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ran Oil Deal: भारत आने वाला तेल अचानक China क्यों मुड़ गया? क्या पेमेंट की बड़ी गलती की वजह से भारत ने हाथ आया एक सुनहरा मौका खो दिया है? जानिए इस पूरी जियोपॉलिटिकल हलचल के पीछे का सच।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। करीब 7 साल के लंबे इंतजार के बाद ईरान से भारत आने वाला तेल का जहाज 'Ping Shun' आखिरी वक्त पर अपना रास्ता बदलकर चीन की ओर मुड़ गया है। यह टैंकर करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर गुजरात के वडिनार बंदरगाह पहुंचने वाला था, लेकिन पेमेंट की समस्याओं और अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव के कारण यह डील पूरी नहीं हो सकी।
इस वीडियो में हम विश्लेषण करेंगे कि आखिर क्यों भारत SWIFT सिस्टम के बाहर भुगतान का कोई ठोस रास्ता नहीं ढूंढ पाया? विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी विक्रेता अब क्रेडिट के बजाय तुरंत भुगतान की मांग कर रहे हैं, जिससे भारत पिछड़ गया। दूसरी ओर, चीन ने इसी मौके का फायदा उठाते हुए ईरान के साथ तेजी से सौदेबाजी की और भारत के हिस्से का तेल अपनी ओर खींच लिया।
क्या भारत की 'मल्टी-अलाइनमेंट' रणनीति यहाँ कमजोर पड़ गई है? क्या अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) से समझौता कर रहा है? इस वीडियो में हम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ने वाले इसके असर के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

An Iranian oil tanker named 'Ping Shun', carrying 600,000 barrels of crude oil destined for India's Vadinar port, diverted its route to Dongying, China. This marks a significant setback for India's energy strategy as it was supposed to be the first shipment since 2019. The primary reasons are cited as payment hurdles due to US sanctions and India's inability to establish a non-SWIFT payment channel.


#IranOil #IndiaChinaRelation #PMModi #OneindiaHindi #EnergySecurity

~PR.514~GR.122~HT.96~

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Transcript
00:00मिडिलिस्ट की जग के बीच भारत के साथ कुछ ऐसा हुआ है जिसने उर्जा बाजार में हलचल मचा दी है
00:05साथ साल बाद इरान का तेल भारत आने वाला था
00:08सब कुछ दै था
00:09टैंकर रास्ते में था
00:10लेकिन आखरी वक्त पर अचानक रुख बदल गया
00:13सवाल ये है आखरी पल में ऐसा क्या हुआ
00:16कि भारत आने वाला टैंकर भारत के बजाए चीन क्यों और मुड़ गया
00:20क्या ये सर्फ एक कारोबारी फैसला था
00:22या इसके पीछे चिपा है बड़ा जियो पॉलिटिकल दबाव
00:25पश्ची मेशिया में जारी भीशन युद के बीच उजा की लड़ाई अब और तेज हो चुकी है
00:30और इसी बीच एक ऐसा घटना करम सामने आया है जोसने भारत की उजा रणीती पर बड़े सवाल खड़े करती
00:36है
00:36एक तेल टैंकर पिंक्शून जो करीब 6 लाक बैरल इरानी कच्चा तेल लेकर गुजराद के वड़ी नगरवंदरगाह आने वाला था
00:45उसने आकरी वक्त में अपना रास्ता ही बदल लिया और अब वो चीन के डोगीं की ओर बढ़ रहा है
00:50तेजी से बढ़ रहा है
00:52अगर ये डील पूरी हो जाती है तो 2019 के बाद पहली बार भारत इरान से तेल खरीता है अगर
00:58ये डील पूरी हो जाती तो लेकिन ऐसा हुआ नहीं और इसकी सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है पेमेंट
01:05की समस्या
01:06दरसल एरान पर अमेरिकी प्रतिबंद अभी लागू है अलाकि एक सिमित सैंक्शन्स वेवियर 19 अप्रेल तक वैद दिया है लेकिन
01:13इसके बावजूद भुगतान के रास्ते बहद जटिल है
01:16सुत्र बताते हैं कि इरानी विक्रेता अब क्रेडिट पर तेल देने को तयार नहीं है वे तुरंत या कम समय
01:22में भुगतान चाहते हैं और यहीं भारत पुछड़ गया
01:25भारत ना तो स्विट सिस्टम के बाहर कोई मजबूत भुगतान चैनल तयार कर पाया और ना ही अमेरिका के प्रतिबंधों
01:31से बचने का ठोस रास्ता निकाल पाया
01:34नतीजा जो तेल भारत आने वाला था वो सीधे चीन चला गया
01:39यहां एक और बड़ा पहलू है
01:40मिडलिस में जंग के दोरान हॉर्मू स्ट्रेट पर भी नियंतरन और खत्रे की सिथी ज्यादा बनी हुई है जहां से
01:46दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है
01:49ऐसे में हर शिप्मेंट और भी ज्यादा सब्वेदेशील हो जाता है
01:53और चीन जो पहले से ही इरान का सबसे बड़ा तेल खरिदार है ऐसे मौके का फायदा उठा कर तेजी
01:59से सौधे कर रहा है
02:00अब बड़ा सवाल उठता है कि भारत की मल्टी अलाइन्मेंट और उर्जा सुरक्षा की रणीती सिर्फ भाशनों तक समित है
02:08क्योंकि हकीकत यह है कि जब मौका आया भारत भुटान में वस्था के कारण पीछे रह गया
02:13इसका सीधा असर होगा भारत को अब फिर महंगे अंतरास्टिय बाजार से तेल खरीदना पड़ेगा जिसका असर पेट्रॉल डीजल की
02:21कीमतों पर भी पड़ सकता है
02:22और सबसे एहम सस्ते विकल्प जैसे रूस और इरान धीरे-धीरे हाथ से निकल सकते है
02:27विशेशग्य साफ कहते हैं उजा सुरक्षा सिर्फ तेल खरीदने से नहीं आती बलकि उसके लिए पेमेंट, शिपिंग और इंशोरंस का
02:34मजबूत एकोसिस्टिम जरूरी होता है
02:36अगर ये नहीं बना तो हर बार भारत ऐसी ही मौके गवाता रहेगा
02:41तो कि भारत ने एक बड़ा रणितिक मौका खो दिया, क्या अमेरीकी दबाब के आगे उजा सुरक्षा कमजोर पड़ रही
02:47है या फिर ये सिर्फ एक औरस्थाई जटका है
02:50सवाल कहीं है लेकिन सच इतना है कि इस बार तेल नहीं मिला और मौका हाथ सेन कर गया
02:54इस कबर में इतना है अपडेट्स के लिए देखते रहें OneIndia हैंती
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