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महिला सुरक्षा पर बात: उत्तराखंड से प्रशासन, अध्यात्म और ग्रामीण धरातल की 3 नारी शक्त‍ियों के साथ

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00:00प्रिशासन, आध्यात्म और ग्रामीन धरातल की तीन शक्तियां हमारे साथ हैं। बहुत-बहुत स्वागत है आपका।
00:10दरसल महिलाओं का मुद्दा एक ऐसा मुद्दा होता है, जिसकी चर्चाएं बहुत होती हैं, बहुत डिसकेशन इस पर रहता है
00:16हमेशा।
00:18कुछ नीतिया, कुछ कानून बनते हैं, कितना लागू होते हैं उसको लेकर एक चर्चा रहती है, कई जगे तो केवल
00:26एक आपको चुनावी मांदन देखकर काम दिचल जाता है।
00:31महिलाओं के मुद्दे दरसल बहुत सरल भी होते हैं, सहज भी होते हैं, लेकिन पेचीदा भी होते हैं।
00:38एक आयोग की प्रमुक होने के नाते में आपके साथ शुरुवात करते हुए।
00:42उत्तराखंड में आज महिलाओं की सबसे बड़ी चंता, सबसे बड़ी समस्या की बाद से आप से शुरुवात करना चाहती हूँ।
00:48चुकि आपके पास सबसे पहले वो महिलाएं पहुचती हैं, जो पीडित हैं, जो चिंतित हैं, जो सनरक्षन जाती है।
00:57उत्तराखंड राज्य महिला योग महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए बना हुए हैं, और किसी भी तरह से कोई
01:07भी महिला, चाहिए वो दूरस्त छेत्र ग्रामेंड की हो, या सहर में रहने वाली हो, कहीं भी हो, उसके पास
01:15अगर कोई भी, किसी भी तरह का, चाहिए उसका
01:20वर्क प्लेस पर है, वहाँ पर उसके साथ कुछ गलत हो रहा हो, किसी तरह का हरस्मेंट होता है, तो
01:26निश्चिती महिला योग उनके साथ खड़ा रहता है, और निश्चिती महिलाएं हम तक पहुँच भी पाती हैं, और आपको मैं
01:34एक बार ये भी बता दूं कि हमें महिला �
01:36आयोग स्वतास अज्ञान भी लेता है, कहीं भी हमें किसी तरह से, किसी सोसल मीडिया के माध्यम से, मीडिया के
01:42माध्यम से, कहीं भी कोई चीज हमें अगर पता चलती है, तो निश्चिती हम उस महिला तक पहुँचने की हम
01:47कोशिश करते हैं, और उसका समाधान करने की भी को
02:03कुशिश करते हैं हमें लगता है कि वहां पर आपका समादान हो सकता है तो निश्ची थी हम वहां पर
02:07करानी की पुलिस के माध्यम से जिलादीकारी के माध्यम से करानी की कुशिश करते हैं अगर हमें लगता है कि
02:13हमें उन्हें बुलाना होगा तो फिर हम बहुत लास्त में क्य
02:33सकते हैं और आप कहां कहां आप अपना संपर कर सकते हैं किस तरह किन माध्यमां से आप अपनी बात
02:38रख सकते हैं तो आज महिला यह जागरुक हुई है और हम तक पहुच भी रही है
02:45सादवीजी यह मां गंगा मां यमुना वो भूमी है
02:52मैं कहूं कि
02:54women of the mountains are very powerful
02:57बहुत शक्ती का प्रतीक होती है तो यह गलत नहीं होगा
03:02आपके हिसाब से जितना आप तीस साल से भारत में हैं उत्तराखंड में हैं
03:09आपने क्या महसूस किया है भारत की महिलाओं के बारे में उत्तराखंड की महिलाओं के बारे में
03:23सबसे पहले
03:26मैं बारत की नारी शक्ति को
03:29सारे नारी शक्ति को
03:35बारत मैं उत्रा कंट
03:37और कास्कर जो पहार में रहते हुए
03:41नारी शक्ति को प्रनाम करती हुँ
03:44जब मैं आये थीस वर्ष पूर्ष रिष्यकेश आये
03:52लंबी कहानी मैं उसमें नहीं जाऊंगी
03:55लेकिन जब मैं आये और मां गंगा ने
03:58मेरे दिल को ऐसे किंच लिया
04:03मैंने फ़ले सोचे नहीं था
04:06कि मैं यहां रुख जाऊंगी
