00:00इंसान फिर चांद पर, 53 साल बाद जो हुआ वो सिर्फ स्पेस की कहानी नहीं है, and here we go,
00:0610, 9, 8, 7, RS-25 एंजिन लिट, 4, 3, 2, 1, बूस्टर, एगनिशन और लिफ्ट ओफ, और वो मॉमेंट
00:16आ गई जिसका पूरी दुनिया को 53 साल से इंतिजार था,
00:19फ्लॉरिडा का समुदरी तट काप उठा, आसमान में आग की एक लकीर खिच गई, और चार इंसान धर्ती को पीछे
00:26छोड़कर चांद की तरफ निकल पड़े, दोस्तो, Artemis 2 लॉंच हो गया,
00:33आज का टॉपिक बेहत स्पेशल है, नासा का नया मून मिशन, लेकिन रुको, ये सिर्फ रॉकेट साइन्स की बात नहीं
00:40है, इस वीडियो के एंड तक तुम समझ जाओगे कि केनेडी स्पेस सेंटर में जो अभी हुआ, वो इस पूरी
00:45सदी की सबसे इंपॉर्टन जियो प�
00:48सकती है, तो बेल आइकन दबाओ, सब्सक्राइब करो और चलते हैं, तो पहले जानते हैं कौन हैं ये चार ब्रेव
00:54लोग, कमांडर रीग वाइसमान, पाइलिट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच, और कैनेडा के आस्टरनॉट जेरिमी हैंसन, इ
01:16जब कोई इनसान एक्चुली चांद की तरफ जा रहा था, त्रेव पंच साल, आधी सदी से भी ज्यादा का इंतजार
01:21एक छटके में खत्म, अब दोस्तों कुछ ऐसे फैक्ट्स जो लिटरली दिमाग ब्लो कर देंगे, अपने सबसे दूर के पॉइंट
01:28पर ये क्रू धरती स
01:29धाई लाख माइल्स दूर होगा, ये 1970 में अपोलो 13 के क्रू का जो रेकॉर्ड था, उससे तकरीबन 1500 माइल्स
01:35ज्यादा है, मतलब 56 साल से जो रेकॉर्ड तूटा नहीं था, वो आज तूट रहा है, और स्पीड की बात
01:41करें, जब ये चांद की पीछे से गुजरेंगे, तो
01:43इनकी स्पीड होगी लगभग 24,500 माइल्स पर आवर, ये अपोलो एरा के बाद किसी भी क्रूड स्पेसक्राफ्ट की सबसे
01:50तेज स्पीड है, लेकिन इस पूरे मिशन का सबसे इंटेंस मोमेंट कौन सा है, वो 50 मिनिट्स जब ये क्रू
01:56चांद के डाक साइट पर होगा, मतल
02:13ज़्यादा आइसोलेटिड होगा, लिट्रली, ये करिज है दोस्तो, इसे कुछ और नहीं कह सकते, अब मेन बात पर आते हैं,
02:19जो मेंस्ट्रीम मीडिया तुम्हें नहीं बता रहा, ये मिशन सिर्फ स्पेस एक्स्प्लोरेशन नहीं है, ये पावर की कहानी है, सिविलाइज
02:34इसके बाद क्या होगा, और उस फ्यूचर के लिए रेस में कौन-कौन है, दोस्तो, चांद अब एक साइन्टिफिक डेस्टिनेशन
02:40नहीं रहा, ये एक जियो पॉलिटिकल बैटल ग्राउंड बन गया है, जो नेशन पहले मून पर पर्मनेंटली एस्टैबलिश होगी, रि
02:56चाहिए, आटमिस 2 एक लॉंच नहीं है, ये एक डेकलरेशन है, ये कह रहा है कि हम यहां है, हम
03:02आगे हैं और हम पीछे नहीं हटेंगे, दोस्तो हम एक ऐसे मूमेंट में जी रहे हैं, जो हिस्ट्री बुक्स में
03:08दर्ज होगा, जब अपोलो 11 ने 1969 में चांद पर कदम रखा �
03:12तो पूरी दुनिया ने टीवी के सामने बैट कर देखा था, आज 2025 में वो फीलिंग फिर से जिन्दा हो
