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  • 55 minutes ago
48 साल बाद खुले भगवान जगन्नाथ के रत्न भंडार में क्या-क्या निकला? देखें

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00:08देवदानागंधर्व जक्स्य विद्यावरो रगेही
00:13पिर्यमानं सदाचादू कुपंधी सुर्ज समप्रभं
00:21आयनारायनं देवं चतुरु मर्य पलब्रदं
00:26जय कुष्ण जगनाथ जय सरवाधी नायकर्द
00:33जय आशेशर जगदरवाधी नायकर्द
00:38जय आशेशर जगद बंदर पाराम बोजे नमस्त दे
00:47लबसकार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सही दंसारी
00:52स्वागत है आपका
00:53इस बुलिटिन में हम बात करेंगे जगनाथ धाम की
00:57आस्था और धर्म संस्कृति का वो अद्बत केंद्र
01:01लाको करोडो भक्त जहां पहुंचने की इच्छा रखते हैं
01:06और जहां जाते हैं अपने आराद्धे को खुश करने ये
01:22आस्था के इस धाम ने कई उतार चड़ाव देखे हैं लेकिन समय के साथ भगवान जगनाथ धाम के साथ भक्तों
01:29का संबंध और गहरा होता चला गया
01:31आज जगनाथ धाम की चर्शा मिसली कर रहे हैं क्योंकि अपसे कुछ देर पहले दोपहर के शुब महुर्त में जगनाथ
01:43धाम का खजाना खोला गया
01:45और तालीस वर्ष के इंतजार के बाद प्रभू जगनाथ के रत्न भंडार का मूल लियांकर शुरू हुआ
01:49आज हम आखलन की प्रेक्रिया को विस्तार से समझेंगे।
01:52धर्म के जगनाथ मंदर के मानियता और महत्व पर बात करेंगे।
01:57इसके अलावा एक्सपर्ट से मंदर के खजाने के महत्व एतिहास और जगनाथ मंदर की
02:05वास्तुकला वैभोव पर भी चर्चा करेंगे
02:21हम आपको सीधे जगनाद धाम लिये चलेंगे
02:24हमारे रिपोर्डर के पास समवाददाता के पास
02:27लेकिन उससे पहले एक विस्तृत रिपोर्ट दिखाते है
02:29रत्नमंदार आप यह पता है और उन पे वो यह बोला गया है
02:45जो बहार आते हैं रत्नमंदार का जो टिक्रेश है वह बहार किसी को नहीं बोलते है
02:50जो अंदर जाते हैं इतने लोग जतने नेमबर जाते है
02:53अंदर कितना अरूंज है, कितने सारे खजाना है, क्या क्या है, वो जो एपूशन है, कितना काईप कही है, वो
03:05अबूशन की अंदर क्या हैете, वोर सारे जो है जो है सिक्रेट,
03:08वहां शिक्रेट वह देखते हैं, लेकिन वह बाहर के बाकते हैं नहीं है, उलॉकर ये बचाय जा रहा है, हिर
03:16अंदर बहुAnn MR. से Secret अभी भी उपा हुआ है, तो किसी को मालुमें नहीं है, लेकिन अंदर जो जा
03:22रहे हैं, वह पुल्खानियां आद बैग रहे हैं, और जाने से
03:50बाद ही एक आदमी रत्न भंदार को जाने के लिए
04:14अपने को पर करार रखने के लिए जो सिस्टम बना गया है, वो सिस्टम को हर कोई मनेगा
04:53अजय कुमार नाथ से हमारा संपर्क रूड गया है, अजय जैसी प्रकट होते हैं, हम आपको दोबारा लिए चलेंगे
05:00तो परंपरा, इतिहाज, प्रक्रिया, आकलन, खजाना, अबुशन, रत्न, महत्व, माननिता, सब पर हम बात करेंगे
05:07और भगवान जगनात के इस मंदर में इस समय जो शद्धा, भगती, आस्था का समुद्रोंब्रा है
05:14लोगों की भीड़ वहाँ पर है, यह लोग नहीं हैं, यह शद्धालू हैं, यह शद्धालू नहीं हैं, यह वो भगत
05:21हैं जो भगवान श्रे जगनात के दर्शन के लिए, उनकी पूझ़ा अर्चना के लिए, यहाँ जगनात मंदर पहुँचे हैं
05:28और ये दिव्या अलोकिक द्रिश देखिए ये रत्यात्रा निकल रही है आज दो पहे शुब महुर्त में मंदिर का रत्न
05:36भंडार गरना के लिए खुला गया ये खजाना अर्तालीस वर्ष बात खुला गया इस से पहले 1978 में से खुला
05:44गया था और इन्वेंटरी तैयार की ग�
05:48जान 1978 में की गई इन्वेंटरी से होगा इस भंडार में भगवान जगरनाथ बलबद्र सुबद्रा के अलोकिक आभुशन हर रत्न
