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क्या मिडिल-ईस्ट में जंग की वजह है क्रूड ऑयल? देखें कहानी में

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00:10दुनिया की राज़नीती, युद्ध और अर्थ्यवस्था की कई कहानिया सता पर दिखाई देती है
00:16लेकिन असली कहानिया अक्षर जमीन के नीचे चिपी होती है
00:20जिसने देशों को अमीर बनाया सरकारे बदली और वैश्विक ताकत का संतुलन तैकिया वो है तेल कभी विकास की रफ्तार
00:30बना तो कभी संघर्ष की वजह बना आज कहानिये बात उसी ब्लाक गोल्ड की जिसने इतिहास से लेकर आज तक
00:36दुनिया की दिशा तैकी है
00:59जिसने टिल की कमी एने बाली है तेल के बहुत में उच्छा लगाँ एक भाव में उच्छाला जाता है
01:06eight boats that are going right up the middle of the homo strait eight big tankers are going
01:15loaded up with oil right through
01:20भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्छे तेल के भंदान को भी प्राथिक्ता दी है
01:27हमारी तेल कमपनिया संकट के समय के लिए काफी मात्रा में
01:33पैट्रोन और डिजल का भंदार रखती है
01:39तेल को ये भी कहा जाता है जो ब्लैक गोड के वो काला सोन है
01:47दुनिया के अर्थवस्था वैश्रिक कूटनीती और महाशक्तियों की रणनीती को समझना हो तो हमें तेल की राजनीती को समझना होगा
01:54हीते सौ सालों में कई ऐसे मोड आए जब तैसले संसदों में नहीं बल्कि संसादनों के मियंतन से तैह हुए
02:01क्रूड ओयल ने कई देशों की किस्मत लिखी गड़बंदन मनाए और तकराफ पैदा किये
02:15सरकों पर चलती गारिया रुग गए जी
02:21चमचमाते शहर में सब कुछ आचानक थेहर गया था
02:311973 के अक्टूबर में जवाराव इसराइल युद्ध के कारण कच्चे तेल के एक्सपोर्ट पर बैन लग गया था
02:37कुल मिला कर आधी दुनिया थमसी गई थी
02:49क्रूड ओयल की कीम्तों में अचानक कई गुना उचा ला गया था
02:56पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम आसमान चुने लगे थे
02:59अमेरिका जैसे देश की एकनॉमी डगमगाने लगे थी
03:01यूरोपिये देशों में कमपनियां बंद हो रही थी
03:04और बड़ी-बड़ी तेल कमपनियां तबाह होने के कगार पर थी
03:07इस घटना ने दुनिया को तेल की कीमत के बारे में बता दिया था
03:10और यहीं से लोगों ने समझना शुरू कर दिया था
03:16जिस क्रूड आइल को ब्लैक गोल्ड कहा जाता है
03:18हकीकत में वो रियल गोल्ड से कम नहीं है
03:23पूरे इलाके को जाकर के देखते हैं
03:25चाहे वहाँ साउदी अरब हो या इराक हो या कुवेत हो या अबुधाबी हो
03:29या इरान हो या ओमान हो या कतार हो या बहरीन हो
03:32इन सब की ताकत क्या है
03:34इन सब के इनका सीक्रेट क्या है
03:37कि ये सारे देश जो बड़े खुशाल है
03:40बहुत पैसा है
03:41और इसके लावा पूरी दुनिया के अंदर उनका
03:44इस लिए एक दबदबा रुत्बा है
03:46कि ठीक है अमीर देश है कतार इतना सा देश है
03:49बहुत अमीर है, आप देखिए साओधी अरब, साओधी अरब का मतलब ही तेल है, अब आधी तो साओधी अरब की
03:54जादा नहीं है, मुश्किल से सवा तीन करोड़ू
03:58लेकिन क्रूड आयल सबसे पहले कहां और कैसे खोजा गया
04:04अमेरका और अरब देशों को तेल का खजाना कैसे मिला और उससे भी आगे का सवाल कि तेल की कीमत
04:11कैसे तै होती है
04:12तेल की कीमत एक तरीके से क्योंकि ये ट्रेड़िट कॉमाडिटी है तो डिमांड सप्लाइ के बेसिस पे तै होती है
04:20जैसे जैसे लगता है कि तेल की कमी आने वाली है, तेल के भाव में उच्छाल आ जाता है
04:26और अगर जैसे लगता है कि हम अब ज़्यादा इलेक्ट्रोनिक, इलेक्ट्रिकल कार्स पे जा रहे हैं
04:33और ऐसे डिमांड डैंपन होगी आगे आगे चलके सप्लाइज जादा है, तो फिर तेल का रेट गिरता भी है
04:41तेल का रेट के और भी एक इंपॉर्टन जो क्राइटीरिया जो इंपक्ट करता है इसका है वो है ओपेक्प्लस के
04:47प्रड़क्शन कट्स
