00:04नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:07विशाका पत्नम के एक फ्लैट में एक नेवी स्टाफ रहा करता था
00:12तीस मार्च की शाम अचानक वो पुलिस स्टेशन पहुंचता है
00:16पुलिस वालों से कहता है कि उसने कतल किया है और वो सरेंडर करने आया
00:21इसके बाद पुलिस उसे लेकर उसी के उस फ्लैट में पहुचती है
00:26और घर में रखे फ्रिच का दर्वाजा जैसे ही खोलती है
00:30अंदर से शद्धा और आफ्ताप के एक और कहानी बाहर आ जाती है
00:41यह अंद्र प्रदेश का शहर विशाखा पटनम है
00:45इस शहर का एक और नाम है City of Destiny यानि तकदीर का शहर
00:53और यह 30 साल की पोली पल्ली मॉनिका है
00:57तकदीर के शहर ने मॉनिका की तकदीर कैसे बिगारे
01:01यह जानने के लिए चलिये इसी शहर के LV नगर इलाके में
01:06स्ट्रीट नमबर 22 में चलते है
01:08LV नगर में येक रहाईशी अपार्टमेंट है कीर्थी इंक्लेब 1
01:13इस अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर ये फ्लैट है
01:17फ्लैट नमबर 102
01:20ये इसी फ्लैट के दर्वाजे से ली गई तस्वीर है
01:23कमरे में पंखा ओन है
01:25और घूमता हुआ कैमरन
01:27कमरे में रखे सभी सामान के साथ एक फ्रिज भी दिखाता है
01:33ये फ्रिज इस वक्त बंद है
01:35अब इससे पहले कि इस फ्रिज को खोले
01:37और पुलिस को साथ लेकर इस फ्लैट तक आए
01:40यहां से एक किलोमेटर दूर गजवा का पुलिस स्टेशन चलते है
01:45ये विशाका पत्नम में मौजूद गजवा का पुलिस स्टेशन है
01:49इसी पुलिस स्टेशन के आहाते में एसी पी का भी दफ्तर है
01:53बात सुमवार शाम की तारीख थी 30 मार्च
01:58इंडियन नेवी में बता और टेक्नीशन काम करने वाला
02:0130 साल का चिंताड़ा रविंदर पुलिस स्टेशन पहुँचता है
02:05तब पुलिस स्टेशन में तमाम पुलिस वाले ड्यूटी पर मौझूद थे
02:09रविंदरा थाने के एक अफसर के पास जाता है
02:12अपना नाम और पता बताता है
02:14और फिर उस पुलिस वाले को एक क्राइम की कहानी सुनाता है
02:19कहानी सुनते ही हैरान परिशान पुलिस वाले रविंद्रा को अपने साथ लेते हैं और उसके बताय पते की तरफ पुलिस
02:27की गारी चल पड़ती है
02:29गजवाका पुलिस की टीम अब एलवी नगर स्टीर्ट नंबर 22 पर मौझूद इसी कीर्ती इनकलेव की पहली मंजिल पर पहुँच
02:36दिया
02:37रविंद्रा पुलिस के साथ हैं अपार्टमेंट में इतने सारे पुलिस वालों को देखकर अब तक सभी पडोसी भी इखटा हो
02:45चुके थे
02:45रविंद्र का चेहरा काले कपड़ों से ठका हुआ था अब फ्लैट का दरवाजा खुलता है और पुलिस कमरे के अंदर
02:52इदर रविंद्रा इशारा करता है और उधर उसे फ्रिच को अब एक पुलिस वाला खोलता है जिसे थोड़ी देर पहले
03:00हम दरवाजे की जाली से आपको दिखा चुके है
03:04बंद्र फ्रिच जैसे ही खुला अंदर से ये तस्वीर बाहर आए फ्रिच के नीचे का पूरा हिस्सा खाली है दो
03:11छोटी कटोरिया है नीचे बैंगन है और एक ट्रे फ्रिच के सबसे उपर खाली एक ट्रे रखा हुआ है अब
03:20फ्रिच के उस हिस्से को बहुत गोर से देख
03:32लेकिन फ्रिच के उपरी हिस्से से सारा सामान किसी ने बाहर निकाल रखा है
03:37क्योंकि उसे फ्रिच के इस हिस्से में कुछ और सामान रखना था
03:41पुलिस अफ्रिच के उसी उपरी हिस्से से पॉलिथिन समेट उसमें रखे सामान को नीचे उदारती है