04:08मैं एक अद्वेंचर ट्रिप के लिए आये बाकपक के साथ
04:12मैं तो हॉलिवॉड से हुन
04:14स्टन्फर्ड उनिवर्सटी से ग्राजवेशन की
04:17मैं पी एच डी कर रही थी
04:19तो बस एक गूमने के लिए अद्वेंचर के लिए आये
04:25लेकिन मां गंगा
04:27कि शक्ती इतनी है
04:31हमालें की शक्ती इतनी है और यहां की संस्कृती की
04:36जो हमालें संस्कृती
04:40इतनी शक्ती है उसमें
04:42कि मेरे दिल को भी केंच लिया
04:45शरीर्ड को भी केंच लिया
04:47और मैं रूक के
04:49और
04:53यहां की खासकर जो पहारी नारी शक्ति से इतना सीका मैने शुरू शुरू से क्योंकि
05:02होलीविड में, लोस अंजलेस में, बेवरली हिल्स में, उसी दुनिया, सब्भी लोग के वो पैसा कटी करने के लिए चकर्ड
05:11में हैं।
05:12पावर हो, पैसा हो, पॉपलारी हो, प्रिस्टीज हो, सब चीज एकते करने के बाद, प्राप्त करने के बाद, अचीव करने
05:25के बाद, शांती निये, शांती के लिए, अंजाइटी को दूर करने के लिए, गोली काने परती, डिप्रेशन को दूर करने
05:33के लिए, गोली काने पर
05:37और यहां, जहां कुछ भी नहीं है, जहां दिन में उनकी सीर्ड की उपर लकरी, रकर्ड, बगवान जानी कितनी किलमडर
05:51जाना परता था, यह हमारे अनुरबल प्रदान मंतरी जी का योजना से पहले, जिसने हार्ड गार्ड में गास पहुंच वाया,
06:03उससे पहले, सारे दिन,
06:07लकरी काट करने के लिए, थाकि खाना पकाएंगे, लकरी उनकी सीर्ड की उपर रखके, आप उनसे पूछते हैं, कैसे है
06:20माताजी, बगवान की करपा है, गंगा की करपा है, लस अंजलस में जहां सब के पास सब कूछ है, किसी
06:33से पूछो,
06:33How are you? This happened, that happened, this problem, that problem. Western standard of poverty की नीचे से लोग जीडे
06:49ते इंदेनों में, इतीस वर्ष पहले की बाती इंदेनों में, फिर्ट भी,
06:55that shakti was so strong, की उन में जो शांती, जो आनन्द, वस सो मच की उन से मैंने इतनी
07:06सिखा, और आज इतना विकास हो गया, इन दिनों में जब रने लगे, और हमाले में जाने का अवसर्ड मिला,
07:14तो हम देखते थे चोती सी बैचे, तेल में, बाल में तेल लगाया, रिबिन्स लगा के, इतना सुंदर से, यूनिफॉर्म
07:24पेन के, दूर, दूर, दूर जा रहे थे, स्कूल जाने के लिए, तो फिर हमको लगा, कि कुछ स्कूल्स कोलना
07:33है, नारी शक्ती के लिए, विमिन स
07:44सेंटर्स हमने कोला, कासकर slum areas में, ता कि बैचों को शिक्षा मिलेगा, आज तीस वर्ष के बाद, जो विकास
07:55में, अभी भी नावरातरी की टाइम, पहार में,
08:01साइलेंस, मेडिटेशन, साधना के लिए, आत नो दिन रहने का अवसर्ड मीला, और सब भी लोग, ऐसे गीत गाड़े हैं
08:11सरकार का, कि कैसे जहां, किसी के पास कोई जल ने था, साड़ा दिन एक बलती, पाने को बढ़ने के
08:22लिए, साड़ा दिन निकल जाता था, अज, हार्
08:30और वो इतनी खूश थे, और फिर इतना एक्स्ट्र समय आगया, और वो गास वाला, योजन से, फिर लकडी को
08:38कट करना ने पड़ेगा, लेकन, अब जो एक्स्ट्र समय आगया उंके पास, वो समय पेर्ड लगाने में देना चाहिए, अब
08:50पेर्ड को कट ने करना पड़ेग
08:51लेकन जो समय पेर्ड लगाने के लिए करना है, मैं याद करती हूँन अपनी चिपको की मुवम्मेंट, जिनकी वज़स से
09:01आज उत्रकंड बच्छे हुए है, all of the beautiful forests, the trees, because अपनी नारी शक्ती ने कहा, की थीज़स
09:11ट्रीज़स आपनी शक्ती ने कहा, की थीज़स ट्रीज़
09:15and so we are one with the creation.
