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Noida Workers Protest: मज़दूरों को बोनस में 'टीन का टिफिन' और ₹50 ओवरटाइम, योगी का कंपनियों पर बड़ा हंटर!
नोएडा की सड़कों पर मज़दूरों का गुस्सा ऐसा फूटा कि पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा, जानिए आखिर योगी सरकार ने कंपनी मालिकों को कौन सी 4 कड़ी शर्तें दी हैं?

The video highlights the massive protest by factory workers in Noida over salary hikes and poor working conditions. Amidst clashes with the police, the workers expressed their frustration over receiving "tin tiffins" as bonuses and meager overtime pay. Following the unrest, UP CM Yogi Adityanath has intervened, issuing strict directives to company owners to address the workers' grievances and implement fair labor practices.

#NoidaWorkersProtest #YogiAdityanath #UPNews #OneindiaHindi

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Transcript
00:00शिवन जीन से जानने कुशिश कीजिए कि एलान तो हो गया जो इनकी मांगे दिलंगक उन मांगों पर काम भी
00:05शुरू हो गया जिसे कि ये करमचारी साथी बता भी रहे थे कि सरकार ने एलान की है लेकिन कंपनिया
00:10उनका पालन नहीं कर दिए तो आगे कभी इनका कोई प्लैन ह
00:12क्या इस प्रोटेस्ट को बढ़ाने का जब तक सरकार या उसका कोई नुमाइंदा नहीं आकर फिल्ड पर जाने असलियत क्या
00:19है
00:22जो सरकार ने एलान किया है आपनों की मांगे मानी ही लेकिन यहां पर कंपनी जा बता रहा है कि
00:29अगर सरकार एलान करती रहती है
00:45है और यहां पर आपको धरातल पर नहीं मिलता अभी आपसे कोई बात भी नहीं किया है तो आगे क्या
00:51रणनी पी शप्राइन जो सरकार आगे बढ़कि आ
01:08लेकिन इनका कोई अचार टीम का सुझस या इनका लगला कंपनियों को बाहर आके इनको नहीं कहता कि आओ काम
01:14करो आपकी वांगे हो गई हैं उसको देखेंगे
01:16क्यानि कि धरातल पर कोई सुद्बगाट नहीं है सरकार की तरफ से एलान होता है जमीन पर जो इस्टिती है
01:23यह लोग खड़े हुआ इनका कहना यही है कि जब तक वास्तम में नहीं होगा जो एलान हुआ है वो
01:29कंपनियें यहाँ पर धरातल पर नहीं आएंगे जब तक विस आ
01:46काम नहीं का रहे हैं तीधा देखिया दो टू करें हैं है और 11,000 मिला है 11,12,000
01:55मिला है और यहाँ पर यहाँ प्रकार करी है मिलेगा लेकिन कंपनी बार कुछ प्गैदर करो पॉन करके पुड़ाया भी
02:07बढ़ा हुआ है
02:09हर चीज पर में गाई है वहारी तरह पर यहाँ पर जाएंगे तो बात बही है सब्की सारे मज़्जूरों की
02:21सहेंगी जो है जो है जो दस से सौदा 13,000 के बीच और जिस तरह बता रहे हैं रहना
02:27है आप नोईडा जैसे सहर में जो यह लह रहते हैं बताते हैं पांस से स्थे �
02:31जार के बीच में घर है इस साल उसका भी किराया पांस से बड़ा है और यहां की जो आटों
02:39से जो अगर कहीं रहते हैं वहां से आते हैं तो वह भी बड़ा है और सबसे बड़ी चीज जो
02:45हो गई है खाना जिसको चाहते हैं
