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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और Donald Trump ने ऐसा संकेत दिया है कि वह एक बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक कदम लेने वाले हैं। उनका यह कदम अमेरिका के लिए महंगा साबित हो सकता है। NATO देशों की अनिच्छा और Benjamin Netanyahu की प्रतिक्रिया के बीच, पूरी दुनिया इस स्थिति पर नजर रख रही है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि यह कदम क्या मायने रखता है, दुनिया पर क्या असर पड़ेगा और अमेरिका की ताकत पर इसका क्या प्रभाव होगा।


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00:00इरान जंग में फसे अमेरिका के राश्पती डोनाल टरंप ने कहा है कि वो नेटो से बाहर निकलने पर गंभीरता
00:06से विचार कर रहे हैं।
00:07उन्होंने नेटो को एक कागजी शेर बताया यानि ऐसा संगठन जो दिखता तो मजबूत है लेकिन असल वक्त पर काम
00:15नहीं आता है।
00:37रही है कि अगर एक सदस पर हमला होता है तो बाकी सभी देश उसके साथ खड़े हो जाते हैं।
00:44लेकिन टरंप को लगता है कि ये संतुलन अब तूट चुका है।
00:48उनका कहना है कि अमेरिका हमेशा से अपने साथियों के लिए आगे आया है लेकिन जब अमेरिका को जरूरत पड़ी
00:54तो कोई भी साथ देने नहीं आया।
00:57उन्होंने उदारण के तोर पर यूक्रेन का जिक्र किया जहां अमेरिका ने खुल कर मदद की थी लेकिन अब जब
01:03अमेरिका ने इरान के खिलाफ समर्थन मांगा तो नेटों के देशों ने हाथ खड़े कर दिये उन्होंने समर्थन देने से
01:10साफ इनकार कर दिया है।
01:12ये पूरा मामला स्टेट आफ होर्मोस से जुड़ा हुआ है जो दुनिया के सबसे एहम तेल मारगों में से एक
01:19है।
01:19अमेरिका चाहता था कि नेटों के देश अपने युद्धोपोत भेज़ कर इस रास्ते को खुला रखें।
01:25लेकिन यूरोपिय देशों ने इस से दूरी बना ली यहीं से टरंप की नाराजगी खुल कर सामने आ गई है।
01:31टरंप ने ये भी कहा है कि उन्हें पहले से ही नेटों पर जादा भरोसा नहीं था और उन्हें लगता
01:37है कि रूस के राष्टपती व्लादमीर पुतिन भी यही सोचते हैं।
01:41ये बयान अपने आप में बहुत बड़ा संकेत है क्योंकि अगर अमेरिका नेटों से अलग होता है तो सबसे ज़्यादा
01:48फाइदा रूस को ही होगा।
01:50इस बीच टरंप ने ब्रिटेन के परधान मंत्री की भी आलोचना की है।
01:54उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने इरान के खिलाफ कारवाई में हिस्सा लेने से मना कर दिया जो अमेरिका के लिए
02:00एक बड़ा जटका है।
02:24अलग हो जाती है तो पूरा गडबंधन कमजोर पड़ जाएगा। दूसरी तरफ चीन और रूस जैसे देश इस मौके का
02:31फाइदा उठाने की कोशिश करेंगे।
02:33वरिश्विक शक्ती संतुलन पूरी तरह बदल सकता है। ये सिर्फ एक रादनितिक फैसला नहीं होगा बलकि आने वाले कई दश्कों
02:40की दिशात तै करेगा।
02:54ये आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इतना तो साफ है कि अगर अमेरिका नेटो से बाहराता है तो ये
03:01कदम दुनिया की रादनिती में एक ऐसा मोड होगा जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा और जिसका लंबे समय
03:09तक प्रभाव भी पड़ेगा।
03:11और शायद तब ये सवाल भी उठेगा कि क्या ये फैसला अमेरिका की सबसे बड़ी गल्ती तो नहीं साबित हुआ।
03:17इस वीडियो में बस इतना ही मेरा नाम वैभाव है आप देखते रहिए One India
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