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Stock market investors beware! Rising Middle East tensions and surging crude oil prices are creating panic in the markets. Global brokerage Bernstein warns Nifty could fall to 19,000 in worst-case scenarios. Inflation may cross 6%, RBI rate cuts could be delayed, and FII outflows may increase. Should you invest or wait? Watch full analysis.

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~PR.474~ED.546~GR.506~HT.408~

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Transcript
00:07If you think that your portfolio is just the company's results of the company,
00:11then you can get to it because it is the moment in the remote control,
00:14Middle East, and then you will be able to get to it.
00:19Hello and welcome, you are looking at Returns, I am with you and I am with you.
00:23If you share your portfolio, then you will be able to get to it.
00:27क्योंकि इस वक्त आपका portfolio सिर्फ company के नतीजों पर नहीं भिलकि दुनिया के हालाद पर टिका हुआ है
00:34अब सोचिए एक तरफ युद का खत्रा दूसरी तरफ कच्छे तेल किया और इनके बीच फसा आपका निवेश
00:40सवाल बड़ा है क्या NFT 19,000 के इस तर तक गिर सकता है और क्या आने वाला समय और
00:46ज्यादा मुश्किल होने वाला है
00:48यह सवाल हम नहीं पूछ रहे हैं यह सवाल इस समय आपके मन में भी आना चाहिए क्योंकि एक बड़ी
00:53brokerage report आई है
00:54उस report के बारे में जानना आपके लिए भी बेहत जरूरी है तो चलिए इस वीडियो को अन तक हमारे
00:59साथ जरूर देखिएगा
01:00एक एक करके आपको उस report के हर important पहलू से हम रूप दू कराते हैं
01:13अगर यह तनाव लंबा खिछता है तो कच्छे तेल की कीमते उची बनी रही और यही भारत जैसे अर्ग विवस्था
01:20के लिए सबसे बड़ा दर्द बन सकता है
01:22इसी वजह से उन्होंने 2026 के लिए Nifty 50 का टागिट घटा कर 26,000 कर दिया यानि पहले जितनी
01:30तेजी से उम्मीद थी अब वो थंडी पड़ती दिखाई
01:33इतना ही नहीं उनका अनुमान है कि इस साल बाजार फ्लाट रह सकता है या हलकी गिरावट भी देखने को
01:38मिल सकते है
01:53इससे महिंगाई बढ़ेगी और अंदाजा है कि 6% के पार तक चली जाएगी महिंगाई जो RBI के comfort zone
01:59से काफी उपर है
02:00इसका मतलब साफ है कि ब्यासदरों में कटोटी की उम्मीद कम हो जाती है और जब ब्यासदरें उंची रहती है
02:06तो लोन महिंगे होते हैं
02:08खर्च घटता है और कमकियों की कमाई पर दबाव पड़ता है यानि पूरी एकॉनमी की रफ्तार धीमी पड़ सकती है
02:14बाजार में जो गिरावट अभी दिख रही है वो सिर्फ डर नहीं है इसके पीछे कमजोर macro economy, corporate earning
02:20और दबाव के साथ-साथ global uncertainty जैसे बड़े कारण है
02:38बाजार के नीचे जा सकता है यहां तक की 19,000 तक का 11 भी छूट सकता है इसके साथ
02:42ही रुपय पर भी दबाव बढ़ सकता है तेल महेंगा होने का मतलब है ज्यादा डॉलर खर्च करना जिस से
02:47रुपया हो जाएगा कमजोर जो की सिनारियों हम अभी भी देख रहे हैं और ज�
03:13अब इसे माहौल में निवेशक क्या करें ये भी एक बड़ा सवाल है सबसे एहम सवाल मानके चलते हैं इसको
03:19ब्रोकरेज की सला साफ है अभी वेट और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचिये खास कर्च फोटे और मिट
03:26कैप शेरों से दूरी बना कर रखिये क्य
03:28कि इनमें गिरावट का खत्रा ज्यादा होता है जब तक हालात सामानी नहीं होते हालात साफ नहीं होते नॉर्मल नहीं
03:34होते तब तक पेशन्स ही आपकी सबसे बड़ी स्ट्राटेजी होनी चाहिए हालाकि एक उमीद भी है अगर ये जियो पॉलिटिकल
03:41टेंशन अचानक कम ह
03:42हो जाती है तो बाजार में तेजी भी उतनी ही तेजी से लोट सकती है लेकिन समस्या यहीं है कि
03:47कोई नहीं जानता कि ये कब होगा इसलिए इसे एक बाइनरी स्थिती कहा जा रहा है या तो सब पुष्टी
03:53या और भी ज्यादा बड़ी गिरावट फिलाल बाजार एक ऐसे मो
04:12से नहीं बलकि दुनिया की राजनीती और कच्छे तेल के दाम पर चल रहा है और फाइनांशल एड्वाइजर की राहे
04:18लेना तो बिल्कुल पर भूलेगा देखते रहे हैं यह को टुटर्स
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