03:05अगर हमारे जो घर में हम घैस लाते हैं तो वह भी 400 रुपे के आसपास हो गई और अगर
03:11बाहर खाना चाहते हैं तो
03:13दो पराचे से अपना पेट भरना चाहते हैं तो 70 रुपे के दो पराचे होगा इनके मिलते थे खाने के
03:19दाम बढ़ गए चाय के दाम बढ़ एक चीज यह आ रही है
03:31अब जो आइलान किया आपको लगता आप तो मिलना थी सरकार मिलना चाहिए जरूर हमको ज़रूर होना चाहिए आट गंटे
03:37की कम से कम दीजार होना चाहिए
03:42बढ़ जाने चाहिए लेकिन मिले हाथ में तब जाने ना शिविन जी इन से ये भी जानी है कि ओवर
03:47टाइम को लेकर जो ये कह रहे हैं पचास रुपे तो क्या पचास रुपे इनकी सेलरी दिहारी के हिसाब से
03:52या उसमें कोई बढ़ाओतरी के साथ इने मिलता है और अगर �
03:54चुट्टी वाले दिन भी अगर काम कर रहे हैं तो उसका क्या अतिरिक्त भुक्तान इने हो रहा है डवल ट्रुपल
03:59सेलरी की जो बात कही जा रही है अगर आपका वर्किंग डे नहीं है उस पर इनकी क्या राय है
04:04और उनके साथ क्या हो रहा है
04:08एक मान तो यह जो ओवर टाइम में निश्टा है आप तो यह 50 रुपर किस रहा है पचास रुपर
04:15किस रहा है पचास रुपर तो आपकी साली कितनी है
04:30जहनेगा नहीं थीसे ही दिवेड है चपिछ सो कोई डिवेड है ऑग अगर चुटी वाले किन काम करते हैं तो
04:39उसका अबर टाइम मिलता नहीं है
04:40जितना सब्सक्राइट अमें चाहर सुपर के हमारी घाल्याón ड़ाह आध्य आठ्याट और वह जाता है
04:49तो 55 गंट हमको बटे मिलता है
04:55मुकुद सुन पा रहे हैं आपके हमको
04:56जी जी बिल्कुल शिवन जी
04:59ये इनकी बाते हैं सीदी सीदी
05:02बात ये कि भर्यातल पर नहीं है
05:04मुकुद बास्तिक बात है
05:05मान है सरकार की मांगा
05:06उम्मीद है कि आंदोलन के बाद
05:07जी आवास तो उठेगी उठी
05:11बिल्कुल शिवन जी के कुछ
05:13नज़र आ रहा है तो सीधी से
05:15आप कहा सकते हैं वो दर्द मजदूरों का जलकता
05:17नज़र आ रहा है जहां सरकार ने
05:19एलान कर दिये मीडिया हैडलाइन्स में
05:21आ गया आपने कही सोचल मेडिया प्लैटफॉर्म्स पर
05:23देख लिया होगा कि भाई अगर आप
05:25अपने वर्किंग आर्ट के बाद यानि कि
05:27ओवर टाइम कर रहे हैं तो उसके आपको डवल सैलरी
05:29मिलने वाली है डवल यानि आपको पे किया जाना है
05:31जैसके एक करमचारी साथी ने बताया
05:34कि 50 रुपे उसकी सैलरी के घंटे के हिसाब से मिलता है
05:37जो कि काईदे से अगर सैलरी के हिसाब सी भी है
05:39तो वो 100 रुपे होनी चाहिए
05:40इसके अतरिक छुट्टी को लेकर भी सरकार का एलान है
05:43कि हफ़ते की एक छुट्टी होगी
05:45लेकिन अगर उस छुट्टी के दिन
05:46किसी भी कारणवश कोई कमपनी कोई संस्थान
05:49उस करमचारी से काम चाहती है
05:51महंताना उसको डबल देना पड़ेगा
05:53पर इस पर कितना काम होगा
05:55इस पर अभी भी शन्शय बना हुआ है
05:57जैसा कि शिव इंजिनियर फीर्ड से हम समझाया
05:59करमचारी भाईयों से जाननी की कोशिश की
06:01साथियों से जाननी की कोशिश की हमने
06:02कि उनके साथ आकर हूँ क्या रहा है
06:04और धरातल पे इस्थिती बिलकुल अलग है
