00:00सबी सरकारों ने मुसल्मानों को लॉली पॉप दिया सिर्फ वोट लिया और गाय का गोश्ट खाने का आजादी दे दिया
00:09हमारा मुसल्मानों से ये अपील है कि मुसल्मान तमाम मुसल्मानों से ये अपील है कि आप गाय की कुर्बानी ना
00:18करें बलके कुर्बानी नहीं बलके
00:20कि हमेशा के लिए गाए का गोश्ट खाए ही नहीं, गाए अगर मुसल्मान नहीं खाएगा, तो सबसे ज्यादा नुकसान हमारे
00:27हिंदू भाई का होगा, मुसल्मान का नहीं होगा.
00:29बسم اللہ الرحمن الرحیم, देखिए, जो अभी सरकार आई है दोजार शब्यस में, और उन्होंने जो अभी एक नोटिफिकेशन जारी
00:41किया है, खासकर कुरवानी के तालुक से, नमाज के तालुक से, सड़कों पर नमाज पढ़ने के तालुक से, अजान के
00:49तालुक से, पहला आपका सवा
00:58करके ये कानून नहीं बनाई है, हाँ, ये सड़कार आ करके इसको लागू कर रही है, इससे पहले जतनी भी
01:06सरकारे थी, कांगरिस की थी, सी पीम की थी, और टीमसी की थी, सभी सरकारों ने मुसल्मानों को लॉली पॉप
01:13दिया, सिरिफ वोट लिया, और गाय का गोश्ट खा
01:23कानून था लेकिन लागू नहीं था अब ये बीजे पी की सरकार आई है इसने उस कानून को लागू करना
01:31शुरू कर दिया है जिसमें इसका जो पहला शर्त है कि कोई भी बड़ा जानवर जिसकी उमर 14 साल से
01:41कम है उसकी खुर्वानी नहीं की जा सकती है
01:44या उसको जब़ा नहीं किया जा सकता है उसके लिए मंडेटरी है कि विनेटरी सर ज़न का जो है सर्टिफिकट
01:55होना चाहिए बहुत अच्छी बात है
01:57दूसरा ये है, कि ओपन जगा में नहीं होनी चाहिए, आम जगों में नहीं होना चाहिए, इसलाटर हाउस में होना
02:05चाहिए, यह भी बहुत अच्छी बात है, ठीक है, लागू कर रहे हैं, लेकिन एक बात बताईए, कि विनेटरी सर्जन्ट
02:13सर्टिफिकट देने का काम किसका ह
02:16ना सरकार देगी ना फिर हर आलाके में सलाटर हाउस बनाकर के देने की जिमेदारी किस की है
02:26तो सरकार को चाहिए था कि पहले ये तमाम चीज़ों को मोहिया कर देतें उसके बाद ये कानून लाओ करते
02:33तो अवाम को परिशानी नहीं होती
02:35अभी इस वक्त पच्छिम बंगाल के अवाम को कुर्बानी को ले करके बहुत उल्जन में है
02:43लेकिन हमारा मुसल्मानों से ये अपील है
02:46कि मुसल्मान, तमाम मुसल्मानों से ये अपील है
02:50कि आप गाए की कुर्बानी ना करें
02:53बलके कुर्बानी नहीं बलकी हमेशा के लिए गाये का गोश्ट खायें ही नहीं
02:57और सरकार से हम अपील करते हैं
03:00कि तमाम सलाटरावस को बंद कर दिजी कि
03:02गाये अगर मुसल्मान नहीं खॉएगा
03:14तो सबसे ज्यादा नुकसान हमारे हिंदु भाई का होगा
03:17मुसल्मान का नहीं होगा
03:19क्यूं?
