Skip to playerSkip to main content
राघव चड्ढा के हालिया भाषणों ने आम आदमी पार्टी के अंदर हलचल मचा दी है। उनके तीखे बयानों और राजनीतिक रुख ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनसे अरविंद केजरीवाल भी नाराज़ बताए जा रहे हैं। आखिर इन 5 भाषणों में ऐसा क्या था जिसने पार्टी के भीतर तनाव बढ़ा दिया? इस वीडियो में हम विस्तार से उन सभी भाषणों का विश्लेषण करेंगे, उनके असर को समझेंगे और जानेंगे कि एक्शन के पीछे की असली वजह क्या है। AAP की राजनीति, अंदरूनी समीकरण और आने वाले समय पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, सब कुछ यहां जानिए।

Raghav Chadha’s recent speeches have stirred major political buzz, raising questions about internal tensions within AAP. From sharp statements to bold political positioning, these five speeches reportedly caught Arvind Kejriwal’s attention and sparked strong reactions. What exactly did Chadha say that created such a stir? In this video, we break down the key highlights, political implications, and the real reason behind the alleged action. Stay tuned for a detailed analysis of AAP’s latest developments, power dynamics, and what this means for the party’s future in Indian politics.

#RaghavChadha #ArvindKejriwal #AAP #IndianPolitics #PoliticalNews #BreakingNews #DelhiPolitics #AAPNews #LatestNews #PoliticsIndia

~PR.540~HT.408~ED.520~GR.508~

Category

🗞
News
Transcript
00:09आम आदमी पार्टी के राजसभा सांसद रागोचटधा को पार्टी ने राजसभा में उपनेता यानि डिप्ली लीडर के पच्छ से क्यों
00:16हटा दिया
00:17वो रागोचद्धा जो कुछ सालों पहले तक आम आदमी पार्टी में खासकर अरविन के जिरिवाल के बेहत करीबी लोगों में
00:23शामिल होते थे उनसे पार्टी का मोभंग कैसे हो गया
00:26वो रागोचद्धा जिन्हें 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाओ में पार्टी ने बहुत ही कम उम्र में विधानसभा का टिकट दिया
00:33विधायक बनाया और ठीक दो साल बाद 2022 का पंजा विधानसभा चुनाओ जीतने के बाद राजसभा का सांसत भी बना
00:39दिया
00:40वो रागोचद्धा आज कल पार्टी से दूरी क्यों बनाये हुए हैं? रागोचद्धा पर कल वाली कारवई क्यों हुई? उनसे पार्टी
00:47का मोभं कैसे हुआ? और अर्विन केजरिवाल उनसे क्यों नाराज है? इन सभी सवालों के जवाब इस वक्त सियासी गल्यारों
00:52में
01:22धूड़े जा रहे हैं।
01:22जैसे ही दिन खतम होता है और यह अन्यूज डेटा जो है यह फोर फीट हो जाता है यह अगले
01:27दिन रोल ओवर यह नेक्स डेटा का लिया जाता है।
01:52पैसा पूरे 20 लीटर का दिया है। ठीक इसी तरह जिस जितने डेटा का पैसा हमसे लिया जाता है उतना
01:57डेटा हमें यूज करने दिया जाए वह एक्सपायर ना होई।
02:00पारे मेनत के पैसे से खरीदा गया डेटा है। और सर चालाकी देखिए आज कल के रीचार्च प्लांज में डेली
02:06की डेटा लिमिट होती है।
02:08मंथली की डेटा लिमिट नहीं होती क्यूंकि मंथली की डेटा लिमिट के अंदर मैक्सिमम डेटा की खपत का कंज्यूम करने
02:14की प्रॉबिलेटी यानि की संभावना जादा होती है।
03:05यह एक प्रकार से हमारे जीवन के लिए एसेंशल बनता जा रहा है।
03:08पर आपका जितना जीवी डेटा बच गया वो अगले दिन के आपके डेली के डेटा पैक में जोड़ा जाए वैलेडिटी
03:14के साथ समाप्त ना हो।
03:15दूसरा पॉइंट अगर महीने के अंत में काफी बड़ी मातरा में आपका डेटा अक्यूमिलेट अगर हो जाता है बच जाता
