00:00शिवन जीन से जानने कुशिश कीजिए कि एलान तो हो गया जो इनकी मांगे दिलंगक उन मांगों पर काम भी
00:05शुरू हो गया जिसे कि ये करमचारी साथी बता भी रहे थे कि सरकार ने एलान की है लेकिन कंपनिया
00:10उनका पालन नहीं कर दिए तो आगे कभी इनका कोई प्लैन ह
00:12क्या इस प्रोटेस्ट को बढ़ाने का जब तक सरकार या उसका कोई नुमाइंदा नहीं आकर फिल्ड पर जाने असलियत क्या
00:19है
00:22जो सरकार ने एलान किया है आपनों की मांगे मानी ही लेकिन यहां पर कंपनी जा बता रहा है कि
00:29अगर सरकार एलान करती रहती है
00:45है और यहां पर आपको धरातल पर नहीं मिलता अभी आपसे कोई बात भी नहीं किया है तो आगे क्या
00:51रणनी पी शप्राइन जो सरकार आगे बढ़कि आ
01:08लेकिन इनका कोई अचार टीम का सुझस या इनका लगला कंपनियों को बाहर आके इनको नहीं कहता कि आओ काम
01:14करो आपकी वांगे हो गई हैं उसको देखेंगे
01:16क्यानि कि धरातल पर कोई सुद्बगाट नहीं है सरकार की तरफ से एलान होता है जमीन पर जो इस्टिती है
01:23यह लोग खड़े हुआ इनका कहना यही है कि जब तक वास्तम में नहीं होगा जो एलान हुआ है वो
01:29कंपनियें यहाँ पर धरातल पर नहीं आएंगे जब तक विस आ
01:46काम नहीं का रहे हैं तीधा देखिया दो टू करें हैं है और 11,000 मिला है 11,12,000
01:55मिला है और यहाँ पर यहाँ प्रकार करी है मिलेगा लेकिन कंपनी बार कुछ प्गैदर करो पॉन करके पुड़ाया भी
02:07बढ़ा हुआ है
02:09हर चीज पर में गाई है वहारी तरह पर यहाँ पर जाएंगे तो बात बही है सब्की सारे मज़्जूरों की
02:21सहेंगी जो है जो है जो दस से सौदा 13,000 के बीच और जिस तरह बता रहे हैं रहना
02:27है आप नोईडा जैसे सहर में जो यह लह रहते हैं बताते हैं पांस से स्थे �
02:31जार के बीच में घर है इस साल उसका भी किराया पांस से बड़ा है और यहां की जो आटों
02:39से जो अगर कहीं रहते हैं वहां से आते हैं तो वह भी बड़ा है और सबसे बड़ी चीज जो
02:45हो गई है खाना जिसको चाहते हैं
03:05अगर हमारे जो घर में हम घैस लाते हैं तो वह भी 400 रुपे के आसपास हो गई और अगर
03:11बाहर खाना चाहते हैं तो
03:13दो पराचे से अपना पेट भरना चाहते हैं तो 70 रुपे के दो पराचे होगा इनके मिलते थे खाने के
03:19दाम बढ़ गए चाय के दाम बढ़ एक चीज यह आ रही है
03:31अब जो आइलान किया आपको लगता आप तो मिलना थी सरकार मिलना चाहिए जरूर हमको ज़रूर होना चाहिए आट गंटे
03:37की कम से कम दीजार होना चाहिए
03:42बढ़ जाने चाहिए लेकिन मिले हाथ में तब जाने ना शिविन जी इन से ये भी जानी है कि ओवर
03:47टाइम को लेकर जो ये कह रहे हैं पचास रुपे तो क्या पचास रुपे इनकी सेलरी दिहारी के हिसाब से
03:52या उसमें कोई बढ़ाओतरी के साथ इने मिलता है और अगर �
03:54चुट्टी वाले दिन भी अगर काम कर रहे हैं तो उसका क्या अतिरिक्त भुक्तान इने हो रहा है डवल ट्रुपल
