00:00दुखत बात थे जब पता चला कि पुरे उनके चहतों में बड़ा दुख हुआ है आश्या जी एक ऐसी गाई
00:10का थी कि जो सब को लोकप्रिय थी उनके गाने सुनते सुनते बच्चों को नीन भी देनी है नीन नहीं
00:21आती तो उनका गाना सुला कर
00:25मा बच्चों को सुला थी ती इतनी लोकप्रिय गाई का थी पुरे देश में हो परदेश में हो उनके गाई
00:34का से हिंदिश हो या मराठी हो हर लेंग्वेज में बहुत सारे लेंग्वेज में उनने अपना गीत सुना कर गाई
00:43की सुना कर लोगों को लुभाने का काम किया आज �
00:50हर जुबा पर उनका नाम है तीन पिडियो से वो लोकपरी यह है और ऐसे गाई को को हमने आज
00:59खोया है इसका बड़ा दुख है मैं कहता हूं कि महारस्ट के मिट्टी का एक हीरा को हमने गवाया है
01:08यह हम सब के लिए बड़ी दुखत बात है मैं मेरे पार्टी के और से कांग्र
01:21कांग्रेस नेता करके और से और मेरे हमारे फैमिली के और से मैं आशाद इदी को सरदान जली अरपन करता
01:31हूं और इससे बड़ी आहनी जो ही यह कभी भरके नहीं निकलने वाली यही इतनी उची इतनी बड़ी गाई का
01:44को महारस्ट ने और देश ने कवाया है
01:51आशाद इदी इन्च निदन हे मनाला चत्का लाउन जाना री आनि अतिन ते दुखा दाए आशाद इदी या आशाद गाई
01:59का होते है कि तीन पिड़ा मदे लोकप्रीय होते है
02:02तना हिंदी मराठी पुटलाई भाश्यतील गाई का मनुत्या सगया प्रशीद होते है जगभरात प्रशीद होते है
02:13महरास्टा था मातीतील हीरा अपनाज गंबलाया समनेल अरकत नहीं
02:18और ही भरुन्न निगनारी अशिती तेंची गाई की होती उली पोकळी निर्मान जली
02:25आशा दिदी जोड़या प्रफेस्चिनल गाई का मनुपुड़या आला ते उड़या सवेदन शील मानाच्या गाई का सुद्धा होते है
02:32कोटुम्भी अनेक लानपण पोसंते नहीं दुख जहलू नहीं या शित्रामदी स्वतंत्रडशा उम्टोनेच्च काम आशा तैनी केला
02:43मी माजा कोटुम्भा तरपे आने अमचा पक्षा तरपे आशा दिदीना भाव प्रवितन स्वेदान जली अरपन करतों
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