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  • 22 hours ago
छत्तीसगढ़, सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त हो गया है. लेकिन ये सफर आसान नहीं था. बीजापुर में 1972 से शुरू हुआ नक्सलवाद जानिए कैसे खत्म हुआ.

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00:17તતત કાલીન આંરપરદેશ સે લગે ઘણે જંગ્લો ઔર સીમા વર્તિ ક્શેત્રો કારણ નક્સલી સંગઠણોને યાં
00:48ધીરે ધીરે અપની પકડ બનાની શુરું કી
00:54સીરે ક્શેત્ર મે નક્સલ ગતી વિધ્યો કી શુરવાતી જલક માની જાતીતીઈ
01:00મહારાષ્તીતી આંરપરેશતી કી સીમાં સીમાંયે પકડી કીરતીતી કીવાતી જારતીતીતીતી કીંતીતીત�
01:57ખારતીતીતીતીતીત
01:58ुप्राइब गुष्टन ग्रामेंग शेत्रों में अपना प्रभाव बढ़ाने, संगठन विस्तार करने और स्थानिय लोगों के बीच पकड बनाने की कोशिशों
02:06में जुड़ गए।
02:28आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया, जिसे उस दौर की प्रमुख घटनाओं में माना जाता है।
02:59अब उसमें से कितना हिस्सा उनको बाटे और कितना वो जेब में रखे इनका हिसाब किसी के पास नहीं था,
03:05ना उपर से नीचे था।
03:08बस इसी बात को उनोंने एक मुद्धा बनाया और सबते पहले भारष्ट वालों की परेड लेनी शुरू किया।
03:181990 के दशक में नकसलियों की गतिविधिया तेजी से बढ़ी।
03:22माउवादियों ने पुलिस और मुखबिरों को निशाना बनाना शुरू किया।
03:26उन्होंने जन प्रतिनिध्यों को भी नहीं बक्षा।
03:28नकसलियों ने बुनियादी सुविधाय भी गाउं तक नहीं पहुँचने दी।
03:32न सड़क बनने दिया, न टेलिफोन टावर लगे।
03:35बिजली लाइन और स्कूल का भी नकसली विरोध करते रहे।
03:39यहां तक तो सब यह चलतरा भाई थोड़ी बहुत मार पिटाई कर दिये।
03:43छोड़ो जाने दो।
03:45कोई ना प्रसासनिक संपत्य को नुकसान पहुचाते थे, ना पुल-पुलिया तोड़ते थे।
03:53यह अचानक होगर होगा, फिर जन प्रतिनिदियों को अपना टार्गेट बना लिया।
04:00एक बार तो ऐसा किया कि पूरा बस्तर 15 दिन तक अंधेरे में डूबा रहा।
04:06उन्होंने एक टावर ही पूरा उड़ा दिया, मेन हमारी बिजली की लाइन जो दूर्ग साइट से आती है।
04:16नकसलियों के खिलाफ बड़े जन आंदोलन की शुरुआत साल 2005 में सल्वा जुडूम अभियान से हुई।
04:23नकसलियों के अत्याचार से परिशान ग्रामिडों ने स्थानीय नेताओं और जन प्रतिनीध्यों के नेतरित्व में आंदोलन शुरुगिया।
04:30इस अभियान का नेतरित्व महेंद्र कर्मा ने किया।
04:33जबकि बीजापूर जिले में बुधराम राणा जैसे इस्थानिय नेताओं ने प्रमुख भूमी का निभाई
04:38इसका बिगुल कुटरू अंबेलिक शेत्र से बजा था
04:42गोंडी भाषा में सलवा जुडूम का अर्थ शांती अभियान या शुद्धी अभियान माना जाता है
04:47यहां अंदोलन धीरे धीरे बीजापूर दंतेवाडा और सुकमा के कई गाउं तक फैल गया
04:54और हजारों ग्रामेन इसमें शामिल हुए
04:56हाला कि बाद में इस अभियान को लेकर विवाद भी हुए
04:59और साल 2011 में सुप्रीम कोट के निर्देश के बाद इसे बंद कर दिया गया
05:09समय के साथ नकसली हिंसा ने कई बड़ी घटनाओं का रूप लिया
05:136 अप्रेल 2010 को ताड मेटला जंगल में हुआ हमला देश की सबसे बड़ी नकसली घटनाओं में गिना जाता है
05:19इस हमले में नकसलीों ने CRPF और पुलिस के जवानों पर घात लगा कर हमला किया
05:25जिसमें 76 जवान शहीद हो गय
05:2825 मई 2013 को जीरम घाटी हमला हुआ
05:32जिसमें कॉंग्रिस की वर्तमान यात्रा को निशाना बनाया गया
05:35इस हमले में प्रदेश के कई वरिष्ट नेता मारे गए
05:38हाल के वर्षों में भी कई बड़ी मुझभेडे हुई
05:56बीजापुर के गंगालूर, तर्रेम, उसूर, मिर्तूर और पामेड में कई IED ब्लास्ट, सडक निर्मान में बाधा
06:04पुलिस और DRG जवानों पर हमले के साथ ही जन प्रतिनीधियों को धम की और हत्या जैसी घटनाय सामने आती
