00:00तो मैं खुद को कहती हूँ कि मैं अभी थोड़ी बदल रही हूँ लेकिन आगे जाके बदल जाओंगी
00:04और फिर कोई मुझे कहता है कि ठीक है मैं रहली अभी सोसाइटी मेटर करती है लेकिन इन फ्यूचर नहीं
00:10करेगी
00:11यह सब कुछ नहीं हो मत भूलिये कि छोटी चिडिया को छोटे से पिंजड़े में रखा जाता है और बड़ी
00:20चील को बड़े और मजबूत पिंजड़े में रखा जाता है
00:23छोटी चिडिया सोच रही थी कि मैं जब बड़ी चील बन जाओंगी तब इस छोटे से कमजोर प्मिड़े को तोड़
00:30दूँगी
00:30जब बड़ी चील हो गई तो उसको पता चला उसका पिंजड़ा भी उतने ही बड़ा और मजबूत कर दिया गया
00:35है
00:35तो यह अर्मान अर्मान ही रह जाएंगे तो रिबेलियन कल की जगा आज कर लो
00:40अभी तुम में एक नयापन है जोश है तासगी है और खोने को बहुत कुछ नहीं है
00:47उम्र जैसे जैसे बढ़ती जाएगी न वैसे वैसे गिनाने के लिए मजबूरियां भी बढ़ती जाएंगी
00:52बहाने भी बढ़ते जाएंगे अभी क्या है तुमारे पास खोने को कुछ नहीं है
00:57फिर अभी आप 30 की हो जाओगे, 40 की हो जाओगे, 50 की हो जाओगे, नहीं अब तो मैं respectable
01:01हूँ और मेरे उपर responsibilities हैं, अब मैं थोड़ी rebellion कर सकती हूँ, जो करना है अभी कर लो, आगे
01:08और मुश्किल पड़ेगा, ये पुरान बहुत हमने बाच लिया, खासकर महिलाओंने, कि मैं क
01:25अपनी कोई दुनिया पकड़ लूँ, वहीं पड़ा रहा हूँ और ना हूँ आपके पास तो, हाँ जिस दिन इस शरीर
01:29की अपनी मजबूरियां हो जाएंगी, उस दिन मैं नहीं आऊँगा, आपके पास, कैंसर हो गया, मरने को हो गया, हिली
01:35नहीं सकता, उस दिन मैं कहूँ
01:36कि फिजिकल लोकेशन नहीं बदल सकता अपनी, क्योंकि अब वह अहंकार की मजबूरी नहीं है, वह शरीर की ही अपनी
01:41मजबूरी है, पर आप जब कहते हो कि आपकी फिजिकल लोकेशन है, रहना तो अब वहीं पर है, जाना तो
01:47वहीं है, ये थोड़ी बदल सकते हैं, वो थ
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