03:47पॉलितिन खोला जाता है
03:49पॉलितिन खुलते ही अब सामने एक इनसानी धर्ड नजर आता है
03:54धर्ड यानि जिसका सिर गाइब हो
03:57दोनों हाथ गाइब हो
03:58और दोनों पैर भी गाइब हो
04:04अब जाहिर जहां सिर ही नहीं होगा
04:07तो चेहरा कहा होगा
04:08अब बगायद चेहरे के ये कैसे पता चले कि धर्ड किसका है
04:12लेकिन इसके बावजूद फ्रिज खोलने वाली पुलिस को मालूम था
04:16कि ये धर्ड किसका है
04:18वज़ा ये कि खुद कातिल पुलिस को बता चुका था
04:21कि उसने किसका कतल किया है
04:23क्यों किया है कैसे किया है
04:26और कतले के बाद उसकी लाश के साथ क्या क्या किया है
04:32तो इन सवालों के जवाब जानने के लिए एक बार फिर से
04:36गजवाका पुलिस एस्टेशन चलते हैं
04:38दरसल सोवार की शाम रविंद्रा जब इस पुलिस सेशन में आया था
04:42तो अपनी कहानी सुना कर असल में वो पुलिस के सामने खुद को सरेंडर करने आया था
04:48पुलिस स्टेशन में खड़े होकर सौमवार की शाम जो उसने कहानी सुनाई थी
04:53वो कहानी उस कतल गी थी जो उसने अपने हाथों से किये थी
04:57वो रविंद रही था जिसने पुलिस को ये खबर दी थी कि जिसका उसने कतले किया है उसकी लाश का
05:03आदा हिस्सा उसके घर के फ्रिज में रखा हुआ है बाकी का हिस्सा वो जंगल में जला चुका है
05:11घर का फ्रिच तो खुल चुका था अब पुलिस कहानी के दूसरे हिस्से को टटोलने के लिए सीधे जंगल पहुँचती
05:17है
05:17क्योंकि फ्रिच से जो अधूरी लाश मिली थी उस लाश का बाकी हिस्सा जंगल में ही मिलना था
05:23इस वक पुलिस जंगल में उसी अध्यली लाश के बचे कुछे टुकड़ों को तलाश रहे उन टुकड़ों में एक सिर
05:30है दो हाथ और दो पैर
05:34रविंद्र की निशान देही पर पुलिस की टीम को जंगल से बची कुछी लाश के टुकड़े मिल जाते हैं
05:40पुलिस के साथ अब आंध्र प्रदेश फॉरंसिक साइंस लैब यानी एपी एफेसिल की एविडेंस रिस्पॉंस टीम भी शामिल हो चुकी
05:48थी
05:48फिरिज और जंगल से लाश और लाश के सबूत अब पुलिस के हाथ लग चुके थे
05:53थोड़ी देर बाद ही आंध्र पुलिस पूरी कहानी भी समझ चुकी थी
05:58दरासल शद्धा वॉलकर और आफ्ताप पूरावाला की दिल्ली वाली कहानी विशाखा पत्नम में तोहराई जा चुकी थी
06:06शद्धा और आफ्ताप की कहानी तो न जाने कितनी बाद आप लोग सुन चुके हैं तो चलिए अब विशाखा पत्नम
06:13की मौनिका और रविंद्र की कहानी सुन दे
06:19रविंद्रा भारतिये नेवी में बताओ टेक्नीशियन पिछले एक साल से काम कर रहा था फिल्हाल वो आइनिस डेगा पर पोस्टेट
06:27था
06:28आइनिस डेगा विशाखा पत्नम में मौझूद भारतिये नौसेना का एक बेहत एहम नौसेनिक वायू स्टेशन है
06:35इस वायू स्टेशन से पी एट आई, डोनियार, सी किंग और ए एलिट जैसे लड़ाकू विमान से भारतिये नेवी पूर्वी
06:44समुद्रे तट की रक्षा करती है
06:46इसे स्टेशन पर दुश्मन के डोन का पता लगाने और उन्हें नस्ट करने की भी सारी तक्नीश है
06:52कुल मिलाकर आई एनेस डेगा पूर्वी शेत्र में भारतिये नौसेना की समुद्रे निग्रानी और हवाई शक्ती को मजबूत करने वाला
07:00एक बेहत अहब के इंद्रे
07:04मिशाकपटनम में हुए संसनी केज मर्डर का आरोपी भारतिये नौसेना का कारिरत बताये जा रहा है जो आईनेस डेगा में
07:10तैनात था
