Skip to playerSkip to main content
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। मिडिल ईस्ट में जारी टकराव और होर्मुज स्ट्रेट में उठे संकट के बीच ट्रंप प्रशासन पर दबाव साफ नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हालात ऐसे बन गए हैं कि अमेरिका को मजबूरी में बड़ा फैसला लेना पड़ा है। इस वीडियो में जानिए इस फैसले के पीछे की असली वजह, ताजा अपडेट और इसका दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है।

The US-Iran conflict is intensifying, and the pressure on Donald Trump’s administration is clearly mounting. With rising tensions in the Middle East, disruptions in the Strait of Hormuz, and global concerns over oil supply, the situation is becoming critical. Reports suggest that the US has been forced to take a major decision amid growing strategic and economic challenges. In this video, we break down the latest updates, key developments, and the real reasons behind this move. Watch the full analysis to understand how this crisis could reshape global geopolitics and impact the world economy.

#USIranWar #Trump #BreakingNews #WorldNews #Geopolitics #MiddleEast #OilCrisis #Iran #LatestNews #GlobalCrisis

~HT.318~PR.540~

Category

🗞
News
Transcript
00:00वेभब जी देखिए विडममना देखिए कि 27 फरवरी के पहले स्टेट आफ हर्मुस खोला हुआ था
00:11अमरीका और इसराइल ने बंबारी की और इरान ने बहुत पहले ही छे महने पहले तीन महने पहले एक महने
00:17पहले युनिटेड नेशन में ही बोल दिया था
00:19कि अगर अमरीका बंबारी करेगा इसराइल बंबारी करेगा तो इरान मजबूर होकर स्टेट आफ हर्मुस को बंद करने के लिए
00:26मजबूर हो जाएगा
00:27और आज की तारीक में देखिए अमरीका स्टेट आफ हर्मुस को बंद कर रहा है
00:34एक और विडम बना देखिए, दुनिया भर के देशों ने इरान की भसना की थी जब इरान ने स्टेट अफ़र्मुस
00:41को बंद किया था, यह कह कि इरान जो है, वो यूएन क्लॉस का अनक्लॉस का अभेलना कर रहा है,
00:49अंतराश्ये मेरिटाइम नियमों का अंदेखी कर रहा है,
00:53जो कि क्राइम है, गलत है, और आज कोई भी देश अमरीका की बसना नहीं कर रहा है, जब अमरीका
01:00ने स्टेट अफ़र्मुस को बंद किया हुआ है, यह अमरीका जो है, अब कह रहा है कि वो स्टेट अफ़र्मुस
01:07को तभी खोलेंगे, जब सोमवार और मंगलवार की इस्ला
01:23अगर अमरीका स्टेट अफ़र्मुस को पॉलिटिकल हातियार की तरफ से इस्तिमाल कर रहा है, इरान पर दवाब बनाने के लिए
01:32कि मेरे पंद्रा पॉंट को मान जाएए, तो देखें, मैं इरान की तरफदारी नहीं कर रहा है, तो फिर इरान
01:40ने क्या गलती की थी, जब इ
01:53अमरीका, अब कल और परसों इस्लामाबाद में बात हो रही है, और अमरीका ओलरी धंकी दे रहा है, पीट हैकसर
02:01ने कह दिया है, कि अगर इस्लामाबाद वारतला फेल हो गए, तो अमरीका फिल से बंबारी करना शुरूर कर देगा,
02:09तो ये तो वैभव जी बातचीत करने का
