00:00जमू कश्मीर में इन दिनों गांदरवर में हुए एक एंकाउंटर का मामला विवादों में घिरा है। इस मामले में अब
00:05एलजी मनोस सिनहा ने जांच के आदेश दिये हैं और साथ दिन के भीतर रिपोर्ट मागी है।
00:32जांच की मांग की थी और पीडीपी चीफ ने इसका समर्थन किया था। और अब जी मनोस सिनहा ने इस
00:37मामले में जांच के आदेश दिये हैं और साथ दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
01:00के साथ मोजूद हैं जिनका कहना है ये है हमारे साथ एजाज मुगल साहब राशिद के बाई जिन्होंने ये इल्जाम
01:09लगाया है कि ये एक एंकाउंटर ही फेक है। ये उनके बाई एक सिविलियन थे पड़े लिके सिविलियन थे और
01:18पुलीस में बर्दी होकर
01:21पुलीस की वर्दी पहन कर देश की सिवा करना चाते हैं। तो एजाज साब आप से जाना चाहेंगे कि राशिद
01:28साब के बारे में आपको कैसे पता चाला कि उनका इस एंकाउंटर में मौत हो गई है कि जिस एंकाउंटर
01:34पे काफी सवाल उठ रहे हैं।
01:36जिस एंकाउंटर सार 31 को वो दिन को गर पर ता सुबा सवेरे आठ बजे तक और साड़े नो बजे
01:42यहां से निकिल गया था गाया था गांदर बाल की से फिर फुस्ट अपरेल को मुझे नाले सिंध पर में
01:48सुबा के टेम काम पर था दस बजे वहां पर पलीस आई एक बंद
02:06से उनों ने दिखाया मुझे मिलैने से पुराना साय मिलैने सा वो दिखाया अंदर जाओ वाला देखो इसमें इस डैड़
02:13बाड़ी किसकी है और वहां पर मैंने जब देखा तो मेरा बाई था और उसका चाहरा पिर बिगाड़ा हुआ था
02:21पूरी राध जैसे ट्रेनिंग कर
02:58सी था आज तक हम आतंगवादी नहीं तो आज कैसा आतंगवादी बन गए
03:05और उसके साथ उसके जो नीचे जूते थे वो जूते हमारी इस मुझे नहीं लगता है जोंट वलीवार में किसी
03:12के पास इतने महेंगे जूते होंगे वो कमांडो जूते थे और उसके साथ उस रात ऐसे बारिश हो रही थी
03:17उस रात कीचर वीचर उस जूते के साथ नहीं लगा
03:35हंदवारा में उसको दफन किया तो देश के लिए इनोंने कितना काम किया है यह जो पूरा चौन्ट वलिवार इन
03:41से पूछ इनके लोगों के लिए भी वो काम करता था काघस बनाता था बड़ा लिखा था काघस जावज काम
03:46करता था और अबनी तरीके से हर एक बोलता था मु�
04:17वह इस इंकाउंटर के बाद राशित गुल का पूरा परिवार बिखर गया है पूरे गाउं में सरनाटा पसरा है और
04:23लोग तरह तरह की बाते कर रहे हैं
04:26परिवार ने साफ कहा कि राशित का किसी सातंकी संक्ठन से कोई लेना देना नहीं था वो पढ़ा लिखा था
04:31और गाउं के लोग की मदद करता था परिवार का दर्द सिर्फ आरोप तक सीमित नहीं है उनका कहना है
04:38कि उन्हें पहले एक्सिडेंट की जानकारी दी गई और बा�
04:53में पता चल रहा है कि फैमिली भी कह रही है कि में जी एक सिविलियन है मिलिटन्ट या आतंक
04:58वादी नहीं है जैसा आर्मी कह रही है तो आप कब से जानते हैं राशिद साब को और कैसा मिज़ाश
05:06था हूं का कैसे लोगों के साथ कैसे पेशानी के तालोग है तो बच्पन से
05:13ये मेरा पुफीक अलरका है बच्पन से हमारे साथ इनका ताल मिल था और दूसरी बात ये है कि जो
05:22इसके जो इखलाक और इसका जो रहन से ये बहुत ही शरीफ नफस इसका किसी के साथ लगबग आज तक
05:29अलाकर में किसी के में में तू तू नहीं हुआ होगा इतना शरीफ �
05:32नहायती शरीफ और पड़ लेखल बचाता है तो आपको क्या लगता है किन हालात में इसको मार गिराया गया मारा
05:38गया असल में ये बात है कि यहां के जो लोग हैं गरीब लोग हैं उनकी आवाज थी नमर एक
05:44तो शायद कोई जाती दुश्मनी भी हो सकते किसे के साथ हो वैस
05:51जो जब ये मारा गया तो हमें आज तक अभी भी यकीन ही हो रहा है कि राजचत साब बड़ा
05:56हो आभी तक क्यों कि वह था ही ऐसा इसा इंसा नहीं तो अल्ला जाने इसके पर इन लोगों ने
06:03क्या कभी बोलते हैं ये टर्रिस्ट है कभी बोलते हैं ये गैर मुलकी है तो आज
06:14यहां महौल अभी भारी है लोग के चेहरे पर गुसा भी है और डर भी एक तरफ सुरच्छा बलों का
06:20दावा है तूसी तरफ परिवार की पुकार है क्योंकि बात सिर्फ जिन्दगी की नहीं है बात पहचान की है इसे
06:27आतंक की कहकर मार दिया गया
06:28हम अभी खड़े हैं चूंट वलिवार गाउं में जो गांदर बलजिले में पड़ता है यहां सी थोड़ी ही दूर है
06:36राशिद मुगल का घर जिसे कठित तोर पर आर्मी ने 31 मार्च की रात को एक एंकाउंटर में मारा और
06:45जिसके बाद कई सियासी तंजीमों ने जिसमें खास
06:58की तब जब मिली जब यहां इनकी फैमिली ने यह दावा किया कि राशिद कोई आतंक वादी नहीं था बलकि
07:06एक सिविलियन था और लोगों की काफिये हल्प करता था लेकिन आज यहां पर जब हम आएं और इनके परिवार
07:13वालों से बात की तो उनका एक ही मकसद है कि जो ए
07:28अगटना हुई जो एंकाउंटर हुआ है इसकी तफ्तीश के बाद जो भी कुसुरवार पाया जाए उसको सजा दी जाए कांदर
07:36बल से वान इंडिया के लिए मैं इजहार अली
07:39अगो है जो एफे यहार एंचे है इसनके दिए, इस किष्ड़ उनके नहीं है तूझा है कि जो एगए दैक
07:53कि किई जी करता मी उनका दो खायचाुरु ऑपस्की वेजै को, ए Pat इ Unhamin को
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