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  • 6 minutes ago
ओडिशा के केंद्रपाड़ा में साइबर ठगों ने आशा कार्यकर्ताओं को हथियार बनाया और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं से ठगी को अंजाम दिया. उन्होंने सीधे कॉल करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग की जमीनी कार्यकर्ता 'आशा दीदी' को निशाना बनाया. ठग खुद को दिल्ली के हेड ऑफिस या जिला कार्यालय का बड़ा अधिकारी बताकर आशा कार्यकर्ताओं को फोन करते हैं. वे उन्हें नौकरी से निकालने या सस्पेंड करने की धमकी देते हैं और उनके क्षेत्र की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के मोबाइल नंबर मांगते हैं. भरोसा जीतने के लिए ठग आशा कार्यकर्ता को ही 'कॉन्फ्रेंस कॉल' पर लेकर पीड़ित महिला से बात करते हैं. चूंकि कॉल पर उनकी जानी-पहचानी आशा दीदी मौजूद होती है, इसलिए महिलाएं बिना किसी शक के ठगों की बातों में आ जाती हैं. ठगी का शिकार हो जाती हैं.

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Transcript
00:00I was in my house. I was in my house. I was in my house. I was in my house.
00:05I got too close to the house.
00:07I was in my house.
00:09This is the 5 months of marriage to be a person.
00:14She had a loan for you but for her, she was a lucky one.
00:21She was a person who was a person who was a brother,
00:47Rubi Behera
01:16Rubi Behera
01:37Rubi Behera
01:49Rubi Behera
01:50Rubi Behera
02:27Rubi Behera
02:34Rubi Behera
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