00:28।
00:31N.R.D.A.
00:32के सहीयोग से समू की महिलाओं
00:33को कैंटीन चलाने के लिए
00:35भवन भी दिया गया है
00:37समू की महिलाएं
00:386 साल से इस कैंटीन का संचालन
00:41कर रही है
00:42इस कैंटीन के ग्राहक
00:44यहां के स्वाद और इस मॉडल की
00:46तारीफ कर रहे है
00:49कैफे का कॉलिटी
00:50काफी अच्छा है
00:51हम लोग यहां पर रगुलरली खाने आते हैं
00:53अलमस्ट डेली बेसे में लोग कैफे विजिट करते हैं
00:56तो यहां पर हमारा चाय,
00:58समूसा, पकोडी वगरा जो हमारा
01:00नाश्तेवाल आइटम है
01:01मॉर्निंग के टाइम पर इवनिंग के टाइम पर अवलेबल रहते हैं
01:03काफी होमली कॉलिटी है
01:05लंच में हम लोग को थाली मिलता है
01:07प्राइजिंग थाली का बहुत अच्छा है
01:09और कन्विनियंट है
01:11काफी रिजनेवल भी है
01:12सर यह खास इसलिए है क्योंकि
01:14यहां का खान पान जो है बहुत सिंपल है
01:17और जादा मसाले
01:19तेल एक्टम लिमिटेड अमांट में यह लोग यूज करते हैं
01:22टेस्ट भी बहुत बढ़िया है
01:24मैं लगवग सर तेड़ साल हो गए
01:26मेरे को यहां पे इस कैफे में खाना खाते हुए
01:28अभी तक आम पेटन पाइंट सर
01:31सर नाश्ति के लावा यहां पे दुपेर का लंच अविलिबल होता है सर
01:37शाम का जो है स्नैक्स भी अविलिबल होता है
01:41इस कैंटीन के बदौलत
01:42समू की महिलाएं आज लखपती दी दिया है
01:46कैंटीन में सुभा से लेकर शाम तक लगभग 400 ग्राहक नाश्ता और खाना खाने के लिए आते हैं
01:53कैंटीन में 2,00,00 से सवा 2,00,00 रुपे प्रती महिने की सेलिंग होती है
01:58जिससे समू की महिलाएं उत्साहित है
02:01यहां काम करके समू की महिलाएं आत्मनिर्भर बनी है
02:57इस कैंटीन का संचालन समू की आठ महिलाएं कर रहे है
03:29जिने पूरी तरह ट्रेंड किया गया है
03:39महिलाएं अगर कुछ करने की ठान ले तो उसे कर दिखाती है
03:43रायपूर की महिलाओं ने कैंटीन व्यवसाय में अपनी काबलियत का लोहा मनवाया है
03:48रितेश तंबोली, ETV भारत, रायपूर
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