00:03अक्षयत रतिया के दिन की गई पूजा का फल कभी भी श्य नहीं होता इसलिए से अबूज मुहूर्त कहते हैं
00:10आईए से विडियो में जानते हैं कि इस साल जोकी 19 एप्रिल 2026 को अक्षयत रतिया मनाई जाएगी
00:17उस दिन घर में सरल और प्रभावी तरीके से पूजा करने की स्टेप बाई स्टेप विदी क्या है
00:23सबसे पहले तो 19 तरीक के सुबर जल्दे उटकर स्नान के जल में थोड़ा गंगा जल मिलाकर नहा ले
00:29इस दिन पीलिया लाल रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुब है
00:33हाथ में जल और अक्षत लेकर वरत या पूजा का संकल पले कि आप मा लक्ष्मी भगवान विश्नू और कुवेर
00:40देवता की कृपा पाने के लिए मैं ये पूजा कर रहा हूँ या कर रही हूँ
00:44अब घर के मंदर या चौकी को गंगाजल से शुद्ध कर ले चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिचा ले
00:50माता लक्ष्मी भगवान विश्नू और अगर आपके पास लड्डू गोपाल है तो उन्हें भी विराजमान करें और साथ ही कुबेर
00:58देवता की फोटो या तस्व
01:13भगवान को नैवस्त्र और माता लक्ष्मी को श्रिंगार की वस्तुएं अर्पित करें गनेशी को सिंदूर भगवान विश्नू को पीला चंदन
01:20और माता लक्ष्मी को कुमकुम का तिलक लगाए भगवान को अक्षत और पीले या लाल पूल अर्पित करें वहीं विश्न�
01:30दगी का दीपक जलाएं और दूप अगरबत्ती दिखाएं अब अक्षत रुतिया पर सत्तु ककड़ी खर्बूजा भीगे हुए चने की दाल
01:38का भोग लगाने की परंपरा है दूद से बनी मिठाई या खीर का भोग भी लगाया जाता है इसी के
01:44साथ ओम नमो भगवते वासु
01:56जब करें यदि संभव हो तो अक्षत रुतिया की व्रत कथा पढ़ें या सुनें सबसे पहले गणेश जी की आरती
02:03करें फिर माता लक्ष्मी और विश्नुजी की संयुकत आरती करें पूजा के अंत में हाथ जोड़कर अंजाने में हुई किसी
02:11भी भूल के लिए शमा प्रा
02:23कर सकते हैं 2026 में रविवार होने के कारण गुडिया लाल वस्तर का भी दान शुब होगा फिलहाल इस वीडियो
02:31में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथ ही चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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