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दिल्ली-NCR में तेज़ होती गर्मी ने जनजीवन पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। इस ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए कैसे दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं और लोग केवल बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

हमारी टीम ने जब लोगों से बात की तो सबसे बड़ी समस्या सामने आई — ठंडे पानी की कमी। लोगों का कहना है कि बोतल का पानी कुछ ही देर में गर्म हो जाता है, जबकि ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। कई लोग सार्वजनिक नलों या अस्पतालों में लगे वाटर कूलर पर निर्भर हैं।

गर्मी का असर बाजारों पर भी साफ दिख रहा है। गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ बढ़ी है और लोग बर्फ डालकर रस पीना पसंद कर रहे हैं। वहीं AC और फ्रिज की दुकानों पर दिन में सन्नाटा है, लेकिन सर्विस और पूछताछ में इजाफा हुआ है।

ऑटो चालकों और फील्ड वर्कर्स का कहना है कि दोपहर में काम करना मुश्किल हो गया है और सवारी भी कम मिल रही है। कुल मिलाकर, Heatwave ने दिल्ली-NCR में लोगों की दिनचर्या को बदल कर रख दिया है।

The rising heatwave in Delhi-NCR is significantly impacting daily life. In this ground report, we bring you the real picture from the streets, where roads appear deserted during peak afternoon hours, and only those with urgent work are stepping out.

People we spoke to highlighted a major issue — lack of cold drinking water. Water in bottles turns warm quickly, and access to cold water is limited. Many are relying on public taps and water coolers in hospitals.

The heat is also affecting local markets. Sugarcane juice vendors are seeing increased demand, especially with ice, while AC and refrigerator shops report fewer daytime customers but a rise in service inquiries.

Auto drivers and field workers say it’s becoming difficult to work during the day due to extreme heat, with fewer passengers as well. Overall, the heatwave is reshaping daily routines across Delhi-NCR.


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~PR.548~ED.276~GR.122~HT.96~