04:56दुनिया के नक्षे पर जो सिमाए दिखाए देती हैं, कई बार युद्ध उनके लिए नहीं लड़े जाते, कई बार युद्ध
05:03उस चीज के लिए होती है, जो जमीन के उपर नहीं, नीचे छिपी होती है
05:17आज कहनी धर्ती की गहराईयों में छिपे एक काले खजाने की
05:31आज कहनी ब्लैक कोल्ड की
05:36दुनिया में ज़्यादा तर तेल ऐसी जग़ों पे मिलता है, जहां पे आम आदमी जाने से भी डड़ता है
05:41गहरे, या तो वो गहरा समंदर है, या वो एक समंदर है, या बहुत बड़ा रेगिस्तान है, जह साओधी एरब
05:47के अंदर, या आक्टिक है, जहां पे माने 30-40 टेंपरिचर हो जाता है
05:51या ऐसे घने जंगल हैं जैसे आसाम में, या आम तोर से आदमी से जाने ड़ता है
05:55तेल जग़त में ये कहा जाता है, कि इश्वर ने जो तेल है, वो अकसर ऐसी जग़ों पे दिया है,
06:00जहां पे लोग जाना नहीं चाहते है
06:01लेकिन जो तेल को ये भी कहा जाता है जो ब्लैक गोड कि वो काला सोना है तो सोना जो
06:07है वो ब्लैक गोड है काला सोना है लेकिन मिलता ऐसी जगह है जो अरलग बहुत दुरलब होती है और
06:13वहां से लाना भी उनका जो पूरी यात्रा होती है पूर इतिहास होती है वो भी काफी
06:16दूरलब होता है आज कहानी सिर्फ इंधन की नहीं है आज कहानी तेल की ताकक की तेल के इर्गिर्ध होती
06:29राजनीत की और तेल के ऊपर वर्चसु की
06:41सुद्ध की यूण की
06:42तूंव मेगता की तक तेल करने तेल एल में थाजनी सिर्फ नुछाई पोलेर ताकक सर्फ भार्चस।
06:52वर्चस।
06:54युद्ध की तक बात सवे ओड़न पार्मुष की तितोस की तेल की तेल तेल की वुरी का लाजनी है
06:59बहुत चुनोती पुन हो गया है
07:04बावजुद इसके हमारी सरकार का ये प्रयाथ रहा है
07:08कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई बहुत जादा प्रभावित न हो
07:15देश के सामान ने परिवारों को परिशानी भी कम से कम हो
07:19इस पर हमारा फोकस रहा है
07:23भारत और रूस दोनों पर अंतरराश्ट्रीय स्तर पर खासा दबाव है
07:27खास तोर अगर तेल की बात की जाए तो
07:31सवाल ये है कि क्या आज का इरान, इसराइल, अमेरिका तनाव भी तेल की कहानी का एक हिस्सा है
07:36क्या मध्यपोर की राजनीती के पीछे असली ताकत तेल है
07:40क्या समुद्री रास्पा और तेल सफलाई पर नियंतरन ही नई वेश्विक रणी की बन चुका है
07:45और सबसे बड़ा सवाल क्या हॉर्मुस पर तनाव पूरी दुनिया की अर्थ्वयस्था रोख सकता है
07:54आज दुनिया हर दिन लगभग 10 करोड बैरल तेल इस्तेमाल करती है
07:58दुनिया भी लक्ट्रिक और ग्रीन एनर्जी की तरब बढ़ रही है
08:01फिर भी सचाई यही है कि जब तक तेल है तब तक राजनीत भी उसके इर्दगिर्द घूमती रहेगी
08:07क्योंकि इतिहास बार-बार साबित कर चुका है कि तेल सिर्फ जमीन के नीचे दवा संसाधन नहीं यह शक्ति का
08:14स्रोथ है
08:19तेल की यह कहानी सिर्फ खोज या विकास तक सीमित नहीं रही बलकि इसी ने वैश्विकर सहवस्था और देशों के
08:26भी शक्ति संतलन को एक नई दिशा दी
08:28ऐसे में यह जाना जरूरी हो जाता है कि इसकी शुरुआत कहां से भी किन लोगों ने इसे पहचान दी
08:33कैसे अलगलग शेत्रों में उत्पादन फैलता गया और किस तरह सहयोग और प्रतिस्वर्धा के नए धाचे तयार होते चले गए
09:04धर्ति के नीचे छिपाए एक ऐसा काला तरल है जिसने इंसान की जिन्दगी बदल दी जिसने रातों को रोशन किया
09:10मशीनों को ताकत दी और तेशों को महाशक्ति बना दिया
09:16लेकिन यही संसाधन कई बार दुनिया के सबसे बड़े संघर्षों की वज़ा भी बन गया
09:23भी बन धी आज बड़े जाता था बही आज भारत
09:5141 देशों से एनरजी इंपोर्ट करता है
09:58जापान से लेकर पाकु तक, इरान से लेकर अमेरिका तक और फिर अरब के रेगिस्तान तक तेल की तलाश ने
10:04इतिहास के तिशा बदल दी
10:09ये सिर्फ खोच की कहानी नहीं है, बलकि लालच, ताकत, तकनी और वैश्विक राजनीती की कहानी है
10:16आज जमीन से निकला तेल, दुनिया की अर्थविवस्था की धरकन बन गया है
