00:00आपको लगता है कि राहूल गांधी कोई डिस्कसन का विसे हैं, उनको कोई सिरियसली लेता है, आपने कभी उनको सिरियस
00:07देखा है, जब हंगामा करना होता है, तभी तो संसद के अंदर घुसते हैं, रोज यहां आते हैं, केवल बैट
00:14की जमाके, चोकडी जमाके चले जाते है
00:15उनके बारे में तो कोई बात ही नहीं करना चाहिए, मुझे नहीं लगता कि
00:18मॉस्ट अंसीरियस यदि लीडर अफटा अपोडिशन इस देश को कभी मिला
00:251952 के बाद तो मुझे लगता है कि उसका नाम राहुल गाली सी
00:32मैं तो कहा रहा हूं कि उनको कौन सिरियसली ले रहा है उनकी पार्टी के लोग
00:36ही उनको सिरियसली नहीं लेते हम क्या लेंगे उनको सिरियसली मैंने तो कहा ना कि
00:44एक नहीं होता है मैं उन सब्दों का प्रयोग कर नहीं करना चाहता लेकिन एक सब्द है
00:51बिहार बिहार में जैसे हमारे बच्चे भी बहुत बिगड़ जाते है न जैसे मां भी उसको जोड़ से
00:56करती है लंपट लंपट एक सब्ध है भी आरी तो आप ये समझे कि यदि हला करना है हंगामा करना
01:04है तोड़ फोड़ करना है इस्पिकर के चेंबर में घुसना है उनके उपर कोई कागज फेकना है पत्थर फेकना है
01:10तो राउल गांधी जी आपको नजर आएंगे घटिया बा
01:26या को रही है उस बहास में कौन क्या बोल रहा है कर जेसे ट्रंसजेंडर बास हुआ तो रहना चीए
01:32था न यदि आप मिले लोगों से यदि आपको लगता है कि हम मिलकर जो है ऊंकी बातैं सुन रहे
01:37हैं
01:38तो उनके लिए आपको संसद में रहना चीए था ना कल पास हो गया एक मिनट के लिए संसद के
01:43अंदर ने गुसे इसको क्या कहेंगे इसलिए उस प्रकार की व्यक्ति के बारे में बहुत जादा बात करने क्या वश्क्ता
01:51थी
01:55वह अलग चीज है लेकिन आज जो मैंने ट्वीट किया है यह बड़ा इंपोर्टेंट है आज मेरा नौमा दिन है
02:02जो मैंने एक सपत ली हुई है कि 365 दिन में कॉंग्रेस के कारणामों का ट्वीट करूँगा और वो देश
02:10को जानने के लिए बहुत ही महत्पुन है
02:13कि 25 मार्ज 1914 को ब्रिटिस इंडिया चाइना और तिबबत के बीच में एक समझोता और वो समझोता यह कहा
02:26कि तिबबत एक जमाने में बहुत ही बड़ा राजी था तिबबत के राजा ने जो है चीन पर कबजा करके
02:34उस परिवार में राज परिवार में शादी की थी
02:38नेपाल पर कबजा करके नेपाल राज परिवार में शादी की थी और तिबबत एक बड़ा अमपायर था
02:46तो 1846 में एक agreement हुआ था तिबबत और नेपाल का जिसमें की 10,000 रुपईया आप समझे की प्रतेख
02:56साल तिबबत को हरजाना देना था
02:58मेपाल को वो ट्रीटी और जम्मू कस्मीर के साथ तिबबत का एक एग्रिमेंट हुआ था 1842 का उन दोनों एग्रिमेंट
03:07के बाद मैक मोहन ने एक लाइन तही की थी लेकिन नहरुजी ने मैई 1951 में 17.1 एक एजेंडा
03:16एग्रिमेंट हुआ था तिबबत और चायना के बीच उस
03:27से भी उनका मन नहीं भरा तो 29 अप्रेल 1954 को एक एग्रिमेंट जो है उन्होंने चीन के साथ किया
03:35और उसमें नहरुजी ने ये खुली छूट दी कि चीन के जितने आदमी यहां आना चाहते हैं वेपार करना चाहते
03:42हैं वो बिना अभीजा परमीट के वो जो है वो भारत में �
03:45जाएंगे जहां बसना चाहते हैं वो बस जाएंगे और तिबब जो है चीन का पार्ट हो गया उसका नतीजा हुआ
03:531954 के उस एग्रिमेंट का नतीजा हुआ आपको पता है कि आज भी 78,000 वर्ग स्कॉयर किलोमेटर जमीन हमारा
04:02चीन ने कबजा कर लिया है अकसाई चीन पे ज�
04:10मारे जब साइनी कुछ पकड़ा गए तो आपको पता है कि दो मेहने तक नेहरू जी उस बात को छुपाते
04:14रहे पार्लेमेंट में किस तरह की कोई बात नहीं है और उन्होंने अपने स्पीच में पार्लेमेंट में कहा 1959 में
04:20ये फैक्ट है कि 1955 से मुझे पता था कि अकसाई च
04:38बुन है और देश को जानने लाएगा
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