00:00कमपनी थी उसके अंदर कहीने की धर्म परिवर्दन वाला मामला हुआ था
00:03कमपनी ने कहा है कि जितने भी एंपलोई है वर्क फर्म हो कर सकते है और कुछ एंपलोई के उपर
00:08कारवई भी की जाएगी
00:09देखें ऐसे मामला जो हैं बड़े सम्वेदन शेल हैं और इस पर खामखा एक संदेश ऐसा गलत जाता है कि
00:18जिससे कहीं गरबड़ी या फसाद हो सकता है
00:20उसको रोकना चाहिए ऐसी बातें जो है ये अगर इसको भड़काओ के तरीके से ले जिया जाए तो फिर आगे
00:28कानून और लॉइन और और का मसला पैदा हो सकता है
00:32इसलिए इसमें बड़ी हिमानदारी और निश्पक्षिता के साथ में चांच होनी चाहिए
00:40जो भी दोशी हैं उनके खिदाफ कानून से कारवाई हो यानि आपस में राजनीती इसमें नल आते हुए
00:48या धार्मिक भावनाओं से इसको ज़्यादा भड़काने की आवशक्ता बिलकुल नहीं है
00:55हमारे मुख्यमंतरी या ग्रामंतरी इनको करता भी है कि वो लोकल प्रसेसर को इस बात की इंस्ट्रक्शन दें
01:03कि इस मामले को बढ़ा नजाए इसको शांतता के साथ में कानून के सुपरूत किया जाए
01:09और जिस तरह से लीगली कानूनी तोर पर जो कारवाई जिसके खलाफ करनी है वो की जाए
01:15मगर इसका प्रचार इस तरह कुछ किया जा रहा है कि जिससे कोई भड़काओ माहौल तयार किया जाए
01:22जो देश के लिए राज्य के लिए समाज के लिए ठीक नहीं होगा
01:27बहतर यह होगा कि अवन पुर अमन तरीके से स्ट्रिक्ट लीगल एक्शन ली जाया अच्छी तरह से जहाच की जाए
01:34कुसी इंक्वाईरी की ज़रूत हो तो इंक्वाईरी के बिठाय जाए
01:51है तो उस इंपलाई का भी सामविधानिक अधिकार है कि उस कारवाई के खिलाव उनको शोकाज नोटिस देना होगा और
01:58शोकाज नोटिस में उनको अपने जवाब देने का अधिकार है और उनके जवाब पर फिर विचार होना चाहिए और जैसे
02:05संभाव हो या वशक लगा वै
02:21इसलिए उसे फांसी पर नहीं रटका जा सकता, किसी पर कोई आरोप लगा है, तो उस आरोप के बारे में
02:26उसे मौका दिया जाता है, इसलिए इंप्लॉईस का जहां तक सवाल है, अगर उनको टर्मिनेट किया जा रहा है, या
02:32सस्पेंड किया जा रहा है, तो शो कॉस नोटीस �
02:46इसलिए इसलिए इसमें विलम भी नहीं होना चाहिए अगर इसमें विलम भी नहीं होना चाहिए, इसलिए इसमें विलम भी नहीं
02:54होना चाहिए, इसलिए इसमें विलम भी नहीं होना चाहिए, इसलिए इसमें विलम भी नहीं होना चाहिए, इसलिए इसमें विलम भी
03:03नहीं ह
03:03होना चाहिए अगर विलम होता है तो वो दुर्भाग्यपूर है सरकार को और संसाओं को चाहिए कि तुरंत इस पर
03:11कारवाई करें ताकि सच्चाई पूरी तोर पर सामने आए क्या आपको लगता है कि कॉर्पोरेट कंपनी में इस तरह से
03:17धर्म परिवार्दन का ममला हो सकता है
03:19इसको लिए यह एक आईसोलेटिड केस है ऐसा आम तोर पर होता नहीं लेकिन अभी आई हुआ है तो इसको
03:26पूरी जाच करके जड़ तक जाकर इसकी इसका इलाज करना चाहिए वरना यह बीमारी जो है यह बड़ा माहुल खराब
03:35कर सकती है इसलिए आशा यह की जाती है कि ब
03:49कि झाल सब में प्सेटُ
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