03:59सेलरी की जो बात कही जा रही है अगर आपका वर्किंग डे नहीं है उस पर इनकी क्या राय है
04:04और उनके साथ क्या हो रहा है
04:08एक मान तो यह जो ओवर टाइम में निश्टा है आप तो यह 50 रुपर किस रहा है पचास रुपर
04:15किस रहा है पचास रुपर तो आपकी साली कितनी है
04:30जहनेगा नहीं थीसे ही दिवेड है चपिछ सो कोई डिवेड है ऑग अगर चुटी वाले किन काम करते हैं तो
04:39उसका अबर टाइम मिलता नहीं है
04:40जितना सब्सक्राइट अमें चाहर सुपर के हमारी घाल्याón ड़ाह आध्य आठ्याट और वह जाता है
04:49तो 55 गंट हमको बटे मिलता है
04:55मुकुद सुन पा रहे हैं आपके हमको
04:56जी जी बिल्कुल शिवन जी
04:59ये इनकी बाते हैं सीदी सीदी
05:02बात ये कि भर्यातल पर नहीं है
05:04मुकुद बास्तिक बात है
05:05मान है सरकार की मांगा
05:06उम्मीद है कि आंदोलन के बाद
05:07जी आवास तो उठेगी उठी
05:11बिल्कुल शिवन जी के कुछ
05:13नज़र आ रहा है तो सीधी से
05:15आप कहा सकते हैं वो दर्द मजदूरों का जलकता
05:17नज़र आ रहा है जहां सरकार ने
05:19एलान कर दिये मीडिया हैडलाइन्स में
05:21आ गया आपने कही सोचल मेडिया प्लैटफॉर्म्स पर
05:23देख लिया होगा कि भाई अगर आप
05:25अपने वर्किंग आर्ट के बाद यानि कि
05:27ओवर टाइम कर रहे हैं तो उसके आपको डवल सैलरी
05:29मिलने वाली है डवल यानि आपको पे किया जाना है
05:31जैसके एक करमचारी साथी ने बताया
05:34कि 50 रुपे उसकी सैलरी के घंटे के हिसाब से मिलता है
05:37जो कि काईदे से अगर सैलरी के हिसाब सी भी है
05:39तो वो 100 रुपे होनी चाहिए
05:40इसके अतरिक छुट्टी को लेकर भी सरकार का एलान है
05:43कि हफ़ते की एक छुट्टी होगी
05:45लेकिन अगर उस छुट्टी के दिन
05:46किसी भी कारणवश कोई कमपनी कोई संस्थान
05:49उस करमचारी से काम चाहती है
05:51महंताना उसको डबल देना पड़ेगा
05:53पर इस पर कितना काम होगा
05:55इस पर अभी भी शन्शय बना हुआ है
05:57जैसा कि शिव इंजिनियर फीर्ड से हम समझाया
05:59करमचारी भाईयों से जाननी की कोशिश की
06:01साथियों से जाननी की कोशिश की हमने
06:02कि उनके साथ आकर हूँ क्या रहा है
06:04और धरातल पे इस्थिती बिलकुल अलग है
06:07आपने कारवाई की बात की
06:08उपर से ओर्डर आया
06:10योग्यादितेनात ने जिलादिकारी को फोन घुमाया
06:12वहाँ से कारवाई की बात की गई
06:14बैठकी की बात की गई
06:15लेकिन उस बैठक में फाइनल
06:18जो भी आपके पास एक फैरिस्त आती है
06:20उस फैरिस्त के हिसाब से धरातल पे
06:22यानि की जब आप फैरिस्त में जाएंगे
06:24ऑफिस्स में जाएंगे तो इस थिती बिलकुल
06:26उलट है परे है हाँ शिविन जी
06:31जो बात ही वही बात है कि
06:32इनका जो ओवर टाइम है वो इनकी
06:34सेल्डी के साफ से कैट्वरिट के जाता है
06:36उस साफ से एक घंटे का लिया जाता है
06:38लेकिन पही चीजी हैं
06:41अतना ही नहीं है
06:42इनका कहना यह कि जो लगातार
