00:00अमेरिका एक मोर्चे पर इरान से दो-दो हाथ कर रहा है, वहीं एक लड़ाई डॉनल्ड ट्रम्प अपने साथियों से
00:05लड़ रहे हैं
00:06नेटो को ट्रम्प कायर तक बता चुके हैं, जिसके बाद जर्मनी ने आज इरान पर अमेरिकी हमले को अंतराश्य कानूनों
00:13का उलंगन बताया
00:24एपी नौर का सरविक्षन के अनुसार, 69 फीजदी अमेरिकी मानते हैं, कि इरान के खिलाफ अमेर की सैन्नी का रवाई
00:30हद से स्याधा हो गई
00:3145 फीजदी लोग पेट्रोल का खर्च वहन करने को लेकर चिंते, लेकि डॉनल्ड ट्रम्प रुखते नहीं दिखते
00:37करनी के मfatनूल एवा हम जितरो लेश typically ओिंते आप कि जफे लिए हो लोगगा है
00:43कhis प्सáय चींषे, हम प्स tooth जित्रों चाहरARS भूग जा है
00:47तो मैं मेंगा जित्रों काौनी का जहना है
00:52इनरों आथ से स्टब और चाहुनप ग्से upवा प्सक्ना है
01:12जो आज तक किसी अमेरिकी राश्पती ने नहीं किया, लेगिन इसके लिए अमेरिका को बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है,
01:18दुश्मन छोड़िये, जर्मनी जैसे दोस्त भी आलोचना कर रहे हैं।
01:22जर्मनी के राश्पती ने अमेरिकी राश्पती डॉनल्ड ट्रम की विदेश निती की आसाधरन रूप से तीखी आलोचना करते हुए कहा
01:29कि इरान युद्ध एक विनाशकारी घलती है जो अंतरराश्टिक कानून का उलंगन कर दिये।
01:34जर्मनी जैसे दोस्त की तरफ से अमेरिका की ऐसी तीखी आलोचना काफी एहम है जिसे इरान ने तुरंत अपने पक्ष
01:41में भुनाया और इरान के विदेश मंत्री ने जर्मनी के राश्पती से जुड़ी इस खबर को रिपोस्ट करते हुए लिखा
01:47अंतरराश्टिक कानून
01:48की धजियां उड़ रही है स्ट्रेट ओफ हर्मुस को लेकर नाटो देशों के साथ ट्रम्प की जुबानी जंग भी ट्रम्प
01:56ने नाटो देशों को कायर तक कह दिया लेकिन इसके बावजूद अमेरिका की मदद करने के लिए एक भी नाटो
02:02देश आगे नहीं आया
02:44पिछले 50 सालों में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है
02:47जब अमेरिका को युद्ध में दोस्तों का साथ ना मिला हो
02:521964 से 1975 तक चली वियतनाम जंग में अमेरिका को दक्षिन कोरिया, आस्ट्रेलिया, थाइलेंड, फिलिपीन्स और न्यूजिलेंड का साथ मिला
03:01हलांकि वियतनाम मामले में नाटों में मतभेद देखने को मिले थे, लेकिन फिर भी बिटन जैसे देश अमेरिका के साथ
03:07खड़े रहे
03:07साल 2003 से 2011 के बीच, इराक युद्ध में अमेरिका ने 30 देशों के साथ मिलकर सत्ताम हुसेन को सत्ता
03:14से हटाया
03:15अकेले बिटन ने 45,000 सेनिक इस जंग में भेजे थे, लेकिन इस बार बिटन ने अमेरिका को अपने सैनिक
03:21ठिकाने देने में देरी की जिससे टरंप नाराज हो गए
03:29टरंप को लगता है कि अमेरिका ने हमेशा नाटो देशों की मदद की है और जब अमेरिका को उनकी मदद
03:34चाहिए तो वो आनाकानी कर रहे हैं
03:36जबकि अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाब जंग में ऐसा नहीं था
03:39जब साल 2001 से 2021 के बीच जंग में नाटो के एक लाख तीस हजार सैनिकों ने हिस्ता लिया
03:46साल 2001 में 9-11 के हमले के तोरान नाटो देश खुलकर अमेरिका के साथ आए थी
03:51यह सिलसला सीरिया और लीबिया युद्ध तक जारी रहा
03:54लेकिन जोनल्ड ट्रम्प के कारिकाल में रिष्टे इतने पदल गए कि ट्रम्प दोस्तों को ही खुले आम फटकारने लगे
04:34इरान के साथ जंग में अकेला इसराइल अमेरिका के साथ खड़ा है जो इरान को अपने लिए सबसे बड़ा खत्रा
04:39माता है
04:40अब ट्रम्प की योजना अकेले ही हर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की है जिसके लिए उन्होंने अपने आतिरिक सैनिक मंगा लिये
04:46है
04:49काची तपिरो
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