03:22है तो यूजर को ऑप्शन दिया जाए कि इस डेटा की वैल्यू का अज़स्मेंट वो अपने रीचार्ज प्लान के अगेस्ट
03:28कर सके।
03:28यानि कि अगले महीने वो जितने वैल्यू की रीचार्ज कराता है उसमें से छूट मिले, डिसकाउट मिले, अन्यूस डेटा की
03:35मार्केट वैल्यू की अनुसर।
03:36कि बिजली की खपत आप जितने ही करते हैं जितने यूनिट उतना ही पैसा बरते हैं फीक उसी तरह जितने
03:42जीभी डटा
03:42कंजूम करें उतना ही पैसा वसूल आ जाये उससे जादा ना वसूल आ जाये और थर्ड नियम्
03:47जो बनना चाहिए वो ये है कि अन्यूस डेटा को आपका डिजिटल एसिट माना जाए
03:52और जिस प्रकार से हम पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं
03:55डेटा ट्रांसफर अलाउड होना चाहिए
03:57यानि कि यदि आज मेरा कुछ बचा हुआ डेटा है
04:00डेली पैक के अनुसार मैं अपना बचा हुआ एक डेट जी भी अपने परिवार वालों को ट्रांसफर कर सकते हैं
04:06तांक यू सर अपने सवाल पूछने का मौका दिया
04:08सर भारत का कंज्यूमर बाजार एक बड़ी बिमारी का शिकार है
04:12जिसे misleading, branding और false advertisement के नाम से जाना जाता है
04:15जब हम एक fruit juice की bottle खरीतते हैं
04:18तो उसके front पे fresh fruit juices की बड़ी juicy fruits की picture होती है
04:23लेकिन पीछे small text में back of the packaging उस fruit juice के लिखा होता है
04:27that picture is only for marketing purpose only
04:30and हमारे देश का consumer खास तोर पे देश का युवा
04:34in drinks को ये सोच के consume करता है
04:36कि ये healthy है और nutritious है
04:39लेकिन उसे पता नहीं कि वो चीनी का घोल पी रहा है
04:41जिसके चलते है diabetes, obesity और lifestyle diseases होती है
04:45my question to the honourable minister through you sir is
04:47that what steps is the government taking to ensure
04:51that we put a ban on misleading imagery
04:54तांकि ऐसा ना हो कि mislead करें visually or comply करें technically
04:58how are we ensuring that high in sugar disclosures are put at the front of the packet
05:04and lastly how are we going to ensure that there is category clarity
05:08that whether this product is a fruit juice
05:11or a sugar plus concentrate preservative drink
05:16thank you
05:16sir west asia में जो ongoing escalation चल रही है
05:21उसके चलते sir global financial markets में एक volatility देखी जा रही है
05:26और भारत में भी sir sharp erosion देखा गया है investor wealth में
05:31sir ये इंडिया का crisis नहीं है
05:34इंडिया इस conflict का हिस्सा नहीं है
05:36भारत की economic fundamentals अभी भी strong है
05:39लेकिन फिर भी इस geopolitical global shock के चलते
05:43हमारी अर्थवेश्था और खास तोर पे
05:45भारत का बाजार Indian stock market को एक shock लगा है
05:49sir मैं बताना चाहूँगा कि 28 फरवरी जब पहली बार ये युद्ध शुरू हुआ
05:55पहला act of aggression किया गया
05:57तब से लेकर 23 फरवरी that is yesterday
06:01लगभग 48 lakh करोर रुपीज भारत के investors के
06:06erode हो गए market से गायब हो गए
06:09शूने हो गए एक मार्च से लेकर 15 मार्च के भीतर भारतिय बाजार से निकाल लिया
06:17रुपिया 94 पहुँच गया
06:19ये तमाम चीजे रूटीन correction नहीं है sir
06:21ये conflict driven shock है
06:23मेरी चिंता है sir कि भारत में लगभग 13,5 करोर investors है
06:29जो लगभग 21 करोर DMAT accounts के माध्यम से निवेश करते है
06:33और खास तौर पर इस वर्ग में
