00:00असम में इस बार जो विधानसभा का चुनाव हो रहा है ये चुनाव बेहद ही दिल्चस हो रहा है
00:05कहा जा रहा है कि ऐसा चुनाव दस सालों बाद हो रहा है
00:092016 में ऐसा दिल्चस पनाव हुआ था आखरी बार असम में
00:13जिसमें बीजेपी को जीत मिली थी और कॉंग्रेस से सत्ता चीन कर बीजेपी जब स्थापित हुई सत्ता में तो पिछले
00:2010 सालों से उसे सत्ता से हटाया नहीं जा सका है
00:232016 में क्या हुआ था इससे ही शुरू करते हैं और बाचीत में आपको 2026 तक की पूरी कहानी बताएंगे
00:29इसके साथ ही ये भी बताएंगे किस बार कॉंग्रेस पार्टी ने कौन सा ऐसा ब्रहमास चल दिया है और इस
00:35बार कैसे कॉंग्रेस पार्टी बीजेपी से सत्ता चीनने के
00:39बहुत करीब पहुच चुकी है ऐसा बहुत सारे लोग दावा कर रहे हैं तो चलिए 2016 से शुरू करते हैं
00:45पूरी कहानी को
00:462016 के चुनाव में बीजेपी ने सर्वानन सोनेवाल के नितुप्त में चुनाव लड़ा था बीजेपी गडबंधन को इस चुनाव में
00:5286 सीटे मिली थी फूल सीटे कितनी है सम में 126 बहुमत का अकड़ा है 114 बीजेपी को 60 सीटे
00:59मिली थी बीजेपी की सहयोगी जो पार्टी थ
01:14इस चुनाव में कॉंग्रेस पार्टी को सिर्फ 26 सीटे मिली थी, पांच साल सरवानन सोनेवाल मुख्यमंत्री रहते हैं, इसके बाद
01:20आता है साल 2021, बीजेपी ने फिर से 60 सीटे जीती, 2021 का चुनाव बीजेपी के लिए बहुत आसान चुनाव
01:27माना गया था, पांच साल की सत्
01:30उसे बढ़ियां अच्छी खासे सीटे मिल गई थी, उसकी सरकार भी बन गई थी, इस बार इंडिया गडबंधन को 75
01:35सीटे मिली थी, जिसमें बीजेपी को 60 सीटे मिली थी, जैसा कि मैंने आपको बता दिया, असमगर परशत और यूपी
01:40पी एल एक पार्टी थी, तीनों का �
01:42गडबंधन था और सरकार बन जाती है, कॉंग्रेस को इस बार 29 सीटे मिलती है, 2016 में 26, 2021 में
01:49बढ़कर तीन बढ़कर 29 हो जाती है, लेकिन 2021 के चुनाव में बहुत ही खास बात हुई थी, या कहलें
01:55बहुत ही आश्चर जनक घटना हुई थी राधनितिक तोर पर माने तो, बी
02:09UDF को 15 सीटे मिली थी, लेकिन सरकार नहीं बन पाई थी कॉंग्रेस के गडबंधन की, इसके बाद ये दोनों
02:16गडबंधन तूट गया था, यानि बदरदुन अजमल की पाटी अलग हुए थी गडबंधन से, अब आते हैं 2026 में, 2026
02:22में दोनों गडबंधन ट्यार हैं अपन
02:38चुनाओ में, BJP के साथी, यानि NDA गडबंधन के साथी, इस बार वो बाहर हो गई है, और सतन्त रूप
02:43से चुनाओ लड़ रही है, अब आते हैं इस चुनाओ में कॉंग्रेस के गडबंधन पर, और क्यों मैं बार बार
02:48कह रहा हूं कि इस बार कॉंग्रेस पार्टी बहुत
03:06गडबंधन बनाया है, कॉंग्रेस पार्टी मुख्य पार्टी है, जो करीब 99 से 100 सीटों पर चुनाओ लड़ रही है, उसके
03:12साथ ही उसने राय जोड़ दल को अपने साथ जोड़ा है, जो 11 सीटों पर चुनाओ लड़ रहे हैं, दो
03:17सीटों पर इन दोनों के बीच में फ्रे
03:37APHLC वो भी कॉंग्रेस के गडबंधन में हैं, तो मोटा माटी छे पार्टियों का महा गडबंधन कॉंग्रेस पार्टी ने इस
03:44बार बनाया है, कॉंग्रेस पार्टी ने इस बार AIUDF यानी बदरुदीन अजमल की पार्टी को अपने साथ नहीं जोड़ा है,
03:51क्योंकि 2021 के च�
04:06लिमों की ही रादनीती करेगी, ऐसा करके कुछ परचार बनाने की कोशिस की गई थी, पूरा कैम्पेंच चलाया गया था,
04:11और उससे कॉंग्रेस पार्टी को नुकसान हुआ था, ऐसा कॉंग्रेस के बहुत सारे लोग खुद भी मानते हैं, तो कॉंग्रेस
04:16पार ये निरने �
04:18लिया उसकी उसने राणिती मनाई किस बार AIUDF को साथ में नहीं रखा जाएगा, गडबंधन तो 2021 चुनाओं के बाद