07:11आरोपी की पहचान रविंदर के रूप में हुई है चुरुवाती जांच में ये पता चला कि उसने वृतका मौनिका से
07:18एक डेटिंग आप के जरिये मुलाकात की और इन मुलाकातों के बाद नजदी किया बड़ी लेकिन कुछी समय बाद नजदी
07:24किया विवाद में तबद
07:40आरोपी भी रविंदरा की तरही विशाखापटनम की रहने वाली थी लड़की का नाम पोल्पली मौनिका था एप पर कुछ दिनों
07:48की बातचीत के बाद दोनों में दोस्ती हो गए फिर मिलना जुलना शुरू हुआ इसके बाद दोनों विशाखापटनम में ही
07:55अक्सर कभी
07:55पात में कभी सिनेमा हॉल में तो कभी मॉल में मिलने लगे। धीरे धीरे दोस्ती प्यार में बदल गे। दोनों
08:03के प्यार और दोस्ती को अब चार साथ पूरे हो चुके थे। सब कुछ ठीक चल रहा था।
08:25टेकनीशियन नौकरी करने लगा। पहले के मकाबले अब मॉनिका से मिलना जुलना थोड़ा कम हो गया था। फिर भी जब
08:32मौका मिलता दोनों मिलते। इस दोरान मॉनिका ने रविंद्र से किसी ना किसी बहाने पैसे मांगने शुरू करती। रविंद्र करीब
08:40साड़े तीन �
08:41लाक रुपे मॉनिका को दे चुपा था। पर मॉनिका फिर भी उससे पैसे मांगती। ऐसे कई मौके आए जब रविंद्र
08:47ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं। तब मॉनिका ने उसे धम की दी कि वो उन दोनों के रिष्टों
08:53की बात उसकी पत्नी को बता देगी। अब रव
09:09कि वस्तनों वार अंता कोड उच्चे नैवी उज्जोगी इसांगत्न चेटू चला इप्रांधोला अंधर कोड कलकला उरेपिंदी। उक्केंगे वक निंडू प्राना
09:18ने युदंगा तीसी इचरेग अंधरो कोड अंधर कोड चालत्रे द्रग्मांधु गुरेयार। इल
09:56अधर इन सब के बीच रविंद्रा की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के लिए रविंद्रा
10:02की पत्नी अपने माईके गे थे।
10:0429 मार्च को रविंद्रा ने अचानक मौनिका को फोन किया। उसे घर बुनाया। दोनों के बीच पैसे और धमकी को
10:10लेकर फिर से जगड़ा शुरू हो गया। इसी जगड़ी के दोरान गुस्से में रविंद्रा ने मौनिका का गला गोड़ दिया।
10:17मौनिका इसी फ्लैट म
10:18में दम तोड़ चुकी थी। मौनिका के गतले के बाद अब रविंद्रा को सूच नहीं रहा था कि वो क्या
10:24करे। लाश के साथ कुछ देर तक इसी फ्लैट नंबर 102 में वो अकेला बैठा रहा। पुलिस सूतरों के मताबिक
10:31फिर उसे अचानक शद्धा और आफथाप पून
10:47को अंजाम दिया। आरोपी ने शव को ठीकाने लगाने की भी कोशिश की। फुलिस ने त्वरित कारवाई करते हुए आरोपी
10:55को गिरफतार कर लिया। और इस मामले की पूरी गहराई से जांच की जा रही है ताके पता चले कि
11:00इस हत्या के पीछे साजिश क्या रही होगी�
11:05इसके बाद वो उसी रात पहले पास के ही एक दुकान में गया तेजधार चाकू या आरी खरीबने के लिया।
11:11लेकिन दुकान से उसे बड़ा चाकू या आरी नहीं मिले। वापस खर लोटा। फिर उसने ऑनलाइन एक तेजधार चाकू का
11:18ओर्डर दिया। कुछी देर में
11:19चाकू घर पर दिलिवर भी हो गया। इसके बाद उसने घर में ही بैटकर तीन जगों से लाश के टुकड़े
11:25की। पहले सिर धड़ से अलग किया। फिर धूनों हाथ काटे इसके बाद घुटनों से दोनों पैर अलग कर दिया।
11:33फिर उसने दोनों पाउं और कमर का निच्ल
11:45किलुमेटर दूर ले गया और जंगल में उसे जरा दे इन दोनों के साथ-स उसने मौनिका के मुबाईल को
11:51भी आग के हवाले कर दिया
