, ऐसे में
03:38भीशन गर्मी की वज
03:39से गर्भवती महिलाओं को रोजमर्रा के जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
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