00:00वेभब जी देखिए विडममना देखिए कि 27 फरवरी के पहले स्टेट आफ हर्मुस खोला हुआ था
00:11अमरीका और इसराइल ने बंबारी की और इरान ने बहुत पहले ही छे महने पहले तीन महने पहले एक महने
00:17पहले युनिटेड नेशन में ही बोल दिया था
00:19कि अगर अमरीका बंबारी करेगा इसराइल बंबारी करेगा तो इरान मजबूर होकर स्टेट आफ हर्मुस को बंद करने के लिए
00:26मजबूर हो जाएगा
00:27और आज की तारीक में देखिए अमरीका स्टेट आफ हर्मुस को बंद कर रहा है
00:34एक और विडम बना देखिए, दुनिया भर के देशों ने इरान की भसना की थी जब इरान ने स्टेट अफ़र्मुस
00:41को बंद किया था, यह कह कि इरान जो है, वो यूएन क्लॉस का अनक्लॉस का अभेलना कर रहा है,
00:49अंतराश्ये मेरिटाइम नियमों का अंदेखी कर रहा है,
00:53जो कि क्राइम है, गलत है, और आज कोई भी देश अमरीका की बसना नहीं कर रहा है, जब अमरीका
01:00ने स्टेट अफ़र्मुस को बंद किया हुआ है, यह अमरीका जो है, अब कह रहा है कि वो स्टेट अफ़र्मुस
01:07को तभी खोलेंगे, जब सोमवार और मंगलवार की इस्ला
01:23अगर अमरीका स्टेट अफ़र्मुस को पॉलिटिकल हातियार की तरफ से इस्तिमाल कर रहा है, इरान पर दवाब बनाने के लिए
01:32कि मेरे पंद्रा पॉंट को मान जाएए, तो देखें, मैं इरान की तरफदारी नहीं कर रहा है, तो फिर इरान
01:40ने क्या गलती की थी, जब इ
01:53अमरीका, अब कल और परसों इस्लामाबाद में बात हो रही है, और अमरीका ओलरी धंकी दे रहा है, पीट हैकसर
02:01ने कह दिया है, कि अगर इस्लामाबाद वारतला फेल हो गए, तो अमरीका फिल से बंबारी करना शुरूर कर देगा,
02:09तो ये तो वैभव जी बातचीत करने का
02:11कोई तरीका ही नहीं है, बिलकुल, आपको अक्सर कहते हैं कि कनपटी पर बंदूग रखकरे बात करनी कोशिच करता है
02:17अमेरिका, जी वैभव जी एकदम आपने सही समझाया, अगर मेरे को किसी से बात करनी है, अंतराश्टिय पटल में तो
02:26उसका एक तरीका होता है, बातच
02:40एक को खुत्मारी को खतम होरहे हैं दो हाफते की मियादी, अब अब मेरी तो एक और संभावना ये लग
02:45नहीं है कि Jyसे 10 दिन का समयडिया गया है newborn paris Fair, iepsosfire, अम्रीका और ईज्राइव, हो सकता है
02:56उसको भी तोड़ दे, जो लिबनान और इसराइ ये भी देज्चम में दस
03:10मैं इसलिए बता रहा हूं कि जब भी दो देशों के बीच में मित्रत पूर्ण बातचीत होनी चाहिए होती है
03:21एक माहोल बनाते हैं आप भारत और पाकिस्तान का देख लीजिए उनिसो पैसट का युद्ध हुआ ताशकर्द में बात शुती
03:30हुई आपको एक भी रिकॉर्ड �
03:35पाकिस्तानी ने भारत के खलाब बयां दिया हो या किसी भारती या लीडर्शिप ने पाकिस्तान के खलाब कुछ बोलाओ ताशकर्द
03:42में बंध कमरों में बात चीत हुई हाथ मिलाया, जॉइंट स्टेटमेंट इशू हुआ, युद्ध बंध हो गया
03:48सेम 1971 में, जब 16 दिसमबर को सीस फायर हुआ, छुट-पुट फायरिंग चलती रही 18 दिसमबर तक, लेकिन तब
03:59से लेके जब तक शिमला संजोता साइन नहीं हुआ, तब तक ना भारत ने कोई कड़ी बयान पाकिस्तान के बारे
04:10में पास की, ना पाकिस्तान ने भारत के विरो�
04:18साइन हो गया, यह हमारे मानसिक और राजनितिक परिपक्वाता को दर्शाता है, जबकि जब अमरीका, डोनाल्ड ट्रम्प या पीट हेक्सेट
04:29अपना बयान देते हैं, यह शायद, एक दम्ब होता है, उनके अंदर एक ताकत का हैंकार होता है, यह उनके
04:37दम्ब और आयंकार
04:38को दिखा रहा है, बिल्कुल सर, डिके गुपता जी के पास सलते हैं, गुपता जी स्टेट ऑफ होरमुज को लेकर
04:45आपसे भी यही सवाल है, कि उसको लेकर आपको क्या समभाने निजर आ रही है, क्या होगा वहाँ पर, अमेरिका
04:51अपनी नाके बंदी किये हुए है, इरान �
05:02पहले से ही वहाँ पर बंदी किये हुए है, आपके इसाब से जुकने को कोई तयार नहीं है, इसका भविश्य
05:12क्या है?