11:58करेंगे अपर यहां अपर आज आज ओगाने तो अपर शुक्राप रिख्वास्ट निए आज आज रोगया वेश्टे आज़ एचिक निए रोगया
12:20जो जोगेंगे।
12:23अस्तार कोचिर आ लिए अवन्हें वेटिए अवन्हें उवन्हें साव पांज थिए वड़ोल शेयू होग्वना जरुषट है
12:42वुपक्या भांचंटा जर्टानी नच्वच नर्चा जरुए अट्रदों होiken
12:54रात बीच चुकी थी, अब 30 मार्च की तारीख आ गए, घर के फ्रिज में अब भी धड़ वैसे ही
13:00रखा हुआ था, जबकि दोनों पाओं और कमर का निचला हिस्सा बेट के नीचे पड़ा था
13:04रविंद्रा लाश के इन टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए रात के अंधेरे का इंतजार कर रहा था, पर जैसे
13:11जैसे दिन बीत रहा था, उसकी घबराहट पड़ती जा रही था, उसकी घबराहट में उसने अपने गरीवी दोस्त को फोन
13:18किया, फोन पर उसने मौनिका क
13:20और लाश के टुकड़ों की बात सच सच बता दा, तब उसी दोस्त ने रविंद्रा को ये सलाह दी, कि
13:27वो कहीं भागे नहीं नई इस गतल को छुपाए, जो कि देर सवेर पुलिस उसे पकड़ी लेती, इसलिए बहतर ये
13:33होगा, कि वो खुद पुलिस के पास जाकर खुद क
13:36को सरिंडर कर दे, और सारी बात सच सच बता दे, रविंद्रा ने दोस्त की बात मान लिए, और 30
13:42मार्ट की शाम गजवाका पुलिस स्टेशन पहुच कर, पहले इक रारे जुरुम किया, और फिर खुद को सरिंडर कर दिया,
13:50अपूर्वा जैचंदरन के साथ, अब्दुलब
14:06केस का क्या हुआ, तो चलिए आपको बता देता हूं, कि पिछले तीन सालों से ये केस, फास्ट रैक कोट
14:12में है, फास्ट रैक कोट में इसलिए, ताकि मुकदमे का फैसला जल्दी हो सके, लेकिन तीन साल बीट जाने के
14:20बावजूद, अब भी फैसले का इंतिजार है, विश
14:36उन केसिस की, जिन में कातिलों की हैरान करने वाली और बरबर हरकतों ने, लोगों को वक्त वक्त पर बुरी
14:44तरह से जगजोर कर रख दिया
14:49दिल्ली के शद्धा वालकर का केस तो खैर अपनी तरह का अनोखा केस है ही, जिसमें मुंबई की रहने वाली
14:5627 साल की लड़की शद्धा को उसके बॉइफरेंड, आफताब ने न सिर्फ अपने फ्लैट में गला घोट कर मौत के
15:03खाट उतार दिया था, बलकि उसकी लाश को 35
15:06टुकडों में काट कर, रेफ्रीजरेटर में बंद कर उन्हें किस्तों में ठिकाने लगाता रहा है।
15:37जिन में कहीं लाश फ्रिज में, कहीं ड्रम में, तो कहीं बकसे में नजर आए। इस केस में फास्ट रैक
15:43इनसाफ की बात कही गए थी। ऐसे में ये केस इस वक्त किस स्टेज पर है और इनसाफ का क्या
15:49हुआ, ये आपको बताएंगे। लेकिन आईए, आपको पहले इस जैस
15:53कुछ दूसरे केसे की याद दिला गए थे।
16:23लेकिन जेल वाले ससुराल जरूर पहुँच गया। ये बारदा थे साल 2023 की। फिर इसके अगले ही साल यानि 2024
16:33में बेंगलूरू में महालक्ष्मी दास नाम की एक लड़की को उसके बॉइफरेंड ने कुछ वैसी ही मौत दी। जैसी मौत
16:40आफ़ताव ने शधा को दी थी।
16:42मौल रूप से नेपाल की रहने वाली महालक्ष्मी बेंगलूरू में रहकर काम किया करती थी। काम के दौरान ही उसकी
16:49मुलाकात बोडिशा के रहने वाले मुक्ती रंजन रॉय से हुई।
16:55अपने पती से अलग रह रही महालक्ष्मी मुक्ती से शादी करना चाहती थी। मगर मुक्ती इसके लिए तयार नहीं था।
17:02शादी का ये दबाव मुक्ती पर कुछ इतना बढ़ा कि उसने ना सिर्फ महालक्ष्मी की जान ले ली बलकि उसकी
