00:00मैं किसी को भूलना चाहता हूँ पर बार बार उनकर चिंतन आ जाता है माराजी नअब मैं क्या खूरो
00:06किसी की आद पकड़ लो तो याद से याद को काट दो भगवान की आद से जगत की आद काट
00:14दो छल कपड को प्यार मत मालoh
00:16ये संसार्चल कप्टी अगर तुमसे दोस्ती की होती सच्चा इसे तुभला ऐसा कैसे होता
00:21तो सच्चा दोस्त मिलना तो बहुत कठीन है वो भगवान मिलाते हैं
00:25तो भगवान का भरोशा करो उसका बहुत छोड़ मिलना
Comments