10:21तेल की वज़ा से कई देशों के किस्मत रात और रात बदल गई
10:25तेल की असली कहानी शुरू होती है सात्वी शताबदी से
10:31सात्वी शताबदी में क्रूड ओयल जापान में मिला
10:34तो वहां की लोगों ने इसे जलने वाला पानी कहना शुरू कर दिया
10:379 शताब्दी में आज के अजरबैजान के आसपास कई जगों पर कुड ऑइल मिला
10:4212 शताब्दी में रूस के बाकू के पास कुड ऑइल मिला
10:48लेकिन इसके बावजूद 15 शताब्दी तक तेल का किसी बड़े पहमाने पर इस्तिमाल नहीं होता था
10:53लेकिन 17 सौ आते आते तेल निकालने के लिए वेल मचली का इस्तिमाल दुनिया ने शुरू कर दिया था
11:34वेल मचली के तेल से रोशनी मिलने लगी परफ्यूम और लुब्रिकेंट बनाने में भी इस्तिमाल होने लगा और इस तेल
11:41पर पूरी तरह से अमेरिका का कबजा था
11:43क्योंकि समुद्र में वेल पकड़ने के लिए सबसे ज्यादा जहाज अमेरिका के ही थे
11:48लेकिन 1846 में केनेडा के जियो सांटिस अबराहम गेस्नर ने उजाला करने के लिए एक नई तेल को खोज निकाला
11:56जिसे केरोसिन कहा गया
12:00इस ओयल की मदद से रात में सलकों पर लेंप लगने लगे थे
12:04वेल मचली से निकाले जाने वाले तेल से पंदरग उना सस्ता केरोसिन ओयल था
12:09केरोसिन ओयल की डिमांड बढ़ने लगी कई बड़ी-बड़ी कमपनियां उत्पादन करने लगी
12:17केरोसिन से बहतर की तलाश दुनिया भर में चल रही थी
12:21और इसी दोरान अमेरिका के पैंसिलवेनिया से लोगों को रॉक सॉल्ट से काला पानी निकलता हुआ नजर आता है
12:28वग्यानिकों ने इसे पेट्रूलियम कहा और कुछ सालों के बाद अमेरिका के वग्यानिकों ने दावा किया
12:34कि अगर इसे रिफाइन किया जाए तो इंधन के कई विकल्ब सामने आ सकते हैं
12:431869 में पहली बार अमरीका को तेल निकालने में सफलता हासिख हुई
12:49और उन्होंने जमीन के नीचे 99 फीट से क्रूर वाइल हासिल करना शुरू किया
12:57मातर तीन चार साल 1864 तक अमरीका में 30 लाक बैरल कच्चा तेल जमीन के नीचे से निकाला जा चुका
13:09था
13:10अब अमरीका के कैलिफोर्निया और टेकसस में भी तेल की खुदाई और तेल के कुण की तलाश जारी होनी लगी
13:21और 19 सव तक अब पूरी तरस से अमरीका में तेल की क्रांदी आ चुकी थी
13:29देखते ही देखते अमरीका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादग बन गया
13:33अमरीका के अंदर तेजी के साथ तेल का बढ़ता कारुबार देखकर दुनिया भर के सभी देशों में तेल की खोज
13:40शुरू हो गई थी
13:40बीसवी सदी की शुरुवात होते होते तेल की तलाश मिडिलीस्ट के अंदर तक पहुँच चुकी थी
13:47ब्रिटेन के जियोलोजिस्ट जॉर्ज बर्नार्ड ने दस सालों तक परशिया के अलग-अलग हिस्सों में जाकर तेल की खोज की
13:54और 1968 में परशिया यानि आज के इरान के अंदर भी क्रूड आयल मिल गया था
14:00क्रूड आयल मिलने के कारण इरान में ब्रिटिश कमपणी एंगलो परशियन आयल कमपणी का मोनोपॉली हो गया
14:06कमपणी ओयल को रिफाइन करके दुनिया के अलग-अलग देशों में सप्लाई करने लगी
14:11इरान से निकलने वाले क्रूड ओयल का सारा प्रॉफिट ब्रिटेन को मिल रहा था
14:16लेकिन कुछ सालों के बाद दोनों देशों के बीच विवाद शुरू हो गया
14:19और 1933 में ये समझोता हुआ कि ब्रिटेन इरान को भी कमाई का कुछ हिस्सा देगा
14:28ब्रिटेन की मनमानी ज्यादा दिनों तक नहीं चली
14:311951 में इरान ने तेल का राष्टी करन कर दिया
14:34अब इरान के साथ साथ मिडिल इस्ट के कई देशों में तेल की खोज शुरू हो गई
14:39और इसी तलाश में 1938 में एक अमिरिकन कमपनी सौधी अरब पहुँच गई
14:47उस दोर में सौधी अरब एक गरीब देश था
14:51सौधी अरब का गुजर बसर वहां पर पैदा होने वाले खुजूर से होता था
14:58और आमदनी का मुखिज जरिया सौधी अरब में मातर खुजूर की पैदावार होती थी
15:05और साल में यहां आने वाले हज यात्रों से कमाई हासिल होती थी
15:12लेकिन 1938 में अमरीका की एक कमपनी ने सौधी अरब में तेल की खोज कर दी और एक तेल के