06:35SIP investor, first time retail participant, salaried middle class
06:40और retirees जो long term savings के लिए निवेश करते है
06:43उनकी चिंता है जो मैं सदन में व्यक्त करना चाहता हूँ
06:46sir West Asia की जो जंग है वो हमारी जंग नहीं है
06:49लेकिन उसके शौक भारत ये बाजार में देखे गए
06:51it is a black swan event
06:53because it has been triggered suddenly, externally
06:56and it is unrelated to the underlying Indian economic fundamentals
07:01but sir, भारत may not be failing
07:04but India is certainly being hit by this shock
07:07और मेरा सरकार से ये अनुरोध रहेगा
07:09that the government when they encourage citizens to enter the global markets
07:13or the capital markets in particular
07:15the government cannot disappear when external shocks hit the household wealth
07:20इसलिए मैं अनुरोध करता हूँ
07:22कि कुछ relief भारत के investor को सरकार द्वारा दिया जाए
07:27पहला relief जो हो सकता है sir वो ये है
07:29कि retail investor को targeted relief दिया जाए
07:32आज जब भारत का कोई investor बाजार में share खरीदता है
07:36retail investor तो उसे brokerage, STT, exchange charges
07:42service charge पर GST और stamp duty देना पड़ता है
07:45और ये सब जूजने के बाद यदि मुनाफ़ा होता है
07:47तो 20% short term capital gain tax और 12% long term capital gain tax लगता है
07:52अगर कोई limited transaction cost पर relief सरकार दे
07:56तो investor sentiment boost हो सकता
07:58I am not asking for market populism sir
08:00I am asking for targeted investor protection
08:03मेरा दूसरा सुजाव है अगर time bound
08:05STT relief retail investor को दिया जाए
08:09FNO sector को नहीं
08:10FNO sector में STT बढ़ा कर सरकार ने अच्छा काम किया
08:13मैं सराना करता हूं सरकार की
08:14लेकिन retail investor के लिए
08:16अगर STT का relief दिया जाए
08:18तो एक investor confidence boost
08:20हमारे बाजारों को मिलेगा
08:22भारत के retail investor को मिलेगा
08:23मेरा third सुजाव है sir
08:25कि capital loss को carry forward करी
08:27समाप कर रहा हूं sir
08:28I just need half a minute
08:29extend capital loss carry forwards
08:31आज भारत का income tax
08:33जो losses होते हैं बाजार में
08:35उन्हें 8 साल तक carry forward करने की
08:37अनुमती देता है
08:38इसे बढ़ा कर 12-15 किया जाए
08:40इस crisis window में जो loss
08:42book हो रहा है sir
08:43I am just finishing
08:43Sir special crisis period tax treatment
08:47one time relaxation for retail taxpayer
08:49for this notified stress period
08:52and sir finally my suggestion is
08:54कि low friction rebalancing
08:56अगर portfolio में mutual fund investor करता है
08:59मान लीजे वो equity से
09:01debt fund की और जाना चाहता है
09:03इस से भी notified stress period में
09:05तो उसे इसकी अनुमती मिलनी चाहिए
09:08with very limited expense ratio
09:10and lastly the government must emphasize
09:12on strong public communication
09:14हमारा bazaar, RBI, SEBI exchanges
09:18with mantra ले भारत की macro stability
09:20और energy preparedness पे जनता से बात करें
09:23in conclusion permit me to say
09:24that India's fundamentals are strong
09:27what needs strengthening is the policy shield
