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ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच अब सबसे बड़ा सवाल है, क्या NATO टूटने की कगार पर है? क्या कई देश Donald Trump के खिलाफ खड़े हो रहे हैं और ईरान को वैश्विक समर्थन मिल रहा है? इस वीडियो में जानिए बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरण, देशों की नई रणनीति और ईरान-इजराइल तनाव पर इसका असर। क्या यह संघर्ष दुनिया की ताकतों का संतुलन बदल देगा? देखिए पूरी रिपोर्ट, एक्सपर्ट विश्लेषण और ताज़ा अपडेट। Middle East की इस बड़ी खबर को समझने के लिए वीडियो अंत तक जरूर देखें।

The Iran-US war tensions are escalating, raising serious questions about NATO’s unity. Are key NATO countries turning against Donald Trump, and is Iran gaining unexpected global support? This video dives deep into the shifting alliances, geopolitical strategies, and the possible cracks forming within NATO. Could this conflict reshape global power dynamics and impact the Iran-Israel situation? Watch as we break down the latest updates, expert insights, and what this means for the future of international relations. Stay informed with this crucial war update.

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~PR.540~HT.408~ED.110~GR.538~

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Transcript
00:00देखे जब European Union बन रहा था तो पाकी की सारी दुनिया ने उसका स्वागत किया था, कि छलो European
00:06देश एक हो जाएंगे, जो Second World War तक एक दूसरे के खून के प्यासे थे, अब युनाइट रहेंगे, अमरीका
00:13इसके फेवर में नहीं था,
00:14अमरीका को पता था कि ये देश सवेर European Union इतना ताकतवर बन जाएगा, कि खुद अमरीका के लिए चैलेंज
00:21हो जाएगा, नेटो का वो वही देख रहा है, और उसमें ये देख रहा है कि अमरीका 60% से
00:27भी जादा सारा पैसा खाश करने के बावजूद, नेटो में जो है उसको �
00:33आम सहमती से काम पढ़ना पड़ता है, ये खास कर प्रिजिदेंट ट्रम्प की जो दादागिरी है, वो नेटो के देश
00:38मानने के लिए तयार नहीं था, क्योंकि इससे पहले continuous meeting ये हुई है, जैसे कि G7 की या जहाँ
00:44जहाँ ये जो European Union के जितने भी जो लोग हैं, वहाँ वहा
01:02ये European देश नहीं कर रहे हैं, तो ये प्रिजिदेंट ट्रम्प को कहीं न कहीं मलाल था, इसलिए उन्हाने सबसे
01:08पहला काम किया जर्मनी से अपने soldiers को बलाया, ये बहुत पुरानी बात है, जब वो अफगानिस्तान से जब बोला
01:15रहे थे, पहले कारिकाल के दौराद, बिलक
01:32होगी, तो अमेरिका फिर second category का member होगा, तो यह एक दम clear है, और मुझे लगता है कि
01:39इसके बाद मैं NATO के साथ क्या संबन्द होंगे, वो भी एक तरीके से define होना शुरू होगे, जे, अब
01:46जे, बिलकुल, Nain सर के पास सलते हैं, Nain सर क्या आपको लगता है कि सुपर पावर अमेर
02:01हुए थे, तो लोग अपने अस्तर पर चीजें डील कर रहे हैं, अब वो हर मामले में अमेरिका की सुनना,
02:07अमेरिका से पूछना, यह सब लोग करना बंद कर देंगे, आपको लगता है सिद्ध के बाद, लेकि यूरोपियन्स को मैं
02:14ना बफून समझता हूँ, यह वैसे बं
02:31लगता है कि इस यूद के बाद, नेटो का सवरूप बदलेगा, उसका क्या नाम होगा, क्या नहीं मैं कहना बड़ा
02:39मुश्किल है, लेकिन अमेरिका के साथ में पूरा यूरोप विरोध करें, यह मैं नहीं मानता, काफी देश हैं जो अमेरिका
02:47के साथ खड़े होने के लिए
02:49बिल्कुल तियार रहेंगे, तो एक यूरोप के अंदर एक दो गूरूप ना बन जाएं, नमबर एक, दूसरा, देखिए अब डॉनल्ड