15:22कुएं से अमरीका की इस कमपनी को तेल मिलना शुरू हुआ
15:27लेकिन फिर दिरे दिरे जहां भी अमरीका की ये कमपनी तेल की तलाश में यादी थी
15:34कुवाँ होते ही उन्हें वहाँ पर तेल हासिल हो गई
15:41साओधी अरब की तस्वीर बदल गई थी
15:43ऐसी तरक्की हुई कि ये देश दुनिया के अमीर देशों की सूची में पहुच गया
15:47महगी महगी गाड़ियां यहां रहने वाले लोगों का शौक बनती गई
15:542016 तक साओधी अरब में 90 बिलियन बैरल तेल निकाला गया
15:5819-20 सदी के अंध तक रूस जैसे कई देशों ने भी क्रूड आयल खोज निकाला था
16:03दुनिया के जिन देशों में क्रूड आयल की खोज हुई वहां की आर्थिक स्तिती मजबूत होती चली गई
16:09हर देश चाहता था कि वो ज्यादा से ज्यादा तेल निकाले और दुनिया भर में एक्सपोर्ट करे
16:20पांच देशों ने भगदाद कांफिनस में एक सम्मू बनाया जिसका नाम अपेक रखा गया याने वाइल प्रव्यूसिंग एक्सपोर्टिंग कंट्रीज
16:33शरुवात में इस सम्मू में जो पांच देश शामिल हुए उनमें सोधिय अरब, इराक, इरान और कुवियत के साथ-साथ
16:44वैनेजोला भी इस सम्मू में शामिल हुआ
16:48फिर आगे इस में और देश जुड़ने लगे और ये संख्या तेरा देशों तक पहुंच गई
16:58लेकिन इस सम्मू यानि उपेक जिसको ये तैकरना था कितना तेल जो है उसका उत्पादन किया जाए, कितना तेल एक्सपोर्ट
17:09इन देशों की तरफ से किया जाए, और तेल की अंतर राश्ट्रे किंतें क्या रखी जाए
17:16लेकिन यहाँ पर भी अमरीका और रूस इस समू यानि उपेक से बाहर रहे जी
17:26हलाकि बाद में दिसंबर 2016 में उपेक ने 10 नौन उपेक देशों के साथ एक एग्रिमेंट कर लिया था, जिसमें
17:33रर्शिया और कजाकिस्तान जैसे देश शामिल थे और इस तरह से उपेक को उपेक प्लस कहा जाने लगा था
17:41जैसे जैसे दुनिया के अंदर तेल का उत्पादन बढ़ता जा रहा था, तेल के इस्तिमाल के लिए बड़ी-बड़ी मशीन
17:46बनने लगी और लगजरी गारियां बाजार में आ गई, लेकिन दुनिया को अंदाज़ा नहीं था कि एक कहनी एक नया
17:53मोड लेने वाली है, अक्
18:09खाडी के देश है, उनका यूद इसराइल के साथ चल रहा था, इस यूद में सीरिया और इजिप्ट के साथ
18:16साथ कई खाडी के देश इसराइल के खलाफ लड रहे थे, और यही कारण था कि अपे के देशों ने
18:25यूरप और अमरिका में तेल एक्सपोर्ट करने से मना किया �
18:31और उस पर बैन लगाई था, ओयल क्रैसिस का इतना गहरा असर हुआ कि मार्च 1974 में जब ये बैन
18:40खत्म हुआ तो तेल की कीमतें 4 डॉलर बैरल से बढ़कर लगभग 12 डॉलर पर बैरल तक बढ़ चुकी थी,
18:47इसी दौरान 1974 में अमेरिका ने 30 ऐसे विकाश्रील देशों के ल
18:55परिशान थे, भारत इस लिस्ट में टॉप पर था, कुछ साल बाद ही 1989 में एक और बड़ा ओयल क्रैसिस
19:03हुआ और इसकी वज़ा इरान की क्रान्ती थी
19:08सक्ता परिवर्तन होने की वज़ा से इरान में उथल पुथल मच गया था, इरान की तेल कमपनियां घाटे में पहुँच
19:14गई थी, उत्पादन और एक्सपोर्ट दोनों थप पड़ गया था, और इराक और इरान में युद्ध भी शुरू हो गया
19:281981 में तेल की कीमत 32 डॉलर प्रती बैरल पर चले गई थी, इराक और इरान दोनों बड़े तेल उत्पादक
19:35देश युद्ध में उतर गए थे, और फिर 1991 में खाड़ी युद्ध, युद्ध के दोरान तेल की कीमत 50 डॉलर
19:42को पार कर गई थी
19:44और इसके बाद ये तै हो गया कि दुनिया की राजनीती, दुनिया के अर्थ विरस्था और कई बार दुनिया के
19:51युद्ध भी तेल के आंकड़ों से तै होते हैं
19:53किसके पास कितना तेल है, कौन कितना निकालता है और कौन दुनिया को सप्लाई करता है
20:00अगर दुनिया में तेल के बंडारूं की बात की जाए तो दुनिया में सबसे ज्यादा तेल के बंडार वेनेजोला में
20:07है जो उनकी आमदनी का 95 प्रतिश्यत हिस्सा चुटाता है
20:12वेनेजोला के पास करीब 30,000 करोड बैरल कचचा तेल है जबकि उसके बाद सोदी अरब का नमबर आता है
