00:0095.42 पेसे
00:01ये रुपे का स्तर है
00:0330.01.2026 के लिए
00:06हाँ
00:0731.01.2024 को ये एक बार फिर से
00:1094.02 पर आया जरूर
00:11लेकिन रुपेया जितने
00:13दबाव में है वो अब चिंता की बात है
00:16जब Middle East में टेंशन बढ़ रही है
00:18एरान वोर लगभग
00:31।
00:32ुपे पर सबकी जुबां पर यही है कि क्या रुपया डॉलर के मुकाबले 100 का अस्तर पार कर लेगा यह
00:40बड़ा सवाल है टेंशन भी बड़ी है क्योंकि रुपय का 100 का अस्तर पार कर लेना या फिर रुपय के
00:4695 रुपय पर आ जाना सिर्फ RBI को देश की
00:50economy को affect नहीं करता वो affect करता है हमको और आपको इसलिए इस वीडियो में हम सभी facts को
00:58समझेंगे उनके पीछे की वजह समझेंगे रुपय की गिरावट को समझेंगे और RBI ने जो बड़ा step उठाया है
01:06banks के लिए एक नया फर्मान जारी किया है उसको भी समझेंगे और क्या रुपया उस पूरे बड़े फैसले के
01:13बाद संभल पाया है ये भी एक बड़ा सवाल है
01:16तो चलिए एक एक करके हर एक facts को decode करने की कोशिश करते हैं
01:24सबसे पहले थोड़ा सा facts पे आई ये facts चेक कर लेते हैं रुपया आखिर गिरा कितना है
01:2930 मार्श 2026 का record low था 95 रुपय बाइस पैसे यानि रुपया डॉलर के मुकाबले 95 रुपय से ज्यादा
01:39गिर गया
01:39पहली बार रुपया 95 रुपय के पार गया है दिन के शुरुवात अच्छी हुई थी
01:4527 मार्श की अगर हम बात करें तो RBI का एक बड़ा फैसला आया था जिसके बाद रुपय में मस्बूती
01:50देखी गई
01:50ओपनिंग मस्बूत थी 30 मार्श की लेकिन बंद होते होते सारी रिकवरी गया है अगर आप डेटा पर नज़र डालेंगे
01:57तो वितवर्श
01:582026 में अब तर लगभग 10 फीसदी के गिरावट आई है रुपय में एक अप्रेल
02:052020 की अगर हम बात कर ले तो रुपया था 85 रुपय सतावन पैसे के स्तर पर उसके बाद जब
02:13इरान वार्ट
02:13शुरू हुए है उससे पहले का अगर आप रुपय का स्तर देखेंगे तो वह था 90 रुपय ठानवे पैसे के
02:19स्तर
02:19Now we will see March. March is the last 30 March.
02:2531 March will be reached for 95 per year.
02:29If we see March, 4.4% is the cost of 4.5%
02:35Now we will tell you a comparison.
02:39The most important factor in fiscal year is the FI 2012
02:44The year 2012, which was the most significant year of the year,
02:51the year of the year of the year, the year of the year of the year,
02:54the year of the year of the year, the year of the year.
02:58Now, the experts of the year,
03:00there are some of the opinions of experts,
03:03which are one of the lines that are not falling,
03:07the dollar is falling, but this is true.
03:10There are two things,
03:11ुपिया भी गिर रहा है और डॉलर भी चड़ रहा है लेकिन भारत पर बोज रुपए पर ही पड़ रहा
03:18है इसकी दो वजा है अगर हम इंपोर्टेंस देखें तो सबसे पहले आती है
03:22structural वजह और दूसरा आता है trigger अब रुपिया गिरने के
03:26दो layers हैं लेकिन सबसे पहले हम आपको trigger समझा देते हैं
03:30trigger का मतलब होता है तुरंत का जटका तुरंत का जटका आ रहा है
03:33Middle East tension की वज़े से इरान का war है उसकी वज़े से
03:37खाड़ी देशों में जो लड़ाई शुरू हो चुकी है गल्फ में जो लड़ाई शुरू हो चुकी है
03:43Middle East में crude के prices बढ़ रहे हैं 27 सरवरी के आसपास ये लड़ाई शुरू हुई
03:49तब से लेकर के अब तक crude का अगर हम आकड़ा देखेंगे तो 20 डॉलर से
03:55ज्यादा प्रती बैरल crude का price चड़ चुका है कच्छा तेल 20 डॉलर प्रती बैरल से ज्यादा मेहंगा हो चुका
04:01है
