00:00मित्रों पश्यम बंगाल का चुनाव जो जो आगे बढ़ता गया त्योत्यों त्रणमूल कॉंग्रेस का जन समर्थन और मनोबल नीचे गिरता
00:14गया
00:16और जैसे ही हिंसा मुक्त और शान्ति पूर्ण चुनाव और मतदान संपन हो गया तो त्रणमूल कॉंग्रेस के मन की
00:28अशान्ती और बेचैनी बहुत बढ़ गई
00:32और जैसे ही एक्जिट पॉल के रुज़ान सामने आए तो ऐसा लगने लगा कि उनका संतुलन भी पूरी तरीके से
00:44खोने लगा
00:45और देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब किसी ऐसे राज्य में जहां पर की चुनावी
00:56हिंसा एक सामान्य और सहज बात हो गई थी
00:592018 के पंचाय चुनावों में 75 लोगों की हत्या हुई थी उस राज्य में यदि विधान सभा के चुनाव बगैर
01:12कोई विशेश हिंसा के संपन्न हो जाएं और तब किसी के मन में आपत्ती हो तो मेरा सवाल उठता है
01:21कि संविधान किन लोगों के रहने पर खत्रे में है
01:30अब जिस प्रकार से त्रडमूल कॉंग्रेस ने अनर्गल निराधार आरोपों को मुद्दा बना कर सर्वोच्च न्यायले जाने का प्रयास किया
01:40ये भी उनकी चिर्व परिचित छटपटाहट और बौकलाहट का ही एक प्रमाण है
01:48विगत दस बारा वर्षों में भिन भिन न्यायले के इस्तरों पर लगबग असी बार से अधिक टीमसी कोर्ट जा चुकी
01:59है और हर बार उसे मुह की खानी पड़ी
02:04सर्वोच्चे न्यायले ने भी आज इस पश्च रूप से समवैधानिक दृष्टि से किसी चुनावी प्रक्रिया में हस्तक शेप करने से
02:12की तरणमूल कॉंग्रेस की याचिका खारिच कर दी
02:16उलेखनी बात ये है कि स्री रामलला विराजमान के खिलाफ बावरी मज्जिद एक्षन कमेटी का केस लड़ने वाले तमाम आतंकवाधियों
02:29के प्रती सहनभूती रखने वाले और तरणमूल कॉंग्रेस के प्रती राजनेतिक रूप से अभिभूत रहने वाले श्री कफिल
02:39सिब्बल जी की याचिका आज पूरी तरीके से खारिच कर दी गई अब उनके मन में जो प्रश्ण उठता था
02:48कि उनको अमुक केंद्र सरकार के करमचारियों पर भरोसा नहीं है राज्य सरकार के करमचारियों पर भरोसा है तो मैं
02:58ममता जी से कहना चाहता हूं आज भरोसे का
03:01सवाल आपके खुद के ऊपर है जब आईपेक के ऊपर रेड हुई तो ये पहली बार ऐसा हुआ जबकि कोई
03:12मुख्यमंत्री स्वेम वहाँ पहुँच गई अर्थात उनको अपनी पुलिस और अपनी राजसरकार की एजनसी पर भरोसा नहीं था
03:20पॉइंट नमबर टू वो वहाँ पर खुद अंदर गई अर्थात उनको अपने परसनल स्टाप पर भी भरोसा नहीं था पॉइंट
03:29नमबर तीन उन्होंने खुद उठाकर वो हरे रंग की फाईल अपने हाथ में रखी अर्थात उनको अपने किसी निजी सहयोगी
03:36पर भी भरो
03:39भरोसा स्वयम त्रणमूल कॉंग्रेस की सरकार को अपनी ही सरकार अपने कर्मचारियों और अपने आफिस पर नहीं है तो यह
03:47इसलिए है क्योंकि जंता का भरोसा पूरी तरीके से उठ चुका है और मेरा यह सवाल है इंडी गड़बंदन से
03:56और सारी देश की जंता को ध्यान स
04:00पर इस विशय को देखना चाहिए कि जहां पर शांति पूर्ण मद्दान होने पर हिंसा मुक्त मद्दान होने पर हत्याएं
04:10न होने पर किसी को समस्या उत्पन हो रही है इससे बहुत साफ है कि हिंसा दबाव भय और आतंक
04:21के आधार के उपर जो सत्ता बनाने का प्रयास था �
04:26वह आज पूरी तरीके से भरबराता जा रहा है और समवैधानिक उपकरणों का इस प्रकार से दुरुपयोग करना और समवैधानिक
04:37संस्थाओं में बार बार जाकर न्यायाले को इतनी बार जाना मुझे लगता है कि ये न सिर्फ आपकी राजनेतिक हताशा
04:46को दर्शाता है
04:47बलकि ये भी दर्शाता है कि समवैधानिक व्यवस्थाओं में आपकी आस्था नहीं है और उसका आप दुरुपयोग करना चाहते है
04:55आज का जो सर्वोचिनेले का निर्णे है ये समवैधानिक दर्शी से उप्युक्त और राजनेतिक और मैतिक दर्शी से त्रणमूल कॉं
05:09पंशा के उपर एक गहरा गंभीर सवालिया निशान आज राजसभा के सांसद श्री संदीप पाठक जी के आवास पर पंजाब
05:29पुलिस ने जाकर रेड करने का प्रयास किया
05:39हम यह सवाल पूछना चाहते हैं पंजाब से जहां कानून व्यवस्था की इस्थिती इतनी लचर है कि आपकी पुलिस ड्रग
05:49वालों को पकड़ पा रही है यहां पवित्र हर्मिंदर साहब के गेट के उपर भी गोली चल जाती है
05:56जहां पर पुलिस अधिकारियों के कार्याले पर हमला हो जाता है और वहां पर नियंतर न करके आज जिस प्रकार
06:10से पाठक जी के आवास पर पंजाब पुलिस ने धावा बोला है
06:16मेरा सवाल केजरी वाल जी से है कि इस तथा कतित नई राजनीत के अलंबरदार यह बताएं कि आपके राज्य
06:27में जहां कानून विवस्ता सरवादिक ध्वस्त है
06:29और कल ही एक गंभीर आरोब पंजाब विधान सवा में विपक्ष के द्वारा लगाया गया कि मुख्यमंत्री भग्वंत मान जी
06:39के उपर कि वो नशे में हैं
06:43तो मैं आम आदमी पार्टी पंजाब सरकार और विशेशकर केजरिवाल जी को यह इस पश्ट रूप से कहना चाहता हूं
06:57कि कागस का है लिबास चरागों का शहर है कागस का है लिबास चरागों का शहर है चलना समहल समहल
07:05के क्योंकि तुम नशे में हो
07:21झाल झाल
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