00:00गिरिडी साहर के बरगंडा में अवस्त आदिवासी छात्रवास का भवन जरजर वस्तम है। भवन का प्लास्टर जगा जगा से तूट
00:06रहा है। दिवार में भी जगा जगा तरार आ चुकी है। बारिस होने पर छट से पानी भी टपकता है।
00:12वहीं सोचाले की इस्तिती भी �
00:13अच्छी नहीं है। पैजर की समस्या यहां रह रहे छात्रों को जहिलनी पड़ रही है। इस मामले को लेकर यहां
00:20के छात्रों ने विभाग से लेकर नेता प्रतिपर्ष बावुलाद मरंडी यहां तक सूबे के मुख्या को भी पत्र लिखा है।
00:27लेकिन अभी तक यहां की
00:28समस्या को दूर नहीं किया जा सका है।
01:04यहां से नेता से लेकर के नेता प्रतिपर्ष तक और विधायक तक यहां से यहां तक काम लोग मंत्री तक
01:10को भी अविधन कर चुके हैं।
01:12बट लेकिन हम लोग को कोई positive result अभी तक आया नहीं है।
01:16यहां का पानी पीने के लिए लाइक भी नहीं है। पूरा गंदगी आता है।
01:20और कितना पर यहां पर हम लोग application देते हैं तो वहां से सरवी करने के लिए आ जाते हैं।
01:27यहां पर सरवी करके चल जाते हैं। लेकिन अभी तक कोई positive result हम लोग को नहीं मिला है।
01:33यहां के चातर कहते हैं कि वे लोग डरे हुए हैं।
01:35चुकि आए दिन plaster गिरता है और चूट लगने की संभावना प्रबल रहती है।
01:42चातर बताते हैं कि भवन की भी कमी है और ऐसे में कई चातर यहां से जा चुके हैं।
01:48हम लोग यहां लगबब पूल मिलाके 60 अस्टुडेंट रहते थे। लेकिन अभी हम लोग का संक्या विलकुल गिर चुका है।
02:03हम लोग देख सकते हैं हम लोग का पूरा होस्टल तूट चुका है और हम लोग इसको लेकर के विधायक
02:10को लेकर विधायक से भी मिल चुके हैं।
02:12यहां तक कि कल्यान मंत्री चमरल लिंडा से भी मिल से लेकिन अभी तक हम लोग का इस जरजर हिस्तिती
02:18में कोई परिवर्टन नहीं आए।
02:20यहां कि कल्यान पदाधिकारी को ग्यापन देकर सोपा था उसमें से कुछ समस्या का समाधान भी हुआ है जैसे की
02:27टूटा हुआ बैट यह सब बदला गया है लेकिन बहुन को लेकर के अभी तक कोई कारवाई नहीं है।
02:31जैसे आप लोग सोते होते होंगा तर आत में भी ऐसा कुछ हाथसा होता होगा चाज्या गिर जाना या कुछ
02:36होता है कि यहीं हम लोग एक दिन पेपर पढ़ने के लिए बैटे थे सीडी के पास लेकिन उपर से
02:41गिर गया तो डर तो हमेसा लगा हुआ रहते हैं।
02:44Sir, परिसानी सोब बहुत कुछ है Sir, पताये कैसे पर पुरब यह होस्टेल पुरब जरजर हो चुका है।
02:52और होस्टेल के ग्राउंड में यह बंडरी वो भी नहीं है।
02:56और खाना बनाने के लिए भी खुद से बनाना पड़ता है।
02:59और कुक भी नहीं है ऑस्टेल में।
03:01और जाल पुर्ति के लिए यहां नल उमें भी गानदा पानी आता है उसमें भी।
03:07Sir, खाना बनाने के लिए एक कुक चाहिए।
03:09और इसमें ज्यादा तार हम लोग ट्राइम देते हैं।
03:12इसमें।
03:12सिलेंडर भी नहीं मिल रहा है Sir, खुद से, खुद का पैसा से लेके जलाते हैं।
03:17अभी तो सिच्वेशन ऐसा है कि मतलब कोईला से खाना बनाना पड़ रहा है।
03:22यह बिल्डिंग अब पूरा उपर तो पूरा खराब हो चुका है।
03:25कभी कभी तो इधर उधर साइट साइट से गिरा हुआ है।
03:55अभारत गिरिडी।
03:56अभारत गिरिडी।
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