04:02भारत करता है 80 से 85 फीसर दी तेल का import अब तेल मेहंगा होगा
04:07इंपोर्ट बिल बढ़ेगा current account का deficit बढ़ेगा
04:11डॉलर की demand बढ़ जाएगी और रुपया दबाव में आएगा
04:15यानि एक flow chart समझिये तेल मेहंगा होता है तो import बढ़ेगा
04:19current account यानि CAD बढ़ जाएगा डॉलर की demand बढ़ने लगती है
04:22और ऐसे situation में रुपया अपने आप दबाव में आजाएगा
04:25यानि भारत का dependence imported तेल और गैस पर है
04:28यानि सीधे सीधे import बिल को मिल रहा है support और वो बढ़ता जा रहा है
04:34अब दूसरे pressure पर आईए जो है structural pressure
04:37लंबे समय से ये imbalance चल रहा है और उसकी major वज़ा बनके आ रहे है
04:43विदेश innovation
04:44FII's का out slow जो है भारतिये equity और bond से जो पैसा निकल रहा है
04:50वो रुपय पर बहुत दबाब डाल रहा है
04:52अमेरिका में ब्यासदर है यानि bond deal जो है वो ज्यादा attractive नजर आ रही है
04:57और ज्यादा safe लग रही है
04:59और यही वज़ा है कि FII's लगातार पैसा निकाल रहे है भारतिय बाजार से
05:04अब देखें जहां पर already पैसा था वहाँ पर uncertainty है
05:09बाजार में uncertainty नजर आ रही है भारत के और अमेरिका में safe है
05:13तो FII's की यह जो सोच है कि घर में असुरक्षत और अमेरिका में safe यह रुपे पर भारी पड़
05:19रही है
05:20इसके अलावा importers की hedging demand भी एक बहुत बड़ा चगर है
05:24बड़े corporates जिनने dollar चाहिए वो अपनी near term देनदारी के लिए dollar खरीते जा रहे है
05:30capital outflow हो रहा है पैसा भारत से बाहर जा रहा है और dollar का inflow कम हो रहा है
05:35नतीजा क्या निकल रहा है dollar की demand लगातार बढ़ रही है लेकिन supply नहीं बढ़ रही है
05:40अब जिस चीज की demand बढ़ती है supply नहीं बढ़ती है उसके comparison में रुपे पर पड़ता है दबाव
05:47यह short term जटका नहीं है यह structural imbalance है और यह काफी समय से देखने को मिल रहा था
05:53विदेशी निवेशिकों की बढ़त अब इस पूरे सेनारियो को हमने आपको समझा दिया है
05:58लेकिन बड़ा सवाल लिए कि RBI ने क्या कदम उठाया है तो 28 March को RBI ने एक बड़ा फैसला
06:05लिया है
06:06नए नियम लागू किये हैं बैंक्स को नेट ओपन रुपी पोजिशन जो एनोपी होती है वो 100 मिलियन डॉलर प्रति
06:15दिन तक सीमित कर दी गई है
06:16यानी लगभग 940 करोड रुपे अब आएए पहले के डेटा पर बैंक का 25 फीसिदी कैपिटल तक ओपन पोजिशन रख
06:26सकते थे
06:26लेकिन अब ये 25 फीसिदी को लिमिट कर दिया गया है यूनिफॉर्मली सभी बैंक्स के लिए 100 मिलियन डॉलर के
06:33कैप तक
06:34और 10 अप्रेल तक इसको लागू करने का भी निर्देश आर्बियाई ने बैंक्स को दे दिया है उद्देश है आर्बियाई
06:41का स्पेकुलेशन को रोकना सट्टे बाजी को रोकना क्या चाहता है आर्बियाई कि बैंक डॉलर बेच दे जिससे रुपे को
06:48सपोर्ट मिल जाए
06:49ओफशोर पोजिशन पर भी कंट्रोल करना है यानि बैंक्स डॉलर बेच रहे थे लेकिन कॉर्परेट्स ने अंडियेफ मार्केट यानि जो
06:58नॉन डिलिवरेबल फॉर्वर्ड्स है ओफशोर हेजिंग मार्केट जिनने कहा जाता है उसमें उल्टा खेल खेला है एक तरफ �
07:05ओफशोर में डॉलर बेचा दूसरी तरफ एंडियेफ में खरीद लिया आर्बिट्राज प्रॉफिट इसको कहा जाता है अब इसका नतीजा क्या
07:12हुआ शुरुवात में रुपिया मजबूत खुल गया आर्बियाई की ये जो नए नॉम्स आये उसका असर था लेकिन दिन म
07:19में हो गया पानिक, पोजिशन के अन्वाइंडिंग हो गई और रुपे की सारी मजबूती गायब हो गया, आप बैंक्स क्या
07:26बोल रहे हैं कि तीन महीने की राहत दे दीजिए,
07:29MTM Losses, यानि Market to Market नुकसान जो बढ़ रहे हैं, उसके गारण Liquidity Crunch हो जाएगा, इसलिए तीन महीने