09:18That same divinity
09:19जो हम अपनी मंदिर में
09:22जिनकी पूजा हम करते हैं
09:24it also lives in mother nature.
09:27It lives in mother earth.
09:30How they hugged those trees
09:32उनकी वज्जे से
09:33we are here.
09:45जिनकी जिम्मेदारिया नहीं खत्म हुई हैं.
09:47Extra जिम्मेदारी एक सरपंच की भी मिल गई है.
09:49Extra आपको
09:51बाकी सारी चीज़ें भी करनी हैं
09:53लेकिन उसके बीच में क्या आपको
09:55Extra जो अतिरिक्त
09:56अवसर भी मिले हैं.
09:59मैंने देखा लखपती दीदी की
10:01योजना चल रही है उतराखंड में.
10:04क्या होमस्टेज जैसी चीजें
10:06ये सब शुरू कर पा रहे हैं आप लोग.
10:09जो फाइनांशल इंडिपेंडेंडेंज
10:10जो आर्थिक स्वावलंबन है
10:12उसकी दिशा में बढ़ पा रही हैं.
10:14गाउं की महिलाएं.
10:16सबसे पहले मैं इंडिया टूडे का धन्यवाद करती हूं
10:20और जिनोंने मुझे यहां पर
10:23मैं एक सिमांत गाउं की पूरवपरधान हों के
10:26यहां पर अफसर दिया है.
10:28मैं सभी का स्वागत करती हूं.
10:31उसम कांडवाल जी महिला आयोगद्यक्ष जी
10:34और सादवी जी लेखी का एक
10:37उनका सभी का स्वागत करती हूं
10:39और धन्यवाद की करती हूं.
10:43हमारा जो परेटन होमिस्टेग है
10:47उन पे सरकार ने बहुत बड़ा बढ़ाव दिया है
10:52और आते हैं टूरिस्ट लोग जो
10:56हमारी जो संस्किर्टी है अपनी
10:58हम अपनी संस्किर्टी से अपना जो लोकल अपना घर का जो
11:04खाना बनाना होता है
11:07सभी लोग उसी की मांग करते हैं
11:12जो हमारा घर का अपना प्रसनल होता है
11:15जैसा कि हमारे घर के चावल
11:18और हमारे जो खेतों में वगाया जाता गे हूं
11:24मंडवा हो गई
11:25और मार्चा जिसको रामदाना बोलते हैं उसकी रोटी बनती है और आलू हो गए राजमा हो गई हमारी जो हरी
11:38सब्जी होती हैं कंडाली होती है राई पालक सभी की मांग जो लो करते हैं
11:45और हमारे उपर पूरा उत्राखंड में जो भी गाउन पुराणे भवन बने हुए हैं उनकी मांग करते हैं रहने के
11:55लिए कि हम तो हमेसा
11:58बड़े बड़े भोनूँ या यह Does लेंटर कन्करेट से बने हुए मकान है हमेसा उसी पर रहते हैं तो वो
12:07पुराने घृरों की मांं कुनकर ते
12:09हैं आपके गाव में चल रहा है कितने लोग होमस्टे हमारे गाव में लगभग
12:13पच्छास पचफ़पन होमस्टे बने वैं जी कितने साल हो गही यह सब
12:21होगे अब 2015 सोल असे जी तो उसे जो कमाई आती है किसके पास जाती है जो ढर्यक्त
12:51पुरा उत्राखंड में देखे तो महिलाएं जो पहाड की तरह मजबूत है हमारी
12:58जी मैं एक अपने आप खुद घर का काम करती हूँ जैसे खेतों में जाना है लकड़ी लाना है घास
13:07लाना है पुस्वों को पालना है सब हमारा अपना काम होता है पहाड की तरह मजबूत है महिला है पहाड
13:16की
13:20बहुत जरूरी होता है financially independent होना आर्थिक स्वावलंबन होना एक महिला का और वहीं से क्या आप मानेंगी कुसम
13:29जी की वहां से शायद एक बदलाव जो हम कहते हैं ने कि शिक्षा पहले अपने बेटियों को पढ़ाओ
13:35पढ़ाने के बाद वो अगर अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है तो बहुत सारी समस्याएं वहीं से खत्म हो
13:41जाती है
13:42सबसे पहले तो मैं कहूंगी कि जो अपने लगपती दीदी वाली बात की है आज उत्राखंड सरकार ने लगपती दीदी
13:51को देखके जो हमारी ग्रामिन इस्तर की जो हमारी महिलाएं हैं उन्हें ससक्त और मुझबूत करने के लिए स्वयम साता
13:58समू के माद्यम से जो एक ये
