00:00उन्होंने भी बताए कि उनके जहाद से तकरीबन 500 से एक किलोमेटर की दूरी पे लगातार वहाँ पे बंबारी हो
00:06रही है, बंगिर रहे हैं और इसी स्थिती में उन्हें रोज अपना जहाद छोड़के पोर्ट में भागना पड़ता है, पोर्ट
00:13की जमीन पे सोजाना पड़
00:29हम इन से संपर्क में हैं और आज जिन नाविकों से संपर्क हुआ है, वो मेंली खुररमसर एक पोर्ट है,
00:36बंदरगाह है इरान में, वहाँ पे हैं, वहाँ तकरीबन 50 जहाज हैं जिसके पर भारती नाविक काम कर रहे हैं,
00:42जिनकी संख्या सैकुणों में हो सकती है, ऐसी स्�
00:56स्थिती भी कोई अलग नहीं है, जैसा बाकी के इरान पोर्ट में है, उन्होंने भी बताया कि उनके जहाज से
01:01तकरीबन 500 से एक किलोमेटर की दूरी पे लगातार वहाँ पे बंबारी हो रही है, बंगिर रहे हैं और इसी
01:08स्थिती में उन्हें रोज अपना जहाज छोड़क
01:10पोर्ट में भागना पड़ता है, पोर्ट की जमीन पे सो जाना पड़ता है, और कई हो ने बताया है कि
01:16उन nova ने जहाज जोइन किया है, उन जहाज जोइन करने में बहुत सारे ऐसे लोग्यों के जो नौन सी
01:22फ़ेरर काटेगरी में गए हैं जैसे टेक्निशियन हो गए हैं, �
01:26जो मतलब RPSL से नहीं गए है तो इसका ये मतलब होता है कि उनका डेटा DG Shipping के पास
01:33नहीं है तो ये नंबर एक बहुत बड़ा है तो DG Shipping ने तकरीवन 12800 का एक email circulate किया
01:40है लेकिन उसके उपर तकरीवन 6-7000 ऐसे नाविक हैं जो वहां काम कर रहे हैं चाहे हो विजिट वीजा
01:51पर काम कर रहे हैं लेकिन जैसा आज एक खोर्रम सर जो पोर्ड के उपर से जो संपर्क हुआ है
01:56लोगों से उसे पता चला है कि ना उनसे अभी तक इंडियन इंबैसी ने कोई संपर्क किया है ना उनके
02:02पास ऐसा कोई डेटा है उसी संदर्द में आज हमने एक पत्र लिखा ह
02:09कि जो भी हमारी वहाँ पे इंबैसी के जो हमारे लोग है वहाँ पे यह जितने भी बंदरगाह है इरान
02:15में हैं उनके बंदरगाहों से संपर्क करें और जितनी भी जहाज उनके वाटर टेरिटरी में है या उस बंदरगाह में
02:22हैं उन सभी की क्रूल इस निकाल के इस बात का
02:25confirmation करें कि कितने भारती नाविक इस वक्त इरान की जमीन पे हैं और कितने उनके water territory के अंदर
02:33हैं
02:34आपने बताया कि कुछ लोग ऐसे हैं जिनका data ये कैसे क्या process होता है और वहां उनका क्या role
02:41होता है काम का
02:42देखे काम का role almost same होता है लेकिन ये होता है कि कभी-कभी एक जहाज पे समझिये की
02:48emergency में उसको cleaning करना है तो उस पे एक riding squad करके एक team जाती है जिसका number बहुत
02:54जादा था
02:5515-20 लोग एक साथ जाते हैं एक महिना काम करते हैं वापस चले आते हैं तो वो लोग 6
03:00महिने और 9 महिने के contract पे नहीं जाते हैं ऐसे ही बहुत सारे ऐसे लोग है जिनको non seafarer
03:05category में उज्वाइन करते हैं लेकिन आज जो इस्थिति हैं वहां पर युद्ध की उसमें हम एक differentiate नह
03:23समत अपने देश वापस लाना है यही एक हमारी मुहीम है और इसलिए हम बारम बार दो बार हमारे देश
03:29के प्रधान मंतरी जी को हमने पत्र लिखा है विदेश मंत्राले को पत्र लिखा है आयमो की जनल सेकेटरी को
03:35पत्र लिखा है और लगातार इस बात को फ्लैगिंग कर �
03:37लगातार इस बात को उठाने की कोशिज कर रहे हैं कि इस युद्ध का कोई अंत दिख नहीं रहा है
03:42ऐसी स्थिती में अगर हम वेट और वाच की स्थिती में अगर हम बैठे रहे कि आने वाले समय में
03:48सोचेंगे क्या करना होगा तो सायद समय ना मिले उसलिए सबसे पहले हमें
03:54जितने भी हमारे भागती नावी की बंदरगाओं पे हैं इन लोगों की सुरश्च्छा मोहिया कराइने का जो प्रैतन है वो
04:02भारत सरकार को सुरू करना चीए
04:04पिछली बार भी आपने पत्र विवहार किया था और खबरे जब हमारे यह चली है नाई में तो उसे कंसीडर
04:11भी किया था पीमो आफिस के तरफ से वहां से क्या जवाब मिला और किस तरह के आपको देखे हमारे
04:17देश की जो आबादी है एक सो चालीस करोड के करीब है और तक
04:33आद्यम से उठाया गया यह जो सीफेरर की केटेगरी है बीस से बाईस हजार की उसके बारे में प्रधार मंतरी
04:39जी ने लोकसभा में और राजसभा में उस मुद्दे को अपने भाशन के दौरान लिया और उसकी एहमियत को समझा
04:46कि भाई भारती नाविक भी बड़े पैमान
04:48पर वहां पर अटके हुए हैं इसका मतलब है कि यह भारत सरकार की संग्यान में लाने का जो काम
04:54हमने किया आप लोगों की मदद से वो हुआ और ऐसी स्तिती में हमारी जवाबदारी बनती है कि हम इसको
05:00लगातार उठाते रहें और जो भी ऐसे लोग हैं जो वहां पर इंबे
05:182427 हमारी हेल्प लाइन चाल हुए हम उनको और निरंतर उनको मदद करने की कोशिश करें
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