07:37की महलत बैंक्स मांग रहे हैं,
07:38According to RBI, आपको 100 मिलियन डॉलर का क्याप रखना है, और बैंक्स का ये कहना है कि Relief जो
07:46है RBI के FX Cups के वो शणिक है, राहत जो है, वो मुमेंटरी है, वो बहुत लंबी राहत नहीं
07:54है, और जो रुपे में Recovery के बाद गिरावाट आई, उसने इस बात को कही ना कहीं प्रूफ कर �
07:59अब आईए Corporates और Bank के खेल पर, यहां पर भी बड़ा खेल चल रहा है, RBI ने Bank की
08:06Position लिमिट की, बैंक डॉलर बेचने को मजबूर हो गए, लेकिन बड़े Importers और बड़े Corporates ने दूसरे देशों में
08:15Offshore Dollar खरी दिये, अब NDF मारकेट में डॉलर बेचने की Position भी बना ली, इसका �
08:21नतीजा क्या हुआ, Onshore रुपे पर दबाव बढ़ गया, NDF में Spread का फाइदा मिल गया, RBI की कोशिश को
08:28धका लग गया, यह वही बात हो गई कि छूरी खरबूजे पर गिर रही है या खरबूजा चूरी पर, यह
08:33जो पूरा सेनारियो है, उसमें कटेगा खरबूजाई, यान
08:36रुपे के उपर ही दबाव बनेगा, अब आगे क्या 100 रुपे तक चला जाएगा, यह लेविल यह बहुत बड़ा सवाल
08:43है, और यह हमारे और आपके सब के मन में है, क्योंकि रुपे के उपर दबाव यानि inflation बढ़ जाएगा,
08:48महंगाई बढ़ जाएगा, पहले ही 95 रुप
09:05जो है वो रोल आउट अब तो किया ही नहीं जा सकता, अगर कच्चा तेल 115-120 रुपे के उपर
09:11ही बना रहता है, इसी लेविल पर बना रहता है, और FIIs के आउटफलो जारी रहते है, RBI की intervention
09:19capacity लिमिट हो चुकी है, तो 100 रुपे के इस्तर को भी नकारा नहीं जा सकता, 100 रु�
09:35जैसे GDP ग्रोथ हो गई, Forex Reserve हो गया, यह अभी भी मजबूत स्थिती में है, RBI बीच बीच में
09:42intervene कर रहा है, लेकिन अगर तेल की supply में रहता गई, या ग्लोबल सेंटिमेंट बदल गया, तो रुपे में
09:49अच्छी खासी recovery मुम्किन है, अब आम आदमी के उपर क्या असर होगा
09:54देखिये, जैसा हम शुरूआत से आपको बता रहे हैं, तेल महंगा है, पेटोल डीजल महंगा हो जाएगा, टांसपोर्ट महंगा हो
10:01जाएगा, हर चीज महंगी हो जाएगा, माarकेट में अगर अगर आप गुची रखते हैं, अगर शेहर बाजार में निवेश कर
10:07रहे हैं,
10:07तो FII's की जो बिक्वाली है विदेशी निवेशिकों की वो गिरावट लेकर के आईगी
10:12बाजार में जो की हम देख रहे हैं मार्च के बाद सबसे खराब महीना 2020 के बाद ये मार्च 2026
10:19का बना है
10:20इसके अलावा बॉर्ण डील जो बढ़ती जा रही है यानि कर्ज महंगा होता जा रहा है
10:26इम्पोर्टर्स और एक्स्पोर्टर्स के उपर क्या असर पड़ रहा है एक्स्पोर्टर्स को फायदा हो रहा है
10:31importers को नुकसान हो रहा है
10:33और banks को तो double marginal नी पढ़ रही है
10:35bond का loss हो रहा है
10:36plus forex position की unwinding करनी पढ़ रही
10:39यानि रुपिया 95 के पार जाने का मतलब है
10:42तेल का दबाव
10:43विदेशी ने विशेकों का भागना
10:45डॉलर की global ताकत ने मिलकर
10:47RBI की कोशिश को भी पचार दिया है
10:49अब RBI ने speculation रोखने की अच्छी कोशिश की
10:53लेकिन corporate, arbitrage और structural कमजोरी
10:56ने राहत को momentary बना दिया
10:58थोड़े समय के लिए very short term बना दिया
11:01यानि अब 100 रुपे का level अगर तो
11:03if and but वाली situation से निकल कर
11:05when वाली situation पर आ गया है
11:17नया policy reform आएगा, नय norms आएंगे, नय निर्देश आएंगे
11:21कि रुपे की गिरावट को रोका जा सके
11:23लेकिन कब तक, क्या रुपे तब तक सारे स्तर तोड़ देगा
11:27नीचे जाने के, यह बहुत बड़ा सवाल है
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