03:18रही है, फर्क सिर्फ इतना है, इस बार स्टेक्स और भी उची है, लेकिन अब असली सवाल आता है, आखिर
03:24चांद पर जाने की इतनी जल्दी क्यों है, सिर्फ अमेरि
03:39चांद से सुनो, चाइना का चांगी 7 मिशन कुछ ही महीनों में लॉंच होने वाला है, और उसका टागिट शैकल्टन
03:45क्रेटर का किनारा, चांद के साउथ पोल पर, और नासा का आर्टेमिस बेस कैम्प, वही शैकल्टन क्रेटर, एक ही वाटर
03:52आइस डिपॉसित्स और जमी
04:10अब तुम सोचोगे पानी तो पानी है, स्पेस में इसकी इतनी वैल्यू क्यों है, दोस्तों, स्पेस में पानी सिर्फ पीने
04:16के लिए नहीं है, ये रॉकेट फ्यूल है, वाटर मॉलिक्यूल्स को इलेक्रोलिसिस से तोड़ो, मिलता है हाइड्रोजन और ऑक्सिजन, और
04:24हा�
04:25पावरफुल रॉकेट प्रॉपिलेंट है, लेकिन स्टोरी यहां और भी इंट्रेस्टिंग हो जाती है, जब साउथ पोल की वाटर आइस को
04:30इलेक्रोलिसिस से प्रोसेस करते हैं, तो उससे ड्यूटीरियम भी मिलता है, ये हाइड्रोजन का एक हैवी आईसोटोब है, और �
04:37का यूज, ये वही फ्यूल है जो आज धर्ती पर डिवलप हो रहे हैं न्यूट्लियर रियक्टर्स में यूज होगा, मतलब
04:42चांद की बर्फ में लिटरली फ्यूचर की एनरजी छुपी है, और अब उस चीज की बात करते हैं, जो सबसे
04:47ज्यादा माइंड ब्लॉइंग है,
04:48सोला विंड ने बिलियंज ओफ यर्ज में मून की सर्फिस पर एक बेहद रेर सबस्टेंस डिपॉजिट किया है, हीलियम 3,
04:55ये वो आइसोटोप है, जो साइन्स को नोन सबसे क्लीन और सबसे पावरफुल फ्यूजन रियक्शन को एनेबल करता है, और
05:01सबसे खास बात, इस �
05:03कोई रेडियो अक्टिव वेस्ट नहीं निकलता, प्रित्वी पर ये क्यों नहीं मिलता, क्योंकि हमारा मैगनेटिक फील्ड एक शील्ड की तरह
05:08काम करता है, और सोला विंड को रोग देता है, इसलिए हीलियम 3 सिर्फ और सिर्फ आउटर स्पेस में, और
05:14स्पेसिफिकली चा
05:29वर दे सकता है, और वाटर आइस कंट्रोल करने वाला, वो बेसिकली पूरे इनर सोलर सिस्टम का गास स्टेशन कंट्रोल
05:35करेगा, मार्स मिशन्स हो, आस्टरोइड बेल्ट हो, या आउटर प्लानेट्स, सब को फ्यूल वहीं से मिलेगा, यही रीजन है कि
05:42ट्रम्प अड्मि
05:55दोस्तों, यह सब मेंस्ट्रीम मीडिया में क्यों नहीं आता, क्योंकि वो दूसरी हेडलाइन्स में बिजी है, लेकिन सच यह है
06:01कि अभी इस मोमेंट में केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ा वो रॉकेट, वो सिर्फ एक मिशन नहीं है, वो एक
06:07डेकलरेशन है, एक क्लेम है, �
06:19चाइना और रशिया मिलकर एक कंप्लीटली अलग प्लान पर काम कर रहे हैं, और यही वो पार्ट है जो सबसे
06:25जादा इंपॉर्टन्ट है, अमेरिका और उसके अलाइज जहां आटमिस प्रोग्राम बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चाइना और रशिया अपने