14:00महिलाओं को अपने पैरों पे खड़े करने की योजना है आज मैं कहूंगी लगभग डेड़ लाग से ज्यादा महिलाएं हमारी
14:09अज लगपती दीदी बनी है और निश्चित ही वो अपने पैरों पे खड़ी हुई है अपने साथ बहुत सारी महिलाओं
14:17को जोड़के उन्हो
14:22अपने हाँ जो भी प्रोडेक्ट उनका हो रहा है उसे लेके वो ससक्त ही है मजबूत ही है तो निश्चिती
14:28महिलाओं आज अपने पैरों पे खड़ी हुई है सहर की बात करों में तो सहर में भी जो हमारी महिलाओं
14:34है आज हमारे महिलाओं इरिक्सा चला रही है ड्राइवर �
14:39रही है तो कहीं न कहीं
14:40सरकार की इन योजना का
14:42लाब वो उठा रही है
14:44और निश्चेति उपने
14:46आप में ससक्त और मजबूत होती
14:48नजर आ रही हैं तो
14:50ऌशाल मैं देखते हूँ कि
14:51बहुत क्योंकि समु के साथ
14:52अकसर हमारा वी बठेना होता है
14:54तो हम देख थे हैं कि किस तरह ओन लाइन अज हमारी पहाड की महिलाइन है, अज अबना नमग बेज
15:00रही है, बहुत सारी चीजे हैं।
15:03कहीं नहीं कहीं जिस तरह से सरकार की योजनाएं हैं, वो धरातल पर आ रही हैं, महिलाओं तक पहुच रही
15:10हैं।
15:11और आज अपने बेटी की बात कही है, कि बेटी हमारी अगर कहीं पड़ लिखके बनती है, आज तो बेटी
15:16हमारे सरोच पदों पे हैं, आज आप देखेंगे कि आप मैं तो ससक्ति करन का आपको ही देख रही हूं,
15:22आप भी तो एक बेटी हमारी हैं, तो आप जहां हमारी बेट
15:40और पहाड जैसा जीवन व्यतीत करती हैं उसके बावजूद भी हमारी बेटी निकल के आ रही है और निश्य थी
15:46फिर बहुत सारी दिक्कते हैं उनकी समापत हो जाती है और मुझे लगता है आज में बहुत लोगों से मेरा
15:53मिलना होता है क्योंकि मैं अक्सर महिलाओं के बीच म
16:06जूड के और उसका लाब आज मश्रूम उत्पादन कर रही है आज मदमक्खी पालन कर रही है और कई सारी
16:16पसुपालन कर रही है पसुपालन में पसुशकी बन रही है तो कहीं न कहीं जागरुक हुई है महिलाओं तो इस
16:23तरह से मुझे लगता है कि उत्राखंड की महिलाओ
16:27हाला कि उत्राखंड की महिलाई अपने आप में बहुत ससक्त और मजबूत है क्योंकि उत्राखंड की जो देन है आज
16:33वो महिलाओं के कारण से हमें उत्राखंड मिला है और कहीं भी आज पचास परतिसत आरक्षन पंचायतों में हुआ है
16:40तो पंचायतों में महिलाई महिलाओं
16:56बहुत अच्छे से मजबूती से रखते हैं, एक चीज और है कि महिलाओं का क्या होता है,
17:01कि जैसे वो परिवार को देखती है, जैसे वो अपने परिवार को चलाती है,
17:04वैसे समाज में वो किसी भी छेतर में आगे बढ़ती हैं, समाज में वो कहीं भी वो परतिनी दित्तों करती
17:10हैं,
17:10या किसी भी फिल्ड में हो जाती हैं, तो वो उसे बहुत जिम्मेदारी के साथ उसे निभाती हैं, और बहुत
17:18जिम्मेदारी के साथ वो काम करती हैं,
17:20तो आज कहीं न कहीं महिलाएं ससक्त हुई हैं, अपने पैरों पे घुड़ी हैं, जाग रुख हुई हैं, आज उनके
17:26साथ कहीं भी कोई अन्याएं होता है, तो अपनी आवाज उठाती हैं, वो जाग रुख हुई हैं, तो निश्चिती महिलाएं
17:32आज जाग रुख हुई हैं,
17:33साद्वी जै, अमेरिका आपका जो जन भूमी आपकी और वहां से फिर आप यहां पर आई, यहां से वापस नहीं
17:43गई, अगर मैं आप से कंपेर करने के लिए कहूं, यहां पर situation of women in India, उत्तराखंड and
17:58जो होती हैं, मतलब महिलाएं जो दिल से होती हैं, what they are at heart, an Indian woman and an
18:05American woman, condition of an American woman and condition of an Indian woman, such-such, आप कैसे बताएंगे उसको?
