00:00USS Navy Red Sea से पीछे हटी
00:02USS Gerald Ford पीछे हटा
00:05दुनिया के सबसे ताकतवर नौसे नाओं में गिने जाने वाले अमेरिकी नेवी को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है
00:11ऐसा दावा जिसने वेश्विक सैन ने विशलेशकों के बीच हलचल मचा दी है
00:16कहा जा रहा है कि अमेरिका का सबसे अडवांस्ट एरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald Ford
00:21Red Sea के एक एहम संगर्ष छेतर में प्रवेश करने से बचा और कथित दोर पर पीछे हट गया
00:26इरान और यमन के हूती समूह इससे अपनी रणिदिक जीत पता रहे हैं
00:31उनका कहना है कि ये पहली बार है जब अमेरिकी नौसैनिक ताकत इस तरह चुनौती मिली है और उसने अपने
00:37कदम पीछे खीच लिये हैं
00:39लेकिन इस पूरे घटना करम के केंदर में है बाब अलमंदब स्ट्रेट
00:43ये एक बेहद एहम समुदरी रास्ता है जो रेड सी को वैश्विक व्यापार मारगों से जोड़ता है
00:48रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएसस जिराल फोर्ट ने स्ट्रेट को पार नहीं किया
00:52बलकि साओधी अरब के बंदर काहों के बीच ही अपनी स्तिथी बनाई रखी और फिर छेतर से दूरी बना ली
00:58अब सवाल उठता है क्या ये सच में पीछे हटना है या फिर एक ररनेतिक फैसला
01:02सैन विशेशग्यों का मानना है कि ये पारंपरिक युद नहीं है
01:06ये असिमेट्रिक वारफेर है जहां सस्ते ड्रोन, मसाइल और छोटे हमलावर बोट्स अरबो डॉलर के युद बोतों को चुनौती दे
01:14रहे हैं
01:14ऐसे में भले ही अमेरिका के पास अत्याधुनिक तकनीक से भारी वारफेर हो या फिर फायर पावर हो लेकिन एक
01:21छोटा सा ससफल हमला भी बड़े नुकसान और राचुनितिक छटके का कारण बन सकता है
01:25यही वज़ा है कि सक्रे समुद्रे इलाके में भी बड़े युद्धुपोत जियादा सम्वेदनशील हो जाते हैं
01:31रेट्सी और बाब अलमंदप जैसे इलाकों में खत्रा सर्फ समुद्र से नहीं बलकि जमीन से भी आता है
01:35यानि दुश्मन दूर बैठे बैठे मिसाईल या फिड्रोन से हमला कर सकता है
01:39इसी के साथ एक और बड़ा पहलु जुड़ा है वैश्विक अर्थ विवस्था का
01:43बाब अलमंदप और स्ट्रेट ओफ हॉर्मु जैसे जलमार्गों से दुनिया के बड़े हिस्से का तील और व्यापार गुजरता है
01:49अगर यहां स्थिरता बढ़ती है तो इसका सीधा सरतेल की कीमतों शिपिंग लागत और सप्लाई चेन पर पढ़ता है
01:55पहले ही कई शिपिंग कंपनिया अपने रास्ते बदल रही है जहाज अब लंबा रास्ता लेका जा रहे हैं जिससे समय
02:01और लागत दोनों बढ़ रहे हैं
02:03यानि ये सिर्फ सेन ने चकराव नहीं है ये आर्थिक दबाब की लड़ाई भी है
02:07इरान और हूती जिस तरह से इन रणितिक जलमारगों को टारगेट कर रहे हैं उससे साफ है कि उनका फोकस
02:13सिर्फ हमला करना नहीं बलकि वैश्विक व्यापार को बाधित करना भी है
02:17वही अमेरिका के सामने चुनाती है अपनी सेन ने मौजूदगी बनाए रखना लेकिन जोखिम को कम करना तो क्या अमेरिकी
02:24कमजोरी का संकेत है ये ये या फिर एक सोची समझी रणितिक सतर्कता
02:28सचाई शाया दिन दोनों के बीच कहीं छुपी हो सकती है लेकिन एक बात साफ है अब जंग सिर्फ तागत
02:34ही नहीं बलकि रणिति तकनीक और नारेटिव की भी हो चुकी है
02:37और जैसे जैसे ये तकराओ बढ़ेगा वैसे वैसे ये तै करेगा कि दुनिया के सबसे एहम समुद्री रास्तों पर असली
02:45नियंतरन किसका होगा
02:46इस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें One India Hindi
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