04:24ही तूट गया था, 2024 के तो लोग सुबा चुनाओं में AIUDF को बहुत तवड़ा जटका लगा था, बदूदी नजमल
04:29खुद सीट अपनी हार गए थे 10 ला
04:47उसके जो यवा चिराग हैं, जो तीसरी बार लोगसभा के सांसत बने हैं, उन्हें परदेश अध्यश बनाया है, कॉंग्रेस के
04:54संगटनाटमक सब्द यूज करें, तो उनको बनाया है असाम परदेश कॉंग्रेस कमेटी का अध्यश, गोरो गोगोई के नेतृत में चुना
05:17करने के लिए कॉंग्रेस के लिए लगातार असम जा रही हैं, और कॉंग्रेस पार्टी असम में इस बार बहुत ही
05:23चतुराई से उन मुद्दों का चुनाओ कर रही है, उन मुद्दों को उठा रही है, जिस मुद्दे से बीजेपी को
05:30और खासकर हिमनता बिस सर्मा को नुक
05:56तो कॉंग्रेस पार्टी क्या कर रही है कि इस बार सबसे पहले तो वो हिमनता भिस सर्मा की खुद की
06:01छवी पर चोट पहुचाने की कोशिश कर रही है
06:03राहुल गांधी दो प्रेल को जब वसम में चुनाव परचार करने के लिए पहुचते हैं तो वो क्या कहते हैं
06:08वो कहते हैं हिमनता भिस सर्मा भारत के सबसे भरष्ट मुख हिमन्तरियों में से एक हैं
06:13राहुल गांधी इसके साथ ही वो कहते हैं कि हिमंता विस्सर्मा को नरेन मोदी यानि परधान मंत्री जी जो कुछ
06:19कहने के लिए कर देंगे वो तुरंट कर देंगे वो चाहे सही फैसला हो चाहे गलत सब कुछ करने को
06:24तयार है हिमंता विस्सर्मा और पूरी तरह से बीजेपी
06:28आलाकमा नहीं एसा राहुल गांधी कहने की कोशिश कर रहे हैं और ईसा उन्होंने अपने शब्द
06:32भी उनके शब्द थोड़ा अलग हो सकते हैं लेकिन उनके कहने का भाव तो कुछ ऐसा ही था राहुल गांधी
06:37पूरी तरह आक्रमक है हिमंता विस सर्मा
06:58लेकिन 2015-16 के आस पास उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी जॉइन कर लिया था।
07:02बीजेपी में उन्हें बहुत सम्मान मिला, उन्हें बहुत जगा मिली और बीजेपी ने 5 साल असम में उनको काम कराने
07:07के बाद मुक्षी मंतरी की कुरसी भी दे दी थी।
07:09और इसी वज़ा से वो इस वग बीजेपी के बहुत चहते हैं और बीजेपी को लगातार असम में मजबूत करने
07:14का वो दावा भी करते हैं और करके दिखा भी रही हैं।
07:40उन्हें पूरस मजबूरों के मुकाबले बहुत जादा मजबूरी नहीं मिलती है और उनकी मांग ये लंबे समय से रही है
07:46कि उन्हें बरावरी का हग दिया जाए और भी बहुत सारे चायबागान के मजबूरों के और भी मुद्दे हैं।
08:16कॉंगर्स पार्टी बहुत ही महिंता से इस बार चुनाव लड़ने की कोशिच कर रही है।
08:26आप ते कीजिए जिला अस्तर के संगठान में कौन रहेगा कौन नहीं पर्डेश अस्तर के संगठान में कौन रहेगा कौन
08:32नहीं बड़े फैसलेल आप लिजिए और गांधी परिवार सीधे गोरो गोई こakee
08:37दिशा नर्देश देता है और उनसे ही राश्रमारी कर रहा है
08:40इसके साइड इफ्रक्ट भी दिखने को मिले है
08:42इसके वज़ा से कॉंग्रेस को नुकसान भी हुआ है
08:44बहुत सारे कॉंग्रेस पार्टी के नेता पार्टी छोड़ चुके है
08:46बुपेन बोरा जो परदेश कॉंग्रेस कमिटी के अध्यच रह चुके हैं सम्में
08:50वो भी पार्टी छोड़ चुके हैं पिछले दिनों
08:51इसके साथ ही एक लोगसभा के सांसत भी पार्टी से स्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं
08:56तो कॉंग्रेस को इसका नुकसान भी हो रहा है
08:58गौरो गुगोई को खुली छूट देने का नुकसान हो रहा है
09:01लेकिन कॉंग्रेस पार्टी जान बूच कर इस चुनाओं में ये जोखिम ले रही है
09:06क्योंकि उसे लगता है कि गौरो गुगोई के अंदर वो करिश्मा है, गौरो गुगोई के अंदर वो छमता है कि