06:44जो ओवर टाइम कराय जाता है
06:45लगातार बीच में ब्रेक नहीं भी आजाता है
06:48अगर यह आईए आईयो
06:50और इनकी जो टार्गेट्स है
06:52ते अब बताएजिए भाघ्जार इस बात करना चाहता यह कंपनेया जो हैं हमारा दीजिघ इनको सिंगल यह नहीं है
07:10इतना हो रहा है कोई तयार नहीं हैं सर्कार सुनती है नियु अन्हें जरण काफै powdered उइ 잠ड को निया
07:22हुए लेकिन आपके हाथ में कुछ नहीं आता है उन्हें आते हैँ उन्हें तंड़ पास दो परकार के कागच होते
07:33हैं एक में जफा çünkü
07:45अगर कोई बोलेगा उसे निकाल देगा अगर कोई बोलेगा उसे निकाल देगा तो अब सरी किसी की कमपणी में डबल
07:54दिखाएंगे परकरों को सिंगल देते हैं
08:01हमारी कैस एक जार रुपय काता है कि सार कोई बताना हमें डबल मिलता हमसे और टाइम नहीं किया जाता
08:23है
08:24हम लोगों को डर से बोलना पड़ता है तो हम लोग काम कर पाते हैं नहीं तो कंपनी साम लोगों
08:28को निकाल दिया जाता है
08:58आज हिम्हत कैसे जुटा ली है।
09:04इसके निग्रानी करनी पड़ेगी आज़कारियों को मंत्रीयों को क्योंकि कागज में वो सब कुछ हो रहा है जो कानून है
09:11जो सरकार का अधेस है जैसा है बता रहे हैं और जब यह लोग अलग अलग हैं इनकी बुठी बंद
09:16नहीं है जो अलग अलग है तो इने तुरत महां से
09:19इनको बाहर निकाला जाता है गेट पास बनाए जाता है कि चलिए उठीए जाई गेट परदवाइस को निकाल दीजे अगर
09:25कोई बोलता है आज इन्होंने हमद जुटा लिए अब मजदूर है उसकी आगए रोटी का जोगा बो यहां बहार से
09:31आके रहरा को यहार से को यू�
09:48वोटिस नहीं कोई नहीं कोई समय नहीं वो जो तरीका है शिकायत बिटी को लेकर भी मैं चाहूंगा शिविन जी
09:53आप एक सवाल ले ले हमारे करमचारियों से सरकार झे जो फैसला किया है कि शिकायत पीटी भी निवारे होनी
10:00चाहिए जब हम फैक्टरी की बात करते हैं बह�
10:25बनी है संडेवल मिलता कुछ नहीं है
10:51पूरा किया जाता है शिकायट पेटी है आप बहुत कर सकते हो लेकिन जो सिकायट सुनने वाला है जब वो
10:58आएगा तो ये बता रहे हैं कि बहुत सिकायट पेटी वाली सिकायट उस तक नहीं पहुच्छी बात नमबर एक और
11:04जो बोलना चाहते तो अलग-अलग चुकी इनके �
11:06कच्ची दुनिया है दुनिया बहुत कच्ची है कि अभी गया तो भी जिन्दगी विकार स्वलक पे आना मतलब हालात यह
11:15बच्चे बच्चे लेके कात तुरंच जाए तो उस समय का डराद ये लो एकत रुए मुट्टी बंदी हिम्मत कर ली
11:21अब ये फिर जब ये अंदोलन
11:22खतम होगा आज ताजा हो गया लेकिन वो काग्जों पे दो तीज़े देखनी पड़ेंगी यहां पे मंत्रियों सरकार को कि
11:29जो काग्जों पे दिखा रहा है हो यह मजिस्टेट पर ऐसी चीज बनाएगा अलग अलग बुला गए पूचा जाए इनकी
11:34बात गोपनी रखी जा
11:47इनका कहना है कि सरकार के जो नियम आते हैं जैसा कि दोगुना पे करना ओवर टाइम के लिए छुट्टी
11:54वाले दिन अगर कोई करमचारी आता है तो उसको भी दोगुना पे करना बोनस की बात सैलरी टाइम पर आना