20:23सोदी अरब में दुनिया में दूसरे सबसे ज्यादा तेल के बंडार वेनेजोला के पास है
20:30यहाँ पर करीब 266 करोर बैरल जो कच्चा तेल है वो यहाँ पर जमीन के नीचे मौजूद है
20:41इसी तरह अगर तीसरे नमबर की बात की जाए तो दुनिया में सबसे ज्यादा तीसरे नमबर के तेल के पंडार
20:50इरान के पास है
20:51जो वर्तमान में इसराई और अमेरिका की साथ युद लट रहा है उसके बाद फिर कैनेडा का नमबर आता है
21:01तो अगर इन तीन देशों की बात की जाए तो दुनिया में आदे से भी ज्यादा तेल के पंडार इन
21:10ही देशों के पास है
21:15लेकिन तेल भंडार होना ही ताकत नहीं है असल ताकत है उत्पादन
21:23दो हजर पच्चीस में एनर्जी इंस्ट्यूट के मताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा तेल निकालता है अमेर्का
21:29अकेले दुनिया के 20 प्रतिशत से ज्यादा तेल का उत्पादन करता है
21:33दूसरे नमबर पर साओधी अरब जो 11.2 प्रतिशत तेल का उत्पादन करता है
21:38तीसरे नमबर पर है रूस जो 11.2 प्रतिशत तेल का उत्पादन करता है
21:42चौथे नमबर पर है इरान, जहां 5.2 प्रतिशत का उत्पादन होता है
21:47पांचवे नमबर पर है कैनेडा, छटे नमबर पर है इराग, साथवे नमबर पर है चीन और आठवे नमबर पर है
21:54युएई
21:56हमारा जो रोजाना का जीवन उसमें 60 फीसदी चीजें जिनका हम वो बोग करते हैं वो कहीं न कहीं तेल
22:01से आती हैं
22:02कहीं न कहीं तेल से आती हैं, आपका वहान तो चलता ये तो सभी जानते हैं
22:06लेकिन वहान के लावा आप ये देखिए कि तमान जो चीजें आप प्रियोक करते हैं, आपका मॉबाल फोन, आपका कंप्यूटर
22:11आप जो कंगी करते हैं वो, या घर में एक बाल्टी, या प्लास्टिक की चपल, या दिवानों पर रंग, या
22:18आपके पंखे की उपर रंग, आता कहां से हैं ये से
22:21ये सारा प्लास्टिक, पानी की बोतल, ये सब तेल से बनते हैं
22:25और इसके अलाबा जो आप दवाईयां खाते हैं, एस्पिरीन आप खा लेते हैं, वो भी कहीं न कहीं वहां से
22:30आ रहा हूँ
22:32तेल का ये गणित सिर्फ आकणों का खेल नहीं है, बलकि इसी से तै होता है कि किस देश की
22:38अर्थवयस्था कितनी मजबूत होई
22:40तकनीक बदल गई, उर्जा के नए विकल पा गए, लेकिन तेल की एहमियत अभी खत्म नहीं हुई
22:46हर नया संखर्ष, हर वेश्विक तनाव और हर आर्थिक संकट कहीं न कहीं तेल की कहने से चुड़ जाता है
22:56तेल के बाजार की इस पूरी तस्रीर भारत की भूमिका बेहद एहम है
23:01तेजी से बढ़ती अर्थवस्था और विशाल आबादी की जरुतों ने देश में तेल की मांग को लगातार बढ़ाया है
23:07उतपादन, खपत और आयाग के बीच संतुलन बनाय रखना सरकार रुड्योग दोनों के लिए वड़ी चुनोक्ती बना हुआ
23:13ऐसे में समझना जरूरी है कि इस वैश्विक समीकरण में भारत आखिर किस थिती में खड़ा है
23:24बीते दसक में भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारं को भी प्रात्विक्ता दी
23:34है
23:34हमारी तेल कंपनिया संकट के समय के लिए काफी मात्रा में पैट्रोल और डिजल का भंडार रखती है
23:44कि ग्यारा वर्षों में तीरपन लाग मेट्रिक टंद से अधिक का स्ट्रेजिक पेट्रोलियम रिजर्वी डेवलप किया गया है
23:56और 65 लाग मेट्रिक टंद से अधिक के रिजर्व की विवस्ता पर देश काम कर रहा है
24:02बीते दसक में भारत की रिफाइनिंग केपरिसिटिक भी अच्छी खासी बढ़ाई गई है
24:09सदन को और देश को ये आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत के पास कुरूर ओयल के परियाप्त स्टोरेज के
24:19और निरंतर सप्लाई की ववस्ता है
24:26धर्ती के नीची छिपा तेल एक पर फिर से दुनिया की राजनेती तै करने लगा है
24:30भारत की तेजी से बढ़ती अर्थप्रस्था को बनाए रखने की जरुष ने हर साल तेल की जरुष को बढ़ाया है
24:37हम कुल मिलाकर के भारत में आज 57 से 58 लाग बैरल तेल प्रति दिन कंस्यूम करते हैं
24:43और उस में से 52 लाग बैरल हम आयात करते हैं