03:20जो घोश ब्रादरी है
03:22जिसको जादब कहते है
03:24वो तो हिंदु भाई है
03:25वो गाई पालते हैं
03:27और उस वक्त तक गाई को पालते हैं
03:29जब तक वो दूद देने वाली होती है
03:31जब
03:33पांच साल छे साल के बाद
03:34वो दूद देना बंद कर देती है
03:36तो उसको वो बेचते है
03:38बक्राईद के मौके पर
03:40खास करके
03:42इस्पेशली
03:42जो पचीस हजार की गाई होती है
03:45उसको एक लाक में बेचते है
03:46तो उनका जो पैसा बरबाद होता
03:50उनकी जो पूजी खतम हो जाती
03:52कोई खरीदने वाला नहीं होता
03:53मर जाता
03:54और अगर घर में रखते तो
03:56चार पंसाओ पांसो रुपिया उसको रोजाना
03:59खाना खिलाने में लगता
04:00तो उनका घर से पैसा जाता
04:04अब
04:04वो पैसा रिटेन भी नहीं आगा अगर वो गाई मर गई तो
04:09तो वो
04:10पचीस हजार की गाई को
04:11मुसल्मानों के हाथ
04:12बक्राईद के मौके पर एक लाख में बेचते हैं
04:15और एक गाई को बेच करके
04:17चार गाई खरीदते हैं
04:18तो ये हमारे हिंदु भाई का कारोबार
04:20बिजनीस दूद का काम
04:22और फैनेंशिल कंडिशन मजबूत होता है
04:26तो सबसे जएदा तो हमारे हिंदु भाई का नुकसान है
04:28मुसल्मान उसको ले करके
04:30मुझरिम बने
04:31काटने का जुर्म लगे
04:34छे महीना का उस पर जेल हो
04:36नन बिलेवल सेक्शन लगे
04:38हम मुसल्मानों से अपील करते हैं
04:40कि आप बिलकुल गाय मत लीजिए
04:42न गाय की खुर्बानी कीजिए
04:44अलबता हम मुसल्मानों से ये भी कहना चाहते है
04:46कि मुसल्मान
04:49बकरा
04:50खसी छागौल जो भी होता है
04:52वो खरीदे
04:55और अक्सर
04:56बकरी चागल जो होता है
04:58ये हमारे
05:00मुसल्मान भाई पालते हैं
05:02तो जब आप बकराईद में
05:05खसी चागल
05:07खरीदेंगे तो
05:08मुसल्मान भाई का फानेंशिल कंडिशन
05:10मजबूत होगा वो उपर बढ़ेंगे
05:12और हुकुमत से टकराने की
05:14कोई ज़रूरत नहीं हुकुमत में कर दे
05:16हम तो मतालबा कर रहे हैं
05:18ये मेरा आपके सवाल
05:20का जवाब है
05:21अब अगर जैसे बाकी और जो फर्मान
05:24कौन सा बाकी जैसे कि
05:26या लाउडी स्पिकर
05:28देखिए ये भी खानून
05:33भाजपा सरकार का
05:34बनाया हुआ नहीं है
05:35ये पॉलोशन कंट्रोल बोर्ड जो पूरी दुनिया में
05:39जा है उसका बनाया हुआ
05:40ये कानून है
05:41और अभी क्या हो रहा है
05:45हमारे बंगाल
05:46पुलीस
05:49उस ओर्डर को
05:50ले करके मैं साफ लबजों
05:52मैं कहना चाहता हूँ कि
05:53हमारे बंगाल के पुलीस अफसर को
05:55या तो इसका नौलेज नहीं है
05:58या वो जान भूज करके
05:59मुसल्मानों को हरास्मेंट कर रहे है
06:01इसमें माइक हटाने का कहीं आउडर नहीं है
06:04सुप्रीम कोर्ड के तरफ से भी
06:05पॉलोशन कंट्रोल बोर्ड के तरफ से भी
06:07उसमें साफ लिखा हुआ है
06:10कि जो इंडिस्टरियल एरिया है
06:12वहां 75 से 80 फीसद
06:15डिसीबिल तक के माइक बजाया जा सकता है
06:19ठीक है
06:20जो कॉमर्शियल एरिया है
06:22वहां 70 से लेकर के
06:2475 डिसीबिल तक के
06:26माइक की आवाज में
06:28कोई भी काम किया जा सकता है
06:30पूजा हो अजान हो शादी हो बिया हो
06:32प्रोगिराम हो कोई भी हो सकता है
06:35जो रेसिडेंशियल एरिया है
06:37वहां 65 से
06:3970 डिसीबिल तक के आवाज
06:40आप उसको यूज कर सकते हैं
06:41इस्तेमाल कर सकते हैं
06:43और जो साइलेंश जोन है
06:46वहां 40 से 45 डिसीबिल तक के
06:49आवडर है बजाने का
06:50लेकिन हमारे पच्ची मंगाल की
06:52पुलिस या तो अनजाने में
06:54या फिर जान बूज करके
06:56जगा जगा मस्जिदों के इमाम को
06:58जिम्मेदारों को जा करके
07:01धमकाते हैं चमकाते हैं
07:02कि आप मस्जिद से मैक उतार दीजिए
07:04ये वो गलत कर रहे हैं
07:05हम उन से गुजारिश करते हैं
07:07कि आप पहले दस्तूर को पढ़ लीजिए
07:09पॉलोशन कंट्रोल बोट के
07:10सिस्टम को पढ़ लीजिए
07:11सुप्रिम कोट के आउडर को पढ़ लीजिए
07:13उसके बाद कोई बात दीजिए
07:15और कानून के दारे में आप भी रहे हम लोगों को भी
07:19कानून के दारे में रहने दीजिए
07:20हम इलीगल नहीं करना चाहते हैं
07:22और नहा हम मुसल्मानों से यह अपिल करते हैं
07:38तो इसका तो कानून में संशोदर करना चाहिए था ना ये बहुत पहले बना है उस टम में तो कोई
07:46इतनी पाटी भी नहीं थी तो उस से इस बीच में हमारे बुज़ुर्गों के भी कुछ कमी रही हो इसमें
07:52उनको भी चाहिए था कि सरकार के पास ये मतालबा रखते हैं कि इस
08:07किसे देख रहे हैं इस नहीं सरकार को देखिए हम किसी सरकार को कोई डिफरेंस नजर से नहीं देखते हैं
08:14जो भी सरकार जनता के लिए अच्छा काम करती हैं हम उसको सेलिट करते हैं जो जनता को तकलीफ पहुचाती
08:20हैं हम उसके तकलीफ के बारे में उनको आगाह करते हैं क
08:37झाल झाल
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