02:11कोई तरीका ही नहीं है, बिलकुल, आपको अक्सर कहते हैं कि कनपटी पर बंदूग रखकरे बात करनी कोशिच करता है
02:17अमेरिका, जी वैभव जी एकदम आपने सही समझाया, अगर मेरे को किसी से बात करनी है, अंतराश्टिय पटल में तो
02:26उसका एक तरीका होता है, बातच
02:40एक को खुत्मारी को खतम होरहे हैं दो हाफते की मियादी, अब अब मेरी तो एक और संभावना ये लग
02:45नहीं है कि Jyसे 10 दिन का समयडिया गया है newborn paris Fair, iepsosfire, अम्रीका और ईज्राइव, हो सकता है
02:56उसको भी तोड़ दे, जो लिबनान और इसराइ ये भी देज्चम में दस
03:10मैं इसलिए बता रहा हूं कि जब भी दो देशों के बीच में मित्रत पूर्ण बातचीत होनी चाहिए होती है
03:21एक माहोल बनाते हैं आप भारत और पाकिस्तान का देख लीजिए उनिसो पैसट का युद्ध हुआ ताशकर्द में बात शुती
03:30हुई आपको एक भी रिकॉर्ड �
03:35पाकिस्तानी ने भारत के खलाब बयां दिया हो या किसी भारती या लीडर्शिप ने पाकिस्तान के खलाब कुछ बोलाओ ताशकर्द
03:42में बंध कमरों में बात चीत हुई हाथ मिलाया, जॉइंट स्टेटमेंट इशू हुआ, युद्ध बंध हो गया
03:48सेम 1971 में, जब 16 दिसमबर को सीस फायर हुआ, छुट-पुट फायरिंग चलती रही 18 दिसमबर तक, लेकिन तब
03:59से लेके जब तक शिमला संजोता साइन नहीं हुआ, तब तक ना भारत ने कोई कड़ी बयान पाकिस्तान के बारे
04:10में पास की, ना पाकिस्तान ने भारत के विरो�
04:18साइन हो गया, यह हमारे मानसिक और राजनितिक परिपक्वाता को दर्शाता है, जबकि जब अमरीका, डोनाल्ड ट्रम्प या पीट हेक्सेट
04:29अपना बयान देते हैं, यह शायद, एक दम्ब होता है, उनके अंदर एक ताकत का हैंकार होता है, यह उनके
04:37दम्ब और आयंकार
04:38को दिखा रहा है, बिल्कुल सर, डिके गुपता जी के पास सलते हैं, गुपता जी स्टेट ऑफ होरमुज को लेकर
04:45आपसे भी यही सवाल है, कि उसको लेकर आपको क्या समभाने निजर आ रही है, क्या होगा वहाँ पर, अमेरिका
04:51अपनी नाके बंदी किये हुए है, इरान �
05:02पहले से ही वहाँ पर बंदी किये हुए है, आपके इसाब से जुकने को कोई तयार नहीं है, इसका भविश्य
05:12क्या है?
05:24इतिहास में दुनिया में ऐसे ही होता रहा, भारत में बहुत सारे यहाँ पर अफगानी आए, और इरानी भी आए,
05:31तुर्कीज भी आए, और कहां काम ने कहानिया सुनी है, कि उन्होंने किस तरह से एथिक्स को दाव पर रखके
05:36हमारे हैं सत्ता की, हमारे मंदिरे तोड़े,
05:38वो सारे चीज़ें उन्होंने की, जो कि नहीं होना चीए था, अमेरिका को जस्टिफाई नहीं किया जा सकता, क्योंकि इस्टेट
05:45आफ परमूज है, या फिर आपका मलक्का है, या फिर आपका बी ओ पर चलने वाला आपका स्वेज नहर है,
05:53कोई भी चीज है, भले ही, देख
06:08भी CSR देगी हो, तो सब चीज़ें एक ऐसी होती है, कि जहां पर अमेरिका, अब अमेरिका को क्या है,
06:13कि अमेरिका को दुनिया को ए दिखाना है, कि देखो, जो मैं कह रहा था, कि इरान रोक रहा है,
06:18इस्टेट आफ परमूज है, इरान भी गलत कर रहा था, क्योंकि तुम्ह
06:38हो है कि ताकतवर है, और ताकतवर अपने लक्ष को प्राप करने के चाहे जैसे भी ओ ऐसा करेगा, और