06:11रही
06:11इन लोगों ने कोई अपरास साधारण नहीं किये तो बहुत भयान है कि पर इनके दिमाग की आपको दाद देना
06:19पड़ेगा
06:19इस कांड में 11 सिपाही मारे गया थे और हम लोगों का आँखों देखा इसलिए कह रहा हूं है कि
06:26मैं वक्यालत के पेसे के सिलसिले में कोंटा जा रहा था तो लगभग साड़े नौ पौने दस बजे हमारी बस
06:33एर्राबॉर के आसपास पहुंची तब हम लोगों ने अचानक
06:39तो उस इलाके में क्या है जिट्टी की घदाने कई हैं तो लगा चलो गई पर जैसे हम कोंटा कोंटा
06:48में पहुंचते हैं तो पता लगता है वहां तो दादा लोग उड़ा दी 11 सिपाही मारे गए हमारे उस समय
06:56के हालात ऐसे थे कि हम अभीभाजित मद्य प्रदेश के हिस्स
07:07असिख्षित बोल सकते हैं अज्यानी नहीं बोल सकते हैं असिख्षित थे तो वो अपने हकों को अपने प्रतिनिधित में पुरुआ
07:18नहीं कारवा पादे हैं
07:19नकसलियों के खिलाफ लड़ाई में साल 2023 से देजी आई सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर नकसल विरोधी अभियान चलाया
07:27CRPF, जिला पुलिस बल, DRG और STF की सयुक्त कारवाई में कई बड़े नकसली मारे गए और कई गिरफतार हुए
07:35सरकार की पुनर्वास योजना के तहट बड़ी संख्या में नकसलियों ने आत्म समर्पन भी किया
07:42जिस प्रकार से हमारी गती है हमें उमीद है कि हम जल्दी इसको खतम करेंगे
07:46देखे जो महावादियों की संख्या काफी कम हो गई है
07:49जो कि आम्ट केटर की बात करते हो हैं जैसे कि आप जानते हैं कि बीजापूर नकसलिवाद से काफी आफेक्टेट
07:57रहा है
07:57और यहाँ जो रिकूट्मेंट भी काफी ज़्यादा था यहाँ एक रिकूट्मेंट का बेस था
08:18अब बीजापूर जिले के अंदरूनी इलाकों में धीरे-धीरे विकास की रोश्णी पहुचने लगी है
08:23अब अंदरूनी क्षेत्रों में सडक निर्मान, बिजली विस्तार और स्कूलों का संचालन शुरू हो रहा है
08:29ग्रामेन भी खुश है
08:31मंदी सरकार हमारा अच्छा काम कर रहा है
08:33मंदी सरकार हमारा काम में आया है तो मस्त कर रहा है
08:38है नि, ठिक कर रहा है
08:41नक्सली सब बग गए
08:43नक्सली का यहां काम नहीं है
08:45फिलीस परचन करता है
08:48नक्सलीस नहीं दिख रहे है
08:51I want to make the government to make the government.
08:58I am not a leader.
09:00I am not a leader at night.
09:03I am a leader.
09:05I am a leader.
09:08I am a leader.
09:09I am a leader.
09:17i have no one to keep a loan from home from home.
09:25What do we say?
09:27We say, we put a loan from home.
09:31We also put a loan from home.
09:34We have no money.
09:35It's very happy in the village.
09:37There's no longer there.
09:39There's no longer there.
09:40When we first started, we're finished.
09:42There's no more than we have.
09:44We're happy in the village.
09:51बीजापूर कलेक्टर कहते हैं कि नकसल प्रभाव घटने के बाद जिला प्रशासन ने अपने प्राथमिक्ता दूरस्त और पहुच विहीन गाउं
09:59तक सडक, बिजली और संचार जैसे सुविधाय पहुचाने पर केंद्रित कर दी है
10:17जर्नी करना पड़ता था अभी वहां पर बियारों के द्वारा रोड बनाया जा रहा है और जिला मुक्याले से तीन
10:22गंटे के अंदर हम लोग पामट शेतर डिरेक्ली पहुच पा रहे हैं उसी तरीके से इंद्रावती नदी पे भी बहुत
10:27प्रिटिकल पुल है एक फूंडरी
10:42करन पहली बाल हुआ है दशकों तक नकसलवात का दंश छेलने के बाद अब बस्तर में खासकर बीजापुर में ग्रामेण
10:50राहत की सास ले रहे हैं बरसों से आदिम युक की तरह जी रहे आदिवासियों को अब नकसली खौफ नहीं
10:56है वह सुकून से जी रहे है और अपनी �
10:58नई पीढ़ी को खुशहाल देखना चाहते हैं एटीवी भारत बीजापुर
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