06:31पार्टन
06:49की जिद है और इसका मानना है कि टेक्नोलजी न्यूट्रल नहीं होती, बलकि ये एक सिविलाइजेशन को आगे बढ़ाने का
06:55वेपन है, शी जिन्पिंग का स्पेस प्रोग्राम कोई कमर्शन वेंचर नहीं है, ये चाइना के नाशनल रिजुवेलेशन प्रोजेट का हिस्स
07:01उस बड़े ड्रीम का जिसमें चाइना को दुनिया की नंबर वन सिविलाइजेशन प्रोव करना है, इसका गोल सिर्फ अमेरिका के
07:08बराबर पहुँचना नहीं है, बलकि अमेरिका को पीछे छोड़ना है, स्पेस उनके लिए एक बिजनेस नहीं, एक सिविलाइजेशनल स्�
07:28रखता है, डिस्प्यूट्स कैसे सेटल होंगे, इन सब सवालों के जवाब अभी तै नहीं है, और जो पहले पहुचेगा, वो
07:34इन रूल्स को अपने हिसाब से लिखेगा, जियो पॉलिटिक्स अब धीरे-धीरे आस्ट्रो पॉलिटिक्स बन रही है, वर्ल्ड और और
07:40और �
07:43समझने के लिए अब तीन नए लेंसिस चाहिए, इन्हें ध्यान से समझो, थियो पॉलिटिक्स मीन्स रिलिजिन और सिविलाइजेशनल आइडेंटिटी का
07:50जियो पॉलिटिकल बहेवियर पर असर, धर्म और सभ्यता कैसे किसी देश की फॉरण पॉलिसी को शेप करते हैं, �
07:56टेक्नो पॉलिटिक्स, डिफरेंट सिविलाइजेशन के अलग टेक्स टैक्स, जो पावर, सर्वेलिंस और एकनॉमिक सिस्टम्स को रीडिफाइन कर रहे हैं, सिलिकन
08:04वैली वर्सिस जॉंग वाइन चिन, आस्ट्रो पॉलिटिक्स, सिविलाइजेशनल कॉम्पेटिशन का �
08:08और्बिटल स्पेस और उससे आगे तक एक्स्टेंशन, आर्टमिस टू इसी का लाइव एक्जाम्पल है, आर्टमिस टू इन तीनों फ्रेमवर्क्स का
08:15एक लाइव रियल टाइम एक्जाम्पल है, ये एक नई दुनिया की शुरुआत है, जो एक साथ बहुत एंशिन भी है
08:20और बहुत फ्यूचरिस्टिक भी, पुराने सिविलाइजेशन जो हमेशा स्टार्स की तरफ देखते थे, आज उनके पास वो टेक्नॉलजी है जो
08:26उन्हें अक्चुली उन स्टार्स तक पहुचा सकती है, ये सोचो कितना पावफुल मोमेंट है ये, और इस सदी का सबसे
08:32ब
08:50कंट्रोल और सिविलाइजेशनल डॉमिनिंस हो, यही वो क्वेश्चन है जो इस पूरी सेंचरी को डिफाइन करेगा, और कल अमेरिका ने
08:56इस रेस की पहली मूव कर दी है, तो दोस्तों, क्या ये स्पेस रेस जरूरी है या डींजरस, क्या अमेरिका
09:02और चाइना दोनों को �
09:03कि ये राइट है कि वो अपनी सिविलाइजेशन को स्पेस में प्रोजेक्ट करें, या ये एक new kind of imperialism
09:07है, बस इस बार धरती पर नहीं, स्टार्स पर, नीचे कमेंट में अपनी honest राय दो, अगर ये पूरी विडियो
09:13वाल्योबल लगी तो लाइक करो, अपने उन दोस्तों को �
09:16शेर करो जो सच में इस दुनिया को समझना चाहते हैं, चानल सब्सक्राइब करो, बेल आइकन दबाओ और अगली विडियो
09:21का वेट करो, क्योंकि वो और भी बड़ी होने वाली है
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