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  • 6 minutes ago
अक्षय तृतीया 2026 इस साल 19 अप्रैल को मनाई जाएगी और इसे हिंदू धर्म में सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है इस दिन किया गया हर कार्य अक्षय फल देता है यानी उसका लाभ कभी समाप्त नहीं होता यही वजह है कि लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदते हैं और नए काम शुरू करते हैं पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगी जिससे पूरे दिन को खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है यह पर्व न सिर्फ निवेश बल्कि आस्था, परंपरा और समृद्धि का प्रतीक भी है

Akshaya Tritiya 2026 will be celebrated on April 19th this year and is considered one of the most auspicious days in Hinduism. Every deed performed on this day yields "Akshaya Phala"—meaning imperishable results—such that its benefits never diminish. This is precisely why people purchase gold and silver, and embark on new ventures on this day. According to the Panchang, the Tritiya Tithi begins at 10:49 AM and extends into the following day, rendering the entire day auspicious for shopping. This festival serves as a symbol not only of investment but also of faith, tradition, and prosperity.

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~PR.338~ED.520~GR.506~HT.96~

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Transcript
00:05धन, सोभाग्य और सम्रिधी का पर्व अक्षय तृतिया
00:10जब हर शुरुवात मानी जाती है शुब
00:13यहां विश्वास जोड़ता है निवेश से
00:17जब हां अक्षय तृतिया हिंदू धर्म का एक ऐसा पर्व जिसे कभी नखत्म होने वाली सम्रिधी का प्रतीक माना जाता
00:24है
00:24अक्षय यानि जो कभी खत्म नहो और तृतिया यानि बैसाक मास की तीसरी ति थी
00:30साल दोजाथ 26 में हपर्व 19 अपरेल को मनाय जा रहा है और मानता है कि इस दिन किया गया
00:36कोई भी शुबकार या निवेश अक्षय फ़ल देता है
00:40यानि उसका लाब कभी स्तमाप नहीं होता है यही वज़ा है कि इस दिन लोग नए काम शुरू करते हैं
00:46दान करते हैं और सबसे खास सोना चांती खरिते हैं
00:51धार्मिक मानताओं के अनुसार यह वही दिन है जब भगवान विश्णू की आउतार परुसराम का जन्म हुआ था और महा
00:58भारत काल में इसी दिन भगवान कृष्ण ने पांडों को अक्षय पातर दिया था जो कभी खाली नहीं होता था
01:05ऐसे में कई परणालिक परसंग इस
01:21इस अपरेल तक रहेगी और यही पूरा समय सुना चादी खरिदने के लिए शुब माना जगया है खास तोर पर
01:28दस बच कर उन चास मिनट से दोपहर तक का समय बेहत शुब माना जाता है हलाकि मानता यह भी
01:34है कि पूरे दिन में कभी भी खरिदारी की जा सकती है क्योंकि यह
01:51खरिदा गया सोना घर में अस्थाई सुख और सम्रिद्धी लाता है और पीडियों तक धन बना रहता है यही कारण
02:00है कि हर साल इस दिन जुलरी मार्केट में भारी भीड देखने को मिलती है हलाकि समय के साथ इस
02:05परंपरामा में भी बदला वाया है जहां पहले लोग सिर्फ सो
02:20और जरूरत मंदों की मदद करना भी उतना ही महत्यपूर्ण माना गया है यह पर्व हमें सिर्फ धन कमाने का
02:26नहीं बलकि उसे सही दिशा में उपियोग करने का संदेश भी देता है आज के दोर में जब लोग इस
02:32दिन को निवेश के नजरीय से देखते हैं तब यह समझना �
02:35जरूरी है यह अक्षए तिर्थिया सिर्फ एक आर्थिक आउसर नहीं बलकि एक आधियात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा भी है जो हमें
02:42संतुलन सिखाती है विश्वास और ब्यवहार के बीच आस्था और आधरणुनिक्ता के बीच यही वज़ा है कि आक्षए तिर्थिय
02:49आज भी हर भारतिये के जीवन में उतनी ही खास है जितनी सद्यों पहले दी
02:55फिरहाल करिए बस इतना ही बाकी अप्डेटी बने रहिए वन इंडिया हंदी के साथ
02:59झाल झाल झाल
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