09:12गौरो गुगोई दस सालों की सत्ता का सूखा खत्म कर सकते हैं असम में कॉंग्रेस पार्टी के लिए, तो ये
09:18तीन बड़े दाओं हैं और इसमें ब्रहमास्त
09:21किसे हम कह सकते हैं, ब्रह्मास्त हम कह सकते हैं, सीध हे हिमन्ता विस सर्मा की छवी को चोट पहुचाना,
09:27सीध हे उन्हें नुकसान पहुचाने की कोशिश करना, और कॉंग्रेस पार्टी बगभू भी ये कर रही है, भासर उठा के
09:33देख लीजिए, आप असम में राहुल गां
09:47जो कॉंग्रेस पार्टी की महा सची हैं, और असम में उन्होंने काफी ज़्यादा जोड लगाया है, उनके भासलों को सुनी,
09:52वो भी सीधे हिमन्ता विस सर्मा को टार्गेट कर रहे हैं, गोरोगोगोई तो खुद करी रहें, अब आप कहेंगे कि
09:58हिमन्ता विस सर्मा मुख
09:59कि मंतरी हैं, तो टार्गेट किसे किया जाएगा, उन्हीं को किया जाएगा, जाहिड सी बात है, लेकिन कॉंग्रेस पार्टी की
10:04ये प्रमुख रणिती है, लगातार र्यादनितिक विशलेशक, चुनावी जानकार ये दावा कर रहे हैं, कि ये कॉंग्रेस की रणिती है,
10:14�
10:14ये रणिती फायदे का सौधा होगी, ये तो भविश में पता चल जाएगा, असम में आपको बता दे कि 9
10:20अपरेल को चुनाव होंगी, वोट डाले जाएंगी, एक चरण में चुनाव होगा, इसके बाद 4 माई को चुनाव के नतीजे
10:26सामने आएंगे, चुनाव के नतीजों
10:44अगर एसा दावा किया जा रहा है, अंदर खानी कॉंगर्स पार्टी में भी चर्चा हो रही, अगर कॉंगर्स पार्टी सत्ता
10:49में आती है, तो गोरोगोगोई मुख्यमंतरी बन जाएंगे, वोही मुख्यमंतरी का चेहरा है, तो कुल मिलाकर ये लड़ाई सीधे तोर
10:55पर �
10:56गोरोगोई हिमंतर विस्सर्मा के बीच में है, लेकिन राहूल गांधी भी इसे अपनी व्यक्तिगत लड़ाई मान बैठे हैं, प्रेंका भी
11:02व्यक्तिगत लड़ाई मान बैठी हैं, क्योंकि राहूल प्रेंका दोनों को पता है कि ये हिमंतर विस्सर्मा जो अभी असम में
11:07बीजेपी का नेतुर्ट कर रहे हैं मुख्यमंत्री हैं ये कुछ सालों पहले हमारे साथ थे लेकिन हमारे साथ से जाकर
11:12ये बीजेपी में जाकर हमारे ही पार्टी को कमजोर कर दिया इन्होंने और नौर्थीस्ट में पुर्वोत्तर में कॉंग्रेस पार्टी का
11:18पुरी तरह �
11:18भठा बिठा दिया, कमजोर कर दिया, कई राज्यों में सरकार इरादी,
11:21तो ये सब कॉंग्रेस पार्टी को बहुत ज़्यादा खल रही है बाते,
11:24गांधी परिवार को, और गांधी परिवार व्यक्तिगा दुश्मनी पाल बैठा है,
11:28इस लिए राजूर गांधी के बियानों में आपको बता देते हैं,
11:44तो उसके पिछले चुनाव की तरा ही लड़ रही है, उसे सिर्फ वासिर्फ धिणू वोटों के लिए लड़ाई लड़नी है,
11:53और जो 35 पूंटी आबादी मानी जाती है मुसलिमों की असम में,
11:57उसमें बीजेपी को पता है कि उसे बहुत ज़्यादा वोट मिलेगा नहीं वहाँ से और इसलिए उसमें बहुत ज़्यादा दल्चस्पी
12:01भी नहीं दिखा रही है
12:02जो 89 सीटे बीजेपी लड़ रही है वो उसकी मजबूस सीटे है और उनी 89 सीटों में से बीजेपी कोशिश
12:07करना चाह रही है कि 60 या 65 सीटे वो जीत जाये
12:10पिछली बार भी 60 जीती थी उससे पहले भी 60 जीती थी तो देखते हैं असम की जनता 9 अपरेल
12:15को क्या फैसला सुनाती है
12:16मत पेटियों में किसके पक्छ में वोट डावती है और 4 मई को जब जनता का फैसला सामने आएगा तो
12:22पता चल जाएगा जनता का फैसला आखिर था क्या
12:25तो इस वीडियो में बस इतना ही देश-दुनिया के और तमाम खबरों को जानने के लिए आप बने रही
12:28वन इंडिया के साथ
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