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संवेदनशील धर्मांतर प्रकरणावर ज्येष्ठ वकील मजीद मेमन यांनी संतुलित प्रतिक्रिया दिली आहे. अशा मुद्द्यांवर भडकावू वातावरण तयार होऊ नये, यासाठी प्रशासनाने खबरदारी घ्यावी, असे त्यांनी सांगितले. कोणतीही घटना राजकारण किंवा धार्मिक भावना भडकवण्यासाठी वापरणे देश आणि समाजासाठी घातक ठरू शकते, असा इशाराही त्यांनी दिला.

या प्रकरणात निष्पक्ष आणि सखोल चौकशी होऊन दोषींवर कठोर कायदेशीर कारवाई व्हावी, अशी मागणी त्यांनी केली. तसेच, कोणत्याही कर्मचाऱ्यावर कारवाई करताना त्यांचे संविधानिक हक्क जपले गेले पाहिजेत, शो कॉज नोटीस देऊन योग्य प्रक्रिया पाळली पाहिजे, असेही त्यांनी स्पष्ट केले. विलंब न करता तात्काळ कारवाई होणे आवश्यक असल्याचेही त्यांनी नमूद केले.

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Transcript
00:00कमपनी थी उसके अंदर कहीने की धर्म परिवर्दन वाला मामला हुआ था
00:03कमपनी ने कहा है कि जितने भी एंपलोई है वर्क फर्म हो कर सकते है और कुछ एंपलोई के उपर
00:08कारवई भी की जाएगी
00:09देखें ऐसे मामला जो हैं बड़े सम्वेदन शेल हैं और इस पर खामखा एक संदेश ऐसा गलत जाता है कि
00:18जिससे कहीं गरबड़ी या फसाद हो सकता है
00:20उसको रोकना चाहिए ऐसी बातें जो है ये अगर इसको भड़काओ के तरीके से ले जिया जाए तो फिर आगे
00:28कानून और लॉइन और और का मसला पैदा हो सकता है
00:32इसलिए इसमें बड़ी हिमानदारी और निश्पक्षिता के साथ में चांच होनी चाहिए
00:40जो भी दोशी हैं उनके खिदाफ कानून से कारवाई हो यानि आपस में राजनीती इसमें नल आते हुए
00:48या धार्मिक भावनाओं से इसको ज़्यादा भड़काने की आवशक्ता बिलकुल नहीं है
00:55हमारे मुख्यमंतरी या ग्रामंतरी इनको करता भी है कि वो लोकल प्रसेसर को इस बात की इंस्ट्रक्शन दें
01:03कि इस मामले को बढ़ा नजाए इसको शांतता के साथ में कानून के सुपरूत किया जाए
01:09और जिस तरह से लीगली कानूनी तोर पर जो कारवाई जिसके खलाफ करनी है वो की जाए
01:15मगर इसका प्रचार इस तरह कुछ किया जा रहा है कि जिससे कोई भड़काओ माहौल तयार किया जाए
01:22जो देश के लिए राज्य के लिए समाज के लिए ठीक नहीं होगा
01:27बहतर यह होगा कि अवन पुर अमन तरीके से स्ट्रिक्ट लीगल एक्शन ली जाया अच्छी तरह से जहाच की जाए
01:34कुसी इंक्वाईरी की ज़रूत हो तो इंक्वाईरी के बिठाय जाए
01:51है तो उस इंपलाई का भी सामविधानिक अधिकार है कि उस कारवाई के खिलाव उनको शोकाज नोटिस देना होगा और
01:58शोकाज नोटिस में उनको अपने जवाब देने का अधिकार है और उनके जवाब पर फिर विचार होना चाहिए और जैसे
02:05संभाव हो या वशक लगा वै
02:21इसलिए उसे फांसी पर नहीं रटका जा सकता, किसी पर कोई आरोप लगा है, तो उस आरोप के बारे में
02:26उसे मौका दिया जाता है, इसलिए इंप्लॉईस का जहां तक सवाल है, अगर उनको टर्मिनेट किया जा रहा है, या
02:32सस्पेंड किया जा रहा है, तो शो कॉस नोटीस �
02:46इसलिए इसलिए इसमें विलम भी नहीं होना चाहिए अगर इसमें विलम भी नहीं होना चाहिए, इसलिए इसमें विलम भी नहीं
02:54होना चाहिए, इसलिए इसमें विलम भी नहीं होना चाहिए, इसलिए इसमें विलम भी नहीं होना चाहिए, इसलिए इसमें विलम भी
03:03नहीं ह
03:03होना चाहिए अगर विलम होता है तो वो दुर्भाग्यपूर है सरकार को और संसाओं को चाहिए कि तुरंत इस पर
03:11कारवाई करें ताकि सच्चाई पूरी तोर पर सामने आए क्या आपको लगता है कि कॉर्पोरेट कंपनी में इस तरह से
03:17धर्म परिवार्दन का ममला हो सकता है
03:19इसको लिए यह एक आईसोलेटिड केस है ऐसा आम तोर पर होता नहीं लेकिन अभी आई हुआ है तो इसको
03:26पूरी जाच करके जड़ तक जाकर इसकी इसका इलाज करना चाहिए वरना यह बीमारी जो है यह बड़ा माहुल खराब
03:35कर सकती है इसलिए आशा यह की जाती है कि ब
03:49कि झाल सब में प्सेटُ
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