06:44मेरा मस्रूफ से मानना रहा है कि अमेरिकान और इस्राइल इस्टेजी ए रही है, कि तीन-चार मांगे जो मुझे
06:50लगता है, एक इमिरियम इलिश्मेंट का, दूसरा मि
07:06एक प्रेसर गूरूप बना हुआ है, कि देखिया हम लोग योदिसे काफ़ी नुकसान हुआ है, बहले हम अपने आडियो समझाने
07:12में रहे हैं कि हम हार नहीं रहे है, जीत नहीं रहे है, लेकिन फिर भी हमें नुकसान हुआ है,
07:16ज्यादा दिन टैफों खीच नहीं सकते, तो
07:19लेकिन कहीं कहीं दोनों पक्स यहां पर रॉंग हैं कि वो एक इंटरनेशनल पास्वेज को रोक रहे हैं जिससे कि
07:25कहीं कहीं दुनिया में एक अबस्था फैल रही है एक अपनी हिजमोनी के लिए एक अपने सर्वाइवल के लिए भी
07:30वाइवर बिल्कुल तीसरे और चौथे �
07:33अपडेट पर आते हैं अब दिवनाज सर्व तीसरा अपडेट यह है कि अमेरिका अपने जो ओर रिजर्उ था उसमें से
07:39थेल निकाल रहा है वो और जहां पर कमी महसूस हो रही है कमपनियों को दे रहा है कि आप
07:44उस कमी को पूरा कीजिए इसे आप कैसे देख रहे हैं अमे
08:03अमेरिका की बात है, देखिए बात कच्छे तेल के स्ट्रेजिक ऑल भंडार मेंटेन करते हैं.
08:10तो दुनिया के चोटे चोटे धेश्य हमेसा एक महीने का तेल अपने पास रखते हैं.
08:17भारत कोशिशर के तीन महिने का तेल अपने पास रखता है जब यह युद्ध चालू हुआ था तो हमारे पास
08:23चोहता दिन का रिजर्व था
08:27अमरीका इस तरह का स्ट्रेटेजिफ ऑइल भंडा छे महिने के लिए मेंटेन करता है
08:31तो अमरीका जो है अब देखिए बिजनसमें का देश है वैपारी हैं अमरीकर्स वो अपने मित्र देशों को ये कच्चा
08:42तेल अपने स्टॉक से दे रहे हैं
08:44चाहे यूरूप में हो या एशिया में
08:47मज़े की चीज़ देखिए
08:48छे महने पहले जब अमेरिका ने इस तेल को बंडारन किया था
08:52तब तेल का कच्छे तेल का कीमत था
08:55साथ डॉलर परती बैरल
08:58और अब इंटरनेशनल मार्केट में
09:01जब अमेरिका इसी कच्छे तेल को बेच रहा है
09:04तो प्राए-प्राए 100 डॉलर
09:06चलो मित्रदेशों को 90 डॉलर परती बैरल पर बेच रहा है
09:10तो अमेरिका के तो बले-बले हो गए
09:14यानि अमेरिका 50 प्रतिशत का नफा करके
09:18अपने तेल के भंडार को अपने ही मित्रदेशों को दे रहा है और मित्रदेश मजबूर है अमरिका से देने के
09:25लिए क्योंकि जिस अमरिका ने यह यो दो चालू किया एक भी मित्रदेश उस अमरिका को सीधा क्रिटिसाइज नहीं कर
09:34पा रहा है
09:35कि भाई अमरीका मेरे दोस्त तुमारी बंबारी की वज़ा से
09:40स्टेट ओफ हर्मूज बंद हो गया
09:43पहले इरान ने किया और अब तुम कर रहे हो
09:46तो ये भी एक अंतराश्टिय विडमना है
09:50अमरीका की वेपारिक कुबुद्धी को दिखाता है
09:56कि अमरीका ने ही पुरे क्रैसिस को पेदा किया
09:59और अब जब क्रैसिस आउट अफ कंट्रोल हो गया
10:01तो अमरीका उनको मदद देने के लिए
10:04फेवर दिखाने के लिए
10:07अमरीका साथ डॉलर में खरीदा हुआ कच्छा ते
10:10उनको अब 90 डॉलर में दे रहा
10:12तो अमरीका की
10:13ये देखना
10:16इसको समझना
10:18एक कूटनीती है
Comments

Recommended