09:30that surrounds our investors
09:32because this is not our war
09:33but our investors are paying the price
09:35thank you
09:36my subject is concern over impact of traffic congestion
09:41in Indian cities
09:43सुभे शाम दिल्ली में
09:45ring road, आश्रम चौक, धौला कुआ
09:48या NH8 के डेली गुरगाओं
09:50stretch पर निकल जाईए
09:52या बैंगलोर का सिल्क रोड जंक्शन
09:55या उटर रिंग रोड या कोलकता का
09:58AJC बोस रोड या चौरंगी रोड या मुंबई में
10:02अंधिरी या बैंडरा से फोथ जाना हो
10:05या टाउन साइड जाना हो
10:07तो आपको लगेगा कि आप रोड पर नहीं है
10:09बलकि एक लंबी पारकिंग लाइन
10:11या एक पारकिंग के लॉट में खड़े हैं
10:13लोग कार में बैठकर आफिस का काम कर रहे हैं
10:16जूम पर मीटिंग अटेंट कर रहे होते हैं
10:18क्यूंकि ट्राफिक बिलकुल नहीं चल रहा होता
10:21ये सिर्फ इंकर्विनियंज नहीं है
10:24ये एकनॉमिक लॉस भी है
10:26आंकडों के अनुसार
10:28बैंगलोरों में एक कम्यूटर हर साल
10:31on an average
10:33168 hours ट्राफिक में फसा रहता
10:36यानि की करीब 7 पूरे दिन
10:38डेली में लगभग
10:40104 hours per year
10:42पूने में 152 घंटे
10:44कोलकता में करीब
10:46110 घंटे
10:47चेन्नई में करीब 100 घंटे प्रतिवर्ष
10:50और मुंबाई में करीब
10:51126 घंटे हर साल
10:53ट्राफिक में ही निकल जाते हैं
10:55ये सिर्फ टाइम लॉस नहीं है
10:58ये productivity का लॉस है
10:59fuel का wastage है
11:01pollution बढ़ता है
11:02और लोगों को stress और frustration देकर
11:05उनकी quality of life पर भी
11:07सीधा असर डाला जाता है
11:09ये problem बढ़ती जा रही है
11:11पिछले साल देश में लगभग
11:13धाई करोड new vehicles की
11:16registration हुई
11:17जिसमें maximum private vehicles थी
11:19इसलिए मैं
11:20सरकार से ये मांग करता हूँ
11:22कि देश के बड़े metros के लिए
11:25एक national urban
11:27decongestion mission बनाया जाए
11:29जिसमें
11:31better transport
11:33better public transport
11:35smart traffic management system
11:37और scientific parking policy हो
11:40और इसका एक focused action plan
11:42तयार किया जाए
11:43क्यूंकि अगर हमारी cities traffic के जाब में फसी रहेंगी
11:47तो हमारी economy
11:48fast lane में नहीं आ पाएगी
11:50sir I demand in this august house
11:53to make paternity leave
11:55a legal right in India
11:57sir हमारे देश में
11:59जब बच्चे का जनम होता है
12:00तो बधाईयां माबाप दोनों को मिलती हैं
12:03लेकिन जिम्मेदारी पूरी तरीके से
12:05मा यानि की मदर के हिस्से में डाल दी जाती है
12:08और हमारा system
12:09केवल maternity leave को
12:12माननेता देता है रेकगनाईज करता है
12:14ये एक societal failure है
12:16जिसे हमारे laws
12:17reinforce कर रहे हैं sir
12:19sir कानून समाच का आईना होता है
12:22और जब कानून में
12:24फादर यानि पिता की
12:26care giving responsibilities को
12:28माननेता नहीं दी जाती है
12:30तो हम
12:31institutionally ये संदेश दे रहे हैं
12:33कि parenting केवल
12:35मा की जिम्मेदारी
12:36it is only and only the mother's job
12:38मैं ये मांग करता हूँ
12:39कि paternity leave को
12:41legal right के रूप में
12:43माननेता दी जाए
12:44care giving
12:46सिरफ मा की जिम्मेदारी नहीं मान कर
12:48gender divide को और गहरा
12:51नहीं किया जाना चाहिए
12:52अब इसे बदलने का समय आ गया है sir
12:55sir एक मा नौ महीने तक