05:24इतिहास में दुनिया में ऐसे ही होता रहा, भारत में बहुत सारे यहाँ पर अफगानी आए, और इरानी भी आए,
05:31तुर्कीज भी आए, और कहां काम ने कहानिया सुनी है, कि उन्होंने किस तरह से एथिक्स को दाव पर रखके
05:36हमारे हैं सत्ता की, हमारे मंदिरे तोड़े,
05:38वो सारे चीज़ें उन्होंने की, जो कि नहीं होना चीए था, अमेरिका को जस्टिफाई नहीं किया जा सकता, क्योंकि इस्टेट
05:45आफ परमूज है, या फिर आपका मलक्का है, या फिर आपका बी ओ पर चलने वाला आपका स्वेज नहर है,
05:53कोई भी चीज है, भले ही, देख
06:08भी CSR देगी हो, तो सब चीज़ें एक ऐसी होती है, कि जहां पर अमेरिका, अब अमेरिका को क्या है,
06:13कि अमेरिका को दुनिया को ए दिखाना है, कि देखो, जो मैं कह रहा था, कि इरान रोक रहा है,
06:18इस्टेट आफ परमूज है, इरान भी गलत कर रहा था, क्योंकि तुम्ह
06:38हो है कि ताकतवर है, और ताकतवर अपने लक्ष को प्राप करने के चाहे जैसे भी ओ ऐसा करेगा, और
06:44मेरा मस्रूफ से मानना रहा है कि अमेरिकान और इस्राइल इस्टेजी ए रही है, कि तीन-चार मांगे जो मुझे
06:50लगता है, एक इमिरियम इलिश्मेंट का, दूसरा मि
07:06एक प्रेसर गूरूप बना हुआ है, कि देखिया हम लोग योदिसे काफ़ी नुकसान हुआ है, बहले हम अपने आडियो समझाने
07:12में रहे हैं कि हम हार नहीं रहे है, जीत नहीं रहे है, लेकिन फिर भी हमें नुकसान हुआ है,
07:16ज्यादा दिन टैफों खीच नहीं सकते, तो
07:19लेकिन कहीं कहीं दोनों पक्स यहां पर रॉंग हैं कि वो एक इंटरनेशनल पास्वेज को रोक रहे हैं जिससे कि
07:25कहीं कहीं दुनिया में एक अबस्था फैल रही है एक अपनी हिजमोनी के लिए एक अपने सर्वाइवल के लिए भी
07:30वाइवर बिल्कुल तीसरे और चौथे �
07:33अपडेट पर आते हैं अब दिवनाज सर्व तीसरा अपडेट यह है कि अमेरिका अपने जो ओर रिजर्उ था उसमें से
07:39थेल निकाल रहा है वो और जहां पर कमी महसूस हो रही है कमपनियों को दे रहा है कि आप
07:44उस कमी को पूरा कीजिए इसे आप कैसे देख रहे हैं अमे
08:03अमेरिका की बात है, देखिए बात कच्छे तेल के स्ट्रेजिक ऑल भंडार मेंटेन करते हैं.
08:10तो दुनिया के चोटे चोटे धेश्य हमेसा एक महीने का तेल अपने पास रखते हैं.
08:17भारत कोशिशर के तीन महिने का तेल अपने पास रखता है जब यह युद्ध चालू हुआ था तो हमारे पास
08:23चोहता दिन का रिजर्व था
08:27अमरीका इस तरह का स्ट्रेटेजिफ ऑइल भंडा छे महिने के लिए मेंटेन करता है
08:31तो अमरीका जो है अब देखिए बिजनसमें का देश है वैपारी हैं अमरीकर्स वो अपने मित्र देशों को ये कच्चा
08:42तेल अपने स्टॉक से दे रहे हैं
08:44चाहे यूरूप में हो या एशिया में
08:47मज़े की चीज़ देखिए
08:48छे महने पहले जब अमेरिका ने इस तेल को बंडारन किया था
08:52तब तेल का कच्छे तेल का कीमत था
08:55साथ डॉलर परती बैरल
08:58और अब इंटरनेशनल मार्केट में
09:01जब अमेरिका इसी कच्छे तेल को बेच रहा है
09:04तो प्राए-प्राए 100 डॉलर
09:06चलो मित्रदेशों को 90 डॉलर परती बैरल पर बेच रहा है
09:10तो अमेरिका के तो बले-बले हो गए
09:14यानि अमेरिका 50 प्रतिशत का नफा करके
09:18अपने तेल के भंडार को अपने ही मित्रदेशों को दे रहा है और मित्रदेश मजबूर है अमरिका से देने के
09:25लिए क्योंकि जिस अमरिका ने यह यो दो चालू किया एक भी मित्रदेश उस अमरिका को सीधा क्रिटिसाइज नहीं कर
09:34पा रहा है
09:35कि भाई अमरीका मेरे दोस्त तुमारी बंबारी की वज़ा से
09:40स्टेट ओफ हर्मूज बंद हो गया
09:43पहले इरान ने किया और अब तुम कर रहे हो
09:46तो ये भी एक अंतराश्टिय विडमना है
09:50अमरीका की वेपारिक कुबुद्धी को दिखाता है
09:56कि अमरीका ने ही पुरे क्रैसिस को पेदा किया
09:59और अब जब क्रैसिस आउट अफ कंट्रोल हो गया
10:01तो अमरीका उनको मदद देने के लिए
10:04फेवर दिखाने के लिए
10:07अमरीका साथ डॉलर में खरीदा हुआ कच्छा ते
10:10उनको अब 90 डॉलर में दे रहा
10:12तो अमरीका की
10:13ये देखना
10:16इसको समझना
10:18एक कूटनीती है
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