24:46अपने देश में भी हमारे काफी उत्पादन है लेकिन हमारी तेल की खपद जो है दुनिया में तीसरे नमबर पे
24:51हैं तेल के कंजम्शन के बारे में उब्बोक के बारे में
24:55इसलिए हमको भारी मातरा में आयात करना पड़ता है कोगे वहान की संक्या बढ़ रही है कुकिंग गैस की संक्या
25:01बढ़ रही है और हमारे देश की अर्थवस्ता तेजी से आगे बढ़ रही है जतना विकास होगा उतना तेल की
25:06जरूत पड़ेगी
25:06बारत अपनी कुल जरूरत का 85 फीसद तेल आयात करता है याने बारत दूसरे देशों के एनरजी रिजर्व और तेल
25:19पर निरवर है बारत में जितनी भी गाड़ियां चलती हैं जितने भी वहान उड़ते हैं जहाज उड़ते हैं उन सब
25:27की निरवरता विदेशों से आने वा
25:31है तो देश की खबत का 85 फीसल हिस्सा पूरा करता है भारत में बहुत ही कम तेल के साधन
25:40है जिनमें से कुछ बंबए के पास और महसागर में और कुछ कच के हिलाके में पाए जाते हैं
25:50लेकिन सवाल ये है कि जब भारत पहले से ही मेडिलिस्ट पर इतना निर्वर था तो फिर तेल खरीद की
25:55रणीती बदलने की जरुरत क्यों पड़ी
25:57दरसल वैश्विक राजनीती, युद्ध, प्रतिबंद और तेल की कीमतों में लगातार उतार चड़ाव ने भारत को नई सोच अपनाने पर
26:05मजबूर किया
26:06लिहाजा भारत की तेल सप्लाई का नक्षा पहले से कहें ज्यादा व्यापक और रणीती खो चुका है
26:14सरकार अलग-अलग देशों के सप्लाईर्स के साथ भी लगातार संपर्क में है
26:22प्रयास यह है कि जहां से संबव हो वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रहे
26:32भारत सरकार गल्फ और आजपार्स के शिपिंग रूस पर निरंतर नजर बनाए हुए है
26:40हमारा प्रयास है कि तेल हो गैस हो फाटिलाइजर हो ऐसे हर जरूरी समान से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित
26:53पहुचे
26:53कुछ साल पहले तक भारत की हुज़ा जरूरत का सबसे बड़ा हिस्सा पशे मेशे और खास तक खाड़ी के देश
26:58पुरा किया करते थे
26:59संयुक तरब अमिराद, साओधी अरब, कोवेट, इराद ये सारे देश भारत के लिए बड़े तेल आपूती करता थे
27:06अगर इराद की बाद करें तो कुछ सार पहले तक इराद भारत गास नंबर बन तेल सप्नायर भी रहा है
27:11मगर पीतने कुछ सालों के दोरान बली राजडीती की करवट ने भारत की तेल खरीद की राजडीती और रणीती दुनों
27:18को बदल दिया
27:212022 में रूस यूकरेन युद्ध के बाद पश्रिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए
27:26रूसी तेल को नए खरीदारों की जरुरत थी और भारत ने मौके को रणीती में बदल दिया
27:32भारत ने डिसकॉंट पर रूसी तेल खरीदना शुरू किया
27:35कुछी महिनों में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया
27:42आज भारत के कुल आयात का बड़ा हिस्सा रूस से आता है
27:46सस्ता तेल मिलने से भारत को महगाई नियंतरित रखने में मदद मिली
27:50और रिफाइनरी कम्पनीओं को भी फायदा हुआ
27:53भारत को का जाता है रूस से तेल मत मगाईए तो हम आपके साथ ये कर देंगे
27:59उन्होंने 25 फीसेदी टेरिफ लगा दिया आप सच ये
28:02हमारा भारत का अपना पैसा रूस मित्र देश
28:05वहां से आप तेल लेकर के आना चाहते हैं
28:07और वो कहते हैं नहीं रो क्योंकि तेल की इतनी बड़ी भूमिका है
28:10कि जो पूरी ग्लोबल डिप्लोमेसी है वो बदल जाती है
28:13तो इसलिए आप देख रहे हैं कि तेल एक ऐसी चीज है
28:16जो आर्च की अर्थवस्ता में जो है जिसे आसे 40 साल पहले थी
28:20या 50 साल पहले थी या 60 साल पहले थी
28:23अब और आने वाले 20 साल तक जो तेल है वो ही दुनिया की अर्थवस्ता की धूरी लेने वाला है
28:28भारत की जरूरत का अरिक्टर टेल समुद्र के रास्ते धार्थी बंदरगाहों तक पहुचते हैं
28:32यानि खाड़ी के देशों से बारस की खाड़ी और उसके राच्क्रेट ऑफ हर्मूस के रास्ते बुते हुए जहाज खाड़ी बंदरगाहों
28:40तक पहुचते हैं
28:41ऐसे में पश्यमेश्या के लाके में होने बाले किसी भी तनाव का सीधा असर भारत की पूर्जा सुरक्षा पर पढ़ता
