00:00किसान को उमीद थी कि धान की कीमत समय पर मिल जाए तो हालात बदलेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं किसानों
00:08को कभी मौसम दगा दे जाता है तो कभी सिस्टम छलावा करता है इस वर्ष राजी सरकार ने एलान किया
00:15था कि धान दीजिये दाम लेकर जाईए लेकिन ये भी नहीं ह
00:19इचाक प्रखंड का तो और भी अधिक बुरा हाल है छेतर के सेकडो किसान समानाले पहुचकर उपायुक्त और जिला खाद
00:27आपूर्ती पतादिकारी को सिकायत पत्र सौपा है किसानों का आरोप है कि प्रखंड के धान अधिप्राप्ति केंदर के अध्यक्ष द्वारा
00:35किस
00:48से मजबूर होकर उन्होंने ऑने पौने दान पर धान बेशना पड़ा कुछ किसानों का कहना है कि उमीद था कि
00:54धान की खरेदारी होगी लेकिन 31 मार्च को समय समाप्त होने के बाद उन्हें भारी नुफसान का सामना करना पड़
01:01रहा है किसानों ने यह भी आरुप लगाया
01:18से अपना रिष्थेदारों के आईडी में धान डालते हैं और सभी किसान का धान यूहीं घर में पड़ा हुआ है
01:25और ऑने पौने दाम में किसान मजबूरन बेशना पड़ रहा है
01:30लेकिन सबसे पहले बात यह है कि धान उठाओ का समय जोश खतम हो चुका है अभी भी किसान के
01:36घर में धान रखे हुए हैं यह सास में कि मेरा धान को एक खरीदेगा
01:41लेकिन हजारी बाग जीला के अंतरे तिचाक परखंड में कुछ पैक्स वाले ऐसे हैं जो क्या किये हैं कि किसान
01:48के धान को ना ले करके बाहरी धान खरीद करके जो एस हूँ अपना पैक्स आईडी में डाल दी हैं
01:54और सारा पैसा निकासी कर लिए है यह एक उमीद बने हु�
01:58अब भी थी किसानों के बीच में कि इचाक में जितने भी किसान हैं धान का पैदावार करेंगे और अपना
02:03लागात जो सौसूली करेंगे एक एक पैक्स वाले लोग क्या किया है कि फरजी आईडी बना करके दो-दो से
02:10क्यूंटल धान डाल करके उसे पैसा निकाल करके वह अ
02:28खेती किया हैं और उस पैसा कि हम लोग को इस विलाब ने उठा पा रहे हैं
02:31कई किसान आज भी धान की खरेदारी का समय बढ़ाने का इंदजार कर रहे हैं धान अधिप्राप्ति केंदरों में नियमित
02:39रुप से धान की खरेदारी नहीं होने से किसान परेसान थे
02:42समय सीमा के अंदर धान बेशने को लेकर किसान लगातार के अंदरों का चकर लगाते रहें लेकिन धान की खरेदारी
02:49नहीं हो पाई
03:05E
03:05E
03:06E
03:12E
03:12E
03:14E
03:14E
03:14E
03:18foreign
03:25foreign
03:27It has been 122% achievement, which has been targeted, so we have achieved more than 1.2% achievement.
03:33If the animals are not in the same way, the animals are not in the same way.
03:38The animals have been very close to them.
03:40This is the case of the whole situation.
03:42This is the case of Gaurav Prakas, ETV, Bharat, 1000B.
Comments