18:15What a great question. And it's a multi-layered question.
18:24अगरा केवा बहार की दरिष्टी से, शुपरफिशल लवल की दरिष्टी से देखेंगे, you would say, oh, they're so much better
18:33off in America.
18:35Here they have to do the work in the field, the work at home, सबकुच अपनी आप करना परता हैं,
18:42पती देव, we know the situation, सबकुच उनको अपनी आप करना परता हैं, मिलते क्या?
18:52Not much. कभी-कभी गार्ड में प्यार भी ने मिलते हैं. कभी-कभी गार्ड में अगर ज्यादा शुराब की चकर
19:03हो, तो फिर अब्यूस भी मिलते हैं.
19:08लेकन, अगरा आप दीपर एरियास में जाओ, on a depth level, मैं आपको यही कहना चाहती हून, कि अमेरिक में
19:18और तीस साल पहले तो में ने चोर दिया, लेकन में वापस जाती रहती हून, कड़िकरम के लिए,
19:24spiritual talks के लिए, retreats के लिए, lectures के लिए, लग लग चीज के लिए,
19:29के लिए, United Nations के साथ भी हम काम कर रहे हैं, gender equality के बाद में, water, sanitation, hygiene,
19:37तो यहां का जो नारी शक्ति, की जो थाकत, शरीर्ड की थाकत, मन की थाकत, दिल की थाकत, जो सान
19:51शक्ति, वो अमेरिक में है ने,
19:57जो यहां अपनी नारी शक्ति, सान कर लेती है, बीना depressed होते हुए, बीना anxious होते हुए, बीना
20:08drugs में जाते हुए, बीना लडाय करते हुए, पस अपनी अध्यात्मता से, कैसे उसी शक्ति से सान करती है,
20:21that is a power that I have not seen anyone in America with, not a man, not a woman,
20:28because it is a culture in which we are learning, कि सब कुछ बोद आसान से मिलना चाहिए,
20:36जो में चाहते हुए, अगर अभी ने मिलते हैं, चलो Amazon से ने मिलेगा, दूसरी साइट से जाओंगी,
20:42अगर आप से ने मिलेंगे तो कोई बाद ने, आप से दिवर्स कारूंगी, वो किसी और से शादी कारूंगी,
20:49ये तो, the culture has become a culture with very, very little, if at all, ability to tolerate anything.
20:59कोई आप से अलग सूच्छते हैं, आप की अलग दार्म हो, आप की अलग दंग हो, आप की अलग,
21:06anything हो, waseinshakti kattam हो गया. यहा, कासकरद अपनी नारी शकती, कासकरद अपनी पहारी नारी शकती,
21:18चाहे गो को समलना है, चाहे पती देव, चाहे बेचों, चाहे केथ, चाहे परोसी,
21:26चाहे बारिश, चाहे बर्फ, चो भी है.
