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Mahoba, Uttar Pradesh के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सामने आया है, जिसमें mid-day meal के दौरान एक लीटर दूध को बाल्टी भर पानी में मिलाया जा रहा है।यह वीडियो 13 फरवरी 2026 का बताया जा रहा है और इसमें बच्चों को मिलने वाले पोषण पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।जहां सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की बात करती है, वहीं ज़मीनी हकीकत कुछ और ही दिखती है।दूसरी ओर, Madhya Pradesh में एक धार्मिक आयोजन के दौरान 11,000 लीटर दूध नर्मदा नदी में बहा दिया गया।इस घटना ने संसाधनों की बर्बादी और आस्था के नाम पर किए जा रहे कर्मों पर बहस छेड़ दी है।एक तरफ बच्चों को मिलावटी दूध मिल रहा है, तो दूसरी तरफ दूध का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है।यह विरोधाभास समाज और सिस्टम दोनों पर सवाल खड़े करता है।क्या यह सिर्फ लापरवाही है या सोच में बड़ी खामी?यह वीडियो देश की सच्चाई का आईना बनकर सामने आया है।

A shocking video from a government school in Mahoba, Uttar Pradesh, has surfaced showing milk being diluted heavily during the mid-day meal.The footage, dated February 13, 2026, raises serious concerns about the quality of nutrition being provided to children.While schemes promise better health and education, ground reality tells a different story.On the other hand, a religious event in Madhya Pradesh saw 11,000 litres of milk being poured into the Narmada river.This has sparked a debate over resource wastage in the name of faith.On one side, children struggle with diluted milk, and on the other, milk is being wasted in massive quantities.The contrast is sharp, emotional, and deeply unsettling.It raises important questions about priorities and accountability.This story reflects two very different realities of the same country.

#Mahoba #MidDayMeal #MilkScam #NarmadaRiver #MilkWastage #IndiaNews #GroundReality #ViralVideo #SystemFailure

~HT.410~PR.512~ED.104~GR.510~

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Transcript
00:16यह हमारे ही देश की दो विडियोज हैं लेकिन दोनों का केंद्र दूध ही है
00:22एक तरफ भारत के बविश्य के साथ भारत के बच्चों के साथ खिलवाड होता दिख रहा है और दूसरी तरफ
00:29भारत की परंपरा है
00:30एक तरफ बच्चे हैं और दूसरी तरफ भक्ती है लेकिन जब इन दोनों के बीच का कॉंट्रास्ट आप देखेंगे तो
00:38ये सवाल उठेगा दर्शकों कि क्या हम सही दिशा में जा रहे हैं
00:43शुरुवात करते हैं इस पहली वीडियो से ये पहली तस्वीर जो आप देख रहे हैं ये उत्तर प्रदेश के महोबा
00:49डिस्ट्रिक की है और ये वीडियो 13 फरवरी 2026 के एक गवर्मेंट स्कूल की मिड़े लिलकी है
00:56कैमरा में जो दिख रहा है वो सिर्फ वीडियो नहीं है बलकि सिस्टम की सक्चाई है एक बाल्टी पानी ली
01:02जाती है और उसमें सिर्फ एक लीटर दूद मिलाया जा रहा है जी हां दर्शकों सिर्फ एक लीटर दूद और
01:09फिर क्लास के बच्चों को वो पिला दिया जाता ह
01:11सोचिए दर्शकों जहां बच्चों को पोशन मिलना चाहिए वहाँ उन्हें मिल रहा है मिलावटी दूद और उसमें भी इतनी मिलावट
01:19कि सिरफ एक लिटर दूद में ही पानी घोल के बच्चों को पिला दिया
01:23ये वही मिड़े मिल स्कीम है जिसका मकसद था बच्चों को हेल्दी बनाना उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रोच साहन
01:30देना और उनका फ्यूचर सिक्यूर करना लेकिन यहाँ फ्यूचर को डायूट किया जा रहा है देश के भविश्य की साथ
01:38ही मिलावट की जा रही है ल
01:51हजारों लोगों की बीड आपको नजर आ रही होगी लेकिन यहां हुआ क्या दर्शकों 11,000 लीटर दूद सीधा नर्मदारिवर
01:59ने बहा दिया है जी हां 11,000 लीटर दूद वहीं यह सवाल के दर्शकों एक तरफ बच्चे हैं जिने
02:08एक गलास दूद भी नसीब नहीं हो रह
02:10है और इसी देश में उत्तर प्रदेश से सरफ मध्या प्रदेश तक आप आईए दूसरी तरफ हजारों लीटर दूद बिना
02:17सोचे समझे बहा दिया जा रहा है एक वीडियो में दूद की एक एक बूंद के लिए मजबूरी है आम
02:24बच्चों के पास पीने को दूद नहीं है
02:27और दूसरी वीडियो में दूद का समुंदर बेकार जा रहा है दर्शकों एक वीडियो में दूद पानी ही बन गया
02:34है और दूसरे वीडियो में असली 11,000 लीटर दूद पानी ने पहा दिया गया है अब ऐसे में कई
02:41लोगों की बात सामने आती है कि हमारी अपनी आस्था है
02:44लेकिन फिर भी समाच पे ये सवाल तो है दर्शकों कि जब आम लोगों के पास जब गरीब बच्चों के
02:51पास ही दूद नहीं है
02:53तब क्या आस्था इस प्रकार से निभाने चाहिए
02:56सवाल ये भी है दर्शकों कि यहां गलती किसकी है
03:00यहाँ कोई सही और गलत है भी के नहीं, क्या ये हमारी priorities की गलती है, blame किसे किया जाए,
03:07क्या भक्ती के नाम पर इतनी बड़ी बरबादी justify की जा सकती है, और क्या system की law परवाही को
03:14normal माना जा सकता है, चाहें तो system को blame कर सकते हैं, कि भाईया midday meal scheme में बच्चों
03:20को दूद क्यों न
03:26रहा है, दर्शकों ये सरफ दूद की कहानी नहीं है, ये एक तेश के सोच की कहानी है, जो इस
03:32वीडियो में मैंने आपके सामने रखने की सरफ एक कोशिश की है, एक बच्चा जब उस diluted दूद को पीता
03:37होगा, तो उसे ये नहीं पता होगा, कि उसके हक का दूद शायद कही
03:42ही बहा दिया गया, लेकिन हमें पता है, और जब हमें पता है, तो चुप रहना भी जिम्मेदारी से भागना
03:49ही है दर्शकों, आपको क्या लगता है, आपकी क्या राए है, हमें कॉमें सेक्षन में बताईएगा, लेकिन आज फैसला आपको
03:55करtó है कि हम ऐसे ही दो अलग-अल
04:11अबवारग चैनीजर ढूंटर का करते दिए हैं
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