28:46है।
28:46यही वज़ा है कि भारत ने बीटे कुछ सालों के दोरान अपनी पूर्जा सप्लाय या तेल खरीद को विवद बनाने
28:52पर जोड़ दिया है।
28:53अमेरिका, प्राजीव, नाइजीरिया और कैनाडा समेट दुनिया के कई देशों के साथ भारत तेल के सौदे का दाहा है ताकि
29:00किसी भी एक देश पर उच्चा जरुवतों के लिए निर्भटा को कम किया जा सकते।
29:05दिल्चस्प बात यह है कि भारत सिर्फ तेल खरीता ही नहीं, बलकि दुनिया के बड़े रिफाइनिंग हब में भी बदल
29:11चुका है।
29:12गुजरात की जामनगर रिफाइनरी समेट कई आधुनिक रिफाइनरियां कच्चे तेल को पेट्रोल डीजल में बदलती हैं।
29:19और सिर्फ बदलती ही नहीं, भारत इन पेट्रोलिय मुत्पादों को दूसरे देशों को निर्याद भी करता है।
29:49और भारत यही करता है। कच्चा तेल खरीद कर पेट्रोल और डीजल तैयार करता है।
29:55सबसे पहले कच्चे तेल को बड़े भठी यानि फरनेस में बहुत ज्यादा तापमान पर गर्म किया जाता है।
30:02गर्म होने के बाद यह भाप में बदल कर एक उचे टावर में पहुचता है जिसे डिस्टिलेशन कॉलम कहते है।
30:09इस टावर में उपर से नीचे तक तापमान अलग-अलग होता है।
30:12हलकी गैसे सबसे उपर ठंडी जगा पर पहुचकर पेट्रोलियम गैस बनती है।
30:17उससे नीचे पेट्रोल और गैसोलीन निकलते हैं जिनका इस्तिमाल गारियों में होता है।
30:22थोड़ा भारी हिसा नेफ्था और पेराफिन के रूप में मिलता है जो केमिकल विमान इंधन में काम आता है।
30:28इसके नीचे डीजल बनता है जो ट्रक और बसों का मुख ही इंधन है।
30:32और नीचे भारी फ्यूल ओयल और लुब्रिकेटिंग ओयल निकलते हैं जिनका इस्तिमाल जहाजों और मशीनों में होता है।
30:39सबसे नीचे बचता है बिटोमेन या कोलतार जिससे सडके बनाई जाती है।
30:47यानी एक ही कच्चे तेल से रोजमर्रा की जिन्दगी चलाने वाले कई जरूरी इंधन तयार होते हैं।
30:54भारत के कई राज्यों में अब डिस्टलेशन हो रहा है लिहाजा तेल के वैश्वी खेल में भारत अब सिर्फ खरीदार
31:00नहीं रहा बलकि एक रणेती खिलाडी बन चुका है।
31:03यानि तेल आयात करने में भारत अब पांचवे नंबर पर पहुँच गया है। कभी नंबर दो हुआ करता था।
31:3320% दुनिया का तेल, 20% दुनिया का गैस एजीली रप्लेस नहीं हो सकता। अभी तो कुछ स्टॉक्स चल
31:42रहे हैं जिनकी वज़े से हमारे को इतनी तंगी नहीं हो रही है फिल हाल।
31:47पर आगे आने वाले दुनों में अगर ये खिचता है तो काफी तंगी सबी देशों को, काफी देशों को महसूस
31:54होगी, दुनिया की कई देशों को महसूस होगी,
31:56इंक्लूडिंग इंडिया, क्योंकि इंडिया करीब 91% दुनिया का तेल, अपना का कंजम्शन इंपोर्ट करता है, जिसमें से करीब 50
32:05% स्टेट अफ हॉर्मूस से आता है।
32:54इंपोर्ट करता है।
32:57मिडिल इस्ट में जब भी तनाव बढ़ता है, वहाँ तेल का सवाल जुड़ जाता है।
33:01इस्राइल और यूएस ने जब से इरान पर हमला किया है, यही चाचा हो रही है कि सारी लड़ाई सिर्फ
33:07और सिर्फ तेल पर बात्चाहत को लेकर है।
33:09विशेशक के कहते हैं कि यहाँ से गुज़रने वाल तेल के रास्ते और भंडाद यूएस के लिए बहुत माइने रखते
33:15है।
33:18मिडिल इस्ट दुनिया का वो इलागा जहां पारूद की गंद के साथ तेल की महग भी जुड़ी होती है।
33:25यहाँ जब भी तनाव भरता है, असर्फ सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, बलकि पूरी दुनिया के अर्थ्विस्था तक पहुँच
33:31जाता है।
33:33सेकंड वर्ड वार्ड से लेकर के आज तक जहां जहां युद्ध हुए हैं, असी फीसदी युद्ध तेल के लिए हुए
33:39हैं, अब उनको शकल कुछ दे दी जाती है।
33:41जैसे यहां बोल दिया गया कि आनवे खतियार क्यों हो इरान बना रहा है।
33:45अरे जिस दिन अमेरका अज़राईल ने एरान पे हमला बोला, उससे 24 गंटे पहले आमान में समेलन हुआ और वहां
33:52पर अरान ने का सारी बातों पर हमारी सेमत ही हो गई है।