21:31she does it and she does it with a smile
21:35and she does it with a love that is an embodiment
21:39and you know Navaratri में
21:41जब हम मा गाड़स
21:44की सारे अलग अलग रूप
21:46there's something very beautiful
21:48you see in their hands
21:51शास्त्र भी है
21:53अपने बेचे भी है
21:55सकंद माता को देखेगा
21:57एक हाथ में करती के है
22:00उनका बेचा दूसरी हाथ में शास्त्रा
22:02and this ability
22:04to be nourishing, nurturing,
22:07loving, feminine
22:08and powerful
22:10ये जो माद दूर्डगा की
22:12शक्ती
22:13in India we understand
22:16that power doesn't mean
22:19women have to become like men
22:21in the west what I've seen
22:23too frequently is
22:25जो feminist की movement
22:26फुछ उसमें एक
22:29ब्रहनती है
22:30that in order to prove
22:33our strength, our equality
22:35हमें में की तरह बनना चाये
22:37but equality doesn't mean the same
22:40and यहां की जो
22:43शक्ती
22:44it's very different between women and men
22:47they don't have to become like men
22:51to prove की हमारे में दम है
22:53ये बहुत अच्छी बात आपने भूली है
22:55कि वहां महिलाओं को
22:58अगर शक्ती शाली दिखना है
23:00तो एक पुरुष की तरह होना है
23:01लेकिन यहां एक महिला अपनी शक्ती
23:05एक महिला की तरह से निकालती है
23:07बहुत बहुत अच्छी बात
23:10सुशेला जी ये बताईए
23:11कि एक तो होता है
23:14महिला का सशक्ती करण
23:15कैसे महिलाएं
23:17आर्थिक रूप से और आजाद हो
23:19अपने पैरों पर खड़ी रहें
23:21लेकिन इसके साथ दूसरी चीज़ होती है
23:23सुरक्षा, सुरक्षा का एहसास
23:25गाउं गाउं तक अगर मैं पूछू
23:27चुकि आप उत्तरकाशी से आती है
23:29वहाँ पर आपका गाउं है
23:31वहाँ पर एक महिला क्या आपने
23:33आपको सुरक्षित आज महसूस करती है
23:36पुलिस थानों
23:37मतलब अगर कोई चाहे कि उसे न्याय मिले
23:40कानून उसके साथ हो
23:41क्या ये होता है कि नहीं होता है
23:43जी उत्राखन में तो महिला सुरक्षा है
23:49जहां तक कि हमारे गाउं में
23:51महिलाएं सुरक्षित हैं अभी
23:54और जब देखना है कि देरदून
23:57जैसे सर मैदानी इलाकों में
24:00महिला सुरक्षित नहीं है
24:02क्योंकि मैं भी एक मां की वेटी की मां हूं तो मैं चाहती हूँ कि महिला कहिं न कहीं नहीं
24:12है
24:14और होना चाहिए उसकी क्योंकि अफ्राद बढ़ती है रहे हैं
24:22जैसे कि अफरादी बहुत बड़ा वो कर रहा कि कुछ भी उसको चिंता नहीं है कि पुलीस कुछ हमारा बिगाड़
24:31पाएगे
24:31कुछ हमारा कर तो कहीं न कहीं ऐसा है कि उत्राखंड में तो महिलाएं पुर्स के बराबर काम करती है
24:42पुर्स बाहर जा रहे हैं दिदेशों में होटल में काम करने जाते हैं तो महिलाएं खुद अपनी श्रक्षा अपना कर
24:50लेती एक उच्छा प्रादी हो जाए तो लड़ भी सकती है
24:56इसमें बहुतर करना होगा यह आप कह रहे हैं
24:59और सुरक्षा की बात करते हैं तो पहाडों में सुरक्षा की ये जानवरों से सुरक्षा चाहिए
25:06कहीं न कहीं हमको हर दिन इस साल पिछले सालों से हर दिन हमको डर रहती है
25:13अब कुछ मैंनों पहले भालू का जी भालू का जैसे घास, पत्ती, लकडी जो भी है जानवरों को पालना है,
25:20खेतों में काम करने जाना है, तो हर बार हमको डर रहती थी, कहीं भालू हमको, हम घर जा पाएंगे
25:28कि नहीं जा पाएंगे, ये डर रहता था
25:31और एक शुरक्चा है हमारे जैसे पर सभके टाइम पे हमारी महिला है पूरी भूतर खंड की समस्या है और
25:39सब के टाइम पे बोलते हैं कि जिला इस तरह से ने होगा देराधूण से ले जाओ तो देराधूण
25:44पहुंचाते पहुंचाते ओपना जीवन लन
25:48अखुर मरा तो बोलते हैं कि हम मौजा दे दे इस उसी सीखXT
26:09पूराव कर दो, और मैं ये चाहती हूँ कि सरकार से कि इस पे ठोस कदम उठाएं और मैं जानवरों
26:18का उसके लिए, क्योंकि बहिलाओं को अखेले जाना पड़ता है केत में और उस समय, पहडों में ये बड़ी समस्या,
26:25कुसम जी ये तो उन्होंने मतलब मुझे लगता है कि �
26:29इस सीधे सपाट तरीके से और कोई नहीं रख सकता है अपनी बात की सुरक्षा कैसी, उसमें न कोई राजनीती
26:36है न कुछ, उनकी समस्या है ये और मुझे लगता है कि जो सत्ताधारी है उन्हें इसके बारे में सोचना
26:42ही होगा, मैं महिला आयोग का नुमाइंदा होने के न
26:58बोचा जाता है और कितनी बड़ी जिम्मेदारी महिला आयोग का सदस्य होने के नाते, उसका अध्यक्ष होने के नाते आप
27:05भी महसूस करती है।
27:28तो उसके पीता, उसके रिष्टेदार, उसके जो दुगुस्ता, उस सब लोग मेरे पास ही आये थे.