12:00शिकायत पीटी यह सारी बातें जैसा कि आपने हमें एक �
12:04भी जी थी ग्राउंट से बाते निकलवाते हुए फैक्टरी मालिकों का कहना है कि भाई हम तो लगातार वही काम
12:10कर रहे हैं जो सरकार की योजना है जो सरकार ने एक फैरिस्त बनाई है कि यह यह रहत मिलने
12:15वाली है उसमें डवल पे करना हो या फिर बस की सुविदा हो या �
12:33यही तो साड़े मामले की जड़ है में एक तरफ कर्मचारियों की अपनी साइड है उनका अपना पक्ष है बूसरी
12:41तरफ फैक्टरी मालिक का फैक्टरी परबंधन का अपना पक्ष है जोनों अपनी अपनी जगह पर सही साउंड करते हैं जहां
12:48तक कंप्लियांस की बात है ज
13:02मैं पर सेल्डी मिलनी चाहिए वहां पर शिकायद को सारे के सारे कंप्लैंस कि जा रहा है
13:14करीब मैं जिस राफ्तिय से आज आ रहा था वहां पर करीब मुझे लगता है कि 30-40 ऐसी कोटी
13:21बरी यूनिट्स होंगी और मुझे दो के अंदर जाने का भी मौका मिला मैंने प्रबंधन से बात करने ही कोशिस
13:29की उन लोगों ने प्रबंधन का कहना है कि जो सरकार के द्वारा �
13:33इसने भी नियम बनाए गए हैं सारे नियमों का पालन किया जा रहा है उन्हीं कंपनी कहीं भी डिफॉल्टर नहीं
13:40है रही बात सेलरी बरहने की मांग को ले करके तो सेलरी समय समय पर रिवाइज जाता है इस बार
13:48भी जब सेलरी का रिवीजन होगा तो उसको फॉलो किया जा
14:03लिए एक नियामत बनाया है एक डिवाइज कर दी जबकि वह युक्षि के नहीं हुआ है अब पगल के राज
14:15नहीं हो गया है यह सारे
14:30सारे मामले की जड़ है किसी बात पर जो फैक्टरी के मजदूर है वो भी सहमत है कि अगर हरियाना
14:36में बढ़ रहा है तो यूबी में इस बर रहा है ये तो एक बात हो गई है कि अभी
14:44भी जो सेल्री है एक
14:49पर लगाया गया है इस ग्रेड में काम करने वाले वेक्टिर की बैसिक चैलरी इतनी होती है उनको मिलता है
14:57इस सारी चीजे तो जब मैंने फैक्टरी वरकर्स से पूछा कि भाई फैक्टरी ने तो सब कुछ लिख रखा है
15:05सामने आपको यह सारी चीजे नहीं
15:07मिलती है तो उनका कहना था कि यह आंख्रे जो हैं वो फर्जी है उन्होंने बोड़ पर तो लिख रखा
15:13है लेकिन उन्हें जो रकम मिलती है जो सुविधा और वेतन नहीं मिलता है तो यह जो विसंगती है अब
15:27जो एक कोई सक्षम ऑथरीटी हो जो कॉम्पिटेंट ऑथरीटी
15:31हो सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और एक कॉम्पिटेंट ऑथरीटी से पूरे मामले की जाच करवानी चाहिए अभी
15:39भी आप सुन रहे थे इसी लाइब में हमारे साथी स्वेंद्र जी है वो जिन मज़दूरों के साथ हैं वो
15:45कह रहे हैं कि फैट्री दो तरह के डॉ
15:51को फॉलो करते हुए दूसरे डॉकुमेंट्स होते हैं जिस पर रियल ट्रांजक्शन होता है अब आंतरिक तौर पर मामला क्या
15:58है ये तो जब जाच होगी कोई सक्षम अधिकारी इसकी जाच करेंगे तभी पता चल पाएगा लेकिन आज की तारीक
