00:06कि हम तो शर्म ऐनिमिशन यह मांग रहे हैं अरा केताब तो देुटी नाय इचाप तो नहीं दे रहा है
00:19उसके फीज हुआ इधर उधर से कभी इसकोर्स पीज कंभी कोई और फीज के नाम से
00:30यह प्राइब नहीं से कहीने कहीने के से निकाल लेते हैं गुगल पर अलगलग दिखा रहा है आरे हो गया
00:37तो स्कूल बताता है यह हो गया ऐसे से करो प्रोसीजर बताता है पिछले साल भी आड़ी मिशन दिया तेरा
00:42बच्छों को उन्नीस वेसे पिछ चलो आप एप्लिकेशन
00:48हम दो फिल बात करते हैं बागी बाद मैंने सब दर दर मैं सब समझ के आया हो पूरी चीज़ें
00:53ठीक है कोई काबिल नहीं है जो प्रोपर पैसे दे के पढ़ा ले पीस भी कर ले और वो भी
00:58कर ले क्यारा मैं अश्का प्रेस भी हम घाट बात करें अपने काम कर लेते के चलो�
01:17अब बेहत परिसान है आज सिख्षा निदेसाल है यानि कि डी ओई आफिस तमाम प्रेंट्स आए फिलाल मेरे पास जो
01:28अभी मामला है वो तीन स्कूलों का है दो स्कूल सलमान पब्लिक स्कूल है जो एक महूर बिहार में है
01:35और दूसरा नारैना में महूर बिहार में 15 से ज्य
01:47पिछले सालों में 57 परसेंट से ज्यादा फीस बढ़ोतरी का बिरोत किया परेंट्स का कहना है कि उन्होंने डियोई आफिस
01:56में इसमाम में बात की थी यहां से एक आदेस भी गिया था जो पिछले डियोई थे उन आदेस दिया
02:00था लेकिन उस आदेस का पालन नहीं किया जा �
02:04रहा है बीच में पिछले साल बिरोत किया बहां दबाव बना सोर सराबा हुआ तो मामले को ठंडा करने के
02:09लिए सल्वान पब्लिक स्कूल मैयूर बिहार ने मामले को ठंडा करने के रोके रखा लेकिन जैसे अब एडमीशन की बारी
02:16आई तो वह एडमीशन नहीं ले रहा है �
02:18उसे सब्सक्राइब परसेंट ही जो है पिछले साल की सारी बसूली एक मामला यह बहां पर पर परेंशन ने बात
02:25की लेकिन जब वो यहां यहां उनने सिकायत करी तो यहां पर मैंने भी बात करने कोश्चित की जो डियोई
02:33है बिनीथा रेड़ डी आई एस हैं उन्होंने अ�
02:48कारवाई हो तो आप वीडिया में कोई बात ना कीजिए देहाजा पैरेंट्स जो थे अब डर के अपने बच्चों के
02:55भविष्ट की बजए से चुप चाप चले गया है पीछे कुछ आप तस्बीरे देख रहे हैं उनमें से कुछ पैरेंट्स
03:00से बात कर रहा हूं लेकिन वो
03:03कैमरे पर बात करना नहीं चाहिए दूसरा मामला सल्मान सल्मान स्कूल के ही नरहना का है बहाँ पर राइट टू
03:11एजुकेशन के तहर जहां पर गरीब बच्चों को 25 परसद एड्मिशन देना अनिवार है उन बच्चों का इस साल एड्मिशन
03:19नहीं लिए रहे हैं उनके ना
03:33होता है कच्छा एक में तो कच्छा आठ तक पढ़ाना अनवार होता है निर्वाद रूप से इसका वोई स्कूल पालन
03:39नहीं कर रहा है तो यह तमाम लोग हैं जो मेरे पीछे आप तस्वीरों में देख रहे हैं जिनसे मैंने
03:44बात की वह इधर से लेके उधर तक चक्कर लग
03:59रहें बच्चे कहीं परसान हो रहा है बच्चे जब पर जा रहा है तो पूछ रहें कि पापा एडमिसन को
04:05ममी हम स्कूल कब जाएंगे लेकिन यहीं गरीवी की मजात है और मैं आपको बता दू कि इसमें भी दूसरा
04:13एक और मामला है वह एक और स्कूल है उसका नाम मैं दे�
04:28पाते हैं कि बहां पर जो यह आटी के तहट जो इवी एस के स्टुडेंट है उनको जो किताबे मिलती
04:35है वो नहीं मिल रही है नहीं दी जा रही है वो नहीं यह भी बताया कि जो फीस तो
04:40उनकी माप हैं लेकिन किसी ना किसी बहाने से 6-7,000 चार से 6,000 फीस कभी गेम के
04:47नाम �
04:49इनसे बसूली जाती है और आरब फीस नहीं दे पाते हैं या वो नहीं जमा करते में लाच्म से 6
05:04-6,000 फीस किसी दूसरे बासूल कितना वड़ा घुना है उनके बच्चों को मैदान में बता जौन और में मामला
05:15बने
05:16नरहेना का यह सारी चाल रही एंग्यारफ करने हो रही है रहात हिए लेकिन अभी उन्होंने हjänे
05:26करदें वह कोंए नकर नहीं चाहिए कि अरुट किये कार ही है हो जाएगी लेकिन अभी कैमरे पिछ नहीं
05:36करना तो यह रवया है अधकारियों का और यह परसानी है दिल्ली के उन परेंट्स की जो 57 परसेंट फीस
05:45बड़ोत्ती का जो है बिरोत कर रहे हैं और वो जो आटी के तहट अपने अधकार को लेना चाहते हैं
05:52उनको भी परसानी का सामना करना पड़ा है मैं जा खड़ाओं यहा
06:06इतनी सी जूदी 100 मिनिट 100 गज की जो दूरी है वो आवाज नहीं पहुच पा रही है और लोग
06:12परसान है फिलाल आप इस पूरे मामलयों कैसे देखते हैं किया आप भी इसी तरीके से परसान हैं आपको भी
06:18कोई स्कूल परसान कर रहा है तो आप कमेंट बाक्स में बता सकते
06:21हैं फिलालेस बीटों में इतना ही कैमरा परसान दीपक विष्ट के साथ शिवेन गौल वन इंडिया डिल्ली
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