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इस्लामाबाद में US-Iran शांति वार्ता पूरी तरह विफल! JD Vance ने दी ईरान को खुली चेतावनी, क्या अब शुरू होगा फिर से भीषण युद्ध? जानिए क्यों अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं हो सका।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पिछले 21 घंटों से चल रही अमेरिका और ईरान के बीच की ऐतिहासिक शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस (JD Vance) ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता (Deal) नहीं हो सका। वेंस ने साफ़ शब्दों में कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन अब वॉशिंगटन वापस लौट रहा है, क्योंकि ईरान ने अमेरिका के प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया।
इस वार्ता की विफलता का सबसे बड़ा कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) रहा। जे.डी. वेंस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का मुख्य लक्ष्य ईरान से एक लिखित प्रतिबद्धता लेना है कि वह कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा। हालांकि, 43 दिनों तक चले भीषण युद्ध और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) में ईरान की सैन्य क्षमता को पहुंचे भारी नुकसान के बावजूद, परमाणु मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई।
जे.डी. वेंस ने बातचीत के दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ की, लेकिन उन्होंने ईरान को चेताया कि यह विफलता ईरान के लिए बहुत भारी पड़ने वाली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विफलता के बाद मध्य-पूर्व (Middle East) में तनाव चरम पर पहुँच सकता है और दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य टकराव की स्थिति बन सकती है।#USvsIran #JDVance #IslamabadTalks #OperationEpicFury #BreakingNews #IranNuclearDeal #OneindiaHindi #WorldWar3 #MiddleEastTension #HindiNews

~HT.504~PR.514~

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00:00कि हमें एक सकारात्मक प्रतिबद्धता चाहिए कि वे परमानू हत्यार नहीं चाहेंगे और वे ऐसे उपकरण नहीं चाहेंगे जो उन्हें
00:05जल्दी परमानू हत्यार हासिल करने में सक्षम बनाएं। उन्होंने हमारी शर्तों को स्विकार न करने का फैसला किया है। तो
00:27हम ब
00:29पूरी दुनिया कर रही थी और बाचीत में जो हुआ उसने सभी को एक खतरनाक युद्ध की आग में धकिल
00:34लिया है।
00:59उन्होंने इरान पर आरोप लगाया कि इरान ने अमेरिका के दिये गए प्रस्ताव को स्विकार नहीं किया।
01:04वेंस ने पाकिस्तान की मध्यस्ता की तारीफ करते हुए कहा कि बाचीत में जो भी कमी रही वो पाकिस्तान की
01:10वज़े से नहीं है।
01:11पाकिस्तान ने बहुत अच्छा काम किया है और दोनों देशों के बीच दूरी कम करने की पूरी कोशिश की।
01:51वले कई सालों में यही राष्टपती डॉनल्ड ट्रम्प का मुख्य लक्ष है।
02:11के लिए बंद कर दे जबकि इरान अपने संप्रभू अधिकार और सुरक्षा की गारंटी मांग रहा है।
02:16विशिशग्यों का कहना है कि इस वार्ता की असफलता के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
02:22इरान पर फिर से दबा बढ़ने की आशंका है जिबकि अमेरिका भी अपना रुख और सकता है।
02:28इसलामाबाद वार्ता की नाकामी ने एक बात साफ हो गई है कि 50 साल पुराने दुश्मनी को इतनी आसानी से
02:34खत्म करना संभाव नहीं है।
02:36दोनों देश अभी एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। अब सवाल ये है क्या दोनों पक्षुफिर से
02:42बातचीत की मेज पर बैठेंगे या फिर तनाव और बढ़ेगा।
02:46उमीद यही लग रही है कि अब ये युद इतनी जल्दी रुखने वाला नहीं है।
02:51वर्तमान में स्तिती बेहद नाजुक बनी हुई है। पूरी दुनिया इस बात पर नजर रखे हुए है कि आगे क्या
02:56होता है क्योंकि इरान और अमेरिका के मीच जो भी होगा उसका असर पूरी दुनिया पर पढ़ने वाला है।
03:20पूरी दुनिया पर नहीं है।
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