27:37और सबसे पहले, तब तक हमें इतना अंदाजा भी नहीं था कि इतनी बड़ी कोई दुरगटना घटी होगी,
27:42तो वो मेरे पास आये, तो मैंने तभी तुरंट सम्मधित जिले को वहां के जो जिलादी कारी है, मैंने तुरंट
27:50टैलीफॉन किया,
27:52मैंने कहा ये इनका कहना है कि इनकी बेटी गायब है, क्योंकि तब तक गायब कही था कि गायब है,
27:58तो तुरंट मैंने उने कहा कि मैंने का तुरंट आप कीजिए और तब तक वो राजसो छेत्र में आता था
28:04तो राजसो छेत्र में आने के लिए मैंने कहा तो इसे इसे आप रेगुलर पुलिस में तुरंट कीजिए और निश्ची
28:22थी दूसरे दिन रेगुलर पुलिस में ट्र
28:27अंतकारवाई की, सरकार ने, आयोग ने पूरी तरह से उस परिवार के साथ खड़े होकर, पूरी तरह से उनकी साहिता
28:36की
28:36और आज जो, जिनोंने दुर्गटना है, जिस तरह इतना बड़ा उस बेटी के साथ किया है, तो वो आज भी
28:44जेल में है, आजीवन कारावास, वो हाँ पे ले उनको मिला हुआ है, और दूसरी बात मैं आपको कहूं, कि
28:54मैं तो माने मुख्य मंतर जी का अभार व्यक्त करते हू
28:58कि उन्होंने CBI जाच भी कहें, उनके परिवार, उनके माता पिता के अनुसार, तो वो CBI जाच भी चल लगी
29:06है, अब इस तरह से कुछ लोग, क्योंकि इस बेटी की मौत पे हमें इस तरह का कोई राजनिती नहीं
29:16करनी चाहिए, क्योंकि हम सब की सम्वेदना उस परिवार के
29:28देश भर से कुछ महिर, परमुक महिलाएं भी हमारे पास आई, हमने उन्हें बताया, उन्होंने देखा कि आयोग पूरी तरह
29:34से उनके साथ खड़ा है, जब भी कोई भी इस तरह का मेटर होता है, जब वो न्यायले में चला
29:41जाता है, फिर आयोग के उससे बहार हो जाता है,
29:44तो इसमें मैं कहती हूँ कि सरकार ने, आयोग ने पूरी तरह से उस बेटी के लिए, न्याय के लिए
29:51पूरा काम किया है, और अब CBI जाच भी उसमें चल रही है, तो निश्यती, उसे अगर किसी को लगता
29:59है कि इसमें कुछ और ठीक हो सकता है, तो दूद का दूदर पानी क
30:03है, पानी निकल के आया, हम यही उमीद करते हैं कि CBI जाच के साथ कम से कम जिन मुद्दों
30:08को लेकर उतराखंड की जनता, और मुझे लगता है कि अक्रॉस पार्टी लाइन, जो उतराखंड की जनता है, वो इसमें
30:16न्याय का की प्रतीक्षा करेगी, एक और इश्यू है, और
30:34सहमती से कह रहे हैं कि ये तीन चीज़ें यहाँ पर बदल जानी चाहिए, क्या शराब को लेकर एक निती
30:39की जरूरत है, बहुत महिलाओ उने मुझ से कहा है कि शराब से बड़ी दिक्कत हो जाती है, क्या ये
30:47सही है, क्या आपने सुना है, क्या आप सहमत है इस चीज से, साध
31:03से, इतनी प्राबलम सुटी है, मने अमेरिक में देका मेरा सबसे पहले पचीज साल की जीवन वहाँ रहते हुए देका,
31:14और यहां आखर, उतरकंड में पहार दमें सुनते रहते हैं, सुनते रहते हैं, तो प्राबलम नबर वन जब पेसा की
31:23वसे कमी है, और पेसा जारह है श
31:34करीडने के लिए चाहिए स्कूल हो चाहिए कपड़े हो चाहिए इतने सारे कर्चा होते हैं, तो पहले चीज, दूसरी चीज
31:41है कि जब हम शराब की असर्ड में हैं, तो पते नहीं कि हम खार क्या रहे हैं, इसलिए लोग
32:13लोग इसलिए गलत चीज करते हैं, लेकन जब गर्ड में हो, जब भड़ी वर्ड में हो,