17:09लाश के उनसच टुकड़े कर उन्हें फ्रिज में भर दिया और बेंगलूरू से फरार हो गया।
17:15बाद में 21 दिसंबर 2024 को महालक्ष्मी के कमरे स्यादी बद्बू ने बढ़ोसियों को परिशान किया और फिर इस केस
17:23का खुलासा हुआ।
17:31अब जब लाशों को खौफ़नाक तरीके से ठिकाने लगाने वाले मामलों की बात चली रही है तो फिर मेरट वाले
17:37ब्लू ड्रम केस को कोई कैसे भूल सकता है।
17:41वही केस जिसमें सौरव राजपूत नाम के एक नौजवान का उसकी पतनी मुसकान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर
17:48गतल कर दिया।
17:50और फिर उसकी लाश को घर में रखे ब्लू ड्रम में डाल कर उसे सीमेंट से चिनवा दिया।
17:58बाद में पता चला कि मुसकान न सिर्फ अपने पती से बीचा छुडाना चाहती थी बलकि साहिल से दूसरी शादी
18:04भी करना चाहती थी।
18:07साहिल नशे का आदी तो था ही उसने सौरव के कटे हुए सिर के साथ कुछ तांत्रिक ग्रियाएं भी की
18:14थी।
18:19अब आईए बात करते हैं उस सबसे हाई प्रोफाइल केस की जिसकी पूरी कहानी अब भी सबकी जुबान पर है।
18:26शद्धा वालकर मर्डर केस। शद्धा वालकर का कतल तो 18 मई 2022 को ही हो गया था।
18:33लेकिन इसका खुलासा नवंबर 2022 में जाकर हुआ।
18:36चुकि शद्धा के कतल के आरोपी आफताव उसकी लाश को 35 टुकडों में काट कर फ्रिज में भर कर ठेकाने
18:43लगा चुका था।
18:44केस की सच्चाई सामने आने के बाद इसके फास्ट्रेक ट्राइल की मांग होने लगी।
18:50पुलिस सरकार और कोट ने इस पर मुहर भी लगाई और केस को फास्ट्रेक कोट में भेजा गया।
18:55मगर इतना होने के बावजूद ये केस अब भी ट्राइल के स्टेज से आगे नहीं निकल पाया है।
19:01हद तो ये है कि बेटी के लिए इनसाफ की मांग करते करते अब शद्धा के पिता विकास वालकर की
19:07भी मौत हो चुकी है।
19:08उनकी मौत उनके मुंबई के पास वसई वाले मकान में 9 फरवरी 2025 को हार्ट अटेक से हुई।
19:15अठार माई 2022 शद्धा वालकर का कतल छतरपूर में आफ्ताव के फ्लैट में हुआ।
19:22बारा नॉंबर 2022 केस का खुलासा हुआ और पुलिस ने आफ्ताव को गिरफ़तार कर लिया।
19:2824 जन्वरी 2023 दिली की साकेत फास्ट्रेक कोट में पुलिस ने 6000 पन्नों की चार्शीट दाखें की।
19:369 मई 2023 फास्ट्रेक कोट में आफ्ताव के खिलाफ चार्ज फ्रेम किया गया।
19:421 जून 2023 फास्ट्रेक कोट में केस का ट्राइल शुरू हुआ। गवाहियां चालू हुई।
19:51फिलहाल हालत ये है कि गवाहियों का सिलसिला अब भी जारी है।
19:55इस केस में पुलिस ने कुल 235 गवाहों के नाम कोट को बताए जिन में से ज्यादतर की गवाही हो
20:02चुकी है।
20:03लेकिन ये भी सच है कि अभी इस केस को कई और स्टेज से गुजरना है।
20:08मसलन सबूतों का एग्रिगेशन यानी मिलान होना है ताकि कोट ये देख सके कि आरूपी पर जुर्म बगैर किसी संदेह
20:15के सावित होता भी है या नहीं।
20:18इसके बाद आरूपी या बचावपक्ष के वकील को भी अपनी बेगुनाही के लिए गवाही देने या फिर अपनी सफाई देने
20:25का उसर दिया जाना है।
20:48का पक्के तोर पर कहपाना मुश्किल है। यानि केस की रफतार फास्ट ट्रेक में होकर भी इसकी चाल सुस्त है।
20:55आज तक ब्यूरूब
20:58तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहें आज तक
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