06:07आपने कारवाई की बात की
06:08उपर से ओर्डर आया
06:10योग्यादितेनात ने जिलादिकारी को फोन घुमाया
06:12वहाँ से कारवाई की बात की गई
06:14बैठकी की बात की गई
06:15लेकिन उस बैठक में फाइनल
06:18जो भी आपके पास एक फैरिस्त आती है
06:20उस फैरिस्त के हिसाब से धरातल पे
06:22यानि की जब आप फैरिस्त में जाएंगे
06:24ऑफिस्स में जाएंगे तो इस थिती बिलकुल
06:26उलट है परे है हाँ शिविन जी
06:31जो बात ही वही बात है कि
06:32इनका जो ओवर टाइम है वो इनकी
06:34सेल्डी के साफ से कैट्वरिट के जाता है
06:36उस साफ से एक घंटे का लिया जाता है
06:38लेकिन पही चीजी हैं
06:41अतना ही नहीं है
06:42इनका कहना यह कि जो लगातार
06:44जो ओवर टाइम कराय जाता है
06:45लगातार बीच में ब्रेक नहीं भी आजाता है
06:48अगर यह आईए आईयो
06:50और इनकी जो टार्गेट्स है
06:52ते अब बताएजिए भाघ्जार इस बात करना चाहता यह कंपनेया जो हैं हमारा दीजिघ इनको सिंगल यह नहीं है
07:10इतना हो रहा है कोई तयार नहीं हैं सर्कार सुनती है नियु अन्हें जरण काफै powdered उइ 잠ड को निया
07:22हुए लेकिन आपके हाथ में कुछ नहीं आता है उन्हें आते हैँ उन्हें तंड़ पास दो परकार के कागच होते
07:33हैं एक में जफा çünkü
07:45अगर कोई बोलेगा उसे निकाल देगा अगर कोई बोलेगा उसे निकाल देगा तो अब सरी किसी की कमपणी में डबल
07:54दिखाएंगे परकरों को सिंगल देते हैं
08:01हमारी कैस एक जार रुपय काता है कि सार कोई बताना हमें डबल मिलता हमसे और टाइम नहीं किया जाता
08:23है
08:24हम लोगों को डर से बोलना पड़ता है तो हम लोग काम कर पाते हैं नहीं तो कंपनी साम लोगों
08:28को निकाल दिया जाता है
08:58आज हिम्हत कैसे जुटा ली है।
09:04इसके निग्रानी करनी पड़ेगी आज़कारियों को मंत्रीयों को क्योंकि कागज में वो सब कुछ हो रहा है जो कानून है
09:11जो सरकार का अधेस है जैसा है बता रहे हैं और जब यह लोग अलग अलग हैं इनकी बुठी बंद
09:16नहीं है जो अलग अलग है तो इने तुरत महां से
09:19इनको बाहर निकाला जाता है गेट पास बनाए जाता है कि चलिए उठीए जाई गेट परदवाइस को निकाल दीजे अगर
09:25कोई बोलता है आज इन्होंने हमद जुटा लिए अब मजदूर है उसकी आगए रोटी का जोगा बो यहां बहार से
09:31आके रहरा को यहार से को यू�
09:48वोटिस नहीं कोई नहीं कोई समय नहीं वो जो तरीका है शिकायत बिटी को लेकर भी मैं चाहूंगा शिविन जी
09:53आप एक सवाल ले ले हमारे करमचारियों से सरकार झे जो फैसला किया है कि शिकायत पीटी भी निवारे होनी
10:00चाहिए जब हम फैक्टरी की बात करते हैं बह�
10:25बनी है संडेवल मिलता कुछ नहीं है
10:51पूरा किया जाता है शिकायट पेटी है आप बहुत कर सकते हो लेकिन जो सिकायट सुनने वाला है जब वो
10:58आएगा तो ये बता रहे हैं कि बहुत सिकायट पेटी वाली सिकायट उस तक नहीं पहुच्छी बात नमबर एक और
11:04जो बोलना चाहते तो अलग-अलग चुकी इनके �
11:06कच्ची दुनिया है दुनिया बहुत कच्ची है कि अभी गया तो भी जिन्दगी विकार स्वलक पे आना मतलब हालात यह
