00:05रक्षामंत्री राजनात सिंग ने आज भारत में बनी स्वदेशी परमानु पंडुब्बी आई एन एस अरिधमन को भारती नौसेना को सौपा।
00:14इससे भारती नौसेना की ताकत बढ़ेगी।
00:17रक्षामंत्री राजनात सिंग ने आज आंधरप्रदेश के विशाका पटनम में नौसेना के कारिक्रम में हिस्सा लिया। इस आयोजन के दौरान
00:25भारत की स्वदेशी परमानु पंडुब्बी आई एन एस अरिधमन को भारती नौसेना में शामिल किया गया। परमानु शक्
00:45अरिधमन। इस दौरान रक्षामंत्री ने भारती नौसेना की जमकर तारीफ की।
01:22आई एन एस अरिधमन की खासियत की बात करें तो क्यों है खास अरिधमन पंडुब्बी। पानी के उपर इसका वजन
01:29लगभग 6,000 टन। पूरी तरह जलमगन होने पर वजन बढ़कर 7,000 तन। करीब 95-100 कर्मियों का दल
01:37इस पंडुब्बी को संचालित करता है।
01:39अरिधमन पर नौसेना धिकारियों के अलावा नाविकों की भी तैनाती। संचालन में 83 मेगावाट के छोटे परमानू रियाक्टर का इस्तिमाल।
01:47ये तकनीक तमिलनाडू के कलपक कम में विक्सित पुराने नौसेनिक रियाक्टर पर आधारित।
01:52भारती नौसेना के पास अब तीन ऑपरेशनल नुकलिया बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन थी और अब चौथी भी इस बेडे में शामिल
01:59हो चुकी है।
02:00इस ताकत को हासिल करने के बाद ये सुनिश्चित हो जाएगा कि भारत की एक परमानू पंडुबी हमेशा गश्ट पर
02:06रहेगी।
02:07दुश्मनों के लिए ये हमेशा बुरी खबर रहेगी क्योंकि देश के कुछ परमानू हथियार समंदर की गहराईयों में रहेंगे जो
02:14कभी भी हमला करने के लिए तयार रहेंगे।
02:16वैसे किसी भी देश को पून रूप से परमानू ताकत से संपन तभी माना जाता है जब उसके पास जमीन,
02:22हवा, समंदर और समंदर के नीच से परमानू हमला करने की क्षमता हो।
02:26पाकिस्तान, इस्राइल और उत्तर कोरिया जैसे देश परमानु हतियार रखने के बावजूद अभी सब मरीन से इसे दागने की क्षमता
02:34नहीं हासिल कर पाए हैं।
02:36फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India हिंदी के साथ।
02:56झाल के साथ।
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