16:05में ग्रेटर नोइडा से
16:07नोइडा या फिर दिल्ली एंसियार के दूसरे हिस्ते से नोइडा अगर आना जाना चाहते हैं तो ये बहुत ही मुश्किल
16:14है
16:17और मैं जोड़ दूसमें फिर आप मैं चाहूँ पूरा जवाब देजिए फिर शिवन जी के पास चड़ेंगे
16:22मांगू को लेकर हमने शिवन जी से भी सवाल किया था कि कई मांगे ऐसी हैं जिसमें लगभग देखा जा
16:28रहा है कि पूरी हो गए उसमें डवल पे की बात है उसमें बात महिलाओं की सुरक्षा को लेकर है
16:33शिकायत बीटी वाली बात हो चुट्टी वाली बात हो लेकिन अब
16:36और कौन सी मांगे ऐसी बची है जिनको लेकर ये प्रदेशन कहीं कहीं हमें नजर आ रहा है कई अगल
16:41प्रैफिक भी इस चक्कर में हमें बाधित कई जगहों पर दिखाई दे रहा है या फिर सिर्फ यहां पर भी
16:46वही समस्या है कि कागजों में जारी हो गया है धरातल पर कब �
16:51लाग होगा जब तक लागू नहीं होगा हटेंगे रहे यह हैं अब मांगे तारिक है में सटरडे को बंधकर दिया
17:18गया है
17:18बहले Saturday को काम चलता था तो उसका overtime इने मिलता था
17:22अब Saturday Sunday काम बंद कर दिया है तो overtime इनका बंद हो गया है
17:27आमदनी और कम हो गई है उनकी
17:29जो यह मांग कह रहे हैं वो सरकार ने मान ली है
17:32कि हर एक फैक्टरी को अपने कर्मचारियों को दस महीने की दसवी तारिख तक सैलरी देना जबूरी हो जाएगा, ओवर
17:40टाइम का डबल पैसा देना होगा, बोनस की दे उनके काचे में आएंगे, महिलाओं की शिकायतों के लिए पॉस्ट कमीटी
17:47बनाई जाए, ये सरकार ने स
18:02खिलाप ये प्रोटेस्ट कर रहे हैं, अब क्या मैनेजमेंट ने उनकी ये सारे ग्रिवांस को मान ली है, तो मैंने
18:08जिन फैक्टरी के बात की है, उन्होंने कहाँ, वो तो पहले ही सारे कॉल्व कर रहे हैं, ये सामने में
18:16था मैं नाम नहीं लेना चाहुंगा, उसके प्रव
18:33अभी डिमांड कम है जो जियो पॉलिटिकल सिच्वेशन बना है उसकी वज़ासे यहां पर एक्सपोर्ट का काम होता है हम
18:42लोग जानते हैं तो बाहर माल आने जाने में अभी अस्विधा हो रही है तो इसलिए उनके पास काम कम
18:48है अब उनके पास दो अपसन थे या तो वो अ�
19:02काम बंद करते हैं तो इसने जो हमारे ओवरेड कॉस्ट हैं वो बचते हैं जैसे कि बिजली पानी यह इंटरनेट
19:12इंफ्रास्ट्रक्चर का जो कॉस्ट है वो बच जाता है जो पैसे इंपलाई को सैलरी देने में काम आता है तो
19:20फैक्ट्री मैनेजमेंट का कहना यह है कि इस
19:32इन मुश्किलों में उनकी वो कमाई भी बंद हो गई है, तो इसलिए उनका प्रतिरोध चल रहा है, यह जो
19:41गैप है, वो कैसे गैप मैनेज होगा, यहाँ पर सरकार की भूमिका बहुत अहम हो जाती है, और खासकर नोईडा
19:48जैसी इस्थिती, जैसा कि मैंने देखा है, बहुत
19:52ही कठिन, इस्थिती है, मैं खुद चार सारे चार घंटे तक उसमें फसा रहा, आप लोगों से कॉंटेक्ट करने की
19:58भी मैं कोशिश कर रहा था, लेकिन जैमर लगे हुए ते जगे-जगे, फोन भी नहीं हो रहा था, मैसेज