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00:01विवस्ता नहीं है जहां एक दो जगह जैसे मटके और रखे आएं मटके जैसे सुसाइटी के सामने लोबो सुसाइटी बालों
00:09ने विवस्ता की हुए जैसे यह हमारे केंदरी भियाद पे मटके रखे हुए
00:12नोग कम निकलने हैं दिन में खाली बैठना पडरहा खाली ने पड़ना पार रहा है ना कमाई लुछ है मैगाई
00:19तो बहुत हो रही है बाई समय ना पानी की मिश्ता光 अवै स्टी कैसे जहल लिए जैसे जिल ले यह
00:24बहुत
00:25तो जिरों में ज्यादा बढ़ी है या है गर्मी बढ़ गई इस अपते थोड़ा ज्यादा बढ़े पिछले हप्टे में थोड़ा
00:32कम था इस अपते थोड़ा ज्यादा बढ़ी है चिल चिलारती धूप और NCR की दोफेरी बहुत जबरदस्त है लेकिन रोडों
00:46पे आप देखो
00:52करने कोशिस कर रही है और रोडों पे दुस्बार है चलना अगर आपके गाड़ी एसी भी काम नहीं कर रहा
01:00है यह हालात है और थोड़ा सा आप इधर देखेंगे आराम फरवा रहे हैं कैसे लोग साइड हो में साथ
01:08क्या करते हैं या काम गाड़ी चलाते लग रहा है अब ज
01:21सब्सक्राइब गाड़ी चलाना और कितना मुस्किल है इस खुले बहुत जोड़ते मतल्द हाथ पाम जा रहे हैं दूपों में का
01:28मन करता कि दुपैर में ना चला है साम और सुबही चला रहे हैं लेकिन करना पर रहो मजबूरी है
01:34यह पानी आप अभी पी रहे थे तो यह थ
01:38सब्सक्राइब नहीं रख पाते हो ना फ्रीज में से ना पीछ लगा हुआ वहां ते भर किला है अच्छा जगए
01:43जगए जहां लगे हैं बहां से किसी हॉस्पिटेल में या कहीं बहां से भर लिया तो इस तरीके 20 रुपाई
01:50आवे कहां त्यांगे थे बढ़ गाई है देख
02:09गन्य के जूस की विक्ट्री गर्मी बढ़ रही है अनन्द है बच्छों पीके आप चड़ो
02:21लोग के गन्य का रहा सब्से बढ़िया खर्मी में गन्य का रहा सब्सक्राइब आप क्या काम करते हुए है मैं
02:30डिलिवरी का काम करता हूं
02:43पिछले हपते में थोड़ा कम था इस अदो बढ़ी है पुरा दिन काम करता हूं आठ गंटे काम करता हूं
02:52सुबा नौ से च्छे
02:58आपके लोग अब गन्य करस्में बरफ पड़वार है अब तो बरफ मांग रहे हैं अब तो बढ़ी आपकी थोड़ा वह
03:10तो निजबी दूआ है अब बढ़ी है लोग इस तरीके से लेकिन अपने आपको ठंडा
03:22रखने का अलग अलग परियास कर रहे हैं और आप देखेंगे कि गाड़ी रोक करके लोग आते हैं कुछ लोग
03:29जायतर तर तो यह वाइक चाला के बाइक सवारा भी और देखेंगे सब तरफ आप यह लगातार चल रहा है
03:34और आप दुपी बढ़ गई है क्या करते हैं दोस्
03:58पानी के लिए पानी मिल जाता है सहर में पानी लेकर चलना पड़ता साथ में गरम हो जाता क्या करें
04:07दुखाने मिलती नहीं पास में दूर मिलती हैं
04:10आप दूर �मखेल्च लेते हैं त Employee
04:28है जोड़त हैं माष्मी का जूस अब आप तो लोग बड़ा रहांगे मसम मासमी लाज़र तो बर काइसे
04:55तो यह है क्या करते भाईया तो यह अब दिन में चलाते हो तो आप सबारी वारी दिन
05:10सबारी निकलती है सबस्काराइब कर दिन में कम है कुछ अभी गयस की बजए से प्रभावित हुआ काम पुछ बंदे
05:20घर जा रहे बोले गयस नहीं है और फिर यह अंदोलन होने लगा चार चे दिन यह अंदोलन में इधर
05:26रास्ता बंद कहीं इधर भगदर हो रही तो डर के मा
05:28आरे कहीं नहीं कोई पत्थर चला रहा तो मुझसे का इंडिया टीवी पे जाम लगा हुआ है मैं साधरा की
05:33सवारी बैठा रहे था अलागी फिर कल से स्थिती सही दिखाई दी हम बेट कर जैनती थी लेकिन काम मोटा
05:42मारा नितलता रहा और यही कवंगा कि सांती आटो चलात
05:48तो आपको पानी वानी के सुब्दा मिल जाती ही सहर में लगें नगरपाल का के नहीं पानी के टंकियों की
05:55ठंडे पानी की सुब्दा ऐसी है जैसे 93 गेजा गाउं है तो उसमें त्यागी जी का प्लांट है तो पानी
06:07जब हम रोज का आना जाना होता है जान पहचान है तो म�
06:14मैं अपनी बोतल भर लेता हूं ठीक है अपकी जान पेचान की वह लेकिन बैसे आपको लगता है कि सरकार
06:19ने कई ठंडे पानी की या समाजी संस्ताव ने कई रौट के नारे विवस्ता की हुई है कि आम चलता
06:24रही पानी पीले ठंडा बैसी कोई विवस्ता नहीं है जहां ए
06:43रखें है थीक है बाकि एक-दो जगा जैसे तोर्टी लगी हुई है एक सब दसमें यह पें सरकारी है
06:52भास से लोस्पी नहीं है सब्सक्राइए जैसे यह यह आते जाते लौट बाह ans बहुँन भर लें लेटे थां तो
07:03और वहीं है क्या करते वह आप
07:08आज आओ सब सबी रहे दुनिया क्या करते हो चलाता हूं जी क्या गर्मियों में आप क्या देख रहा हों
07:14कि लोग कम निकल नहीं दिन में खाली बैठना पड़ रहा है ना कमाई यह ना कुछ है मैगाई तो
07:19बहुत हो रही है बैसा भी ना पानी की बिश्टा गर्में तो जहल �
07:24जैसे जिल्ले यह बहुत कड़ी के जर्मी जहला हो जो जो क्या होता है समाजिक सथा पानी लगाती है या
07:32सरकारी कहीं तो आई थंड़े पानी बिश्टा मिल रही आपको नोडा में यहां तो नीमिल लेगी अभी कहीं देखा ही
07:39नहीं है बिश्टा ऐसा पानी का मुलते बह�
07:47पानी उनमें बाटर कुड़ा रख रख रख तुम्हें सिंग इलेक्टिकल्स में बैटे हुए हैं नोडा 110 सेक्टर रहे हैं नोडा
07:54110 सेक्टर नोडा 110 में और कापी बड़ा मार्केट है जहां पर इनकी साफ है क्या सुबनाम भाशाब का मैंना
08:02मुनुष्कमार सिंग है सिं�
08:16तो यहां पर भी हो तो दिन में क्या बजाएक बहुत कम नोड़ा है इसलिह कस्टूमर दोपर में नहीं आता
08:27है यह बागी वहाएगा बागी से बात हो जाती है
08:37देखना चाहते हों देखना चाहते हैं डिनमें Dus किस तरह का ut falan आते कि यह कर दो किस की
08:45इन कीज़ कि यदु कूछते हैंगे on-line ऐने एकुस्ता देंगे ये customer को बूलाना पड़तु है
08:56किस चीज की आ रही है तो बैट नहीं है मजबूरी हमारी तो मजबूरी से गर्मी का हाल जो है
09:14है बहुत ज़्यादा तेज है बाहर देकर चिल चलाती धूप है तो इसका ब्यापार पर फर्क है और जो दुकान
09:20इलेक्ट्रिकल की है यहां पाने की सबसे जरूरत आपकी चीज बन पड़ी है बहाँ पर भी गिराक साम को आना
09:26बहतर समझ रहा है या उसका काम है तो मनोच जी जो इसके प्रोपराइटर है उनसे कॉल कर रहा है
09:34subscribe to one India and never miss an update
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