00:04दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में एडमेट हरीश राना को लेकर जो खबर सामने आई है वो दिल तोड़ देने वाली
00:10है गाजियाबाद के हरीश राना एक ऐसा नाम जिसने 13 साल तक दर्द और तकलीफ से लंबी लड़ाई लड़ी लेकिन
00:18आखिरकार वो जिंदकी के जंग हार
00:29लेकिन सबसे ज़्यादा दिल तोड़ देने वाली बात यह है कि उन्होंने अपने आकरी छे दिन बिना खाने और पानी
00:35के गुजारी है
00:36सोचे वो दर्द वो बेबसी जब शरीर साथ छोड़ देता है और इंसान सिर्फ सासों के सहारे जिंदा रहता है
00:43परिवार के लिए वक्त किसी बुरे सपने से कम नहीं है हर तरफ घर में सननाटा है हर किसी की
00:49आखे नम है अपने ही सामने अपने किसी ऐसे को तड़पते हुए देखना और हमेशा के लिए खो देना ये
00:55दर्द शब्दों में बया किया नहीं जा सकता है
00:58तेरा साल एक लंबा वक्त होता है, इन सालों में ना जाने कितनी उम्मीदे जागी होंगी, कितनी दुआएं मागी गई
01:04होंगी, लेकिन आखिर में वो सब कुछ खतम हो गया
01:07आज हरीश राना हमारे बीच नहीं है, उनकी एक कहानी उनका संघर्श और उनका दर्द हमेशा याद रहेगा, हरीश राना
01:15के माता और पिता का ब्रो रो कर बुरा हाल है, बच्चे को इस जंग से लड़ते हुए देखना किसी
01:21माबाप के लिए किसी चोट से कम नहीं होगा जो
01:35कि ये सोच रहे थे कि कब हरीश ठीक होकर घर वापस आएंगे, उन्होंने ही सुप्रीम कोर्ट से अपने बेटे
01:41के लिए एक्च्छा मृत्यू की मांग की थी और सुप्रीम कोर्ट ने उनके बेटे को एक्च्छा मृत्यू दे भी दी,
01:46और इसके बाद आज यानि की 24 तारी
01:49को हरी श्वाना ने इस दुनिया को हमेश्वा हमेश्वा के लिए अलविदा कह दिया
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