33:55उमान के विदेश मंतरी ने कहा, कि सब बातां में सहमें, उसके बावजूद उन पर हमला करा गया, अगर वो
34:01हमला इसलिए था, कि वहाँ पे जो डील हो रही है, तो फिर आपने हमला क्यों किया, और अब तो
34:08बिल्कुल कि इस पस्ट हो किया है, आप तो इस पस्ट है, यह सारा
34:13लेकर के आना, ऐसा सत्ता परीवतन करना, इस तरह के लोगों को वाँ सत्ता में बठा देना, जिससे अमेरिका की
34:19कमपनिया, पश्चिम की कमपनिया इरान में जाएं, वहाँ जो भारी तेल के बंढ़ार है, भारी गैस के बंढ़ार है, उन
34:25पर काफी हर्त तक जा करकर के उन �
34:53इसराइल अमेरिका और इरान के बीच बड़ती टक्राहट ने एक वर फिर सवाल खड़ा कर दिया है
34:58क्या ये सिर्फ सुरक्षा और राजनिती की लड़ाई है या फिर असली संघर्ष तेल की ताकत और उस पर नियंत्रण
35:05को लेकर है
35:06पश्यमेशिय यानि वो इलाका जहां होने वाला हर राजनितिक तक्राव हर युद और बारूत का हर धमा का एक बड़ा
35:13संकट खड़ा करता है और वो है तेल का संकट
35:15जब जब इस इलाके के अंदर पारूत के धमागे होते हैं मिसाले चलती है तो तेल की कीमतों में उच्छाल
35:21आ जाता है दुनिया में तेल का संकट गहरा जाता है यही वज़ा है कि इरान के खिलाप अमेरिका और
35:26इस्राई के कारवाई के बाद पिचरचाएं तेज हो गई है
35:28कि क्या ये केवल राज़नतिक कारोणों से छेड़ी गई लड़ाई है या फिर तेल के नियंत्रण का एक बड़ा युद्ध
35:36दुनिया के कुल तेल भंडार का बड़ा हिस्सा मिडिलिस्ट में मौजूद है
35:39सौधी अरब, इरान, इराग, उवेट और युएई जैसे देश वेश्विक उर्जा सप्लाई के भीड माने जाते हैं
35:48और इसी मिडिलिस्ट में खार्ग द्वीप, फारस की खाड़ी में छोटा सा खार्ग द्वीप आकार में भले सिमित हो
35:54लेकिन रणिंतिक तोर पर इसे एरान की आर्थिक लाइफ लाइन माना जाता है
36:48हिरान की कुल तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिसा इसी खार्ग द्वीप के जरिये
36:53दुनिया तक पहुँचता है यहां के ओयल तर्मिनल से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल टेंकरों में भरकर एशिया और
37:01दूसरे देशों की और भेजा जाता है
37:02यानि अगर खार्ग रुखता है तो इरान की कमाई पर सीधा असर पड़ता है
37:10आज हम जो है टुन्टी टुन्टी सिक्स में आ गए हैं लेकर आप यह देखे हैं कि तेल की आहमें
37:15तो कम नहीं है बलकि बढ़ रही है
37:16जैसे पहले तेल के लिए बड़े बड़े युद्ध होते थे और आज भी वही चलना है
37:20अगर आज आज तक आज तक आज युद्ध का हिस्ट्री उठा करके देखते हैं
37:25असी फीसदी युद्ध तेल के लिए लड़े गए हैं
37:28असी फीसदी क्योंकि तेल की इतनी बड़ी भूमिका है
37:30कि जो पूरी ग्लोबल डिप्लोमेसी है वो बदल जाती है
37:33तो इसलिए आप देख रहे हैं कि तेल एक ऐसी चीज है
37:36जो आर्च की अर्थवस्ता में जो है जिससे आर्च से चालिस साल पहले थी
37:40या पचास साल पहले थी या साट साल पहले थी
37:42अभी और आने वाले बीस साल तक जो तेल है
37:46वो ही दुनिया की अर्थवस्ता की धूरी लेने वाला है
37:48जिसका तेल पे जादा नयांतरल रहेगा
37:50जिसका तेल पे जादा प्रभाव रहेगा
37:52वो ही दुनिया के अंदर जो है कि जो दुनिया की राजनीती है
37:55जो उसका सबसे बड़ा जियो पॉलिटिकल शत्रंज है
37:58वो ही उसको अच्छी तरह खेल पाएगा और वो ही उसमें जीत पाएगा
38:02खार्ट दूइप अमेरिका के लिए इसलिए भी एहम है
38:05क्योंकि यहां से जाने वाले तेल का बड़ा हिस्सा चीन तक पहुचता है
38:09अगर इस सप्लाई चेन पर असर पड़ता है
38:11तो सिर्फ एरान ही नहीं बलकि वैश्विक उर्जा बाजार भी हिल सकता है
38:56इरान दुनिया के सबसे बड़े तेल और गयस भंडार वाले देशों में से एक है
39:00और अब अमेरिका के नजर इरान पर है
39:08कहानी में आज के लिए बैस इतना ही
39:09देशों में की तमाम ख़बरों के लिए आप देखते रहे आज तक
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