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बातचीत खत्म हो गई है; न कोई समझौता हुआ, न ही कोई सफलता मिली। इस्लामाबाद में लगभग 21 घंटे बिताने के बाद, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत टूट गई, जिससे तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया। जे.डी. वैंस ने पुष्टि की कि कोई समझौता नहीं हो पाया। तेहरान ने तुरंत वॉशिंगटन पर आरोप लगाया और उसकी मांगों को "अतार्किक" और "अत्यधिक" बताया। होर्मुज़ जलडमरूमध्य, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और हर्जाने को लेकर विवाद अभी भी अनसुलझे हैं। जिस बातचीत का मकसद तनाव कम करना था, उसने दूरियों को और बढ़ा दिया है; नतीजतन, कूटनीति ठप पड़ गई है और पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ती जा रही है।
The talks are over, no deal, no breakthrough. After nearly 21 hours in Islamabad, U.S.–Iran negotiations collapsed, deepening tensions instead of easing them. J.D. Vance confirmed no agreement was reached. Tehran swiftly blamed Washington, calling its demands “unreasonable” and “excessive.” Disputes over the Strait of Hormuz, Iran’s nuclear program, sanctions relief, and reparations remain unresolved. What was meant to de-escalate has widened divisions, leaving diplomacy stalled and uncertainty growing across the region.

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~PR.514~HT.408~ED.106~GR.508~

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00:09पूरी दुनिया को जिस बाचीत से उमीदे थी वो बाचीत खत्म हो गई है और इस बार सिर्फ एक मीटिंग
00:14नहीं खत्म हो गई है या मीटिंग नहीं टूटी है बलकि उमीद भी टूटी नजर आई है
00:18इरान और अमेरिका के बीच इसलामाबाद में करीब 21 घंटे तक चली हाई स्टेक वारता बिना किसी नतीजे के खत्म
00:25हो गई जिस टेबल पर तनाव कम करने की उमीद थी वहीं अब टकराओ और ज्यादा गहरा होता दिख रहा
00:31है उधर अमेरिका धंकी दे रहा है इधर इरान �
00:34नाराजगी दिखा रहा है इसलामाबाद में जो हुआ उसके बाद पूरी दुनिया के लिए खत्रा बढ़ता जा रहा है नमस्कार
00:40मेरा नाम है रिचा पर आश्वर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी इसलामाबाद में अमेरिका प्रतिनिदी मंडल ने
00:45अच्छान
01:04इरान ने अमेरिका की मांगो को अवास्तवीक और हद से ज्यादा करान दिया है इरानी मीरिया ने सीधे तोर पर
01:11कहा कि बाचीत इसलिए विपल हुई क्योंकि वशिंग्टन ऐसी शर्ते रख रहा था जिन्हीं स्विकार करना संभव ही नहीं था
01:18दरसल ये विवाद सिर्फ �
01:19एक मुद्दे पर नहीं अटका था हॉर्मू स्ट्रेट इरान का परमानुकारिक्रम आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और यहां तक की युद्ध
01:27से जुड़े मुआवजे ये सब एक साथ स्टेबल पढ़ने और यही वजह है कि बाचीत जितनी लंबी चली उतनी ही
01:33उलज
01:49पश्किल है यह सिर्फ बयान नहीं था बलकि पिछले कई सालों की कूटनितिक खीचतान का एक निचोड था सूत्र बताते
01:56हैं कि इरान इस बार कुछ ठोस प्रस्ताव लेकर आया था तनाव कम करने के रास्ते समझोते के फ्रेमवर्क लेकिन
02:03उनका कहना है कि इन प्रस्ताव
02:17कि उसे किसी तरह की जल्दबाजी नहीं है एक तरफ से यह संदेश है कि समय अब उसके पक्ष में
02:23है और दबाव अमेरिका पर है सबसे सम्मेदंशील मुद्दा भी हॉर्मू स्ट्रेट ही बना हुआ है इरान का कहना है
02:30कि जब तक वाजिब समझोता नहीं होता तब तक इस �
02:34पर कोई धील नहीं दूजाए यह सिर्फ एक चेतावनी नहीं बलकि पूरी दुनिया के लिए संखेत है क्योंकि वैश्वी कतेल
02:40सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है वहीं अमेरिका का पक्ष अलग है उसका कहना है कि इरान
02:46ने जरूरी शर्ते मानने से
02:47इंकार किया और इसी वजह से बाचीत आगे नहीं बढ़ सकी है यानि दोनों तरफ से अपनी अपनी कहानी है
02:53लेकिन कोई साजहा जमीन नहीं है पिलहाल हालात ऐसे हैं कि बाचीत रुख गई है लेकिन टकराओ खत्म नहीं हुआ
03:00है ये एक ठहराओ जरूर था समधान नहीं ह
03:03और यही वजह है कि दुनिया की नजरें अगली चाल पटकी है क्या तोनों पक्ष फिर से टेबल पर लोटेंगे
03:10या ये दूरी और ज्यादा बढ़ेगी ये कहना अभी बहुत मुश्कील है लेकिन क्योंकि बाचीत बीच में अधुरी रह गई
03:15है ये दुनिया के लिए खतर
03:33क्योंकि बाचीत बाचीत बाचीत बाचीत बाचीत
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