00:00कभी गौर किया है कि एक लड़की के खाब भी होते हैं, लेकिन उन खाबों की आँखें अक्सर बंद कर
00:06दी जाती है
00:08ये लड़की है, नौकरी बाहर जाकर नहीं करेगी, वक्त गुजारी छोड़ दो
00:14क्या वाकई लड़की का मुकदर सिर्फ दीवारों के बीच महदूद है, या अगर वो चाहे, तो चार दीवारी को भी
00:22अपनी ताकत बना सकती है
00:23ये कहानी है अनफाल की, एक आम सी पाकिस्तानी लड़की, बापरदा, शर्मीली, लेकिन खाब बड़े
00:31अबू रिटायर्ड थे, महंगाई जान लेवा, घर में छोटे बेहन भाई
00:37अनफाल सुभा सब के काम निम्टाती, मा का हाथ बटाती, और रात को खिड़की के पास बैठ कर सोचती, क्या
00:44मैं वाकई अपने घर के लिए कुछ नहीं कर सकती
00:48घर से बाहर जाना मुम्किन न था, ना इजाज़त थी, ना हालात इजाज़त देते
00:53अनफाल ने छुप कर काम सीखना शुरू किया
00:56मोबाईल पर फ्री कोर्सेज, कैनवा डिजाइन्स, ऑनलाइन राइटिंग प्राक्टिस
01:01महीनों कोशिश की, क्लाइंट हर बार कहता, you're not experienced enough
01:06पेमेंट्स स्कैम हो जाती, ओर्डर कैंसल होते, और घर वाले कहते, बस छोड़ दो, ये सब लड़कियों के बस की
01:14बात नहीं
01:16रात को सजदे में सर रख कर अनफाल कहती, या अल्लाः, लोगों ने मेरी हिम्मत तोड़ दी है, लेकिन तू
01:23मेरी उमीद तो नहीं तोड़ सकता
01:26एक दिन उसने आइने में खुद को देखा और कहा, अगर मैं खुद हार मान लूँ, तो अल्लाः मेरी मदद
01:32क्यूं करेगा
01:34यही दिन था, जब उसने तै किया, रोज सीखेगी, रोज काम करेगी, नतीजा आए या ना आए, वो रुकेगी नहीं
01:42वो सहरी के बाद दो घंटे प्रैक्टिस करती, डेटा कम होता, नींद कम होती, लेकिन होसला बढ़ता जाता
01:51चौथे महीने इमेल आई, यॉर प्रोपोजल इस एक्सेप्टेड, कमाई, सिर्फ आठ सौ रुपे, लेकिन अनफाल ने रोकर कहा
02:00या अल्लाह, ये मेरे सफर की पहली सीडी है, वो पैसे अम्मा के हाथ पर रखे, मा की आँखों में
02:08आसू थे
02:08आज, वो फ्रीलैंस राइटिंग करती है, पोस्टर्स और थम्नेल्स डिजाइन करती है, होम बेस्ट यूट्यूब स्क्रिप्स लिखती है, वोईस ओवर
02:18गिग्स मिलती है, काम बढ़ा, कमाई बढ़ी और इजज़त धी
02:24जो कहते थे, ये लड़की कुछ नहीं कर सकती, वो आज कहते हैं, हमारी बेटी को भी ये सब सिखाओ,
02:31अनफाल कहती है, मेरी काम्याबी मेरी नहीं, मेरे अल्ला की रहमत है
02:36कुरान का वादा है, जो अल्लाह पर यकीन रखे, अल्लाह उसके लिए रास्ता बना देता है
02:42अगर आप भी चार दिवारी में हैं, याद रखिए, दिवारें आपको कैद नहीं कर सकती, हिम्मत आपको आजाद कर सकती
02:51है
02:51आज एक मोबाइल एक मुकमल दफ्तर है, और एक दुआ, एक कदम और मुस्तकिल मिजाजी, जिन्दगी बदल सकती है
03:00अगर आप ये विडियो देख रही हैं, तो ऐसा नहीं कि अल्ला ने अनफाल को चुना, बलके अल्ला ने हर
03:07उस लड़की को चुना है, जो हार नहीं मानती
03:11कमेंट्स में जरूर लिखें, मैं मजबूत हूँ, मैं हार नहीं मानूंगी, और ये विडियो किसी एक लड़की तक पहुँचाएं, शायद
03:19ये पैगाम उसका मुकदर बदल दे
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