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  • 2 hours ago
US Iran War: ईरान का दूसरे दौर की वार्ता से इनकार, Trump ने दी चेतावनी | Mojtaba Khamenei | Pakistan

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत से पहले बड़ा झटका लगा है, क्योंकि ईरान ने पाकिस्तान में अपना डेलिगेशन भेजने से इनकार कर दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि जब तक नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक वह बातचीत में हिस्सा नहीं लेगा। वहीं ट्रम्प ने कड़ी चेतावनी देते हुए इसे आखिरी मौका बताया है। इस घटनाक्रम के बाद सीजफायर पर सवाल खड़े हो गए हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञ इसे दबाव की रणनीति भी मान रहे हैं, लेकिन हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।


A major setback has occurred ahead of the crucial talks between the United States and Iran, as Iran has refused to send its delegation to Pakistan. Iran has categorically stated that it will not participate in the negotiations as long as the naval blockade remains in effect. Meanwhile, issuing a stern warning, Trump has termed this the "last chance." Following this development, questions have been raised regarding the ceasefire, and apprehensions are growing that tensions in the Middle East could escalate. Experts view this as a pressure tactic; however, the situation remains extremely delicate.

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~HT.318~PR.338~GR.122~

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Transcript
00:19पाकिस्तान की राजधानी इसलामबाद में होने वाली एहम बात चीश से पहले बड़ा जटका लगा है
00:24इरान ने साफ कर दिया है कि वा इस दोर की वारता में हिस्सा नहीं लेगा और अपना कोई प्रजनेजरी
00:30मंडल पाकिस्तान नहीं भेचेगा
00:32या फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया को उमीद थी कि इस बात चीश से सीजफायर को स्थाई
00:38रूप मिल सकता है
00:39लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि क्या या फैसला पूरे शांती प्रयासों को पट्री से उतार देगा
00:46इरान की सरकार इजनसी तस्मीन के मताविक जब तक अमेरिका की ओर से लगाए गए
00:51नौस्यानिक नाकेबंदी के कदम वापस नहीं लिये जाते तब तक किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है
00:58यानि इरान ने साफ कर दिया है कि दबाव की राजनिती में वा बातचीत की मेच पर नहीं आएगा
01:03या रुख ना सिर्फ कड़ा है बलकि सीधे तोर पर अमेरिका की रणनिती को चुनोती देता है
01:09वहीं दूसरी तरफ डोनाल्ड टरम्प ने अपने तेवर और सक्त कर लिये हैं
01:13उन्होंने चेतावनी दी है कि इरान के पास या आखरी मौका है
01:17अगर समझवता नहीं हुआ तो उसके इंस्फर्ट्रक्चर पर बड़े हमले किये जा सकते हैं
01:22टरम्प का यह बयान साब संकेत देता है कि अमेरिका अब कूटनिती और दबाव दोनों रास्तों पर साथ चल रहा
01:28है
01:28उन्होंने या भी पुष्टी की है कि अमेरिकी प्रदिदी मंधर इसलामबाद पहुँचेगा जिसमें स्टीव वेटकॉफ और जेरेंड कुषनगर जैसे नाम
01:37सामिल होंगे
01:37हाला कि उपराश्वरी जेडी बेंस इस बार इसमें शामिल नहीं होंगे
01:42अब सुष्टे बड़ा सवाल यही है कि इरान के इस फैसले का सीजफायर पर क्या असर पड़ेगा
01:46जानकारों का मानना है कि अगर एक पक्षबाची से दूर रहता है तो किसी भी समझोते की संभावना कमजूर हो
01:52जाती है
01:52सीजफायर सिर्फ कागच पर काम कर सकता है और जमीन पर हालात फिर से बिगड़ सकते हैं
01:58खास कर ऐसे समय में जब मिडिल इस्ट में पहले से तराव चरम पर है यह कदम हालात को और
02:04ज़्यादा जिटिल बना सकता है
02:06हलाकि कुछ जानकार यह भी मानते हैं कि इरान या दबाव बनाने की रणनीत के तहत कर रहा है ताकि
02:11अमेरिका पहले अपने कदम पीछे खीचे
02:13यानि या पूरी तरह से बातचीत खत्म करने का संकेत नहीं बलकि नेवोगेशन टैक्टिस भी कह हो सकती है
02:20लेकिन फिलहाल जो तस्वीरे सामने आ रही है उसमें सीजफायर की रहा और ज़्यादा कठिन होती दिख रही है
02:27ऐसे में अब नजरें इस बात पर ठीकी हैं कि क्या अमेरिका अपने रुख में नर्मी लाएगा या फिर या
02:32टकरा और बढ़ेगा
02:33क्योंकि अगर बात चीत नहीं होगी तो शांती की उमीद भी कमजोर पड़ जाएगी
02:38फिलहाल लिए बस इतना ही बाके बिटले साथ बने रहिए वन इंडिया हंद के साथ
03:03झाल
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