00:08राजस्थान में आम उपभोगताओं को पौने 5 रुपए से लेकर 7.5 रुपए प्रती यूनिट के हिसाब से बिजली मिल
00:15रही है।
00:16इसका कारण है कि बिजली के अधिकांश उत्पादन की लागत 4-6 रुपए प्रती यूनिट है।
00:22इससे उलट राजस्थान में ही सबसे सस्ती बिजली उत्पादन चंबल नदी पर बने दो डैम के पन बिजली घर कर
00:29रहे हैं।
00:30राना प्रताप सागर और जवाहर सागर के पन विद्युद घर प्लान महस 30 पैसे प्रती यूनिट की लागत पर ही
00:37बिजली बना रहे हैं।
01:00आने वाली हैं अब एक नंबर यूनिट का अफ्रेडेशन चलू होने वाला है।
01:05जवाहर सागर में हमारे पास 30 मेगावार्ट की तीन यूनिट आ हैं। और जिस सातों ही यूनिट हमारी नर्बाद रूप
01:11से अवेलेबल रहती हैं और चलती रहती हैं।
01:15जैसे भी हमारे को इरिग्रेशन के अकॉर्डिंग जो भी पानी की रिक्वार्मेंट रहती हैं।
01:20जब भी पानी की उफलपता होती है उसका अनुसार ये चलती है।
01:23आरवी यूनल के अधिक्षक अभियंता संदीप सिंग पारख बताते हैं कि बांधों के जरिये पानी, चंबल नदी की दाईं और
01:32बाईं मुख्य नहर में छोड़ा जाता है।
01:34जब यह पानी नहरों से किसानों के खेत के लिए दिया जाता है, तब पन बिजली घर के प्लांट चालू
01:40किये जाते हैं।
01:41इनमें पानी के जरिये टर्बाइन को घुमाया जाता है और उसी से बिजली उतपादन होता है।
01:46यहाँ पर केवल स्टाफ की सैलरी और ऑपरेशन और मेंटेनेंस का ही खर्चाता है। ऐसे में यह बिजली काफी सस्ती
01:53पड़ती है।
02:28पारख के अनुसार दोनों पन बिजली घरों के रिकॉर्ड की बात की जाए तो साल 2015 से 16 के बीच
02:358665 लाख यूनिट उतपादन का रिकॉर्ड बना हुआ है।
02:40यह अब तक का सरवाधिक उतपादन रहा है। इसमें जवाहर सागर पर 3484 और रानप्रताप सागर पर 5181 लाख यूनिट
02:51उतपादन हुआ है।
02:52कोटा से ETV भारत के लिए मनीश कौतम की रिपोर्ट
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