32:19इस порकते हैं, तो छुछा रुपी हैं, तो जब स्धेशित झाले गन रखे लोग्सर्ण डिंदे विरुटा, इसलिए खूपूदे तो पते
32:42नहीं, तो प creeping गये तो पते और लोग देए टमने तो पीजेOG खिजेए वनिस अवर्सा Special
32:49of more and more violence, more and more harm,
32:52इसली है, हमको अलग दंग से, पसा लाना चाहिए,
32:58rather than शुराब बेचने से.
33:01Earlier, a few hours ago,
33:03आप Pooja Swami Chiranan Saraswati Ji Maharaj से बात कर रेते,
33:07जड़ी बुती के बारमें.
33:08How easy to grow Haldi, to grow Ashwagandha,
33:14to grow all of these beautiful जड़ी बुती.
33:17You walk into a health food store in America,
33:21एक छोती सी शीशी, जिसमे एक चमच, दो चमच हाल्दी हो,
33:26वो आपको पचास दालर लगेगा काडिने के लिए.
33:29Or where are they growing it? Outside of Los Angeles.
33:32Where does it grow indigenously? Here.
33:35But we're forgetting what grows naturally here,
33:40cutting down trees to build factories,
33:43the waste of which is polluting the air, polluting the water,
33:47polluting the soil.
33:49Instead, and it's perfect rojgaard for our naadi shakti,
33:53because it doesn't require a lot of skill.
33:57They grow it, they harvest it, they dry it, they package it.
34:01ये जो अपनी सेंदा नमाख,
34:03अमेरक में अगर आप जाएंगे,
34:06पिंक हमालियन सुट,
34:08इतनी सी सेंदा नमाख आपको तीस, चालीस, पचास डालर लगेगा.
34:13सेंदा नमाख,
34:14क्योंकी हमालियन से हैं.
34:17अगर हम ऐसे बिसनस बनाने लगेंगे,
34:22हमालियन हल्दी, हमालियन अश्वगंदा,
34:25हमालियन जिंजर,
34:27all of these चाड़िबूती,
34:30कासकर्द, from the ladies of the Himalayas,
34:33गंगा जल, से सिंचर वहें,
34:36the amount of money that could be generated from that
34:41for these villages is huge.
34:44और जैसे पुझास्वामी जी ने कहा,
34:46हम उसका पुड़ा सयोग करने के लिए तयार हैं.
34:49Because this is the way to bring in money
34:52rather than selling alcohol.
34:54Things that are good for the people, good for the land.
34:57सुष्छी जी सहमत हां पिस बाद से?
35:01शराब को लेकर कुछ कानून होना चाहिए कि नही होना चाहिए?
35:03होना चाहिए. परिशानी है उससे?
35:06परिशानी है. आमारी आने वाली भवी से जो पीड़ी है,
35:10वो खतम हो रही है.
35:13सबसे ज़्यादा नसाकाई परचलन हो रहा.
35:18जी इसमें तो खरे दने वाले तो खरे देंगे,
35:21पर इसको जड़ से खतम करना था.
35:25जैसे बोलते हैं कि हम तो बेजेंगे, ठेका, खुलेंगे,
35:28क्योंकि सरकार का इसमें बढ़ा हो है.
35:31होगा क्या? ये तो अब सरकारी जाने.
35:37बहुत बहुत धन्यवाद आप तीनों का इस पूरी चर्चा में जुड़ने के लिए उमीद है
35:42कि आप सब के सुझाओ, सुने, जो जो बनाते हैं कानून.
35:47बहुत बहुत धन्यवाद.
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