02:56ट्रॉप ने अभी भी कहा है कि जो पचास जार टुप इसके जर्मनी के अंदर है, उनको उसमें वापिस बुलाने
03:01के लिए कहा दिय
03:01है, यह संदेश उन्होंने दे चुके वो, वापिस डुप आ रहे हैं हमें, चाहे वो इरान यूदगा भाना करें या
03:07कुछ करें, जो भी है, लेकिन एक चीज तो जरूर है, कि अमेरिका का जो घाटा है, 39 ट्रिलियन डॉलर्स
03:15का, और जो यह इन्होंने डॉलर बॉन्ड के �
03:19अंदर लोगों को बॉन्ड दे दे करके पैसा उठाया हुआ है, चाहे ना से लेके हरे कंट्री से हैं, यह
03:24ज़्यादा तर पैसा अगर आप डेफ्ट में जाएं, तो यह इन्हीं बफून्स के ओपर खर्च हुआ है, नाटो के ओपर,
03:31यही कारण था कि डॉलर ट्रॉप ने �
03:34आते ही कहा कि भाई यह नहीं चलेगा, आप 1% GDP, 1.5% GDP देते हो, और सारी
03:39सेना मेरी हतियार मेरे सब कुछ मेरा यहाँ पर लगा के रखते हो, मेरा खर्चा करा दिया है, आपने 350
03:45बिलियन डॉलर, खुद सारे मिलकर के 300 डॉलर भी नहीं खर्च किये हो, तो यह थोड़ी चले
04:03और उसका मुझे कोई खतरा ना हो उस देश, दूसरे देश से, उनके लिए मैं लड़ रहा हूँ, तो एक
04:08स्टेज पर आको बेवकुफी ही लगेगी, तो मैं इसके फेवर में हूँ, कि नेटो कंट्रीज के साथ में अमेरिका को
04:14पैसा इतना बरबाद करने की बिलकुल कोई
04:16आवर्शक्ता नहीं है, अभी मैं थोड़ा सा इससे डैवट करके गर आपको बताना चाहूं जहां तक, अमेरिका का सवाल है,
04:25देखिए, इरान की भी पॉलिसी को आपको समझना पड़ेगा, अमेरिका के खिलाब, इरान ने, जो ये रेजीम है, I.R
04:32.G.C. या ये कहली जीए
04:33गाज की जो रिलिजिस रेजीम थी, अगर ये अपने डायरे में सब कुछ कर रहे होते हैं, इरान में, कोई
04:39दिक्कत नहीं थी, बहुत से लोगे मोनार्की हैं, आपकी अरब में भी है, लेकिन वो दूसरे देश, आप इसका ले
04:48लीजे एग्जामपल, अफगानिस्तान का, �
04:50अफगान तालिमान को सिरफ अफगानिस्तान की बाउंडरी के अंदर शरियत लोर लागो लगा के अपने इसलामिक तरी से जीने से
04:58मतलब है, वो आसपास के लोगों के अंदर कुछ-कुछ नहीं करते, कभी नहीं चेड़ते, पाकिस्तान ने चेड़ आया तो
05:04दुरन लाइन
05:04पर आकर उनको सबक सिखा रहे हैं, क्योंकि दुरन लाइन को मानते हैं नहीं, टॉपिक हो जाएगा, अब इरान की
05:12क्या था, कि इनके इनकी इरान रिवोलुशनरी गार्ड जो की खुमनाई की सत्ता को बचाने के लिए तियार की गई
05:20थी, डेड़ से दो लाग लोगों के ब
05:33कटर, ताकि कोई मूँ न खोल सके, जो वो चाहें वो हो, अब आब बताएए, दो साल पहले महिलाओ का
05:39एक विद्रो हुआ था, सब बाल काट काट करके और कैसे कैसे सीन हमाले सामने आ रहे थे, और अभी
05:44भी इस बार जब विद्रो हुआ है, तो बसीत फोर्स का और आईरार
06:02जार ना मारे हो, पंद्रह हजार भी मारे हो, और ये 500 भी मारे हो, लेकिन मारे माते पे गोली
06:07मार के मार रहे हो, तो वैसे कटर ये सोच है, और जो उलेक्रिटिट लोग है प्रिजस के आट जैसे
06:14उनको दर किनार लगा रखा है, इसलिए मैंने हमेशा कहा है कि मेरी लड़ा�
06:32जिसके अगर आपको याद हो जन्रल सुलेमानी उनको बगदाद के अंदर अमेरिका ने एक ड्रोन से दो तीन साल पहले
06:40मारा था जब मारा गया था तो याद नहीं मुझे डेट एक जिकली उनके बाद में आज की तारिक में
06:45कौन है इसमाइल कानी जो धोका देके बोला मुझक
07:01पैनलिटी में और या लीबिया में थी या यमन में थी इन लोगों को एक मिलिशया गुरूप बनाया गया टेरर
07:09के रूप में फंड किया ट्रेनिंग दी पैसे दिये हतियार दी मिजाइल्स दी किसके खिलाफ दो लोगों की खिलाफ पहला
07:17इसराइल विकॉज नाइंटिन फ
07:31आज तक आज तक उसको recognition नहीं दिये यह कहते नो यहुदियों को जर्से खतम करो
07:38डेट तू इसराइल
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