11:15बच्चे बच्चे लेके कात तुरंच जाए तो उस समय का डराद ये लो एकत रुए मुट्टी बंदी हिम्मत कर ली
11:21अब ये फिर जब ये अंदोलन
11:22खतम होगा आज ताजा हो गया लेकिन वो काग्जों पे दो तीज़े देखनी पड़ेंगी यहां पे मंत्रियों सरकार को कि
11:29जो काग्जों पे दिखा रहा है हो यह मजिस्टेट पर ऐसी चीज बनाएगा अलग अलग बुला गए पूचा जाए इनकी
11:34बात गोपनी रखी जा
11:47इनका कहना है कि सरकार के जो नियम आते हैं जैसा कि दोगुना पे करना ओवर टाइम के लिए छुट्टी
11:54वाले दिन अगर कोई करमचारी आता है तो उसको भी दोगुना पे करना बोनस की बात सैलरी टाइम पर आना
12:00शिकायत पीटी यह सारी बातें जैसा कि आपने हमें एक �
12:04भी जी थी ग्राउंट से बाते निकलवाते हुए फैक्टरी मालिकों का कहना है कि भाई हम तो लगातार वही काम
12:10कर रहे हैं जो सरकार की योजना है जो सरकार ने एक फैरिस्त बनाई है कि यह यह रहत मिलने
12:15वाली है उसमें डवल पे करना हो या फिर बस की सुविदा हो या �
12:33यही तो साड़े मामले की जड़ है में एक तरफ कर्मचारियों की अपनी साइड है उनका अपना पक्ष है बूसरी
12:41तरफ फैक्टरी मालिक का फैक्टरी परबंधन का अपना पक्ष है जोनों अपनी अपनी जगह पर सही साउंड करते हैं जहां
12:48तक कंप्लियांस की बात है ज
13:02मैं पर सेल्डी मिलनी चाहिए वहां पर शिकायद को सारे के सारे कंप्लैंस कि जा रहा है
13:14करीब मैं जिस राफ्तिय से आज आ रहा था वहां पर करीब मुझे लगता है कि 30-40 ऐसी कोटी
13:21बरी यूनिट्स होंगी और मुझे दो के अंदर जाने का भी मौका मिला मैंने प्रबंधन से बात करने ही कोशिस
13:29की उन लोगों ने प्रबंधन का कहना है कि जो सरकार के द्वारा �
13:33इसने भी नियम बनाए गए हैं सारे नियमों का पालन किया जा रहा है उन्हीं कंपनी कहीं भी डिफॉल्टर नहीं
13:40है रही बात सेलरी बरहने की मांग को ले करके तो सेलरी समय समय पर रिवाइज जाता है इस बार
13:48भी जब सेलरी का रिवीजन होगा तो उसको फॉलो किया जा
14:03लिए एक नियामत बनाया है एक डिवाइज कर दी जबकि वह युक्षि के नहीं हुआ है अब पगल के राज
14:15नहीं हो गया है यह सारे
14:30सारे मामले की जड़ है किसी बात पर जो फैक्टरी के मजदूर है वो भी सहमत है कि अगर हरियाना
14:36में बढ़ रहा है तो यूबी में इस बर रहा है ये तो एक बात हो गई है कि अभी
14:44भी जो सेल्री है एक
14:49पर लगाया गया है इस ग्रेड में काम करने वाले वेक्टिर की बैसिक चैलरी इतनी होती है उनको मिलता है
14:57इस सारी चीजे तो जब मैंने फैक्टरी वरकर्स से पूछा कि भाई फैक्टरी ने तो सब कुछ लिख रखा है
15:05सामने आपको यह सारी चीजे नहीं
15:07मिलती है तो उनका कहना था कि यह आंख्रे जो हैं वो फर्जी है उन्होंने बोड़ पर तो लिख रखा
15:13है लेकिन उन्हें जो रकम मिलती है जो सुविधा और वेतन नहीं मिलता है तो यह जो विसंगती है अब
15:27जो एक कोई सक्षम ऑथरीटी हो जो कॉम्पिटेंट ऑथरीटी
15:31हो सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और एक कॉम्पिटेंट ऑथरीटी से पूरे मामले की जाच करवानी चाहिए अभी