05:57हर विरास्त को आज से कागस में दर्श किया जा रहा है हम आपको बता दें ओडिश्या के पुरी में
06:02स्थित्य विश्व प्रसिध बगवान
06:05जगरनाथ का मंदर है और यह तस्वीर हम आपको लगातार दिखा रहे हैं यह चला दीजिए प्रॉम्टर मैं पढ़ दूँगा
06:20उस
06:33बाकाईदा दोपहर बारा बचकर बारा मिनिट से एक बचकर पैंतालिस मिनिट तक के शुब मोहर्त में खजाना ठीक से चलाईए
06:42खजाना खोला गया और सदियों पुराने खजाने का डॉकिमेंटेशन शुरू हो गया
06:48इससे भगवान जगनात के खजाने से जुड़े कई रहस्यों से भी परदा हटने की उमीद लगाई चारी एक विस्तरत रिपोर्ट
06:55आईए हम आपको दिखाते हैं
07:30पुरिशा के पवित्र शहर पुरी में स्थिद जगनात मंदिर
07:35समंदर की लहरों के साथ आस्था की गूंज जहां अनंत तक जाती है उस स्थान पर विराजते हैं जगत के
07:41नाथ भगवान जगनात
07:46जगनात पुरी सिर्फ एक तीर्थ नहीं बलकि सनातन सस्कृति का जीवन तेहर्द है श्री जगनात मंदिर चार धामों में से
07:53एक है
07:54मानिता यह है कि यहां दर्शन मात्र से ही मोक्ष के प्राप्ति होती है
07:59यहां भगवान जगनात अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान है
08:05श्री जगनात मंदिर आस्था परंपरा रहस्य और इतिहास का अद्भुद संगम है
08:10पुरी का जगनात मंदिर अपने रहस्यों के लिए भी हमीशा चर्चा में रहा है
08:15आज जगनात मंदिर का एतिहासिक रत्न भंडार दोपहर 12 बचकर 12 मिनट से लेकर 1 बचकर 45 मिनट के शुब
08:24महुर्त में खोल दिया गया
08:25श्री जगनात मंदिर का रत्न भंडार कोई साधरन तिजोरी नहीं है
08:29ये सदियों से राजाओं, महाराजाओं और भक्तो द्वारा महाप्रभु को अर्पित किये गए सोना चांदी और बहमोल्य रत्नों का संग्रह
08:37है
08:37आज 48 साल बाद बार्भी शताबदी के इस मंदिर को रत्नों और आभुषणों के ओडिट के लिए खोला गया
08:44कड़ी सुरक्षा के घेरे में ओडिट की प्रक्रिया शुरू हुई जिसका उद्देश है रत्न भंडार के भीतर फीम्ती रत्नों और
08:52आभुषणों की जाच और इन्वेंट्री तैयार करना
08:56रत्न भंडार को पिछली बार 1978 में पूरी तरह से खोला गया था और अब ये 48 साल बाद फिर
09:02से खोला गया है
09:03रत्न भंडार की ओडिट की प्रक्रिया में सबसे पहले
09:08भगवान लोकनाथ यानि महादेव की पूजा की गई जो रत्न भंडार के रक्षक माने जाते हैं
09:13जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में ट्रेजरी से चाबी लाकर ताला खोला गया
09:18गिनती में RBI अधिकारी, जेमोलोजिस्ट, धात विज्यानी और विशेश सुनार शामिल के गए हैं
09:25पार दर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर चरण की 3D मैपिंग और वीडियोग्रफी की जा रही है
09:31पहले चालंती रत्न भंडार यानि दैनिक पूजा के आभूशन कीने जा रही हैं
09:36और फिर भीतर रत्न भंडार यानि मूल खजाना खुलेगा
09:40साल 1978 में तैयार चल संपत्यों की इन्वेंट्री से मिलान कर सत्यापन होगा
09:46और बहुस्तरे सुरक्षा गेरे में चल रही इस प्रक्रिया में
09:50आपात काली निस्थितियों के लिए स्नेक, हेल्पलाइन, एंबुलेंस और प्विक रिस्पॉंस टीम तैनात है
09:57खासबत ये है कि सॉडिट में आभूशणों का केवल सत्यापन और दस्तावेजी करन होगा
10:02उनका मौद्रिक मोल्यांकन नहीं हो रहा है
10:04और रत्न भंडार खुलने के बाद भी भक्तों के लिए सामाने दर्शन जारी रहेंगे
10:09लेकिन गर्ब गुरह के पास जाने पर प्रतिबंध रहेगा
10:13जगरनात पूरी से अजैनात के साथ ब्यूरो रिपोर्ट गुड्यूस टूडे
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