12:57बच्चे को पेट में पालती है
12:58when she is pregnant
12:59फिर normal delivery
13:01या cesarean जैसी
13:03मुश्किल procedure से गुजरती है
13:04उसे medical care दवाईयों के
13:07साथ साथ अपने husband की
13:09physical, mental और
13:11emotional support की भी
13:12जरूरत होती है
13:15पती की भी बीवी के प्रती
13:17care giving responsibilities होती है
13:19सिरफ बच्चे के प्रती नहीं
13:20और ऐसे समय में
13:21husband की presence कोई luxury नहीं सर
13:24बलकि एक necessity है
13:25आज केवल central government employees को ही
13:2815 दिन का paternity leave मिलता है
13:31जबकि private sector में
13:33ये right या अधिकार है ही नहीं
13:35Sweden, Iceland और Japan जैसे देशों में
13:39ये legal right
13:4090 दिन से लेकर
13:4252 हफतों तक कि ये guaranteed right
13:45के तौर पे दिया जाता है
13:46भारप में
13:4890% workforce private sector में है
13:50यानि कि अधिकांच
13:51पिताओं के पास
13:52ये अधिकार है ही नहीं
13:54इसलिए मैं सरकार से मांग करता हूँ
13:56कि paternity leave को
13:57legal right बनाया जाए
13:59क्यूंकि caregiving सिरफ मा की ही नहीं
14:02बलकि एक shared responsibility
14:03of both the mother and the father
14:05आपने रागो चड़्धा को सुना
14:07रागो चड़्धा स्वास्त के मुद्दे पर बोल रहे हैं
14:09शेर बाजार के मुद्दे पर बोल रहे हैं
14:10टेलेकाउम कंपनियों की मनमानी पर बोल रहे हैं
14:12लेकिन रागो चड़्धा उन मुद्दों पर बात नहीं कर रहे हैं
14:43जो मुद्दे आमादमी पार्टी के बाकी नेता उठा रहे हैं।
14:45वो सिर्फ वा सिर्फ अपने चुने हुए मुद्दे उठा रहे थे और यही बात पार्टी आला कमान को अखर रही
14:52थी।
15:15आमादमी पार्टी के लिए बहुत ही संकट का दौर है।
15:18आमादमी पार्टी 2027 में दो महत्पूर चुनाव लड़ने वाली है।
15:22एक तो उसे पंजाब में पनी सत्ता बचानी है।
15:24दूसरी गुजरात में उसके लिए बहुत साधा संभावनाय नजर आ रही है।
15:27पिछली बार 13-14% ओर्ट मिला था, 5-6 सीटे भी मिल गई थी।
15:31इस बार आमादमी पार्टी गुजरात में पूरा जोल लगाना चाहती है।
15:34लेकिन ऐसे मौके पर रागो चट्धा जो पहले कभी रढ़नितिकार हुआ करते थे,
15:38वो पार्टी से दूर हैं, ना किसी पार्टी कारकर में भाग ले रहे हैं,
15:43ना प्रेस कॉन्फरेंस में दिखते हैं, और ना ही कभी पार्टी के दोरा उठाएगे मुद्दो पर अपनी कोई बात रखते
15:48हैं।
15:48और इनी सब वजहों से अर्विन केजरिवाल और उनकी टीम ने अब ये जरूरी समझा है कि रागो चट्धा को
15:54बड़ी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाए।
16:18उस वक्त जब आम आदमी पार्टी के बड़े निताओं पर कारवाई हो रही कि उस वक्त रागो चट्धा को ये
16:24डर सता रहा था कि कहीं ED की CBI की जाच की आच उन तक न पहुंच जाए, उन पर
16:30कोई कारवाई न हो जाए और उस वक्त वो बैकडोर से बाचित कर रहे थे दि
16:48असली वज़ा क्या है? ये तो फिलाल सामने नहीं आपाई है, ये आमादमी पार्टी के नेता बटा सकते हैं, केजरिवाल
16:53के करीवी बटा सकते हैं और खुद रागो चट्धा बटा सकते हैं कि उनकी आमादमी पार्टी से दूरियां क्यों बढ़
17:00रही हैं और क्यों टकरा�
17:14ये आर्विन केजरिवाल और उनकी टीम से दूरि बना चुकी हैं और बहुत कुछ हुआ था, उनने बहुत कुछ आरोप
17:19भी लगाये थे, खासकर अर्विन केजरिवाल के बहत करीबी और उनके निजी सच्यू माने जाने वाले विभो कुमार के उपर,
17:25तो अब दूसरा रा
17:39अपके बाले श्यात करीबी помार के हुआ परा प्ला लाले विभो कुमार.
Comments

Recommended