15:39भी आप सुन रहे थे इसी लाइब में हमारे साथी स्वेंद्र जी है वो जिन मज़दूरों के साथ हैं वो
15:45कह रहे हैं कि फैट्री दो तरह के डॉ
15:51को फॉलो करते हुए दूसरे डॉकुमेंट्स होते हैं जिस पर रियल ट्रांजक्शन होता है अब आंतरिक तौर पर मामला क्या
15:58है ये तो जब जाच होगी कोई सक्षम अधिकारी इसकी जाच करेंगे तभी पता चल पाएगा लेकिन आज की तारीक
16:05में ग्रेटर नोइडा से
16:07नोइडा या फिर दिल्ली एंसियार के दूसरे हिस्ते से नोइडा अगर आना जाना चाहते हैं तो ये बहुत ही मुश्किल
16:14है
16:17और मैं जोड़ दूसमें फिर आप मैं चाहूँ पूरा जवाब देजिए फिर शिवन जी के पास चड़ेंगे
16:22मांगू को लेकर हमने शिवन जी से भी सवाल किया था कि कई मांगे ऐसी हैं जिसमें लगभग देखा जा
16:28रहा है कि पूरी हो गए उसमें डवल पे की बात है उसमें बात महिलाओं की सुरक्षा को लेकर है
16:33शिकायत बीटी वाली बात हो चुट्टी वाली बात हो लेकिन अब
16:36और कौन सी मांगे ऐसी बची है जिनको लेकर ये प्रदेशन कहीं कहीं हमें नजर आ रहा है कई अगल
16:41प्रैफिक भी इस चक्कर में हमें बाधित कई जगहों पर दिखाई दे रहा है या फिर सिर्फ यहां पर भी
16:46वही समस्या है कि कागजों में जारी हो गया है धरातल पर कब �
16:51लाग होगा जब तक लागू नहीं होगा हटेंगे रहे यह हैं अब मांगे तारिक है में सटरडे को बंधकर दिया
17:18गया है
17:18बहले Saturday को काम चलता था तो उसका overtime इने मिलता था
17:22अब Saturday Sunday काम बंद कर दिया है तो overtime इनका बंद हो गया है
17:27आमदनी और कम हो गई है उनकी
17:29जो यह मांग कह रहे हैं वो सरकार ने मान ली है
17:32कि हर एक फैक्टरी को अपने कर्मचारियों को दस महीने की दसवी तारिख तक सैलरी देना जबूरी हो जाएगा, ओवर
17:40टाइम का डबल पैसा देना होगा, बोनस की दे उनके काचे में आएंगे, महिलाओं की शिकायतों के लिए पॉस्ट कमीटी
17:47बनाई जाए, ये सरकार ने स
18:02खिलाप ये प्रोटेस्ट कर रहे हैं, अब क्या मैनेजमेंट ने उनकी ये सारे ग्रिवांस को मान ली है, तो मैंने
18:08जिन फैक्टरी के बात की है, उन्होंने कहाँ, वो तो पहले ही सारे कॉल्व कर रहे हैं, ये सामने में
18:16था मैं नाम नहीं लेना चाहुंगा, उसके प्रव
18:33अभी डिमांड कम है जो जियो पॉलिटिकल सिच्वेशन बना है उसकी वज़ासे यहां पर एक्सपोर्ट का काम होता है हम
18:42लोग जानते हैं तो बाहर माल आने जाने में अभी अस्विधा हो रही है तो इसलिए उनके पास काम कम
18:48है अब उनके पास दो अपसन थे या तो वो अ�
19:02काम बंद करते हैं तो इसने जो हमारे ओवरेड कॉस्ट हैं वो बचते हैं जैसे कि बिजली पानी यह इंटरनेट
19:12इंफ्रास्ट्रक्चर का जो कॉस्ट है वो बच जाता है जो पैसे इंपलाई को सैलरी देने में काम आता है तो
19:20फैक्ट्री मैनेजमेंट का कहना यह है कि इस
19:32इन मुश्किलों में उनकी वो कमाई भी बंद हो गई है, तो इसलिए उनका प्रतिरोध चल रहा है, यह जो
19:41गैप है, वो कैसे गैप मैनेज होगा, यहाँ पर सरकार की भूमिका बहुत अहम हो जाती है, और खासकर नोईडा