20:03नहीं जा रहे थे, पुलिस की गाड़ी को गिर
20:24जो डेली कम्यूटर्स होते हैं, वो फसे हुए थे, जरूरत मंद लोग फसे हुए थे, यहां तक की अस्पताल के
20:31वहन भी फसे हुए थे, लेकिन उनको देखने वाला, रास्ता खाली कराने वाला, कोई नहीं था, मजदूर अपनी मांग पर
20:38वाजिब है, लेकिन मजदूरो
20:40को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए, कि जो आवशक शुधाय हैं, एंबूलेंस हैं, बीमार आदमी हैं, जरूरत मंद
20:46हैं, उनके रास्ते में यह से अवरोध पैदाना करें, खैर वो अपनी डिमांड मनमाने के लिए ब्लैक मेल तो करेंगे
20:53ही, लेकिन सरकार नाम की ची
21:09जिन है, जी, बिल्कुल सर, अब सर यही समझना चाहें कि हम आपसे कि जैसे कि मजदूरों का यह पूरा
21:17अंशन चल रहा है, पूरी हिंसा वाली आख पसरी हुई है, अंत कहां तक देख पा रहे हैं, क्योंकि जैसकि
21:23फैक्टरी मालिकों से बात करो, मजदूरों से बात करो, �
21:26तो दोनों की बातों में इतना अंतर है, क्या उमीद कर सकते हैं, कि शाम होते होते यह प्रदेशन शायद
21:31अब चट जाएगा, या फिर अभी और दिल्ली वाले, दिल्ली अंसियार वाले इस ट्राफिक में फंस से नज़र आएंगे, परिशान
21:37रहेंगे, मुकुन यह समस्या
21:38पिछले दो-तीन दिनों से चल रही है, मैंने फ्रबंधन से पूछा कि आप करमचालियों में ऐसा घरोसा क्यों नहीं
21:44भाल करते हैं, उनसे बात क्यों नहीं करते हैं, तो उनका कहना थे कि हम लगाता हैं, वो अपनी मांगों
21:51पर डटे हुए है, हैक्टरी मालिक का कहना है, अ
22:07मजदूरों का जो कहना है, सेलरी रिवीजन होता है साल में दूर बाल, और पिछले साल भी, इस साल भी
22:14सेलरी रिवाइज हुआ है, लेकिन मजदूरों का कहना है कि दिवाली के मौके पे उनकी सेलरी रिवीजन हुई, जिसमें उनकी
22:21बढ़ोतरी औसतन एक रुपे थी, इसी
22:35कि रोजगार का मखौल उड़ाना हो गया
22:38कि आप एक पर की बढ़ोतरी कर रहे हैं
22:40सांकेतिक बढ़ोतरी का कुल मुल्य है
22:42कि आप इस देश में और जिस तरह से
22:44महंगाई बढ़ी है जिस तरह से
22:45चीजे बदल रही है निस्चित रूप से
22:47वो लोग भी आर्थिक दवाव महसूस
22:49कर रहे हैं इसी लिए वो सर को पर उतर आए
22:51प्रिशव जी आपके पास वापिस लोटेंगे
22:53शिविन जी वेट कर रहे हैं शिविन जी
22:55आप से एक नया सवाल और मैं चाहूंगा
22:58जो करमचारी आपके आई इर्द इर्द हैं
22:59वो भी इस पर अपनी बात रखने कोशिश करें
23:01बोनस को लेकर बोनस सुनते ही
23:03आँखों में चमक आती है वो करमचारी हो
23:05मज़ूर हो किसी भी वर्ग का
23:07बोनस को लेकर क्या चल रहा है इनकी कंपनियों में
23:10इनकी फैक्टरीज में क्योंकि जो नई
23:27नियम ओ के तहर बोनस को भी बात होती है
23:30करसे जबाली ओस तो
23:52subscribe to One India and never miss an update
23:58Download the One India app now.
Comments