Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
यह वीडियो श्रीमद्भगवद्गीता - 25th नवंबर, 2025 (लाइव सत्र) से लिया गया है।
➖➖➖➖➖➖
#acharyaprashant #spiritualwisdom #selfawareness #innergrowth #mindfulness #truthfulliving #egoandhumility #consciousliving #spiritualpractice #selfreflection #overcomeego #personaltransformation #dharmiclife #innerstrength

Category

📚
Learning
Transcript
00:00घर परिवार में कोई ऐसा हो जो बिलकुल नालायक किसमगा हो फिर भी आप उसके पैर जाके छू जाते हो
00:07हाँ ठीक है मतलब आपको पता है कि वो लायक नहीं है कि आप इज़त करो या पूछी से करो
00:12लेकिन फिर भी आप सोशल नॉम्स के चलते या ऐसी चीजों के चलते पैर्श हो जाते हो
00:18सोशल नॉम्स के चलते माने क्या सोशल नॉम्स के डर में ये बोलो ना खुल खे
00:23social norms के चलते ऐसे जैसे वहाँ कोई चल रहा हो
00:26वहाँ उपर कोई चल रहा हो
00:28social norm है
00:29सीधे बोलो ना कि social norm के आगे
00:34डर्म है
00:35उसके डर्म है
00:38तो मेरा सवाल ये था
00:39इसमें कि उसके कुछ फायदे भी मिल जाते है
00:41जब उसको follow करते हैं तो उसके फायदे भी मिल जाते हैं
00:44एक जटके में इमानदारी खुल गई सारी
00:46मैं वैसे ये शब्द इस्तमाल करने ही वाला था
00:49कि उसके कुछ फायदे भी होते हैं
00:50तो मेरा सावाल खास ये था कि
00:53आत्मग्यान या आत्यात्मिक स्थर पे
00:55क्या ये गलत होगा अगर हम उन फायदों के जलते ये चीज़े कर लें
01:00जिसके पाउँ छू रहे हो
01:01उसी पर आश्रित हो कि उसी इसे पैसे लेगे संस्था को डोनेशन दो के तो रोज छूआ करो
01:08जब तक तुम्हें दिखाई दे रहा है कि सचमुच मजबूर ये चूलो
01:12पर जितनी बार चूओ उतनी बार खुद से घिनाया भी करो
01:16बाहरी बदलाओ तकाल नहीं आ जाते ठीक है
01:19पर कम से कम हर ऐसा अवसर जरूरी है कि तुम्हें तुम्हारे प्रती घ्रणा से भर दे
01:26और ये बहुत जरूरी होता है अपनी वर्तमान इस्थिति से नफरत करना बहुत जरूरी होता है
Comments

Recommended