19:48जैसी इस्थिती, जैसा कि मैंने देखा है, बहुत
19:52ही कठिन, इस्थिती है, मैं खुद चार सारे चार घंटे तक उसमें फसा रहा, आप लोगों से कॉंटेक्ट करने की
19:58भी मैं कोशिश कर रहा था, लेकिन जैमर लगे हुए ते जगे-जगे, फोन भी नहीं हो रहा था, मैसेज
20:03नहीं जा रहे थे, पुलिस की गाड़ी को गिर
20:24जो डेली कम्यूटर्स होते हैं, वो फसे हुए थे, जरूरत मंद लोग फसे हुए थे, यहां तक की अस्पताल के
20:31वहन भी फसे हुए थे, लेकिन उनको देखने वाला, रास्ता खाली कराने वाला, कोई नहीं था, मजदूर अपनी मांग पर
20:38वाजिब है, लेकिन मजदूरो
20:40को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए, कि जो आवशक शुधाय हैं, एंबूलेंस हैं, बीमार आदमी हैं, जरूरत मंद
20:46हैं, उनके रास्ते में यह से अवरोध पैदाना करें, खैर वो अपनी डिमांड मनमाने के लिए ब्लैक मेल तो करेंगे
20:53ही, लेकिन सरकार नाम की ची
21:09जिन है, जी, बिल्कुल सर, अब सर यही समझना चाहें कि हम आपसे कि जैसे कि मजदूरों का यह पूरा
21:17अंशन चल रहा है, पूरी हिंसा वाली आख पसरी हुई है, अंत कहां तक देख पा रहे हैं, क्योंकि जैसकि
21:23फैक्टरी मालिकों से बात करो, मजदूरों से बात करो, �
21:26तो दोनों की बातों में इतना अंतर है, क्या उमीद कर सकते हैं, कि शाम होते होते यह प्रदेशन शायद
21:31अब चट जाएगा, या फिर अभी और दिल्ली वाले, दिल्ली अंसियार वाले इस ट्राफिक में फंस से नज़र आएंगे, परिशान
21:37रहेंगे, मुकुन यह समस्या
21:38पिछले दो-तीन दिनों से चल रही है, मैंने फ्रबंधन से पूछा कि आप करमचालियों में ऐसा घरोसा क्यों नहीं
21:44भाल करते हैं, उनसे बात क्यों नहीं करते हैं, तो उनका कहना थे कि हम लगाता हैं, वो अपनी मांगों
21:51पर डटे हुए है, हैक्टरी मालिक का कहना है, अ
22:07मजदूरों का जो कहना है, सेलरी रिवीजन होता है साल में दूर बाल, और पिछले साल भी, इस साल भी
22:14सेलरी रिवाइज हुआ है, लेकिन मजदूरों का कहना है कि दिवाली के मौके पे उनकी सेलरी रिवीजन हुई, जिसमें उनकी
22:21बढ़ोतरी औसतन एक रुपे थी, इसी
22:35कि रोजगार का मखौल उड़ाना हो गया
22:38कि आप एक पर की बढ़ोतरी कर रहे हैं
22:40सांकेतिक बढ़ोतरी का कुल मुल्य है
22:42कि आप इस देश में और जिस तरह से
22:44महंगाई बढ़ी है जिस तरह से
22:45चीजे बदल रही है निस्चित रूप से
22:47वो लोग भी आर्थिक दवाव महसूस
22:49कर रहे हैं इसी लिए वो सर को पर उतर आए
22:51प्रिशव जी आपके पास वापिस लोटेंगे
22:53शिविन जी वेट कर रहे हैं शिविन जी
22:55आप से एक नया सवाल और मैं चाहूंगा
22:58जो करमचारी आपके आई इर्द इर्द हैं
22:59वो भी इस पर अपनी बात रखने कोशिश करें
23:01बोनस को लेकर बोनस सुनते ही
23:03आँखों में चमक आती है वो करमचारी हो
23:05मज़ूर हो किसी भी वर्ग का
23:07बोनस को लेकर क्या चल रहा है इनकी कंपनियों में
23:10इनकी फैक्टरीज में क्योंकि जो नई
23:27नियम ओ के तहर बोनस को भी बात होती है
23:30करसे जबाली ओस तो
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